<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/6104/western" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>western - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/6104/rss</link>
                <description>western RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई :वेस्टर्न रेलवे का बड़ा बदलाव: ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन रोल आम लोगों के लिए खुला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम और अपनी तरह का पहला कदम उठाया है। अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन फैसिलिटेटर का रोल आम नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया है। इस फैसले के साथ वह पुरानी व्यवस्था खत्म हो गई है, जिसमें यह जिम्मेदारी केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50514/mumbai-western-railways-big-change-automatic-ticket-vending-machine-roll"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/untitled-design-2026-02-03t145139.716-1280x720.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम और अपनी तरह का पहला कदम उठाया है। अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन फैसिलिटेटर का रोल आम नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया है। इस फैसले के साथ वह पुरानी व्यवस्था खत्म हो गई है, जिसमें यह जिम्मेदारी केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय को स्टेशन पर टिकटिंग व्यवस्था को अधिक सरल और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे यात्रियों को अनरिज़र्व्ड सबअर्बन टिकट लेने में आसानी होगी और सेल्फ-टिकटिंग सिस्टम के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p> </p>
<p>वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम और अपनी तरह का पहला कदम उठाया है। अब ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन फैसिलिटेटर का रोल आम नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया है। इस फैसले के साथ वह पुरानी व्यवस्था खत्म हो गई है, जिसमें यह जिम्मेदारी केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी। रेलवे प्रशासन के इस निर्णय को स्टेशन पर टिकटिंग व्यवस्था को अधिक सरल और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे यात्रियों को अनरिज़र्व्ड सबअर्बन टिकट लेने में आसानी होगी और सेल्फ-टिकटिंग सिस्टम के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p>इस नई व्यवस्था के तहत अब आम नागरिक भी इस भूमिका के लिए आवेदन कर सकते हैं। वेस्टर्न रेलवे ने स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कोई भी स्थानीय निवासी, जिसने कम से कम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो, इस पद के लिए पात्र होगा। इससे पहले तक यह सुविधा केवल रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों तक सीमित थी। लेकिन अब इसे व्यापक रूप देते हुए आम जनता को भी इस प्रणाली में शामिल किया गया है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।</p>
<p>रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को डिजिटल टिकटिंग सिस्टम से जोड़ना और स्टेशनों पर भीड़ को कम करना है। ATVM फैसिलिटेटर यात्रियों को मशीनों के उपयोग में मदद करेंगे, खासकर उन लोगों को जिन्हें डिजिटल सिस्टम का कम अनुभव है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल टिकटिंग प्रक्रिया को आसान बनाएगा, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर कार्यक्षमता भी बढ़ाएगा। इसके साथ ही यह डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूती देगा, क्योंकि इससे अधिक लोग स्वचालित टिकटिंग सिस्टम की ओर प्रेरित होंगे।</p>
<p>चर्चगेट-दहानू कॉरिडोर जैसे व्यस्त सबअर्बन रूट पर इस व्यवस्था से यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। कुल मिलाकर, वेस्टर्न रेलवे का यह निर्णय पारंपरिक टिकटिंग व्यवस्था से डिजिटल और सहयोगी मॉडल की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों को फायदा होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50514/mumbai-western-railways-big-change-automatic-ticket-vending-machine-roll</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50514/mumbai-western-railways-big-change-automatic-ticket-vending-machine-roll</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 13:38:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/untitled-design-2026-02-03t145139.716-1280x720.jpg"                         length="157767"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: पश्चिम रेलवे के 80 फीसदी कोच में नहीं हैं सीसीटीवी, लोकल के डिब्बों में टॉकबैक तो लगे, ज्यादातर हैं खराब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लोकल ट्रेन में हुए मर्डर के बाद यात्री सुरक्षा का विषय एक बार फिर से गरमा गया है। करीब 30 लाख यात्री प्रतिदिन लोकल से यात्रा करते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा आज एक बड़ा विषय बन चुका है। इसी कड़ी में महिलाओं की सुरक्षा को समझने के लिए एनबीटी की प्रतिनिधि ने स्वयं महिलाओं के डिब्बे में यात्रा कर टॉक बैक सिस्टम का जायजा लिया। यह चेकिंग 5 ट्रेनों में की गई, जिनमे से 3 ट्रेनों में कोई रिप्लाई नहीं आया, 1 ट्रेन में रिप्लाई आया पर कुछ मदद नहीं मिली। वही 1 लोकल में रिप्लाई के साथ -साथ मदद भी मिली। इसी के साथ ही करीब 80% लोकल के डिब्बों में (जनरल और महिला) में सीसीटीवी भी नहीं लगे है। </p><p><br /></p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50400/80-percent-coaches-of-western-railways-do-not-have-cctv"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/cameras-to-keep-eye-on_d.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:  </strong>लोकल ट्रेन में हुए मर्डर के बाद यात्री सुरक्षा का विषय एक बार फिर से गरमा गया है। करीब 30 लाख यात्री प्रतिदिन लोकल से यात्रा करते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा आज एक बड़ा विषय बन चुका है। इसी कड़ी में महिलाओं की सुरक्षा को समझने के लिए एनबीटी की प्रतिनिधि ने स्वयं महिलाओं के डिब्बे में यात्रा कर टॉक बैक सिस्टम का जायजा लिया। यह चेकिंग 5 ट्रेनों में की गई, जिनमे से 3 ट्रेनों में कोई रिप्लाई नहीं आया, 1 ट्रेन में रिप्लाई आया पर कुछ मदद नहीं मिली। वही 1 लोकल में रिप्लाई के साथ -साथ मदद भी मिली। इसी के साथ ही करीब 80% लोकल के डिब्बों में (जनरल और महिला) में सीसीटीवी भी नहीं लगे है। <br /><strong></strong></p><p><strong><br /></strong></p><p><strong>1. 60 % टॉकबैक नहीं किया काम </strong><br />चर्चगेट से विरार जाने वाली ट्रेन शामिल: शाम के समय चर्चगेट से रवाना होने वाली 5: 12 की विरार फ़ास्ट में चढ़ने के बाद जांच के लिए टॉक बैक पर लगातार क्लिक करके मदद मांगी गई। लेकिन गॉर्ड की तरफ से मुंबई सेंट्रल आने तक कोई रिप्लाई नहीं किया गया - ऐसा ही 2 और लोकल में देखा गया। जहां मदद के तौर कोई हेल्प नहीं मिली। यहां तक की 'टॉक' का लाइट भी नहीं जल रहा था।<br /><strong></strong></p><p><strong>2. टॉकबैक पर गार्ड ने किया कनेक्ट</strong><br />रात 9 बजे का समय था। एसी लोकल चर्चगेट से रवाना हुई। इसी दौरान करीब चरनी रोड के एक मेंटली इल औरत ने ट्रेन में दस्तक दी। सभी महिलाओं को परेशान करने लगी। इस दौरान मुंबई सेंट्रल में टॉक बेक सिस्टम पर क्लिक कर जानकारी दी गई। तुरंत किसी का रिप्लाई नहीं आया, लेकिन दादर स्टेशन पर एक गार्ड की आवाज आई, क्या हुआ - उत्तर में सभी जवाब दिए गए। हालांकि मदद के रूप में कोई नहीं आया। यानी 20 फीसदी ऐसे मामले मिले।<br /><strong></strong></p><p><strong>3. 20% टॉक बैक ने किया काम, मिली मदद</strong><br />शाम की मलाड से चर्चगेट आ रही फास्ट लोकल में टॉक बैक ने किया काम साथ ही जरूरी मदद भी मिली। पड़ताल के दौरान प्रतिनिधि ने मुंबई सेंट्रल से यह ट्रेन 5 :22 बजे पकड़ी। टॉक बैक पर मदद के लिए जानकारी दी। वहां से रिप्लाई भी आया। गॉर्ड ने जानकारी ली और उसे कंट्रोल रूम तक पहुंचाया। अगले स्टेशन तक मदद मिल गई।<br /><strong></strong></p><p><strong>कैसे करता है टॉक बैक काम </strong><br />पश्चिम रेलवे के गार्ड (ट्रेन मैनेजर)अशोक अवघाड़े ने बताया कि, जब कोई टॉक बैक सिस्टम पर दिए गए बटन पर क्लिक करता है, तब गौरब केबिन में एक अलार्म बजता है और लाइट दिखती है। गॉर्ड भी अपने सिस्टम से यात्री से कनेक्ट करता है। समस्या जानने के बाद सीधे कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जाता है और जीआरपी और आरपीएफ अगले स्टेशन पर मदद के लिए पहुंचती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50400/80-percent-coaches-of-western-railways-do-not-have-cctv</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50400/80-percent-coaches-of-western-railways-do-not-have-cctv</guid>
                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 11:04:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/cameras-to-keep-eye-on_d.webp"                         length="75754"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : इस महीने बढ़ जाएगी वेस्टर्न रेलवे पर 17-15 डिब्बों की लोकल सर्विस, मई तक 15 डिब्बों के 250 सर्विस का आकड़ा होगा पार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सबअर्बन ट्रेनों में भीड़ कम करने के मकसद से, पश्चिम रेलवे अप्रैल के बीच से 17 नई 15-कोच वाली सबअर्बन सर्विस शुरू करेगा, जो मौजूदा 12-कोच के रूप में चलती है । मुंबई सेंट्रल डिवीज़न के डीआरएम पंकज सिंह ने कहा कि 12-कोच से 15-कोच वाली सर्विस में बदलने से सबअर्बन नेटवर्क पर पैसेंजर कैपेसिटी काफी बढ़ जाएगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48956/mumbai-local-service-of-17-15-coaches-on-western-railway-will"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(8).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>सबअर्बन ट्रेनों में भीड़ कम करने के मकसद से, पश्चिम रेलवे अप्रैल के बीच से 17 नई 15-कोच वाली सबअर्बन सर्विस शुरू करेगा, जो मौजूदा 12-कोच के रूप में चलती है । मुंबई सेंट्रल डिवीज़न के डीआरएम पंकज सिंह ने कहा कि 12-कोच से 15-कोच वाली सर्विस में बदलने से सबअर्बन नेटवर्क पर पैसेंजर कैपेसिटी काफी बढ़ जाएगी। आकड़ों में देखे तो लगभग 33 प्रतिशत तक कैरीइंग कैपेसिटी बढ़ जाएगी, जिससे कुछ सबसे बिज़ी रूट पर पीक-आवर में भीड़ कम होने की उम्मीद है। अप्रैल के मध्य तक 1 5 डिब्बों वाली लोकल की संख्या 227 से बढ़कर 247 हो जाएगी। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि मई महीने तक 15 डिब्बों की लोकल सर्विस का आकड़ा 250 के पार हो जाएगा</p>
<p> </p>
<p><strong>1,414 सबअर्बन सर्विस चलाता है वेस्टर्न रेलवे</strong><br />बता दें कि पश्चिम रेलवे अभी कुल 1,414 सबअर्बन सर्विस चलाता है। इनमें से 1,203 सर्विस 12-कोच वाली हैं, जिनमें 1,070 नॉन-एसी और 133 एसी लोकल की सर्विस शामिल हैं। बाकी 211 रेक पहले से ही 15-कोच वाली नॉन-एसी ट्रेनों के तौर पर चल रही हैं। 17 और 15-कार सर्विस जुड़ने से, नेटवर्क पर ज़्यादा कैपेसिटी वाली ट्रेनों की संख्या और बढ़ जाएगी। वेस्टर्न रेलवे पिछले कुछ सालों से सबअर्बन पैसेंजर की बढ़ती डिमांड को संभालने के लिए धीरे-धीरे 15-कार सर्विस की संख्या बढ़ा रहा है। भविष्य में ऐसे और कन्वर्ज़न की उम्मीद है क्योंकि सबअर्बन सेक्शन में इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और प्लेटफॉर्म एक्सटेंशन का काम पूरा हो जाएगा।</p>
<p><strong>अहम प्वाइंट</strong><br />नई 15-कोच सर्विस: 17<br />कैपेसिटी में बढ़ोतरी: 33%<br />कुल सबअर्बन सर्विस : 1,414<br />12-कार वाली सर्विस: 1,203<br />नॉन-एसी सर्विस: 1,070<br />एसी सर्विस : 133<br />15-कार वाली ट्रेनें (नॉन-एसी सर्विस ): 211</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48956/mumbai-local-service-of-17-15-coaches-on-western-railway-will</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48956/mumbai-local-service-of-17-15-coaches-on-western-railway-will</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 16:45:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download-%288%29.jpg"                         length="14851"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : नई ट्रेनें चलाने का खुलेगा रास्ता, करी रोड में बनेगा वेस्टर्न रेलवे का नया डिपो</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शहर में रेलवे सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मध्य रेलवे के कर्री रोड डिपो , जो लोअर परेल स्टेशन के पास स्थित है, को अब पश्चिम रेलवे की ओर से नए कोचिंग फैसिलिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत करीब 98 करोड़ रुपये है। मिली जानकारी के अनुसार, पिट लाइन के निर्माण कार्य को 31 मार्च 2026 को मंजूरी दी गई है और इसे लगभग 15 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं स्टेबलिंग लाइनों के निर्माण को भी मंजूरी प्रक्रिया में रखा गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48947/mumbai-will-open-the-way-for-running-new-trains-a"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(5).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>शहर में रेलवे सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मध्य रेलवे के कर्री रोड डिपो , जो लोअर परेल स्टेशन के पास स्थित है, को अब पश्चिम रेलवे की ओर से नए कोचिंग फैसिलिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत करीब 98 करोड़ रुपये है। मिली जानकारी के अनुसार, पिट लाइन के निर्माण कार्य को 31 मार्च 2026 को मंजूरी दी गई है और इसे लगभग 15 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं स्टेबलिंग लाइनों के निर्माण को भी मंजूरी प्रक्रिया में रखा गया है।</p>
<p> </p>
<p><strong>चल सकेंगी नई ट्रेन</strong><br />इस नए डिपो में 2 पिट लाइन और 7 स्टेबलिंग लाइन बनाई जाएंगी। पिट लाइन वह जगह होती है जहां ट्रेनों की सफाई और मेंटेनेंस किया जाता है, जबकि स्टेबलिंग लाइन में ट्रेनों को खड़ा किया जाता है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दादर और मुंबई सेंट्रल से नई लंबी दूरी की ट्रेनों की शुरुआत आसान हो जाएगी, जिससे यात्रियों को अधिक विकल्प और बेहतर सुविधा मिल सकेगी। एक नई स्टेट-ऑफ-द-आर्ट कोचिंग फैसिलिटी बनने से भविष्य की रेलवे सेवाओं को बड़ा सपोर्ट मिलेगा।</p>
<p><strong>2 टर्मिनलों की जरूरतों को करेगा पूरा</strong><br />वर्तमान मे दादर में नई पिट लाइन बनाने के लिए जगह नहीं है और मुंबई सेंट्रल पर पहले से ही काफी दबाव है। इसी कारण नई ट्रेनों की शुरुआत में दिक्कत आ रही थी। हालांकि अब इस फैसिलिटी के शुरू होने के बाद यह समस्या कम होने की उम्मीद लगाई जा रही है। लोअर परेल का यह नया कोचिंग डिपो रणनीतिक रूप से काफी अहम है। यह डिपो दादर से करीब 2.5 किलोमीटर और मुंबई सेंट्रल से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे यह दोनों टर्मिनलों की जरूरतों को पूरा करेगा।</p>
<p><strong>अहम पॉइंट</strong><br />- 31 मार्च 2026 को पिट लाइन बनाने का काम को मिली मंजूरी<br />- 15 महीनों में काम पूरा करने का लक्ष्य<br />- 2 नई पिट लाइन और 7 स्टेबलिंग लाइन बनाई जाएंगी।<br />- दादर से दूरी : 2.5 किमी<br />- मुंबई सेंट्रल से दूरी : 2 किमी<br />- आसान होगा ट्रेनों की सफाई, मेंटेनेंस और पार्किंग का काम</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48947/mumbai-will-open-the-way-for-running-new-trains-a</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48947/mumbai-will-open-the-way-for-running-new-trains-a</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:26:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download-%285%29.jpg"                         length="13186"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        