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                <title>cases - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई में डेंगू-स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़े; बारिश के साथ बढ़ा बीमारियों का खतरा! </title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश भर में मानसून ने अपना आगमन शुरू कर दिया है, लेकिन मुंबई में इसका असर कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है. मुंबई में लगातार धाराधार बारिश की खबरें सामने आती जा रही हैं. यह परेशानी अभी खत्म हुई नहीं थी कि अब नई परेशानी ने अपना आगमन दे दिया है.  वह है डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा, जो फिर से बढ़ गया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50772/dengue-swine-flu-cases-increase-rapidly-in-mumbai-risk-of-diseases"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-16t115328.442.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश भर में मानसून ने अपना आगमन शुरू कर दिया है, लेकिन मुंबई में इसका असर कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है. मुंबई में लगातार धाराधार बारिश की खबरें सामने आती जा रही हैं. यह परेशानी अभी खत्म हुई नहीं थी कि अब नई परेशानी ने अपना आगमन दे दिया है.  वह है डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस और स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों का खतरा, जो फिर से बढ़ गया है.  इसका कारण साफ है कि शहर भर में भारी बारिश के कारण जगह-जगह पानी और गंदगी का इकट्ठा हो जाना. यही वजह है कि इन बीमारियों के मामले बढ़ने लगे हैं. ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि इन बीमारियों से खुद को और अपने परिवार को कैसे सुरक्षित रखा जाए. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी.</p>
<p> </p>
<p><strong>मुंबई में क्यों बढ़ रहा है बीमारियों का खतरा?</strong><br />मुंबई में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसके कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक जमे हुए पानी में चलने से लोगों के बीच लेप्टोस्पायरोसिस होने का खतरा ज्यादा होता है, खासकर तब अगर उनके शरीर पर कट, घाव या मामूली खरोंच हो. यही वजह है कि हाल ही में बीएमसी ने चेतावनी देते हुए लोगों से अपील की है कि वे इन बीमारियों से खुद को बचाएं.</p>
<p>इस बात को गंभीरता से लेने के पीछे इसके बढ़ते आंकड़े हैं.  बता दें कि पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार जुलाई के आखिरी हफ्तों में डेंगू के मामलों में करीब 58 प्रतिशत और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में करीब 79 प्रतिशत तक की तेज बढ़ोतरी देखी गई थी. इस साल भी मानसून के दौरान ऐसे ही हालात बनने का खतरा बना हुआ है.</p>
<p><strong>बीएमसी की तैयारी और सावधानी की सलाह</strong><br />बीएमसी ने लोगों को सतर्क रहने के साथ-साथ मानसून से पहले ही इस समस्या से निपटने के लिए बड़ा अभियान शुरू कर दिया था.  जिसमें निगम के कीटनाशक विभाग ने कुछ महीनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में हजारों बार दौरा किया और 30 लाख से ज्यादा घरों के आसपास फॉगिंग करवाई, ताकि मच्छरों के पैदा होने की जगहों को खत्म किया जा सके.</p>
<p>इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि जो लोग जमा हुए बारिश के पानी या कीचड़ से होकर गुजरे हैं, वे 24 से 72 घंटों के भीतर डॉक्टर की सलाह लें. साथ ही विभाग ने यह भी कहा कि मानसून के मौसम में बुखार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे में उन्हें घरेलू उपाय करने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Jul 2026 11:54:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : नेशनल लोक अदालत 9 मई को होगी, कई लंबित मामलों का होगा समाधान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के सभी अधीनस्थ न्यायालयों से लेकर उच्च न्यायालय तक शनिवार 09 मई 2026 को द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों को आपसी सुलह और समझौते के आधार पर निपटाया जाएगा।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49581/new-delhi-national-lok-adalat-will-be-held-on-9th"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/image-7-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली :</strong> राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के सभी अधीनस्थ न्यायालयों से लेकर उच्च न्यायालय तक शनिवार 09 मई 2026 को द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों को आपसी सुलह और समझौते के आधार पर निपटाया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों को कोर्ट की ओर से मध्यस्थता और सूचना जारी की जा रही है, ताकि वे इस अवसर का लाभ लेकर अपने विवादों का<br />समाधान कर सकें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक जानकारी के लिए कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इस लोक अदालत में राजस्व विभाग, कलेक्टर, अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार न्यायालयों के मामले, बैंक रिकवरी से जुड़े प्री-लिटिगेशन प्रकरण, चेक बाउंस मामले, मोटर वाहन अधिनियम के केस, परिवार न्यायालय के विवाद, श्रमिक विवाद, जमीन विवाद, बिजली बिल, जलकर, संपत्ति कर, टेलीफोन बिल और अन्य विभागों के लंबित बिल एवं जुर्माने से संबंधित मामलों का समाधान किया जाएगा।</p>
<p>पुलिस, नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत, बीएसएनएल और विद्युत विभाग से जुड़े मामलों को भी इस लोक अदालत में शामिल किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का तेजी से निपटारा करना और पक्षकारों को आपसी समझौते के माध्यम से राहत देना है। लोक अदालत में दांडिक राजीनामा योग्य प्रकरणों को भी शामिल किया गया है, जिससे लोगों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिल सके। पक्षकारों को एक ही स्थान पर सभी संबंधित विभागों के मामलों के समाधान का अवसर मिलेगा।</p>
<p>यह व्यवस्था न्याय प्रणाली को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस अवसर पर संबंधित विभागों और न्यायालयों में सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा किया जा सके और लोगों को न्याय शीघ्र मिल सके। लोक अदालत में भाग लेकर नागरिक अपने विवादों को बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया के समाप्त कर सकते हैं और बकाया बिलों एवं जुर्मानों से राहत प्राप्त कर सकते हैं।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49581/new-delhi-national-lok-adalat-will-be-held-on-9th</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 19:42:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सड़क हादसा मामलों में तेज न्याय के लिए ट्रिब्यूनल पर विचार की सलाह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजा मिलने में होने वाली लंबी देरी पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से एक विशेष अपील ट्रिब्यूनल बनाने पर विचार करने को कहा है। अदालत ने कहा कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम मामलों के तेजी से निपटारे के लिए एक मजबूत और प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि पीड़ितों को वर्षों तक इंतजार न करना पड़े।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49458/advice-to-consider-tribunal-for-speedy-justice-in-mumbai-road"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-24t183808.841.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजा मिलने में होने वाली लंबी देरी पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से एक विशेष अपील ट्रिब्यूनल बनाने पर विचार करने को कहा है। अदालत ने कहा कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम मामलों के तेजी से निपटारे के लिए एक मजबूत और प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि पीड़ितों को वर्षों तक इंतजार न करना पड़े। यह टिप्पणी जस्टिस जितेंद्र जैन ने एक मामले की सुनवाई के दौरान की, जब उन्होंने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल  द्वारा दिए गए 74,422 रुपये के मुआवजे के खिलाफ द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अपील को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि ऐसे छोटे मुआवजा मामलों में भी वर्षों तक अपील और प्रक्रिया के कारण देरी होना पीड़ितों के लिए न्याय में बाधा बनता है।</p>
<p> </p>
<p>सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में पीड़ित और उनके परिवार पहले ही मानसिक, शारीरिक और आर्थिक नुकसान झेलते हैं, ऐसे में न्याय मिलने में देरी उनकी कठिनाइयों को और बढ़ा देती है। अदालत ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार से सुझाव दिया कि एक विशेष अपील ट्रिब्यूनल बनाया जाए, जो केवल मोटर एक्सीडेंट क्लेम मामलों की सुनवाई करे और उन्हें तेजी से निपटाए। कोर्ट ने यह भी माना कि मौजूदा प्रणाली में कई स्तरों पर अपील की प्रक्रिया होने के कारण मामलों के निपटारे में काफी समय लग जाता है। इसी वजह से पीड़ितों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पाता, जो उनके पुनर्वास के लिए बेहद जरूरी होता है।</p>
<p>इस मामले में इंश्योरेंस कंपनी द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए अदालत ने ट्रिब्यूनल के निर्णय को सही माना और कहा कि मुआवजा तय करने में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है। अदालत की इस टिप्पणी के बाद अब इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि क्या मोटर एक्सीडेंट क्लेम मामलों के लिए अलग से अपील ट्रिब्यूनल बनाना मौजूदा व्यवस्था को बेहतर बना सकता है।</p>
<p>कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसा ट्रिब्यूनल बनता है तो इससे लंबित मामलों की संख्या में कमी आ सकती है और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा। फिलहाल इस सुझाव पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। यह मामला देश में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए न्याय प्रणाली को अधिक तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49458/advice-to-consider-tribunal-for-speedy-justice-in-mumbai-road</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 18:39:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मच्छर जनित बीमारियों का खतरा; डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। मानसून अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन डेंगू और मलेरिया के शुरुआती आंकड़े ही चिंता पैदा करने के लिए काफी हैं। हर साल की तरह इस बार भी प्रशासन की ओर से कई अभियान चलाने और सख्त निगरानी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पिछले वर्षों के आंकड़े और मौजूदा हालात इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते नजर आते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49190/mumbai-is-in-danger-of-mosquito-borne-diseases-increase-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-14t110336.531.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा एक बार फिर तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। मानसून अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन डेंगू और मलेरिया के शुरुआती आंकड़े ही चिंता पैदा करने के लिए काफी हैं। हर साल की तरह इस बार भी प्रशासन की ओर से कई अभियान चलाने और सख्त निगरानी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पिछले वर्षों के आंकड़े और मौजूदा हालात इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते नजर आते हैं। विशेषज्ञों का साफ कहना है कि अगर अभी से ठोस और सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले मानसून में मुंबई को मच्छर जनित बीमारियों के बड़े प्रकोप का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p> </p>
<p><strong>साल की शुरुआत में ही बढ़े मामले</strong><br />मुंबई मनपा और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष २०२६ की शुरुआत से ही डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। सामान्यत: इन बीमारियों के मामले मानसून के दौरान ज्यादा देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार बरसात से पहले ही मरीज सामने आने लगे हैं।<br />.</p>
<p>जनवरी – ७ मार्च २०२६ (मनपा के आंकड़े)<br />मलेरिया- ९१८, इनमें २२२ मामले प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम के।<br />डेंगू- १८२, मामलों में लगातार बढ़ोतरी।<br />चिकनगुनिया- ९, सीमित लेकिन खतरा मौजूद।</p>
<p>हालांकि, राहत की बात यह है कि इस अवधि के दौरान इन बीमारियों से किसी भी मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल शुरुआती संकेत हैं और असली चुनौती मानसून के दौरान सामने आती है।</p>
<p>पांच साल के आंकड़े खोल रहे सच्चाई<br />पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ दिखाई देता है कि मच्छर जनित बीमारियां मुंबई में लगातार गंभीर समस्या बनती जा रही हैं। महामारी के दौरान मामलों में कुछ कमी जरूर आई थी, लेकिन जैसे ही शहर सामान्य स्थिति में लौटा, डेंगू और मलेरिया के मामलों ने फिर से तेजी पकड़ ली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:05:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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