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                <title>increased - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: गणपति उत्सव में बढ़ेगी मेट्रो की सेवाएं और नहीं होगा मेगा ब्लॉक, कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इस साल गणपति उत्सव के दौरान गणेश भक्तों को कम से कम परेशानी हो। इसका सरकार पूरा ख्याल रख रही है इसलिए मेट्रो की सेवाएं बढ़ाने के साथ-साथ देर रात तक मेट्रो चलाने और रविवार के मेगा ब्लॉक की रद्द करने का आदेश दिया है। कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि हमारी सरकार इस बात की हर संभव कोशिश कर रही है कि गणेश उत्सव के दौरान ज्यादा से ज्यादा परिवहन सुविधाएं गणेश भक्तों को दें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51490/metro-services-will-increase-during-mumbai-ganpati-festival-and-there"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-22t125608.378.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>इस साल गणपति उत्सव के दौरान गणेश भक्तों को कम से कम परेशानी हो। इसका सरकार पूरा ख्याल रख रही है इसलिए मेट्रो की सेवाएं बढ़ाने के साथ-साथ देर रात तक मेट्रो चलाने और रविवार के मेगा ब्लॉक की रद्द करने का आदेश दिया है। कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि हमारी सरकार इस बात की हर संभव कोशिश कर रही है कि गणेश उत्सव के दौरान ज्यादा से ज्यादा परिवहन सुविधाएं गणेश भक्तों को दें।</p>
<p> </p>
<p>कैबिनेट मंत्री लोढ़ा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चूंकि गणपति उत्सव अब मुंबई या महाराष्ट्र समिति नहीं रहा। बल्कि देश के कई राज्यों से लोग आते है। दुनिया से कई देशों के लोग इसी मकसद से आते है कि उन्हें बप्पा का दर्शन मिल जाए। वे भी गणपति उत्सव में शामिल हो। ऐसे में हमारी और हमारे सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि गणेश भक्तों को किसी प्रकार की तकलीफ या परेशानी नहीं होने पाए। हाल ही में मैने गणपति मंडलों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा ली थी।</p>
<p><strong>मेट्रो और रेल प्रशासन को पत्र लिखा</strong><br />कैबिनेट मंत्री लोढ़ा ने मेट्रो और रेल प्रशासन को पत्र लिखकर साधन और सुविधा बढ़ाने का निर्देश दिया। रविवार को लोकल ट्रेन की सेवाएं कम रहती है क्योंकि कही न कही, किसी न किसी रूट पर मेगा ब्लॉक रहता है। मैंने उनसे कहा है कि वे गणपति उत्सवके दौरान मेगा ब्लॉक नहीं करें। श्रद्धालुओं को टिकट निकालते समय किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मेट्रो के सभी टिकट काउंटर, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, डिजिटल तथा क्यूआर टिकट प्रणाली को मेट्रो की अंतिम फेरी तक पूरी क्षमता से कार्यरत रखने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>मेट्रो स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, पीने का पानी, शौचालय और प्राथमिक उपचार केंद्र भी सेवा उपलब्ध रहने तक चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक तैनात कर यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था की जाए, ऐसी सूचनाएं भी दी गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 12:57:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई में बढ़ी गर्मी, स्काईमेट ने इस बार के मॉनसून में औसत से कम बारिश का लगाया अनुमान, बढ़ी किसानों की टेंशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के दौर के बाद अब फिर से भीषण गर्मी लौट आई है। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे शहरों में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहते हैं और अधिकतम तापमान बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस बार महाराष्ट्र में मॉनसून कैसा रहेगा। इसको लेकर एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है। जिसने किसानों और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस साल बारिश औसत से कम होने की संभावना है। क्या सूखे जैसी स्थिति पैदा होगी?</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49063/heat-increased-in-mumbai-skymet-predicted-less-than-average-rainfall"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(94).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के दौर के बाद अब फिर से भीषण गर्मी लौट आई है। मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई जैसे शहरों में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहते हैं और अधिकतम तापमान बढ़ने की संभावना है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस बार महाराष्ट्र में मॉनसून कैसा रहेगा। इसको लेकर एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गई है। जिसने किसानों और आम जनता दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस साल बारिश औसत से कम होने की संभावना है। क्या सूखे जैसी स्थिति पैदा होगी?</p>
<p> </p>
<p>पिछले साल राज्य भर में अत्यधिक बारिश के कारण किसान परेशान हो गए थे। इस साल उन्हें कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी। हालांकि स्काईमेट की ताजा रिपोर्ट के बाद चिंताएं और बढ़ गई हैं। इस बात की संभावना है कि मॉनसून के मौसम की शुरुआत में ही 'अल नीनो' की घटना सक्रिय हो सकती है। स्काईमेट की स्टडी से पता चलता है कि इससे जलवायु में बड़े बदलाव आएंगे। इसके परिणामस्वरूप जून और सितंबर के महीनों के बीच बारिश औसत से कम होगी। इसके अलावा एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि इसके परिणामस्वरूप देश भर में सूखे जैसी स्थिति पैदा होने की 30 प्रतिशत संभावना है। </p>
<p><strong>अल नीनो मॉनसून के लिए बनेगा विलेन</strong><br />प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी क्षेत्रों में सतह का तापमान बढ़ रहा है। इससे अल नीनो की घटना बनने की संभावना बढ़ जाती है। स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि इस घटना का भारत के मॉनसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही स्काईमेट ने यह भी कहा कि अल नीनो के प्रभाव की तीव्रता को हिंद महासागर में 'इंडियन ओशन डाइपोल' द्वारा कुछ हद तक कम किया जा सकता है। उम्मीद है कि IOD जून की शुरुआत में मॉनसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाएगा। </p>
<p><strong>अगस्त और सितंबर में कब बारिश</strong><br />हालांकि इसके परिणामस्वरूप देश के कई हिस्सों में अगस्त और सितंबर के बीच बारिश का स्तर कम रहने की संभावना है। महाराष्ट्र में आमतौर पर जुलाई और अगस्त के दौरान सबसे अधिक बारिश होती है। इसलिए जलवायु में यह बदलाव किसानों के लिए भारी नुकसान का जोखिम पैदा करता है। इन बदलावों का प्रभाव मध्य और पश्चिमी भारत में सबसे ज्यादा महसूस होने की संभावना है। </p>
<p><strong>भारत मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट का इंतजार</strong><br />इस बीच देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में अल नीनो का प्रभाव कम होने की उम्मीद है। नतीजतन इन क्षेत्रों में पूरे मॉनसून के मौसम के दौरान अच्छी बारिश होने का अनुमान है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अभी तक इस संबंध में कोई जानकारी जारी नहीं की है। फिर भी आईएमडी के इस सप्ताह तक अपनी रिपोर्ट सौंपने की संभावना है। स्काईमेट के पूर्वानुमान के अनुसार, औसत से कम बारिश होने की 40 प्रतिशत संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 11:58:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : बढ़ती गर्मी के साथ मुंबई में बढ़ी बिजली की डिमांड, 15 से अब तक बने खपत के नए रिकॉर्ड देखें</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>शहर में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। हाल के दिनों में मुंबई में बिजली खपत के नए रिकॉर्ड सामने आए हैं। 17 मार्च को शहर की पीक बिजली मांग 3,751 मेगावॉट तक पहुंच गई थी , जो दोपहर 2:50 बजे दर्ज की गई। यह इस सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा मांग में से एक मानी जा रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48680/demand-for-electricity-increased-in-mumbai-with-increasing-heat-see"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-24t191737.089.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>शहर में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। हाल के दिनों में मुंबई में बिजली खपत के नए रिकॉर्ड सामने आए हैं। 17 मार्च को शहर की पीक बिजली मांग 3,751 मेगावॉट तक पहुंच गई थी , जो दोपहर 2:50 बजे दर्ज की गई। यह इस सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा मांग में से एक मानी जा रही है। बिजली वितरण कंपनियों का कहना है कि उन्होंने पर्याप्त बिजली खरीद समझौते किए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के बिजली मिलती रहे। मुंबई और उपनगरों में करीब 50 लाख उपभोक्ता हैं। यहां बिजली सप्लाई की जिम्मेदारी मुख्य रूप से अडानी इलेक्ट्रिसिटी, बेस्ट और टाटा पावर के पास है। हालांकि एमएमआर के अधिकांश इलाके महावितरण के पास है।</p>
<p> </p>
<p><strong>बिजली मांग में देखा जा रहा उतार-चढ़ाव</strong><br />अगर पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो 15 से 22 मार्च के बीच बिजली मांग में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 16 और 17 मार्च को मांग सबसे ज्यादा रही, जबकि 21 और 22 मार्च को इसमें थोड़ी गिरावट आई। उदाहरण के तौर पर, टाटा पावर की मांग 16 मार्च को 1,018 मेगावॉट तक पहुंची, जो 22 मार्च को घटकर 844 मेगावॉट रह गई।</p>
<p>इसी तरह बेस्ट की मांग 786 मेगावॉट से घटकर 523 मेगावॉट और अडानी की मांग 1,723 मेगावॉट से घटकर 1,379 मेगावॉट तक आ गई। इससे साफ है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ा, बिजली की खपत भी बढ़ी, लेकिन बीच-बीच में मौसम में हल्के बदलाव या छुट्टियों के कारण मांग में थोड़ी कमी भी देखी गई।<br />इसी तरह बेस्ट की मांग 786 मेगावॉट से घटकर 523 मेगावॉट और अडानी की मांग 1,723 मेगावॉट से घटकर 1,379 मेगावॉट तक आ गई। इससे साफ है कि जैसे-जैसे तापमान बढ़ा, बिजली की खपत भी बढ़ी, लेकिन बीच-बीच में मौसम में हल्के बदलाव या छुट्टियों के कारण मांग में थोड़ी कमी भी देखी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 19:18:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग पर एक्सिडेंट बढ़े, पुणे हाइवे पर सुधरे हालात, महाराष्ट्र के ये आंकड़े चौंक देंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पर 2025 में दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों में तेजी से वृद्धि हुई, जबकि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं में मामूली वृद्धि देखी गई। हालांकि, कुल दुर्घटनाओं में मामूली गिरावट आई है। अधिकारियों ने रविवार को महाराष्ट्र राजमार्ग पुलिस के अनंतिम आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। राजमार्ग पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, समृद्धि महामार्ग पर 2025 में 185 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2024 के आंकड़े 137 की तुलना में 35 प्रतिशत की वृद्धि है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48299/accidents-increased-on-mumbai-nagpur-samriddhi-mahamarg-situation-improved-on-pune"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/images---2026-03-09t110301.407.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग पर 2025 में दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों में तेजी से वृद्धि हुई, जबकि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं में मामूली वृद्धि देखी गई। हालांकि, कुल दुर्घटनाओं में मामूली गिरावट आई है। अधिकारियों ने रविवार को महाराष्ट्र राजमार्ग पुलिस के अनंतिम आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। राजमार्ग पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, समृद्धि महामार्ग पर 2025 में 185 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2024 के आंकड़े 137 की तुलना में 35 प्रतिशत की वृद्धि है। </p>
<p> </p>
<p>विदर्भ के सबसे बड़े शहर नागपुर को देश की वित्तीय राजधानी से जोड़ने वाले कॉरिडोर पर जानलेवा दुर्घटनाओं की संख्या 2024 के 96 से बढ़कर 2025 में 128 हो गई, जबकि मौतों की संख्या 126 से बढ़कर 152 हो गई, जो क्रमशः 33 प्रतिशत और 21 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।</p>
<p><strong>दोगुनी हुईं दुर्घटनाएं</strong><br />आंकड़ों से पता चला कि गंभीर चोट का कारण बनने वाली दुर्घटनाओं की संख्या भी दोगुनी होकर 23 से बढ़कर 46 हो गई। ऐसी दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की संख्या 50 से बढ़कर 140 हो गई। </p>
<p><strong>आईटीएमएस लागू</strong><br />छह लेन वाला 'एक्सेस-कंट्रोल्ड समृद्धि कॉरिडोर' दिसंबर 2022 से चरणबद्ध तरीके से यातायात के लिए खोला गया था और इसका पूरा हिस्सा पिछले साल चालू हो गया था। वर्तमान में निगरानी में सुधार और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक 'इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (आईटीएमएस) लागू किया जा रहा है। </p>
<p><strong>महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने छिपाए आंकड़े?</strong><br />महाराष्ट्र परिवहन आयुक्त के कार्यालय ने इस वर्ष 22 जनवरी को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में, समृद्धि महामार्ग पर दुर्घटनाओं और मौतों में वृद्धि का उल्लेख नहीं किया। हालांकि उसने देश के पहले 'एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर' मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गंभीर दुर्घटनाओं और मौतों में कमी को उजागर किया। </p>
<p><strong>पुणे एक्सप्रेसवे का हाल</strong><br />मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 2025 में 187 दुर्घटनाएं हुईं, जो 2024 में हुई 191 दुर्घटनाओं से थोड़ी कम हैं। हालांकि, मामूली चोट का कारण बनने वाली दुर्घटनाओं में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 25 से बढ़कर 28 हो गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 11:04:43 +0530</pubDate>
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