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                <title>rules - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: सूचना के अधिकार नियमों पर रोक का स्वागत, अन्ना हजारे ने अनशन टाला लेकिन वापसी की मांग जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p> सूचना के अधिकार से जुड़े प्रस्तावित नए नियमों पर राज्य सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले का सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए इन प्रस्तावित गाइडलाइंस को पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50548/mumbai-uddhav-thackeray-announces-to-launch-ram-raksha-andolan-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-04t114008.634.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>सूचना के अधिकार से जुड़े प्रस्तावित नए नियमों पर राज्य सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले का सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए इन प्रस्तावित गाइडलाइंस को पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए। अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार का यह कदम एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन जब तक नए नियम पूरी तरह रद्द नहीं होते, तब तक संतोष नहीं किया जा सकता। इसी मुद्दे पर उन्होंने 5 जुलाई से प्रस्तावित अपने अनिश्चितकालीन अनशन को फिलहाल टालने की घोषणा की है।</p>
<p> </p>
<p>महाराष्ट्र सरकार द्वारा हाल ही में सूचना के अधिकार नियमों में कई बदलावों का प्रस्ताव रखा गया था, जिन्हें लेकर व्यापक विवाद खड़ा हो गया था। प्रस्तावित नियमों में आरटीआई आवेदन शुल्क बढ़ाने, पहचान पत्र अनिवार्य करने और यह शर्त रखने का सुझाव शामिल था कि प्रत्येक आवेदन केवल एक ही विषय से संबंधित होना चाहिए। इन बदलावों को लेकर सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई थी कि इससे आम नागरिकों के लिए सूचना प्राप्त करना कठिन हो सकता है और पारदर्शिता पर असर पड़ेगा। </p>
<p>अन्ना हजारे, जिन्होंने देश में सूचना के अधिकार आंदोलन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि नियम वापस नहीं लिए गए तो वह अनशन करेंगे। सरकार द्वारा फिलहाल नियमों पर रोक लगाने के बाद उन्होंने अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सिर्फ अस्थायी राहत है और जब तक प्रस्तावित संशोधन पूरी तरह वापस नहीं लिए जाते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार लोकतंत्र की मजबूती का आधार है और इसमें किसी भी तरह की कटौती जनता के हित में नहीं है।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि सूचना के अधिकार नियमों में बदलाव को लेकर सरकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच संवाद जरूरी है, ताकि पारदर्शिता और प्रशासनिक प्रक्रिया दोनों संतुलित रह सकें। फिलहाल सरकार के फैसले के बाद इस मुद्दे पर जारी तनाव कुछ हद तक कम हुआ है, लेकिन भविष्य में नियमों के अंतिम स्वरूप को लेकर चर्चा जारी रहने की संभावना है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 11:38:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : हनी सिंह के कॉन्सर्ट में बवाल, नियमों की अनदेखी करने पर आयोजकों पर हुई एफआईआर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मशहूर रैपर और सिंगर यो यो हनी सिंह इन दिनों अपने 'माय स्टोरी वर्ल्ड टूर' को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन मुंबई में हुआ उनका एक कॉन्सर्ट अब विवादों में आ गया है. एंटरटेनमेंट से भरे इस इवेंट के बाद अब मामला कानूनी मोड़ ले चुका है. कॉन्सर्ट के समय कुछ ऐसी चीजें हुईं, जिन पर पुलिस ने सख्ती अपनाई है. खासतौर पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर आयोजन करने वालों पर कार्रवाई की गई है, जिससे यह मामला सुर्खियों में आ गया है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48866/fir-filed-against-organizers-for-ignoring-rules-and-regulations-during"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-01t130909.601.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मशहूर रैपर और सिंगर यो यो हनी सिंह इन दिनों अपने 'माय स्टोरी वर्ल्ड टूर' को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन मुंबई में हुआ उनका एक कॉन्सर्ट अब विवादों में आ गया है. एंटरटेनमेंट से भरे इस इवेंट के बाद अब मामला कानूनी मोड़ ले चुका है. कॉन्सर्ट के समय कुछ ऐसी चीजें हुईं, जिन पर पुलिस ने सख्ती अपनाई है. खासतौर पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर आयोजन करने वालों पर कार्रवाई की गई है, जिससे यह मामला सुर्खियों में आ गया है. </p>
<p> </p>
<p><strong>18 से 20 हजार की संख्या में पहुंचे लोग  </strong><br />28 मार्च को मुंबई के  एमएमआरडीए ग्राउंड में हुए इस कॉन्सर्ट का आयोजन करने वालों पर एफआईआर दर्ज की गई है. उनपर आरोप है कि उन्होंने प्रतिबंधित क्षेत्र में लेजर लाइट्स का इस्तेमाल किया है. यह जगह एयरपोर्ट के पास होने की वजह से संवेदनशील मानी जाती है और यहां ऐसी लाइट्स जलाने की परमिशन नहीं होती. पुलिस के अनुसार, पहले उन्हें बताया गया था कि करीब 12 हजार लोग आएंगे, लेकिन इस कॉन्सर्ट में 18 से 20 हजार की भीड़ पहुंच गई. <br />इतनी बड़ी भीड़ के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया. वहीं एक महिला ने जबरदस्ती अंदर जाने की कोशिश की, जिससे वहां कुछ समय के लिए तनाव का माहौल भी बन गया. हालांकि, पुलिस ने समय रहते उस सिचुएशन को संभाल लिया. </p>
<p><strong>14 मार्च से शुरू हुई है टूर  </strong><br />जानकारी के मुताबिक, इस मामले में तमन्नाज वर्ल्डवाइड के रिप्रेजेंटेटिव इंद्रजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. हालांकि, पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने बिना कोई ठोस सबूत के लेजर लाइट्स पर पूरी तरह बैन लगाने से इनकार किया था, लेकिन बताया गया था कि अगर इनसे किसी तरह का खतरा होता है, तो पुलिस कार्रवाई कर सकती है. फिलहाल, हनी सिंह का यह टूर जारी है, जिसकी शुरुआत 14 मार्च को दिल्ली से हुई थी और अब वो पुणे और कोलकाता जैसे शहरों में अपने अगले शो करने वाले हैं.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 13:10:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में इच्छामृत्यु के 40 आवेदन अटके, BMC में स्पष्ट नियमों के अभाव में प्रशासन उलझा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में ‘इच्छामृत्यु’ यानी पैसिव यूथेनेशिया का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में हरिश राणा को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत इच्छामृत्यु की अनुमति मिली थी, जिनका निधन हो गया. इस घटना के बाद यह सामने आया कि पिछले दो साल में मुंबई महानगरपालिका के पास इच्छामृत्यु के लिए 40 लोगों ने आवेदन किया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48715/40-euthanasia-applications-stuck-in-mumbai-administration-entangled-due-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-26t122905.196.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में ‘इच्छामृत्यु’ यानी पैसिव यूथेनेशिया का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में हरिश राणा को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत इच्छामृत्यु की अनुमति मिली थी, जिनका निधन हो गया. इस घटना के बाद यह सामने आया कि पिछले दो साल में मुंबई महानगरपालिका के पास इच्छामृत्यु के लिए 40 लोगों ने आवेदन किया है. साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने एक अहम फैसला देते हुए गंभीर और लाइलाज मरीजों को कुछ शर्तों के साथ इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी. इसके बाद राज्य सरकार ने BMC को ऐसे मामलों में आवेदन लेने की जिम्मेदारी दी. इसी के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के पास अब तक 40 आवेदन जमा हो चुके हैं. यह संख्या दिखाती है कि कई लोग इस विकल्प को लेकर सोच रहे हैं.</p>
<p> </p>
<p><strong>स्पष्ट नहीं है कोई नियम</strong><br />सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन आवेदनों पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाए, इसको लेकर कोई स्पष्ट नियम तय नहीं है. करीब दो साल बीत जाने के बाद भी प्रशासन यह तय नहीं कर पाया है कि किस केस में क्या कदम उठाना है. कानूनी और तकनीकी पहलुओं को लेकर भी कई तरह की उलझन बनी हुई है. इसी वजह से अब तक एक भी आवेदन पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है.</p>
<p><strong>डॉक्टरों और प्रशासन के सामने मुश्किल सवाल</strong><br />वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि इच्छामृत्यु के मामलों में कई जटिल सवाल सामने आते हैं. जैसे अगर किसी व्यक्ति ने मुंबई में आवेदन किया, लेकिन उसकी मृत्यु किसी दूसरे शहर या राज्य में होती है, तो फैसला कौन लेगा? इसी तरह मरीज की हालत, परिवार की सहमति, मेडिकल बोर्ड की भूमिका और कानूनी जांच जैसे कई पहलुओं पर अभी भी स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं.</p>
<p><strong>डिजिटल पोर्टल को लेकर भी असमंजस</strong><br />सरकार के शहरी विकास विभाग ने इन मामलों को रिकॉर्ड करने के लिए एक डिजिटल पोर्टल बनाया है. लेकिन BMC स्तर पर इसका इस्तेमाल अभी तक शुरू नहीं हो पाया है. कुछ डॉक्टरों का मानना है कि BMC को अपना अलग सिस्टम बनाना चाहिए, जबकि प्रशासन का कहना है कि जब सरकारी पोर्टल मौजूद है, तो नया सिस्टम बनाने की जरूरत नहीं है.</p>
<p><strong>समाधान की उम्मीद, सरकार पर नजर</strong><br />इस पूरे मामले में सामाजिक कार्यकर्ता और डॉक्टर निखिल दातार ने सरकार से स्पष्ट प्रक्रिया तय करने की मांग की है. उन्होंने इस विषय पर कानूनी लड़ाई भी लड़ी है. BMC प्रशासन ने भी सरकार से कई बार पत्र लिखकर दिशा-निर्देश मांगे हैं. अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस संवेदनशील मुद्दे पर स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे, ताकि मरीजों और उनके परिवारों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 12:30:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : डीजीसीए ने एयरलाइन टिकट रिफंड नियमों में किया बदलाव, नहीं लगेगा 48 घंटे के भीतर कोई अतिरिक्त शुल्क</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन टिकट रिफंड नियमों में संशोधन किया है। अब यात्री हवाई टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द या बदल सकते हैं, बशर्ते कुछ शर्तें पूरी हों। डीजीसीए ने यात्रियों के अनुकूल संशोधित नियम जारी किए हैं। इसके तहत एयरलाइन को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि यात्री टिकट बुकिंग के 24 घंटे के भीतर अपने नाम में कोई गलती दिखाए और टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया हो, तो इसका कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48026/new-delhi-dgca-changes-airline-ticket-refund-rules-no-additional"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-26t171925.417.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन टिकट रिफंड नियमों में संशोधन किया है। अब यात्री हवाई टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द या बदल सकते हैं, बशर्ते कुछ शर्तें पूरी हों। डीजीसीए ने यात्रियों के अनुकूल संशोधित नियम जारी किए हैं। इसके तहत एयरलाइन को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि यात्री टिकट बुकिंग के 24 घंटे के भीतर अपने नाम में कोई गलती दिखाए और टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया हो, तो इसका कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>डीजीसीए ने कहा, यदि टिकट ट्रैवल एजेंट या पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई है, तो रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की होगी क्योंकि एजेंट उनके नियुक्त प्रतिनिधि हैं। एयरलाइन यह सुनिश्चित करें कि रिफंड प्रक्रिया 14 कार्यदिवसों के भीतर पूरी हो।  इसके अलावा, यात्री या उसके परिवार के किसी सदस्य की चिकित्सा आपात स्थिति के कारण टिकट रद्द करने की शर्तों में भी बदलाव किए गए हैं। यह संशोधन इसलिए किया गया है, क्योंकि पिछले समय में यात्रियों की शिकायतें बढ़ रही थीं कि उन्हें समय पर रिफंड नहीं मिल रहा।</p>
<p>टिकट रिफंड का मुद्दा दिसंबर 2025 में इंडिगो की उड़ानों में बाधा के दौरान भी सामने आया था, जब विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन को निर्देश दिया था कि रिफंड को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। संशोधित नियम 24 फरवरी को जारी किया गया। अब एयरलाइन को यात्रियों को टिकट बुकिंग के 48 घंटे के लिए 'लुक-इन ऑप्शन' प्रदान करना होगा। इस अवधि में यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द या संशोधित कर सकता है, बस संशोधित उड़ान के लिए सामान्य प्रचलित किराए का भुगतान करना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 17:21:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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