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                <title>postponed - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>मुंबई में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना जरूरी नहीं, सरकार ने 6 महीने के लिए टाला फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>1 मई से ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना जरूरी नहीं होगा। महाराष्ट्र सरकार ने पहले ऐलान किया था कि मुंबई में ऑटो-रिक्शा या टैक्सी चलाने वाले सभी लोगों के लिए 1 मई से मराठी बोलना जरूरी होगा। हालांकि, विरोध के बाद इस फैसले को 6 महीने के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, इस दौरान मराठी बोलने वाले और गैर मराठी ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों का वेरिफिकेशन जारी रहेगा। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा था कि मुंबई में रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49525/it-is-not-necessary-for-auto-rickshaw-and-taxi-drivers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t174737.088.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>1 मई से ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना जरूरी नहीं होगा। महाराष्ट्र सरकार ने पहले ऐलान किया था कि मुंबई में ऑटो-रिक्शा या टैक्सी चलाने वाले सभी लोगों के लिए 1 मई से मराठी बोलना जरूरी होगा। हालांकि, विरोध के बाद इस फैसले को 6 महीने के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, इस दौरान मराठी बोलने वाले और गैर मराठी ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों का वेरिफिकेशन जारी रहेगा। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा था कि मुंबई में रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि रिक्शा चालकों को मराठी नहीं आती, तो उनके परमिट रद्द कर दिए जाएंगे। इसके बाद मराठी बनाम गैर-मराठी विवाद दोबारा उभर गया था।</p>
<p> </p>
<p>इस मुद्दे पर कई नेताओं ने विवादित बयान भी दिए थे। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे भी इनमें से एक थे। अमित ठाकरे ने कहा था कि जो मराठी भाषा अनिवार्य करने का विरोध कर रहे हैं। अगर उनके आंदोलन से किसी मराठी व्यक्ति को परेशानी हुई तो उसे सड़क पर ही पीटेंगे।</p>
<p><strong>विपक्ष के नेताओं ने गुंडागर्दी का किया था विरोध</strong><br />गैर मराठीभाषी लोगों के अलावा विपक्ष के नेताओं ने भी मराठी के नाम पर गुंडागर्दी का विरोध किया था। एआईएमआईएम के नेता इम्तियाज जलील ने कहा था कि महाराष्ट्र में रहने वाले सभी लोगों को मराठी बोलनी चाहिए। जिन लोगों को नहीं आती है, उन्हें मराठी सिखाई जानी चाहिए, लेकिन भाषा के नाम पर गुंडागर्दी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि लोगों को मराठी सिखाने का बेहतर तरीका अपनाया जाना चाहिए। अब संभवतः महाराष्ट्र सरकार भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।</p>
<p><strong>सरकार तैयार करेगी सिलेबस</strong><br />महाराष्ट्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि ऑटो-रिक्शा चलाने वाले लोगों को मराठी में पढ़ना या लिखना जरूरी नहीं है, उन्हें सिर्फ आम बोलचाल की भाषा सीखने की जरूरत है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि सरकार राज्य में ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने के लिए एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करेगी। वहीं, मनसे कार्यकर्ताओं ने पहले ही उन ऑटो-रिक्शा पर स्टीकर लगाने शुरू कर दिए हैं, जिनके चालकों को मराठी आती है। </p>
<p><strong>मुंबई मराठी साहित्य संघ सिखाएगा भाषा</strong><br />महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने कहा, "मुंबई मराठी साहित्य संघ ने राज्य भर में अपनी अलग-अलग ब्रांच में ऑटो रिक्शा ड्राइवरों और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सिखाने की जिम्मेदारी ली है। इससे मराठी को बढ़ावा मिलेगा। कोंकण मराठी साहित्य परिषद भी मिलकर कोंकण इलाके में मराठी सिखाएगी।</p>
<p><strong>एक मई से लागू होने वाला था फैसला</strong><br />परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा था कि सरकार ने महाराष्ट्र दिवस (एक मई) से इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिसके तहत ऑटो, टैक्सी और ओला, उबर तथा ई-बाइक जैसी ऐप आधारित सेवाओं के चालकों के लिए यात्रियों से मराठी में संवाद करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा था कि इस पहल के तहत गैर-मराठी चालकों को भाषा सिखाने के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:49:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : रफ्तार देने वाली मेगा परियोजनाओं पर ब्रेक: मेट्रो, पॉड टैक्सी और टनल का उद्घाटन टला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ट्रैफिक समस्या को कम करने और शहर की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया गया है। पहले यह सभी कार्यक्रम 3 अप्रैल को आयोजित होने वाले थे, लेकिन अब इनके 5 या 6 अप्रैल को होने की संभावना जताई जा रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, चुनावी राज्यों में व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के चलते इस तारीख में बदलाव किया गया है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48945/mumbai-brakes-on-mega-projects-to-speed-up-metro-pod"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(3).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ट्रैफिक समस्या को कम करने और शहर की कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया गया है। पहले यह सभी कार्यक्रम 3 अप्रैल को आयोजित होने वाले थे, लेकिन अब इनके 5 या 6 अप्रैल को होने की संभावना जताई जा रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, चुनावी राज्यों में व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के चलते इस तारीख में बदलाव किया गया है।</p>
<p> </p>
<p><strong>बीकेसी की पॉड टैक्सी परियोजना शामिल</strong><br />इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में मुंबई मेट्रो लाइन 9 और मेट्रो लाइन 2बी का उद्घाटन, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में पॉड टैक्सी परियोजना का शिलान्यास और ठाणे-बोरिवली टनल परियोजना की शुरुआत शामिल है। ये सभी प्रोजेक्ट मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजाना लाखों यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।</p>
<p><strong>मेट्रो लाइन का अहम चरण</strong><br />मुंबई मेट्रो लाइन 9 और लाइन 2बी को शहर के परिवहन नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है। ये लाइनें मुंबई के अलग-अलग हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ेंगी, जिससे पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण दिशा में सफर पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा। खासतौर पर ऑफिस जाने वाले लोगों और रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मेट्रो सेवाओं के विस्तार से सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है।</p>
<p><strong>बीकेसी में भविष्य की तैयारी</strong><br />बीकेसी में प्रस्तावित पॉड टैक्सी परियोजना को भविष्य के परिवहन के रूप में देखा जा रहा है। यह एक अत्याधुनिक, ड्राइवरलेस ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा, जिसमें छोटे-छोटे पॉड (कैप्सूल जैसी गाड़ियां) यात्रियों को निर्धारित मार्गों पर तेजी से ले जाएंगी। बीकेसी जैसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में, जहां ट्रैफिक जाम आम बात है, यह परियोजना गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि ट्रैफिक प्रबंधन भी बेहतर होगा।</p>
<p><strong>ठाणे-बोरीवली ट्रैफिक से मिलेगी राहत</strong><br />वहीं, ठाणे-बोरिवली टनल परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। इस टनल के बनने से ठाणे और बोरिवली के बीच की दूरी और यात्रा समय में भारी कमी आएगी। वर्तमान में इस मार्ग पर यात्रा करने में लंबा समय लगता है और ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। टनल बनने के बाद यह सफर काफी तेज और सुगम हो जाएगा, जिससे लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।</p>
<p><strong>मुंबई परिवहन व्यवस्था में क्रांति</strong><br />विशेषज्ञों का मानना है कि इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने से मुंबई की परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। इससे न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। हालांकि उद्घाटन में कुछ दिनों की देरी हुई है, लेकिन नागरिकों को इन परियोजनाओं के जल्द शुरू होने का इंतजार है, जो मुंबई को एक आधुनिक और स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:21:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : नहीं टलेगी 'ओ रोमियो' की रिलीज, मुंबई कोर्ट ने की हुसैन उस्तरा की बेटी की याचिका खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म को लेकर राहत भरी खबर आई है। बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट ने फिल्म 'ओ' रोमियो' की रिलीज रोकने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। 7 फरवरी को दिए गए इस फैसले से फिल्म की थिएट्रिकल रिलीज का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। यह फैसला एक लंबी और अहम सुनवाई के बाद आया, जिसमें कोर्ट ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार और निजता के अधिकार के बीच संतुलन बनाया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47569/mumbai-will-not-postpone-the-release-of-romeo-mumbai-court"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-08t132005.198.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म को लेकर राहत भरी खबर आई है। बॉम्बे सिटी सिविल कोर्ट ने फिल्म 'ओ' रोमियो' की रिलीज रोकने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। 7 फरवरी को दिए गए इस फैसले से फिल्म की थिएट्रिकल रिलीज का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। यह फैसला एक लंबी और अहम सुनवाई के बाद आया, जिसमें कोर्ट ने रचनात्मक अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार और निजता के अधिकार के बीच संतुलन बनाया।</p>
<p> </p>
<p>गैंगस्टर हुसैन शेख की बेटी ने याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि फिल्म में उनके पिता की निजता और प्रतिष्ठा का उल्लंघन किया गया है, लेकिन कोर्ट ने इस दावे को खारिज करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। कोर्ट का कहना था कि निजता का अधिकार व्यक्तिगत होता है और किसी व्यक्ति की मौत के बाद यह अधिकार खत्म हो जाता है। इसे परिवार के सदस्य विरासत में नहीं ले सकते और न ही किसी फिल्म या कलात्मक कृति को रोकने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।</p>
<p><strong>'ओ रोमियो' की रिलीज टालने पर कोर्ट का फैसला</strong><br />फिल्म को पूरी तरह काल्पनिक माना गया। फिल्म में साफ तौर पर डिस्क्लेमर दिया गया है कि सभी पात्र काल्पनिक हैं और किसी वास्तविक व्यक्ति से समानता सिर्फ संयोग है। कोर्ट ने यह भी कहा कि फिल्म का ऐलान साल 2024 के अंत में किया गया था। लेकिन याचिका आखिरी समय में रिलीज से कुछ ही दिन पहले दायर की गई। ऐसे में फिल्म को रोकना निर्माताओं, कलाकारों और अन्य जुड़े लोगों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाएगा।</p>
<p><strong>हुसैन उस्तरा की बेटी के मुआवजे मांगने पर कोर्ट ने कहा</strong><br />कोर्ट ने आगे कहा कि याचिकाकर्ता ने खुद पैसे का दावा किया था, यानी उनका कथित नुकसान आर्थिक रूप से मुआवजा देकर पूरा किया जा सकता है, इसलिए रिलीज पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं बनता। फिल्म का प्रतिनिधित्व बार एंड ब्रीफ अटॉर्नीज ने साजिद नाडियाडवाला की ओर से किया, जबकि विशाल भारद्वाज का पक्ष साईकृष्णा एंड एसोसिएट्स ने संभाला।</p>
<p><strong>'ओ रोमियो' के बारे में</strong><br />'ओ' रोमियो' एक रोमांटिक ड्रामा है, जिसका निर्देशन विशाल भारद्वाज ने किया है। फिल्म को साजिद नाडियाडवाला प्रस्तुत कर रहे हैं और प्रोडक्शन नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट की तरफ से है। फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी के साथ नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी, तमन्‍ना भाटिया और फरीदा जलाल जैसे एक्टर्स अहम भूमिकाओं में हैं। विशाल भारद्वाज की यह फिल्म हुसैन जैदी की किताब 'माफिया क्वींस ऑफ मुंबई' पर आधारित है, जिसमें शाहिद ने माफिया डॉन हुसैन उस्तरा का किरदार निभाया है। वहीं, तृप्ति डिमरी सपना के रोल में हैं। ये 13 फरवरी को थिएटर्स में रिलीज होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 13:20:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह विवाद मामले में 18 फरवरी तक टली सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को शिवसेना और उसके चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद पर एक बार फिर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तारीख तय की है। शिवसेना के साथ-साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नाम और चुनाव चिन्ह पर होने वाली सुनवाई भी टल गई है। ऐसे में माना जा रहा कि कोर्ट के फैसले का असर स्थानीय निकाय चुनाव नतीजों में शक्ति संतुलन कायम करने पर भी पड़ सकता है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47213/hearing-postponed-till-february-18-in-mumbai-shiv-sena-name"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/images---2026-01-24t124554.029.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को शिवसेना और उसके चुनाव चिन्ह को लेकर चल रहे विवाद पर एक बार फिर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तारीख तय की है। शिवसेना के साथ-साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नाम और चुनाव चिन्ह पर होने वाली सुनवाई भी टल गई है। ऐसे में माना जा रहा कि कोर्ट के फैसले का असर स्थानीय निकाय चुनाव नतीजों में शक्ति संतुलन कायम करने पर भी पड़ सकता है। इससे पहले, बीते बुधवार को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन कोर्ट के समक्ष कुछ आवश्यक मामले आने की वजह से सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी गई थी। मामले की अगली तारीख तय करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने साफ किया है कि सभी पार्टियों को बहस के लिए पांच घंटे का समय दिया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>शिवसेना में फूट के बाद चुनाव आयोग ने अपने फैसले में एकनाथ शिंदे गुट को ही असली शिवसेना मानते हुए चुनाव-चिन्ह धनुष-बाण दिया था। इसके बाद उद्धव गुट ने चुनाव आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद से इस मामले पर अब तक अंतिम सुनवाई नहीं हो पाई है। ओबीसी आरक्षण मामले पर 27 जनवरी को सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण मामले पर 27 जनवरी को सुनवाई हो सकती है।</p>
<p> इस मामले पर बीते बुधवार को ही सुनवाई होनी थी, लेकिन महत्वपूर्ण मामलों की वजह से कोर्ट ने सुनवाई टाल दी थी। अब इस मामले पर सुनवाई की तारीख तय हो गई है। कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि जिन 57 स्थानीय निकाय में आरक्षण 50 प्रतिशत से ज़्यादा हो गई है, वहां चुनाव के नतीजे कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेंगे। इन 57 स्थानीय निकायों में 40 नगर निगम और 17 नगर पंचायतें शामिल हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 16:55:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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