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                <title>Fake - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Fake RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नासिक में नकली नोट छापने वाले रैकेट का भंडाफोड़, बंगले से लाखों के जाली नोट बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के नासिक जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। त्र्यंबकेश्वर तालुका के तलेगांव गांव में एक बंगले से चल रहे नकली नोट छापने के रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। नासिक ग्रामीण पुलिस और नासिक शहर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस अवैध कारोबार का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बंगले के अंदर ही नकली भारतीय मुद्रा तैयार करने की पूरी व्यवस्था कर रखी थी। यहां नोटों की छपाई से लेकर उन्हें तैयार करने तक का काम किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में नकली नोटों के अलावा नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51362/fake-currency-printing-racket-busted-in-nashik-fake-notes-worth"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-14t135319.010.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नासिक:</strong> महाराष्ट्र के नासिक जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। त्र्यंबकेश्वर तालुका के तलेगांव गांव में एक बंगले से चल रहे नकली नोट छापने के रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। नासिक ग्रामीण पुलिस और नासिक शहर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस अवैध कारोबार का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बंगले के अंदर ही नकली भारतीय मुद्रा तैयार करने की पूरी व्यवस्था कर रखी थी। यहां नोटों की छपाई से लेकर उन्हें तैयार करने तक का काम किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में नकली नोटों के अलावा नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की है।</p>
<p> </p>
<p>प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह रैकेट कितने समय से चल रहा था और इसके तार कहां-कहां तक जुड़े हुए हैं। जानकारी के अनुसार, पुलिस को नकली नोटों के कारोबार से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। इसके बाद नासिक ग्रामीण पुलिस और नासिक शहर पुलिस की संयुक्त टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की। टीम ने त्र्यंबकेश्वर तालुका के तलेगांव स्थित उस बंगले पर छापा मारा, जहां नकली नोट तैयार किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।<br />तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में नकली भारतीय नोट मिले। इसके अलावा नोटों की छपाई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे प्रिंटर, कागज, स्याही और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नकली मुद्रा देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा होती है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली नोटों की गुणवत्ता और मात्रा कितनी थी।<br />जांच एजेंसियां अब आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस रैकेट में कितने लोग शामिल थे और नकली नोटों को बाजार में खपाने के लिए किस नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नकली नोटों के कारोबार में अक्सर कई स्तरों पर लोग जुड़े होते हैं। इसमें नोट तैयार करने वाले लोगों से लेकर उन्हें बाजार में चलाने वाले नेटवर्क तक शामिल हो सकते हैं। इसलिए जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p>नासिक पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे लेन-देन के दौरान सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध नोट या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। नकली नोटों के मामलों में जांच के दौरान यह भी देखा जाता है कि आरोपियों ने कौन-कौन से सुरक्षा फीचर्स की नकल करने की कोशिश की। पुलिस बरामद नोटों और उपकरणों की तकनीकी जांच कर रही है।</p>
<p>इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि देश की आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाले ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। नकली मुद्रा तैयार करने और फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही इस मामले में विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 13:54:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वसई : हाईवे पर 1 करोड़ की नकली करेंसी जब्त, एक हिरासत में</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वसई-विरार क्राइम ब्रांच यूनिट 2 ने नकली नोटों की बड़ी खेप पकड़े जाने का दावा किया है। पुलिस ने मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर शिरसाड फाटा के पास एक कार से करीब 1 करोड़ रुपये की संदिग्ध नकली करेंसी बरामद की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51311/fake-currency-worth-rs-1-crore-seized-on-vasai-highway"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-12t103123.877.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वसई-विरार। </strong>वसई-विरार क्राइम ब्रांच यूनिट 2 ने नकली नोटों की बड़ी खेप पकड़े जाने का दावा किया है। पुलिस ने मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर शिरसाड फाटा के पास एक कार से करीब 1 करोड़ रुपये की संदिग्ध नकली करेंसी बरामद की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। बताया जा रहा है कि क्राइम ब्रांच यूनिट 2 को सोमवार को सूचना मिली थी कि एक कार के जरिए बड़ी मात्रा में नकली करेंसी ले जाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई की ओर जाने वाली सड़क पर निगरानी बढ़ाई और शिरसाड फाटा के पास जाल बिछाया। </p>
<p> </p>
<p><strong>सूचना के आधार पर पुलिस ने लगाया नाका</strong><br />पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से मिली जानकारी में एक संदिग्ध चार पहिया वाहन के बारे में जानकारी दी गई थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने हाईवे पर संदिग्ध वाहनों की निगरानी शुरू की। कुछ समय बाद पुलिस को बताए गए हुलिए से मिलता-जुलता वाहन नजर आया। पुलिस टीम ने वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में नोट मिले। प्रारंभिक जांच में इन नोटों के नकली होने का संदेह जताया गया है।<br />इसके बाद वाहन में मौजूद संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया और बरामद नोटों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। </p>
<p><strong>करीब 1 करोड़ रुपये के नोट बरामद</strong><br />पुलिस ने कार से करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य की नकली करेंसी बरामद किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, बरामद नोटों की वास्तविक स्थिति और उनकी गुणवत्ता की विस्तृत पुष्टि संबंधित जांच और विशेषज्ञ परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। नकली नोटों की बरामदगी को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध करेंसी की बरामदगी से इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की संभावना की भी जांच की जा सकती है।फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पास ये नोट कहां से आए और इन्हें किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। हाईवे पर चल रही थी संदिग्ध गतिविधि मुंबई-अहमदाबाद हाईवे मुंबई और गुजरात के बीच एक महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है।</p>
<p>इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन आवाजाही करते हैं। ऐसे में किसी संदिग्ध वाहन पर नजर रखना और उसे रोककर जांच करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण काम होता है। क्राइम ब्रांच को मिली सूचना के आधार पर शिरसाड फाटा के पास की गई कार्रवाई में पुलिस को सफलता मिली। अधिकारियों ने संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली और इसके बाद कथित तौर पर नकली नोटों की खेप बरामद हुई। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि वाहन ने यात्रा कहां से शुरू की थी और उसका अंतिम गंतव्य क्या था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 10:33:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई लोकल में नकली ऐप और एआई से टिकट बनाकर घूम रहे यात्री, टीसी  ने रंगे हाथ पकड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आज के समय में ज्यादातर लोग ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करना ज्यादा पसंद करते हैं. रेलवे भी समय-समय पर अपने यात्रियों को सलाह देता है कि ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए हमेशा आधिकारिक आईआरसीटीसी की वेबसाइट या फिर रेल कनेक्ट ऐप का ही इस्तेमाल करें. इसके बावजूद आज भी कई लोग हैं, जो इंटरनेट पर मिले किसी भी अनजान लिंक से टिकट बुक कर लेते हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51183/passengers-roaming-in-mumbai-local-by-making-tickets-through-fake"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-07t120922.297.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>आज के समय में ज्यादातर लोग ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करना ज्यादा पसंद करते हैं. रेलवे भी समय-समय पर अपने यात्रियों को सलाह देता है कि ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए हमेशा आधिकारिक आईआरसीटीसी की वेबसाइट या फिर रेल कनेक्ट ऐप का ही इस्तेमाल करें. इसके बावजूद आज भी कई लोग हैं, जो इंटरनेट पर मिले किसी भी अनजान लिंक से टिकट बुक कर लेते हैं. </p>
<p> </p>
<p>अगर आप भी ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. हाल ही में एक मामला मुंबई लोकल ट्रेन से सामने आया है, जिसमें एक यात्री फर्जी मोबाइल ऐप से तैयार किए गए टिकट के साथ सफर करता मिला, जिसके बाद टीटीई ने उसे पकड़ लिया. </p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला? </strong><br />रिपोर्ट के मुताबिक, एक यात्री अपनी पत्नी और बेटे के साथ मुंबई एसी लोकल ट्रेन में सफर कर रहा था. वेस्टर्न रेलवे की टिकट चेकिंग के दौरान उसके पास नकली यूटीएस मोबाइल टिकट मिला. जब यात्री ने टीटीई को अपना ई-टिकट दिखाया तो पहले तो उसे यह एक सामान्य ई-टिकट की तरह लगा. लेकिन बाद में टिकट चेकिंग स्टाफ को ऐप का डिजाइन अलग लगा. हालांकि, ऐप को बिल्कुल रेलवन ऐप की तरह ही डिजाइन किया गया था, लेकिन इसके बावजूद टीटीई को उसमें कुछ गड़बड़ी लगी, जिसके बाद उसने टिकट को अच्छे से चेक किया. </p>
<p><strong>जांच में सामने आई टिकट की असलियत  </strong><br />टिकट पर लिखे यूटीएस नंबर की जांच की गई तो पता चला कि वह नंबर पहले जारी किए गए एक सेकंड क्लास का टिकट था और यात्री एसी लोकल का टिकट दिखा रहा था. जब टीटीई ने टिकट से जुड़े अहम सवाल यात्री से पूछे तो उसने बताया कि यह टिकट उसने यूट्यूब पर शेयर किए गए एक लिंक के जरिए एक मोबाइल ऐप डाउनलोड किया था, जिसकी मदद से उसने नकली डिजिटल टिकट तैयार किया. इस मामले की एफआईआर  मुंबई सेंट्रल पुलिस स्टेशन में दर्ज कर दी गई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.  </p>
<p><strong>टिकट में गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई  </strong><br />अगर किसी यात्री के पास फर्जी टिकट या पास मिलता है तो ऐसा करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. <br />फर्जी टिकट मिलने पर यात्री के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है.<br />जांच के दौरान अगर फर्जी टिकट मिलता है तो 2 से 7 साल तक की जेल हो सकती है.<br />रेलवे एक्ट की धारा 137 के तहत जुर्माना भी लगाया जा सकता है.<br />अगर कोई यात्री जुर्माना नहीं भरता है तो उसको जेल की सजा हो सकती है.<br />इसके साथ ही उस यात्री का यूटीएस अकाउंट सस्पेंड और ब्लॉक किया जा सकता है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 12:10:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पश्चिम बंगाल से फर्जी एपीके फाइलों से साइबर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की डीबी मार्ग पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) फाइलों के जरिए अंतरराज्यीय साइबर अपराध करने वाले आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया। आरोपी ने महानगर गैस के नाम पर नकली एपीके फाइल के जरिए लोगों से लगभग 63 करोड़ रुपए की ठगी की। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से 10 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 7 सिम कार्ड, 4 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, 37,200 लोगों की बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी के डेटाबेस आदि जब्त किए हैं। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51045/big-action-by-mumbai-police-cyber-fraudster-arrested-through-fake"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-30t115747.808.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई की डीबी मार्ग पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) फाइलों के जरिए अंतरराज्यीय साइबर अपराध करने वाले आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया। आरोपी ने महानगर गैस के नाम पर नकली एपीके फाइल के जरिए लोगों से लगभग 63 करोड़ रुपए की ठगी की। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से 10 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 7 सिम कार्ड, 4 क्रेडिट/डेबिट कार्ड, 37,200 लोगों की बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी के डेटाबेस आदि जब्त किए हैं। </p>
<p> </p>
<p>मुंबई की डीबी मार्ग पुलिस ने यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की, जहां शिकायत मिली थी कि महानगर गैस लिमिटेड के नाम से नकली मैसेज भेजकर महानगर गैस की नकली एपीके फाइल इंस्टॉल करने के लिए मजबूर किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस नकली एपीके फाइल के जरिए मोबाइल में मौजूद बैंकिंग की गोपनीय जानकारी चोरी करके 70,500 रुपए की आर्थिक धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसके आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वहीं, पुलिस की ओर से मामले से जुड़ी आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।<br />बता दें कि साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का एक दूसरा मामला मंगलवार को नई दिल्ली से सामने आया, जहां संगठित साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन ने एक 'म्यूल अकाउंट सिंडिकेट' का भंडाफोड़ किया। यह गिरोह देश और विदेश में सक्रिय साइबर अपराधियों को कंपनियों के बैंक खाते उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और दूसरे साइबर अपराधों में किया जाता था।</p>
<p>यह रैकेट पिछले तीन-चार वर्ष से सक्रिय था। इस दौरान देशभर में ठगी से जुड़े सैकड़ों बैंक खातों के जरिए 70 करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन में अपराधियों की मदद की गई। इस कार्रवाई में गिरोह के छह मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इनमें सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक का एक ब्रांच मैनेजर भी शामिल है। इसके अलावा, इंडसइंड बैंक से जुड़े चार अधिकारियों और सहयोगियों को भी पकड़ा गया और मुचलका भरवाया गया। इन पर 'नो योर कस्टमर' (केवाईसी) नियमों की अनदेखी कर फर्जी बैंक खाते खुलवाने में मदद करने का आरोप है। जांच के दौरान पुलिस ने 248 बैंक अकाउंट किट, 38 सिम कार्ड, 22 मोबाइल, 28 फर्जी कंपनियों की रबर स्टैंप, 55 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 1 लाख रुपए नकद और एक कार बरामद की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 11:58:38 +0530</pubDate>
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