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                <title>among - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>नालासोपारा में तबेला चहा-जमजम बिरयानी आउटलेट का वीडियो वायरल, खाने के बीच चूहा दिखने का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नालासोपारा ईस्ट के वाकनपाडा इलाके में स्थित एक कथित फूड आउटलेट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि 'तवेला चाहा-जमजम बिरयानी' नाम के आउटलेट में चावल और अन्य खाद्य सामग्री के बीच एक बड़ा चूहा दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में खाद्य पदार्थों की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित विभाग से जांच की मांग की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51547/6a8d3b9387e17"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/untitled-3dsfg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नालासोपारा: </strong>नालासोपारा ईस्ट के वाकनपाडा इलाके में स्थित एक कथित फूड आउटलेट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि 'तवेला चाहा-जमजम बिरयानी' नाम के आउटलेट में चावल और अन्य खाद्य सामग्री के बीच एक बड़ा चूहा दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में खाद्य पदार्थों की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित विभाग से जांच की मांग की है।</p>
<p> </p>
<p>वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक चूहा खाने की सामग्री के बीच नजर आ रहा है। वीडियो की वजह से सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।</p>
<p><strong>वीडियो के बाद मचा हड़कंप</strong><br />सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद खाद्य प्रतिष्ठान की साफ-सफाई को लेकर चर्चा तेज हो गई। वीडियो में कथित तौर पर चावल और अन्य खाद्य पदार्थों के बीच चूहे की मौजूदगी दिखाई दे रही है। यदि वीडियो में किया गया दावा सही पाया जाता है तो यह खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला हो सकता है।<br />खाने की चीजों में किसी भी प्रकार के जीव-जंतु की मौजूदगी से खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका रहती है। ऐसे में खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, भंडारण और खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। वायरल वीडियो ने इन्हीं व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों में नाराजगी वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि भोजन तैयार करने और परोसने वाले प्रतिष्ठानों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। ग्राहक यह उम्मीद करते हैं कि उन्हें सुरक्षित और साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।<br />स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग मामले का संज्ञान लेकर आउटलेट का निरीक्षण करे। साथ ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की व्यवस्था की जांच की जाए। लोगों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा को लेकर उठे सवाल खाद्य पदार्थों को तैयार करने, रखने और परोसने के दौरान स्वच्छता का पालन करना जरूरी होता है। रसोई और भंडारण क्षेत्र में चूहों या अन्य कीटों की मौजूदगी से भोजन दूषित होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे ग्राहकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है। वायरल वीडियो के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि संबंधित आउटलेट में खाद्य सामग्री किस तरह रखी जाती है और वहां कीट नियंत्रण तथा स्वच्छता के लिए क्या इंतजाम हैं। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वायरल वीडियो की सत्यता की जांच जरूरी सोशल मीडिया पर किसी वीडियो के सामने आने के बाद उसके आधार पर तत्काल निष्कर्ष निकालने के बजाय उसकी सत्यता की जांच जरूरी होती है। इस मामले में भी वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया, इसकी पुष्टि आवश्यक है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि वीडियो में दिखाई दे रहा स्थान वास्तव में संबंधित आउटलेट का ही है या नहीं। संबंधित विभाग की ओर से निरीक्षण और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। वीडियो में किए गए दावों और मौके की स्थिति के बीच किसी अंतर की भी जांच की जा सकती है। प्रतिष्ठान की ओर से स्थिति स्पष्ट होना बाकी वायरल वीडियो के बाद आउटलेट की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में संबंधित प्रतिष्ठान की ओर से भी घटना को लेकर स्थिति स्पष्ट किया जाना महत्वपूर्ण होगा। यदि वीडियो में दिखाई गई घटना सही है तो यह बताना जरूरी होगा कि ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई और भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी होती है कि वे ग्राहकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराएं। इसके लिए रसोई, भंडारण और भोजन परोसने वाले स्थानों की नियमित सफाई के साथ कीट नियंत्रण की उचित व्यवस्था जरूरी है। जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने नालासोपारा ईस्ट के वाकडपाडा क्षेत्र में स्थित कथित फूड आउटलेट को लेकर बहस छेड़ दी है। चावल और अन्य खाद्य सामग्री के बीच चूहा दिखाई देने के दावे ने ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है। हालांकि, घटना की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच के बिना किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अब निगाह संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कार्रवाई पर है। यदि निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलता है तो नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 12:36:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ठाणे में रेंगता दिखा अजगर, डिवाइडर के पास पहुंचते ही लोगों में दहशत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देर रात ठाणे में एक सड़क पर एक अजगर को रेंगते हुए देखा गया, जिससे मोटर चालकों द्वारा केंद्रीय डिवाइडर के पास बड़े सरीसृप को घूमते हुए देखने के बाद कुछ समय के लिए यातायात की गति धीमी हो गई। घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वायरल क्लिप में, जिसे 'ठाणे पेज' नाम के एक इंस्टाग्राम पेज द्वारा साझा किया गया है, अजगर को डिवाइडर के करीब सड़क के बीच में धीरे-धीरे रेंगते हुए देखा जा सकता है, जबकि वाहन सावधानी से उसके आसपास धीमी गति से चलते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50460/python-seen-crawling-in-thane-panic-among-people-as-soon"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/op.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे : </strong>देर रात ठाणे में एक सड़क पर एक अजगर को रेंगते हुए देखा गया, जिससे मोटर चालकों द्वारा केंद्रीय डिवाइडर के पास बड़े सरीसृप को घूमते हुए देखने के बाद कुछ समय के लिए यातायात की गति धीमी हो गई। घटना का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वायरल क्लिप में, जिसे 'ठाणे पेज' नाम के एक इंस्टाग्राम पेज द्वारा साझा किया गया है, अजगर को डिवाइडर के करीब सड़क के बीच में धीरे-धीरे रेंगते हुए देखा जा सकता है, जबकि वाहन सावधानी से उसके आसपास धीमी गति से चलते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि वीडियो एक कार के अंदर से रिकॉर्ड किया गया है, जिसमें सरीसृप को ट्रैफ़िक लेन के माध्यम से तेजी से अपना रास्ता बनाते हुए कैद किया गया है।</p>
<p> </p>
<p>जैसे ही सांप आगे बढ़ा, उसे नुकसान पहुंचाने से बचने के लिए कई वाहनों को रुकते या गति कम करते देखा गया, जिससे इस मार्ग पर यातायात की आवाजाही में अस्थायी बाधा उत्पन्न हुई। हालाँकि, घटना के सटीक स्थान या समय के बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या वन अधिकारी या सांप बचाव दल बाद में मौके पर पहुंचे और अजगर को सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया। हाल ही में बीकेसी मेट्रो स्टेशन से रसेल वाइपर को बचाया गया यह दृश्य अत्यधिक विषैले रसेल वाइपर, जिसे स्थानीय रूप से 'घोनस' के नाम से जाना जाता है, को मुंबई मेट्रो लाइन 3 के बीकेसी स्टेशन परिसर के बेसमेंट से बचाया जाने के कुछ ही दिनों बाद आया है।</p>
<p>सांप को मंगलवार सुबह करीब 7:47 बजे बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में मेट्रो लाइन 3 स्टेशन से सटे ए5 ऑडिट बिल्डिंग के पास बेसमेंट-2 के अंदर देखा गया। एमएसएफ सुरक्षा के सुरक्षाकर्मियों ने परिसर के अंदर सरीसृप को देखने के बाद वन्यजीव बचावकर्ताओं को सतर्क कर दिया। बचावकर्ताओं के अनुसार, रसेल वाइपर एक दीवार के कोने के पास कमजोर और गतिहीन पाया गया था, संभवतः मानसून की बारिश के आगमन से पहले तीव्र गर्मी के कारण निर्जलीकरण और थकावट के कारण।</p>
<p>बचाव दल ने वन विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार सांप को उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ने से पहले सुरक्षित रूप से सुरक्षित कर लिया। अधिकारियों ने साइट पर स्टाफ सदस्यों को वन्यजीव मुठभेड़ों के दौरान सांप के व्यवहार और सुरक्षा सावधानियों के बारे में भी शिक्षित किया। वन्यजीव बचावकर्ताओं ने बार-बार नागरिकों से मानसून के मौसम के दौरान सतर्क रहने का आग्रह किया है, क्योंकि बाढ़ और जलभराव अक्सर सांपों और अन्य सरीसृपों को उनके प्राकृतिक आश्रयों से बाहर और सड़कों या आवासीय क्षेत्रों पर मजबूर कर देते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50460/python-seen-crawling-in-thane-panic-among-people-as-soon</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 11:45:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: सैटेलाइट अध्ययन में मुंबई और सिकंदराबाद के लैंडफिल वैश्विक मीथेन उत्सर्जन के टॉप-25 में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>हाल ही में सैटेलाइट पर आधारित एक वैश्विक अध्ययन से पता चला है कि सिकंदराबाद और मुंबई में मौजूद लैंडफिल साइटें, वर्ष 2025 में दुनिया की शीर्ष 25 मीथेन उत्सर्जित करने वाली कचरा साइटों में शामिल हैं। इन निष्कर्षों ने भारत की कचरा प्रबंधन प्रणालियों से जुड़ी बढ़ती पर्यावरणीय चिंताओं और जलवायु परिवर्तन में उनके योगदान को उजागर किया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49464/landfills-of-mumbai-and-secunderabad-included-in-top-25-of-global"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-25t130824.336.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>हाल ही में सैटेलाइट पर आधारित एक वैश्विक अध्ययन से पता चला है कि सिकंदराबाद और मुंबई में मौजूद लैंडफिल साइटें, वर्ष 2025 में दुनिया की शीर्ष 25 मीथेन उत्सर्जित करने वाली कचरा साइटों में शामिल हैं। इन निष्कर्षों ने भारत की कचरा प्रबंधन प्रणालियों से जुड़ी बढ़ती पर्यावरणीय चिंताओं और जलवायु परिवर्तन में उनके योगदान को उजागर किया है। यह विश्लेषण मीथेन के हजारों ‘प्लूम’ (बादलों) के प्रेक्षणों पर आधारित है, और यह लक्षित जलवायु कार्रवाई करने तथा लैंडफिल प्रबंधन में सुधार लाने की तत्काल आवश्यकता पर भी ज़ोर देता है।</p>
<p> </p>
<p><strong>अध्ययन में क्या पाया गया: मुख्य बातें</strong><br />इस अध्ययन ने दुनिया भर के 707 कचरा स्थलों से निकलने वाले 2,994 मीथेन के गुबारों का विश्लेषण किया है और प्रदूषण के प्रमुख हॉटस्पॉट की पहचान की है।</p>
<p>दुनिया भर में सबसे ज़्यादा उत्सर्जन करने वाली शीर्ष 25 जगहों में भारत की 2 लैंडफिल साइटें शामिल हैं।<br />इसके अलावा, चिली और ब्राज़ील जैसे देशों में भी लैंडफिल साइटों की संख्या सबसे ज़्यादा थी (प्रत्येक में 3)।<br />रैंकिंग में भारत सऊदी अरब और तुर्की के साथ खड़ा है।<br />यह शोध ‘कार्बन मैपर’ से प्राप्त सैटेलाइट डेटा का उपयोग करके किया गया था, और इसका विश्लेषण लॉस एंजिल्स स्थित कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय द्वारा अपने ‘स्टॉप मीथेन प्रोजेक्ट’के माध्यम से किया गया।</p>
<p><strong>लैंडफिल से मीथेन उत्सर्जन खतरनाक क्यों है?</strong><br />मीथेन सबसे शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसों में से एक है, जो ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ा रही है। यह 20 वर्षों की अवधि में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में लगभग 86 गुना अधिक हानिकारक है। यह वायुमंडल में लगभग 12 वर्षों तक बनी रहती है, लेकिन इसका अल्पकालिक प्रभाव अधिक तीव्र होता है, जो इसे और भी अधिक खतरनाक बनाता है। इसके अलावा, औद्योगिक क्रांति के बाद से वैश्विक तापमान में हुई वृद्धि के लिए लगभग 30% तक मीथेन ही जिम्मेदार है।</p>
<p>इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अनुसार, आज मीथेन की सांद्रता औद्योगिक काल से पहले के स्तरों की तुलना में 2.5 गुना अधिक है।<br />लैंडफिल में मीथेन तब बनती है, जब भोजन, कागज़ और बगीचे के कचरे जैसे जैविक पदार्थ बिना ऑक्सीजन के सड़ते हैं; यदि इन लैंडफिल का सही प्रबंधन न किया जाए, तो ये मीथेन उत्सर्जन के प्रमुख स्रोत बन जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 13:09:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : दरभंगा की  फ्लाइट अचानक डायवर्ट, वाराणसी में की लैंड, यात्रियों में हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई से यात्री को लेकर दरभंगा चली इंडिगो की फ्लाइट 6ई535 अचानक आधे रास्ते से 12:30 में डायवर्ट होकर वाराणसी में लैंड की। इससे विमान के यात्रियों में हड़कंप मच गया। वहां विमान को करीब 30 मिनट रोका। इस बीच दरभंगा एयरपोर्ट पर प्रतीक्षारत यात्रियों में फ्लाइट रद होने की चिंता बढ़ने लगी। यात्री विमानन कंपनी के प्रतिनिधियों से फ्लाइट मंगाने का अनुरोध करने लगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49027/mumbai-darbhanga-flight-suddenly-diverted-and-lands-in-varanasi-panic"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(64).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई से यात्री को लेकर दरभंगा चली इंडिगो की फ्लाइट 6ई535 अचानक आधे रास्ते से 12:30 में डायवर्ट होकर वाराणसी में लैंड की। इससे विमान के यात्रियों में हड़कंप मच गया। वहां विमान को करीब 30 मिनट रोका। इस बीच दरभंगा एयरपोर्ट पर प्रतीक्षारत यात्रियों में फ्लाइट रद होने की चिंता बढ़ने लगी। यात्री विमानन कंपनी के प्रतिनिधियों से फ्लाइट मंगाने का अनुरोध करने लगे।</p>
<p> </p>
<p>यात्रियों के बढ़ते आक्रोश को देख इंडिगो के अधिकारियों ने विमान दरभंगा लाने की अनुमति दी। इसके बाद वाराणसी से यात्रियों को लेकर विमान दरभंगा के लिए 12:58 में उड़ान भरी और दरभंगा एयरपोर्ट पर 1:35 में लैंड की। तब जाकर एयरपोर्ट पर स्थिति सामान्य हुई। हालांकि फ्लाइट किस परिस्थिति में डायवर्ट हुई, इस पर कोई टिप्पणी करने से इंडिगो की मैनेजर पायल प्रिया ने इन्कार कर दिया। वहीं मुंबई से आनेवाली स्पाइसजेट की फ्लाइट विलंब से पहुंची। दरभंगा एयरपोर्ट से सोमवार को 18 विमानों का आवागमन हुआ।<br />जानकारी के अनुसार, दिल्ली से दरभंगा आनेवाली अकासा की फ्लाइट क्यूपी 1405 निर्धारित समय 10:50 से 26 मिनट विलंब से 11:16 में पहुंची। मुंबई से दरभंगा आनेवाली स्पाइसजेट की फ्लाइट एसजी 115 निर्धारित समय 11:05 से 54 मिनट विलंब से 11:59 में पहुंची।<br />कोलकाता से दरभंगा आनेवाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई7234 निर्धारित समय 11:50 से 32 मिनट विलंब से 12:22 में पहुंची। बेंगलुरु से दरभंगा आनेवाली अकासा की फ्लाइट क्यूपी 1513 निर्धारित समय 12:15 से 38 मिनट विलंब से 12:53 में पहुंची। </p>
<p>मुंबई से दरभंगा आनेवाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई535 निर्धारित समय 12:50 से 45 मिनट विलंब से 1:35 में पहुंची। मुंबई से दरभंगा आनेवाली अकासा की फ्लाइट क्यूपी 1139 निर्धारित समय 1:05 से 36 मिनट विलंब से 1:41 में पहुंची। </p>
<p>हैदराबाद से दरभंगा आनेवाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई537 निर्धारित समय 2:10 से 47 मिनट विलंब से 2:57 में पहुंची। दिल्ली से दरभंगा आनेवाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई360 निर्धारित समय 2:45 से नौ मिनट पहले पहुंच गई। दिल्ली से दरभंगा आनेवाली स्पाइसजेट की फ्लाइट एसजी 495 निर्धारित समय 3:20 से 35 मिनट विलंब से 3:55 में पहुंची।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:55:43 +0530</pubDate>
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