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                <title>Metro-3 - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Metro-3 RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>विरार- दहानू रूट पर दौड़ेगी 15 डिब्बों की लोकल ट्रेन, मेट्रो- 3 का सफर होगा सस्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई उपनगरीय यात्रियों को नए साल में बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए विरार से दहानू के बीच पहली बार 15 डिब्बों वाली लोकल ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। यह फैसला इस रूट पर बढ़ रही आबादी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ऑपरेटिंग डिपार्टमेंट ने बोर्ड को लेटर भेजा है। लेटर अप्रूव होते ही विरार-दहानू के बीच चलने वाली 12 डिब्बों की लोकल को 15 डिब्बों की लोकल से बदल दिया जाएगा। शुरू में 6 लोकल सर्विस 15 डिब्बों में चलाई जाएंगी। 1 जनवरी 2026 से एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए नया टाइमटेबल लागू होगा, तो वहीं उपनगरीय ट्रेनों के लिए मार्च या अप्रैल से लागू किया जाएगा।  </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45843/local-train-of-15-coaches-will-run-on-virar-dahanu-route"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-29t115818.683.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई उपनगरीय यात्रियों को नए साल में बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए विरार से दहानू के बीच पहली बार 15 डिब्बों वाली लोकल ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। यह फैसला इस रूट पर बढ़ रही आबादी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ऑपरेटिंग डिपार्टमेंट ने बोर्ड को लेटर भेजा है। लेटर अप्रूव होते ही विरार-दहानू के बीच चलने वाली 12 डिब्बों की लोकल को 15 डिब्बों की लोकल से बदल दिया जाएगा। शुरू में 6 लोकल सर्विस 15 डिब्बों में चलाई जाएंगी। 1 जनवरी 2026 से एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए नया टाइमटेबल लागू होगा, तो वहीं उपनगरीय ट्रेनों के लिए मार्च या अप्रैल से लागू किया जाएगा। </p>
<p> </p>
<p><strong>चर्चगेट-विरार के बीच</strong><br />बढ़ेंगी 12 सर्विसेज नए टाइमटेबल में चर्चगेट और विरार के बीच 10 से 12 सर्विस बढ़ाने की योजना बनाई गई है। मिली जानकारी के अनुसार, जनवरी 2026 तक पश्चिम रेलवे को एक नई एसी रेक मिल सकती है। बता दें कि एक एसी रेक आने से 10 एसी सर्विस बढ़ जाती है।</p>
<p><strong>मेट्रो-3 के यात्रियों का सफ़र होगा सस्ता</strong><br />मेट्रो यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने पहली बार मेट्रो-3 के यात्रियों के लिए 'मेट्रो कनेक्ट-3' ऐप के जरिए डिस्काउंटेड मंथली पास की सुविधा शुरू की है, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का खर्च कम होगा। नई योजना के तहत 60-ट्रिप पास पर 15% और 45-ट्रिप पास पर 10% की छूट दी जाएगी।</p>
<p>यह ऑफर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जो रोज ऑफिस या काम पर आने-जाने के लिए मेट्रो पर निर्भर हैं। मेट्रो-3 में रोजाना करीब 1.5 लाख यात्री सफर करते हैं। ऐसे में यह पहल बड़ी संख्या में यात्रियों को आर्थिक राहत देगी और अधिक लोगों को मेट्रो का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। मंथली पास में डिस्काउंट से और भी यात्री मेट्रो-3 का चयन यात्रा के लिए कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 12:00:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में प्रदूषण से अधिक माहौल खराब... मेट्रो-३ के कार्यों को मनपा द्वारा स्टॉप वर्क का नोटिस जारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>कोस्टल रोड, मेट्रो कॉरिडोर और मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक (एमटीएचएल) को भी इसी तरह के उल्लंघन के लिए दोषी ठहराया गया है। जे. कुमार इंप्रफप्रोजेक्ट्स, कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज लाइन का निर्माण कर रहा है, जिसका मिड सेक्शन टर्मिनल स्टेशन बीकेसी में आईटीओ जंक्शन के पास बनेगा। एक अधिकारी ने कहा कि साइट पर बैरिकेडिंग नहीं की गई थी, तिरपाल, हरे कपड़े, जूट की चादर से ढका नहीं गया था। इसके अलावा श्रमिकों को मास्क भी नहीं दिए गए थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/25823/the-environment-in-mumbai-is-getting-worse-due-to-pollution----municipal-corporation-issued-stop-work-notice-for-the-works-of-metro-3"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-11/download-(1)6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में प्रदूषण बढ़ने से आंखों में जलन सहित अन्य प्रकार के रोग से मुंबईकर ग्रसित हो रहे हैं। शहर में निर्माण कार्य से होनेवाले प्रदूषण से अधिक माहौल खराब हो रहा है। ऐसे ही निर्माण क्षेत्र जे. कुमार इंप्रफप्रोजेक्ट्स, जो मेट्रो-३ के कार्यों को देख रहा है। उसे गत बुधवार को बीकेसी में प्रमुख रूप से वायु प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन नहीं करने के लिए मनपा द्वारा स्टॉप वर्क का नोटिस जारी किया गया है। इसी तरह की कार्रवाई बीकेसी, बांद्रा-पूर्व और सांताक्रूज-पूर्व में ४० निजी निर्माण स्थलों के खिलाफ भी की गई है। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) ने भी एचसीसी, एलएंटी और नागार्जुन जैसी विभिन्न निर्माण कंपनियों के १४ तैयार मिश्रित कंक्रीट (आरएमसी) संयंत्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।</p>
<p>इन बड़ी कंपनियों द्वारा शहर के कई बड़े प्रोजेक्टों पर काम किए जा रहे हैं। कोस्टल रोड, मेट्रो कॉरिडोर और मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक (एमटीएचएल) को भी इसी तरह के उल्लंघन के लिए दोषी ठहराया गया है। जे. कुमार इंप्रफप्रोजेक्ट्स, कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज लाइन का निर्माण कर रहा है, जिसका मिड सेक्शन टर्मिनल स्टेशन बीकेसी में आईटीओ जंक्शन के पास बनेगा। एक अधिकारी ने कहा कि साइट पर बैरिकेडिंग नहीं की गई थी, तिरपाल, हरे कपड़े, जूट की चादर से ढका नहीं गया था। इसके अलावा श्रमिकों को मास्क भी नहीं दिए गए थे।</p>
<p>बीकेसी में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय बना है, क्योंकि यहां बुलेट ट्रेन टर्मिनस का निर्माण भी चल रहा है। एच-ईस्ट वॉर्ड के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने बुलेट ट्रेन अधिकारियों के साथ भी बैठकें की हैं और उन्हें पॉल्यूशन के उपायों के बारे में बताया है। एमपीसीबी द्वारा जिन आरएमसी को नोटिस जारी किया गया था, वे एचसीसी, नागार्जुन, एलएंटी, आईटीडी सीमेंटेशन, एपको, एनसीसी और अहलूवालिया जैसी प्रमुख इंप्रâा कंपनियों और उनके भागीदारों से संबंधित हैं। इन कंपनियों को सड़क, मेट्रो और एमटीएचएल परियोजनाओं के लिए बीएमसी और एमएमआरडीए जैसी एजेंसियों द्वारा डेवलपर्स के रूप में नियुक्त किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/25823/the-environment-in-mumbai-is-getting-worse-due-to-pollution----municipal-corporation-issued-stop-work-notice-for-the-works-of-metro-3</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Nov 2023 11:25:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सरकार ने मेट्रो-३ के लिए और १७७ पेड़ों को काटने की मांगी अनुमति ...</title>
                                    <description><![CDATA[विकास के नाम पर भाजपा प्रकृति के विनाश से भी पीछे नहीं हटती। ऐसा ही मामला आरे कारशेड का है। मुंबई के बीच बसे इस हरे-भरे वन को नष्ट करने का काम किया जा रहा है। इसी क्रम में आरे कारशेड में ८० पेड़ों की बलि लेने के बाद अब राज्य सरकार ने मेट्रो-३ लाइन के लिए और १७७ पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/17271/government-seeks-permission-to-cut-177-more-trees-for-metro-3"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-01/tree-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई : </strong>विकास के नाम पर भाजपा प्रकृति के विनाश से भी पीछे नहीं हटती। ऐसा ही मामला आरे कारशेड का है। मुंबई के बीच बसे इस हरे-भरे वन को नष्ट करने का काम किया जा रहा है। इसी क्रम में आरे कारशेड में ८० पेड़ों की बलि लेने के बाद अब राज्य सरकार ने मेट्रो-३ लाइन के लिए और १७७ पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, इसे लेकर पर्यावरणविदों ने आरोप लगाया है कि सरकार की तरफ से मुंबई के फेफड़े आरे में कारशेड के लिए एक भी पेड़ों की बलि न दिए जाने का आश्वासन दिया था, जो पूरी तरह से झूठ साबित हो रहा है। इसके अलावा उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि सरकार की तरफ से यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि काटे गए पेड़ों के बदले नए पौधों का रोपण कहां किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि दुनिया में तापमान बढ़ रहा है। मौसम भी अब आंख-मिचौली खेल रहा है। इसके पीछे की वजह पर्यावरण के साथ खिलवाड़ और जंगलों को बर्बाद करना बताया गया है। हालांकि, इसे गंभीरता से लेते हुए महाविकास आघाड़ी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान जंगल को काटकर विकास करना मुनासिब नहीं समझा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसीलिए तत्कालीन सरकार ने आरे को जंगल घोषित कर दिया था। साथ ही यहां प्रस्तावित मेट्रो कारशेड को कांजूरमार्ग में स्थानांतरित कर दिया था। हालांकि, राज्य में जैसे ही ‘ईडी’ सरकार सत्ता में आई, महाविकास आघाड़ी सरकार के इस पैâसले को पलटते हुए वह कारशेड को फिर से आरे कालोनी में ले गई। हालांकि, तमाम पर्यावरण प्रेमी संगठन इसका लगातार विरोध करते हुए आंदोलन करते आ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शहर के पर्यावरण प्रेमी व आरे संरक्षण समूह के सदस्य जोरू भथेना ने आरोप लगाया कि आरे कॉलोनी में मेट्रो-३ कारशेड के लिए पेड़ों को काटने का एक लंबा और स्वैंâडल वाला इतिहास रहा है। उन्होंने बताया कि साल २०१४ में सरकार ने मुंबई हाईकोर्ट को बताया था कि केवल २५० पेड़ काटे जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, साल २०१५ में सरकार की अपनी तकनीकी समिति ने सिफारिश की कि केवल ५०० पेड़ों को काटा जाना चाहिए। साल २०१८-१९ तक ये संख्या बढ़कर ३,००० हो गई। अक्टूबर २०१९ में सरकार ने झूठा दावा किया था कि सभी ३,००० पेड़ों को काट दिया गया है और अब एक भी पेड़ को काटने की जरूरत नहीं है। फिलहाल, बाद में काम रोक दिया गया और जंगल का कायाकल्प हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/17271/government-seeks-permission-to-cut-177-more-trees-for-metro-3</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Jan 2023 12:28:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज मेट्रो-३ का काम ९८.९ फीसदी बनकर तैयार...</title>
                                    <description><![CDATA[ कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज मेट्रो-३ अंडर ग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर टनल निर्माण का काम ९८.९ फीसदी बनकर तैयार हो गया है। साथ ही पूरे प्रोजेक्ट की बात करें तो मेट्रो-३ परियोजना करीब ७५ फीसदी पूरी हो गई है। ऐसे में अंडर ग्राउंड टनल में ४० फीसदी ट्रैक बिछाने का काम भी पूरा हो गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/13021/colaba-bandra-seepz-metro-3-work-is-98-9-percent-ready"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-08/download-(2)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बांद्रा : </strong>कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज मेट्रो-३ अंडर ग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर टनल निर्माण का काम ९८.९ फीसदी बनकर तैयार हो गया है। साथ ही पूरे प्रोजेक्ट की बात करें तो मेट्रो-३ परियोजना करीब ७५ फीसदी पूरी हो गई है। ऐसे में अंडर ग्राउंड टनल में ४० फीसदी ट्रैक बिछाने का काम भी पूरा हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">टनल का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के चलते अब इस रूट पर मौजूद सड़कों पर बैरिकेड हटाने का काम भी जल्द ही शुरू होनेवाला है। इससे राहगीरों सहित वाहन चालकों को जल्द राहत मिलेगी। एमएमआरसीएल ने अक्टूबर से सड़कों पर रखे बैरिकेड्स हटाने का निर्णय लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">दिसंबर २०२२ के अंत तक सभी बैरिकेड्स हटा लिए जाएंगे। गौरतलब है कि अंडर ग्राउंड मेट्रो का टनल ९८.९ फीसदी तैयार हो चुका है। २०१६ से कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। मुंबई की पहली भूमिगत मेट्रो कई अहम सड़कों के नीचे से गुजर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">३३.५ किमी लंबे कॉरिडोर के लिए २६ भूमिगत स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। किंतु   मुंबई की ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए बन रही मेट्रो की यह लाइन हजारों वाहन चालकों के लिए छह वर्षों से परेशानी का सबब बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मेट्रो स्टेशन व भूमिगत मार्ग तैयार करने के लिए मुंबई शहर से लेकर उपनगर तक की सड़कों पर सैकड़ों बैरिकेड्स रखे गए हैं। मेट्रो साइट के करीब बैरिकेडिंग होने के कारण कई स्थानों पर दो से चार लेन की सड़कें सिंगल लेन में परिवर्तित हो गई हैं, जिससे बोतल नेक की परेशानी का सामना वाहन चालकों को लंबे समय से करना पड़ रहा है। मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य ७५ फीसदी पूरा हो गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एमएमआरसीएल की एमडी अश्विनी भिड़े के अनुसार कॉरिडोर का सिविल वर्क  अंतिम चरण के करीब पहुंच गया है। चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर रखे बैरिकेड्स को हटाने की योजना तैयार कर ली गई है। अक्टूबर से सड़कों से बैरिकेड्स हटने शुरू हो जाएंगे। दिसंबर तक पूरे कॉरिडोर के मार्ग से सभी बैरिकेड्स को हटा लिया जाएगा। कॉरिडोर के मार्ग में बन रही अंतिम टनल तैयार करने का काम सितंबर या अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस महीने के अंत से कॉरिडोर के पहले फेस के रूट पर ट्रायल रन शुरू हो जाएगा। एमएमआरसीएल ने पहले फेस में सीप्ज से बीकेसी के बीच सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। ट्रायल रन की शुरुआत ३ किमी के रूट यानी सरीपुत नगर से मरोल नाका के बीच होगी, धीरे-धीरे ट्रायल रन के रूट में बढ़ोतरी की जाएगी। मेट्रो को ट्रैक पर दौडने के लिए सभी आठ डिब्बों को जोड़ने का काम पूरा कर लिया गया है, मौजूदा समय में ट्रेन में उपकरण लगाने का काम किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Aug 2022 15:56:37 +0530</pubDate>
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