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                <title>failed - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>failed RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई में महिला ने घर में दिया प्रीमैच्योर बच्चे को जन्म, टाइम पर नहीं पहुंची एम्बुलेंस; बेडशीट में लिटाकर पहुंचाया अस्पताल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कुर्ला में एक महिला ने घर पर प्रीमैच्योर बच्चे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद ब्लडिंग शुरू होने पर उन्हें 108 एम्बुलेंस का इंतजार करना पड़ा। परिवार का आरोप है कि बार-बार कॉल करने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं आई, जबकि पास के एक सरकारी मैटकनिटी होम ने उन्हें महिला को अस्पताल लाने की सलाह दी। समय पर मदद न मिलने के कारण, पड़ोसियों ने बेडशीट की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। शहर में इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के रिस्पॉन्स पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51789/in-mumbai-a-woman-gave-birth-to-a-premature-baby"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/new-born-baby-1789047836522.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>कुर्ला में एक महिला ने घर पर प्रीमैच्योर बच्चे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद ब्लडिंग शुरू होने पर उन्हें 108 एम्बुलेंस का इंतजार करना पड़ा। परिवार का आरोप है कि बार-बार कॉल करने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं आई, जबकि पास के एक सरकारी मैटकनिटी होम ने उन्हें महिला को अस्पताल लाने की सलाह दी। समय पर मदद न मिलने के कारण, पड़ोसियों ने बेडशीट की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। शहर में इमरजेंसी मेडिकल सर्विस के रिस्पॉन्स पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p> </p>
<p>परिवार के अनुसार, अंजलि पवार को अचानक लेबर पेन शुरू हुआ और उन्होंने घर पर ही बच्चे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद उन्हें तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत थी और ब्लीडिंग भी हो रही थी। उनकी हालत को देखते हुए परिवार ने उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए 108 एम्बुलेंस से सर्विस से संपर्क किया। हालांकि, पड़ोसी और पवार के खुद को भाई बताने वाले मयंक सोलंकी मे आरोप लगाया कि काफी देर इंजजार करने के बावजूद एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची।</p>
<p><strong>परिवार ने तुरंत मेडिकल मदद मांगी</strong><br />हालात गंभीर होते देख, सोलंकी ने महिला के घर से करीब दो मिनट की दूरी पर स्थित सरकारी डॉ. आनंदी बाई जोशी मैटरनिटी होम से संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर से घर आकर महिला की ब्लीडिंग रोकने के लिए तुरंत मदद करने का अनुरोध किया।</p>
<p>सोलंकी के अनुसार, डॉक्टर ने उनसे कहा कि मेडिकल स्टाफ को अस्पताल परिसर से बाहर जाने की इजाजत नहीं है और परिवार को महिला को अस्पताल लाने की सलाह दी। एम्बुलेंस के अभी भी न आने पर, परिवार ने मदद के लिए पास की पुलिस चौकी से संपर्क किया। सोलंकी का दावा है कि उन्हें वहां भी तुरंत मदद नहीं मिली।</p>
<p><strong>बेडशीट की मदद से महिला को पहुंचाया अस्पताल</strong><br />कोई और विकल्प न होने पर, परिवार ने पड़ोसियों की मदद से बेडशीट को स्ट्रेचर की तरह इस्तेमाल किया और पवार को अस्पताल पहुंचाया। इस घटना ने इमरजेंसी मेडिकल सर्विस की उपलब्धता और रिस्पॉन्स टाइम पर चिंताएं बढ़ा दी हैं, खासकर गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं से जुड़े गंभीर मामलों में। परिवार ने देरी की जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की हेल्थ कमिटी के चेयरमैन हरीश भंडिरगे ने कहा कि वे इस घटना की जानकारी लेंगे और जरूरी कार्रवाई करेंगे। परिवार के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। 108 एम्बुलेंस सर्विस और पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट से जवाब मांगने के लिए भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 12:36:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों पर व्यक्त की गहरी चिंता; पुलिस आरोपपत्र दाखिल करने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने में विफल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट को पता चला है कि कम से कम 649 आपराधिक मामलों में सुनवाई शुरू नहीं हुई है क्योंकि पुलिस आरोपपत्र दाखिल करने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने में विफल रही है, कुछ मामलों में तो 2006 में ही आरोपपत्र दाखिल कर दिए गए थे। जस्टिस संजय करोल और एनके सिंह की पीठ ने 9 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट रजिस्ट्री द्वारा महाराष्ट्र भर के उन विचाराधीन कैदियों के बारे में दायर हलफनामे का अवलोकन करने के बाद कहा, जिनके खिलाफ वर्षों पहले आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बावजूद आरोप तय नहीं किए गए थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45044/mumbai-supreme-court-expresses-deep-concern-over-cases-pending-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-29t111735.025.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र की विभिन्न अदालतों में लंबित मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट को पता चला है कि कम से कम 649 आपराधिक मामलों में सुनवाई शुरू नहीं हुई है क्योंकि पुलिस आरोपपत्र दाखिल करने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने में विफल रही है, कुछ मामलों में तो 2006 में ही आरोपपत्र दाखिल कर दिए गए थे। जस्टिस संजय करोल और एनके सिंह की पीठ ने 9 अक्टूबर को बॉम्बे हाईकोर्ट रजिस्ट्री द्वारा महाराष्ट्र भर के उन विचाराधीन कैदियों के बारे में दायर हलफनामे का अवलोकन करने के बाद कहा, जिनके खिलाफ वर्षों पहले आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बावजूद आरोप तय नहीं किए गए थे।</p>
<p> </p>
<p>सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने 9 सितंबर को बॉम्बे उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को यह बताने का निर्देश दिया था कि जुलाई 2021 में आरोप पत्र दायर होने के बावजूद शुभम गणपति उर्फ ​​गणेश राठौड़ का मुकदमा क्यों शुरू नहीं हुआ। पीठ ने रजिस्ट्रार जनरल को महाराष्ट्र भर के अन्य विचाराधीन कैदियों के बारे में भी जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया था, जिनके आरोप चार या उससे अधिक वर्ष पहले आरोप पत्र दायर किए जाने के बावजूद लंबित रहे। पिंपरी चिंचवाड़ में एक हत्या के मामले में आरोपी राठौड़ को अप्रैल 2021 में गिरफ्तार किया गया था। उसने मई 2025 में बॉम्बे उच्च न्यायालय के 2024 के आदेश को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उसे जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।</p>
<p>9 सितंबर को राठौड़ की याचिका पर सुनवाई करते हुए, सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने कहा था कि मुकदमे से पहले उसकी लंबी हिरासत संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। पीठ ने कहा कि राठौड़ चार साल से ज़्यादा समय से हिरासत में है, फिर भी उसकी स्थिति वैसी ही बनी हुई है जैसी उसकी क़ैद के पहले दिन थी। पीठ ने उच्च न्यायालय को देरी के कारणों का पता लगाने और राज्य भर में इसी तरह के सभी मामलों की जाँच करने का निर्देश दिया।<br />7 अक्टूबर को, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने अनुपालन में एक हलफ़नामा दायर किया।</p>
<p>सर्वोच्च न्यायालय ने हलफ़नामे की विषयवस्तु को चिंताजनक पाया, क्योंकि आरोप तय करने में देरी के मुख्य कारण अभियुक्तों की गैर-हाज़िरी, विभिन्न याचिकाओं और आवेदनों का लंबित रहना, वकीलों की अनुपस्थिति और अभियुक्तों द्वारा आरोपों पर हस्ताक्षर करने से इनकार करना थे। शीर्ष अदालत ने 9 अक्टूबर को कहा, "हलफनामे से पता चलता है कि कम से कम 649 मामले ऐसे हैं जिनमें आरोप पत्र दाखिल होने के बावजूद, वर्ष 2006, 2013, 2014 और उसके बाद से वर्ष 2020 तक, आरोप तय नहीं किए गए हैं।" शीर्ष अदालत ने इस बात पर गौर किया कि उच्च न्यायालय ने इस वर्ष की शुरुआत में ही परिपत्र जारी कर विचाराधीन कैदियों की अनावश्यक स्थगन से बचने के लिए भौतिक या आभासी पेशी अनिवार्य कर दी थी और जानना चाहा था कि क्या उन निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Oct 2025 11:18:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : दो साल के बाद भी एस्केलेटर का काम पूरा करने में मनपा नाकाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लोअर परेल के ब्रिज का उद्घाटन २२ नवंबर २०२२ को किया गया था और उसके बाद आम जनता की परेशानी को देखते हुए रोड के बगल में बैरिकेड लगाकर आने-जाने के लिए फुटपाथ का निर्माण भी किया। २०१८ में लोअर परेल ब्रिज बंद हुआ था और पांच साल के बाद चालू हुआ था। लोअर परेल स्टेशन के नीचे से गणपत राव कदम मार्ग पर जाने के स्टेशन के पास से सीढ़ियों का निर्माण किया गया था और उसके साथ ही पूर्व दिशा में एस्केलेटर भी लगाया गया था, लेकिन आज दो साल के बाद भी एस्केलेटर का काम पूरा करने में मनपा नाकाम रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44411/mumbai--even-after-two-years--the-municipal-corporation-has-failed-to-complete-the-escalator-work"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-05t115510.454.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> लोअर परेल के ब्रिज का उद्घाटन २२ नवंबर २०२२ को किया गया था और उसके बाद आम जनता की परेशानी को देखते हुए रोड के बगल में बैरिकेड लगाकर आने-जाने के लिए फुटपाथ का निर्माण भी किया। २०१८ में लोअर परेल ब्रिज बंद हुआ था और पांच साल के बाद चालू हुआ था। लोअर परेल स्टेशन के नीचे से गणपत राव कदम मार्ग पर जाने के स्टेशन के पास से सीढ़ियों का निर्माण किया गया था और उसके साथ ही पूर्व दिशा में एस्केलेटर भी लगाया गया था, लेकिन आज दो साल के बाद भी एस्केलेटर का काम पूरा करने में मनपा नाकाम रही है।</p>
<p> </p>
<p>बता दें कि एस्केलेटर का निर्माण न होने के कारण बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ता है, जिसके कारण उन्हें तकलीफ होती है। एस्केलेटर का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन आम जनता के लिए अभी तक इसे नहीं खोला गया है। अगले कुछ महीनों में मनपा का चुनाव होनेवाला है और सत्ताधारी दल राजनीतिक लाभ लेने के लिए एस्केलेटर का उद्घाटन नहीं कर रहे हैं। ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है।</p>
<p>प्रभादेवी ब्रिज बंद होने के कारण सभी वाहनों को करी रोड ब्रिज से घूमकर लोअर परेल आना पड़ रहा है, जिसके कारण डिलाइल रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं और लोगों को भयंकर ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। ऐसे में लोगों को ब्रिज पर गणपत राव कदम मार्ग पर जाते वक्त ध्वनि प्रदूषण का सामना कर पड़ रहा है। एस्केलेटर चालू होने से आम लोगों को इससे राहत मिल सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Oct 2025 11:56:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीनगर : एलओसी पर आतंकियों की घुसपैठ के प्रयास विफल; सेना ने चला रखा है सघन तलाशी अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तरी कश्मीर में उड़ी (बारामुला) सेक्टर में टुरना के पास एलओसी पर सेना के जवानों ने सोमवार को आतंकियों की घुसपैठ के एक प्रयास को विफल बनाते हुए, उन्हें वापस मार भगाया। इस घटना के बाद सेना के जवानों ने उड़ी सेक्टर के विभिन्न इलाकों में एलओसी पर सघन तलाशी अभियान चला रखा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/43369/srinagar--terrorists--infiltration-attempt-on-loc-failed--army-has-launched-intensive-search-operation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-08/ddsfsdds.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>श्रीनगर : </strong>उत्तरी कश्मीर में उड़ी (बारामुला) सेक्टर में टुरना के पास एलओसी पर सेना के जवानों ने सोमवार को आतंकियों की घुसपैठ के एक प्रयास को विफल बनाते हुए, उन्हें वापस मार भगाया। इस घटना के बाद सेना के जवानों ने उड़ी सेक्टर के विभिन्न इलाकों में एलओसी पर सघन तलाशी अभियान चला रखा है। सभी अग्रिम बस्तियों में लोगों को सूचित किया गया है, वह अपने इलाके में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत निकटवर्ती सुरक्षा चौकी को सूचित करें। यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि बीते 15 दिनों उड़ी सेक्टर में यह गुलाम कश्मीर की तरफ से घुसपैठ का दूसरा प्रयास है।</p>
<p> </p>
<p>इससे पूर्व 13 अगस्त को उड़ी सेक्टर के चुरुंडा इलाके में पाकिस्तानी सेना के बैट दस्ते ने घुसपैठ का प्रयास किया था। बैट हमले को नाकाम बनाते हुए एक सैन्यकर्मी वीरगति को प्राप्त हुआ था। उड़ी सेक्टर से मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह तड़के उड़ी सेक्टर में एलओसी के साथ सटे टुरना इलाके में सेना के जवानों ने एलओसी के पार से कुछ हथियारबंद आतंकियों को भारतीय इलाके की तरफ आते देखा। जवानों ने आस पास की सभी चौकियों को सचेत करते हुए वहां अपनी पोजीशन संभाली और घुसपैठियों पर नजर रखी।</p>
<p>जैसे ही वह भारतीय सीमा में दाखिल होने लगे, जवानों ने उन्हें ललकारते हुए सरेंडर के लिए कहा। जवानों की ललकार सुनते ही घुसपैठियों ने जिनकी संख्या से तीन से चार बताई जाती है, ने वहीं पर झाढ़ियों के बीच पोजीशन लेकर फायर कर दिया। जवानों ने भी जवाबी फायर किया। दोनों तरफ से करीब 20 मिनट तक गोलीबारी हुई। घुसपैठियों की तरफ से गोलीबारी बंद होने पर जवानों ने भी फायरिंग बंद कर दी । बताया जा रहा है गोलीबारी के दौरान आतंकी वापस गुलाम कश्मीर में अपने ठिकाने की तरफ लौट गए। अलबत्ता, जवानों ने मुठभेड़ स्थल समेत एलओसी के साथ सटे सभी इलाकों में एहतियात के तौर पर तलाशी अभियान चला रखा है। अन्य विवरण की प्रतीक्षा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 17:08:06 +0530</pubDate>
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