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                <title>Jailed - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Jailed RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : दो बिल्डरों को पजेशन ना देने की वजह से हो गई जेल </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुंबई से एक मामला सामने आया है, जिसमें दो बिल्डरों को एक फ्लैट का पजेशन ना लौटा पाने की वजह स जेल की सजा काटना पड़ेगी. इतनी ही नहीं इसके साथ दोनों को 10-10 हजार रुपये जुर्माने के रूप में भी देना होगा. </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51446/mumbai-two-builders-jailed-for-not-giving-possession"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/building.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र के मुंबई से एक मामला सामने आया है, जिसमें दो बिल्डरों को एक फ्लैट का पजेशन ना लौटा पाने की वजह स जेल की सजा काटना पड़ेगी. इतनी ही नहीं इसके साथ दोनों को 10-10 हजार रुपये जुर्माने के रूप में भी देना होगा. </p>
<p> </p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong><br />दरअसल ये मामला मुंबई के कुर्ला स्थित स्टर्लिंग अपार्टमेंट्स का है. जहां सुनील सदानंद वैती और उनकी पत्नी कीर्ति सुनील वैती ने समीर जियाउद्दीन और सरोश खान की शिकायत कंज्यूमर फोरम में की थी. उनकी शिकायत पर आयोग ने पहले बिल्डरों को फ्लैट ए-701 का काम पूरा करने, जरूरी ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और बिल्डिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने और इसके बाद खरीदारों को फ्लैट का कानूनी कब्जा देने का आदेश दिया था.</p>
<p>इतना ही नहीं आयोग ने खरीदारों को बाकी 14.50 लाख रुपये और कुछ अन्य शुल्क मिलाकर पूरे 15 लाख रुपये देने को कहा था. साथ ही बिल्डरों को 16.50 लाख रुपये पर 30 अगस्त 2013 से कब्जा मिलने तक 21 प्रतिशत सालाना ब्याज देने और खरीदारों को मानसिक व शारीरिक परेशानी के लिए 1 लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया गया था.</p>
<p><strong>बिल्डरों ने नहीं किया आदेश का पालन</strong><br />आयोग के आदेश के कुछ समय के बाद ही खरीदारों ने दोबारा शिकायत की, कि बिल्डरों ने आयोग के आदेश का पालन नहीं किया. जिस पर बिल्डरों ने सफाई दी कि जमीन की सीमा और नियमों में बदलाव के कारण बिल्डिंग का प्लान बदलना पड़ा. उन्होंने नए प्लान और जरूरी मंजूरियों के लिए आवेदन करने की बात भी कही. हालांकि, सुनवाई के दौरान समीर खान ने माना कि फ्लैट का कब्जा खरीदारों को दिया जा चुका था, लेकिन ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं लिया गया था. </p>
<p><strong>आयोग ने सुनाई सजा</strong><br />जिस पर आयोग ने कहा कि बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के दिया गया कब्जा कानूनी कब्जा नहीं माना जा सकता. आयोग ने ये भी माना कि बिल्डरों ने पहले के आदेश का जानबूझकर पालन नहीं किया. तो वहीं आयोग ने ये भी कहा कि बिल्डरों को आदेश का पालन करने के लिए काफी समय मिला था, लेकिन वो इसे पूरा नहीं कर पाए. इसलिए उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत दोनों को दोषी मानते हुए दो साल की जेल की सजा सुनाई गई. अब दोनों बिल्डर दो सालों तक जेल की सलाखों के पीछे रहने वाले हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 12:01:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नागपुर : पुलिस अफसर को थप्पड़ मारने के दोषी पूर्व विधायक हर्षवर्धन को एक साल जेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक अदालत ने कन्नड़ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हर्षवर्धन रायभान जाधव को 2014 में एक पुलिस अधिकारी पर हमला करने के मामले में 1 साल की कैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरजे राय ने यह सजा सुनाई। जाधव बीजेपी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के दामाद हैं। उन पर नागपुर के इंस्पेक्टर पराग जाधव को थप्पड़ मारने का आरोप है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/42842/nagpur--former-mla-harshvardhan-convicted-of-slapping-a-police-officer--jailed-for-one-year"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/images---2025-08-08t112029.206.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नागपुर :</strong> एक अदालत ने कन्नड़ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक हर्षवर्धन रायभान जाधव को 2014 में एक पुलिस अधिकारी पर हमला करने के मामले में 1 साल की कैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरजे राय ने यह सजा सुनाई। जाधव बीजेपी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के दामाद हैं। उन पर नागपुर के इंस्पेक्टर पराग जाधव को थप्पड़ मारने का आरोप है। </p>
<p> </p>
<p>दिसंबर 2014 में शिवसेना (अविभाजित) प्रमुख उद्धव ठाकरे की एक होटल में हुई बैठक के दौरान यह घटना हुई थी। जाधव ने पहले अदालत की सुनवाई में हिस्सा नहीं लिया था जिसके बाद उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया था। अदालत ने जाधव को दोषी ठहराया। उन पर 10,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर उन्हें 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जाधव महाराष्ट्र विधानसभा में कन्नड़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और अतीत में शिवसेना, एमएनएस व शिव स्वराज्य पक्ष से जुड़े रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 11:20:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुणे: आपत्तिजनक पोस्ट मामले में गई थी जेल... हाईकोर्ट के आदेश के बाद छात्रा ने दी कॉलेज की परीक्षा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>बांबे हाईकोर्ट ने उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था ताकि वह अपने कालेज की परीक्षाओं में बैठ सके। कोर्ट ने सिंहगढ़ एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग की भी तीखी आलोचना की थी क्योंकि संस्थान ने उसे स्पष्टीकरण देने का मौका दिए बिना जल्दबाजी में उसे निष्कासित कर दिया था। सिंहगढ़ एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के प्रिंसिपल किशोर पाटिल ने कहा, 'हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, उसकी परीक्षा एक अलग कक्षा में आयोजित की गई।' कॉलेज के अधिकारियों ने कहा था कि सेमेस्टर पेपर देने के लिए उसके लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/40920/pune--she-was-jailed-for-objectionable-post-student-appeared-for-college-exam-after-high-court-s-order"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-05/download7.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पुणे: </strong>हाल ही में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बारे में इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के कारण एक पखवाड़े से अधिक समय तक जेल में रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा अपने कॉलेज की सेमेस्टर परीक्षा में शामिल हुई। इसके लिए उसके कॉलेज ने विशेष व्यवस्था की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">बांबे हाईकोर्ट ने उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था ताकि वह अपने कालेज की परीक्षाओं में बैठ सके। कोर्ट ने सिंहगढ़ एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग की भी तीखी आलोचना की थी क्योंकि संस्थान ने उसे स्पष्टीकरण देने का मौका दिए बिना जल्दबाजी में उसे निष्कासित कर दिया था।<br /><br />सिंहगढ़ एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के प्रिंसिपल किशोर पाटिल ने कहा, 'हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, उसकी परीक्षा एक अलग कक्षा में आयोजित की गई।' कॉलेज के अधिकारियों ने कहा था कि सेमेस्टर पेपर देने के लिए उसके लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 May 2025 12:24:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नई दिल्ली:  जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह को 54 दिनों की छुट्टी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>पंजाब की खडूर साहिब सीट से सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर केंद्र सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में जानकारी दी कि जेल में बंद सांसद को 54 दिनों की छुट्टी दी गई है। यह जानकारी चीफ जस्टिस शील नागु और जस्टिस सुमीत गोयल की खंडपीठ के समक्ष अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सतपाल जैन ने लोकसभा सचिवालय द्वारा 11 मार्च को जारी पत्र पेश करते हुए दी गई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/38858/new-delhi--jailed-amreet-minipal-singh-granted-54-days-leave"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-03/images---2025-03-12t190112.586.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली: </strong> पंजाब की खडूर साहिब सीट से सांसद अमृतपाल सिंह को लेकर केंद्र सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में जानकारी दी कि जेल में बंद सांसद को 54 दिनों की छुट्टी दी गई है। यह जानकारी चीफ जस्टिस शील नागु और जस्टिस सुमीत गोयल की खंडपीठ के समक्ष अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सतपाल जैन ने लोकसभा सचिवालय द्वारा 11 मार्च को जारी पत्र पेश करते हुए दी गई।</p>
<p>इस पत्र के माध्यम से बताया गया कि अमृतपाल सिंह को 24 जून, 2024 से 2 जुलाई, 2024 तक 22 जुलाई से 2024 से 9 अगस्त, 2024 तक और 25 नवंबर, 2024 से 20 दिसंबर 2024 तक अनुपस्थिति की अनुमति दी गई है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को संसद से निष्कासन की आशंका थी। लेकिन इस पत्र से उसकी चिंता दूर हो जाती है।</p>
<p>अमृतपाल सिंह ने अपनी याचिका में सांसद निधि से जुड़े स्थानीय विकास कार्यों के लिए अधिकारियों और मंत्रियों से मिलने की अनुमति मांगी थी जिस पर खंडपीठ ने कहा कि संसद की कार्यवाही कुछ निश्चित नियमों के तहत चलती है इसलिए उचित होगा कि याचिकाकर्ता इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को आवेदन दे।<br />अमृतपाल सिंह जो वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख भी हैं, वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में बंद हैं। उन्होंने अपनी याचिका में लोकसभा सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी।</p>
<p>उनका कहना था कि उनकी लगातार अनुपस्थिति उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है और उनके क्षेत्र की जनता बिना प्रतिनिधित्व के रह रही है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यदि उनकी अनुपस्थिति 60 दिनों से अधिक हो जाती है तो उनकी सीट खाली घोषित की जा सकती है जिससे लगभग 19 लाख मतदाताओं पर प्रभाव पड़ेगा।</p>
<p><strong>पिछले साल नवंबर माह मे मांगी मंजूरी</strong><br />अमृतपाल सिंह ने 30 नवंबर 2024 को लोकसभा अध्यक्ष से संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी और उन्हें सूचित किया गया था कि वह पहले ही 46 दिनों तक अनुपस्थित रह चुके हैं। इसके बावजूद उन्होंने जिला उपायुक्त/जिला मजिस्ट्रेट को कई बार आवेदन दिए। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला जिसके बाद उन्होंने न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी।</p>
<p>अमृतपाल सिंह के वकील ने कहा कि उन्हें लोक सभा सेशन में शामिल होने की भी इजाजत दी जाए। इस पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दो आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि इन दोनों आदेशों में सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया था कि कोई भी आरोपी जो कस्टडी में या डिटेंशन में उसे सेशन में शामिल होने की इजाजत नहीं है।</p>
<p>इस लिहाज से यह साफ है कि अमृतपाल सिंह सेशन में शामिल होने का अधिकारी नहीं है। इसके बाद अमृतपाल सिंह के वकील ने कहा अमृतपाल सिंह को अपने एरिया के विकास के एम पी फंड नहीं मिल रहा, जिस पर हाईकोर्ट ने अमृतपाल सिंह के वकील को कहा कि वो इसके लिए लोक सभा स्पीकर को रिप्रजेंटेशन दे सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/38858/new-delhi--jailed-amreet-minipal-singh-granted-54-days-leave</link>
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                <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 19:02:07 +0530</pubDate>
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