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                <title>properties - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई : बांद्रा में 'होटल रंगशारदा' और प्रभादेवी में जमीन का एक टुकड़ा जब्त किया; 332 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त </title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रभुदास वीरचंद लोटिया और अन्य के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है। इस आदेश में लगभग 332.24 करोड़ रुपए के कुल मूल्य की 2 अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। कुर्क की गई संपत्तियों में मुंबई के बांद्रा स्थित होटल रंगशारदा और मुंबई के प्रभादेवी में स्थित एक भूमि का टुकड़ा शामिल है, जो मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के कब्जे और नियंत्रण में हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50949/a-piece-of-land-seized-in-hotel-rangsharda-and-prabhadevi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-26t105514.380.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने प्रभुदास वीरचंद लोटिया और अन्य के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है। इस आदेश में लगभग 332.24 करोड़ रुपए के कुल मूल्य की 2 अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। कुर्क की गई संपत्तियों में मुंबई के बांद्रा स्थित होटल रंगशारदा और मुंबई के प्रभादेवी में स्थित एक भूमि का टुकड़ा शामिल है, जो मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के कब्जे और नियंत्रण में हैं।</p>
<p> </p>
<p>मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की। यह एफआईआर रंग शारदा प्रतिष्ठान के ट्रस्टियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित थी। शिकायत में प्रभुदास वीरचंद लोटिया और मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए गए थे।</p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला</strong><br />आरोप है कि म्हाडा ने 'रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट' को मराठी थिएटर, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रियायती दर पर ज़मीन का एक टुकड़ा आवंटित किया था। लेकिन आरोपियों ने इसका व्यावसायिक इस्तेमाल करके गलत फायदा उठाया। ED मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। यह जांच बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर की जा रही है, जो 'रंग शारदा प्रतिष्ठान' के ट्रस्टियों की शिकायत पर दर्ज की गई थी। ट्रस्टियों ने लोटिया और 'रंग शारदा होटल्स' पर धोखाधड़ी और विश्वासघात का आरोप लगाया था।</p>
<p>ED ने कहा कि जांच के दौरान उन्हें पता चला कि लोटिया ने 'रंग शारदा होटल्स' के ज़रिए ट्रस्ट को आवंटित जमीन पर गलत तरीके से कब्ज़ा किया और उसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। साथ ही, उन्होंने आवंटन की शर्तों और जरूरी मंज़ूरियों का उल्लंघन करते हुए उस ज़मीन का व्यावसायिक इस्तेमाल किया।</p>
<p><strong>जांच में क्या आया सामने</strong><br />जांच में यह भी सामने आया है कि मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ट्रस्ट को नाटक थिएटर और कलाकारों के आवास सौंपने में विफल रहने के बजाय, आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त किए बिना ही संपत्ति का उपयोग होटल, लॉजिंग हाउस, रेस्तरां, शराब बार, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन के लिए किया। इसके अलावा, प्रभुदास वीरचंद लोटिया ने मेसर्स रंग शारदा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से रंग शारदा प्रतिष्ठान ट्रस्ट को आवंटित भूमि पर व्यावसायिक परिसरों की अनधिकृत बिक्री करवाई और उस आय का उपयोग मुंबई के प्रभादेवी में एक अन्य संपत्ति खरीदने के लिए किया।<br />जांच के दौरान अपराध से प्राप्त कुल आय लगभग 512 करोड़ रुपए आंकी गई है, जिसमें होटल संचालन, लॉजिंग हाउस, रेस्तरां, शराब बार, बैंक्वेट हॉल आदि से प्राप्त राजस्व और किराए सहित अन्य आय शामिल हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50949/a-piece-of-land-seized-in-hotel-rangsharda-and-prabhadevi</link>
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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 10:56:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई: मधु कोड़ा मनी लॉन्ड्रिंग मामला: मुंबई की संपत्तियों की नीलामी पर कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी विशेष अदालत ने ईडी को बड़ी अंतरिम राहत दी है। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने मुंबई स्थित उन संपत्तियों की प्रस्तावित ई-नीलामी पर रोक लगा दी है, जिन्हें ईडी ने वर्ष 2013 में कुर्क किया था। अदालत ने फीनिक्स एआरसी लिमिटेड और ई-आक्शन सेवा प्रदाता सी-1 इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वे पांच अगस्त 2026 को प्रस्तावित ई-नीलामी और उससे जुड़ी आगे की प्रक्रिया फिलहाल नहीं करें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50797/mumbai-madhu-koda-money-laundering-case-court-imposes-interim-stay"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-17t103328.315.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी विशेष अदालत ने ईडी को बड़ी अंतरिम राहत दी है। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने मुंबई स्थित उन संपत्तियों की प्रस्तावित ई-नीलामी पर रोक लगा दी है, जिन्हें ईडी ने वर्ष 2013 में कुर्क किया था। अदालत ने फीनिक्स एआरसी लिमिटेड और ई-आक्शन सेवा प्रदाता सी-1 इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वे पांच अगस्त 2026 को प्रस्तावित ई-नीलामी और उससे जुड़ी आगे की प्रक्रिया फिलहाल नहीं करें।</p>
<p> </p>
<p>ईडी ने अदालत में दायर आवेदन में कहा था कि संबंधित संपत्तियां पहले से पीएमएलए एक्ट के तहत कुर्क हैं और उन पर पारित कुर्की आदेश की पुष्टि निर्णायक प्राधिकरण तथा अपीलीय अधिकरण दोनों कर चुका है। ऐसे में मुकदमे के अंतिम निर्णय से पहले ई-नीलामी होने पर तीसरे पक्ष के अधिकार उत्पन्न हो जाएंगे, जिससे संपत्ति की जब्ती अथवा वैध दावेदार को बहाल करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।</p>
<p>अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीएमएलए एक्ट के तहत पुष्टि की गई कुर्क संपत्तियां न्यायालय की अभिरक्षा में हैं। जब तक विशेष अदालत संपत्तियों की जब्ती या बहाली पर अंतिम निर्णय नहीं दे देती, तब तक उनका हस्तांतरण या नीलामी नहीं की जा सकती। अदालत ने फीनिक्स एआरसी, संबंधित पक्षों और उधारकर्ताओं को नोटिस जारी करते हुए 28 जुलाई को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। तब तक ई-नीलामी पर अंतरिम रोक प्रभावी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 10:34:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई, 9.29 करोड़ रुपए की 6 संपत्ति जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9.29 करोड़ रुपए मूल्य की छह अचल संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया है। यह कार्रवाई 18 और 19 अप्रैल को की गई। ये संपत्तियां महाराष्ट्र के खारघर (मुंबई) और पुणे में स्थित हैं और ये सुरेश कुटे, अर्चना कुटे और उनके सहयोगी संस्थाओं के नाम पर थीं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49390/ed-action-in-mumbai-money-laundering-case-6-properties-worth"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t130828.978.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9.29 करोड़ रुपए मूल्य की छह अचल संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया है। यह कार्रवाई 18 और 19 अप्रैल को की गई। ये संपत्तियां महाराष्ट्र के खारघर (मुंबई) और पुणे में स्थित हैं और ये सुरेश कुटे, अर्चना कुटे और उनके सहयोगी संस्थाओं के नाम पर थीं। इससे पहले इन संपत्तियों को ईडी ने 24 सितंबर 2024 को अस्थायी रूप से जब्त किया था, जिसे 3 मार्च 2025 को प्रवर्तन निदेशालय की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने मंजूरी दी थी।</p>
<p> </p>
<p>यह पूरा मामला महाराष्ट्र के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर दर्ज हुआ है। इन एफआईआर में आरोप है कि सुरेश कुटे और अन्य लोगों ने ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के जरिए निवेशकों से धोखाधड़ी की। सोसायटी द्वारा 12 प्रतिशत से 14 प्रतिशत तक रिटर्न देने वाली हाई-यील्ड जमा योजनाएं चलाई गई थीं, जिनके चलते बड़ी संख्या में निवेशकों ने पैसा लगाया, लेकिन बाद में उन्हें भुगतान नहीं किया गया या आंशिक भुगतान हुआ, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ।</p>
<p>ईडी की जांच में सामने आया है कि सोसायटी के लगभग 2,467 करोड़ रुपए के फंड को 'लोन' के नाम पर कुटे ग्रुप की कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। ये कंपनियां सुरेश कुटे और उनकी पत्नी अर्चना कुटे के नियंत्रण में थीं। जांच के अनुसार ये फंड बिना किसी उचित दस्तावेज, सुरक्षा या उपयोग प्रमाण के जारी किए गए और इन्हें व्यवसाय के बजाय निजी लाभ या अन्य निवेशों में इस्तेमाल किया गया। इस मामले में ईडी अब तक कई तलाशी अभियान चला चुकी है और कई संपत्तियों को जब्त या फ्रीज कर चुकी है। अब तक कुल 1,627.86 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है।</p>
<p>इससे पहले ईडी ने सुरेश कुटे को गिरफ्तार कर विशेष पीएमएलए अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था। हाल ही में ईडी ने अर्चना कुटे को भी 2 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था। उन्हें 7 मार्च को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जहां वह फिलहाल बंद हैं। ईडी ने कहा है कि यह कार्रवाई संपत्तियों को बेचने, ट्रांसफर करने या नष्ट करने से रोकने के लिए की गई है। यह कदम पीएमएलए के प्रावधानों के तहत लिया गया है और आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49390/ed-action-in-mumbai-money-laundering-case-6-properties-worth</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 13:09:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 12 बड़े प्रॉपर्टी टैक्स बकाएदारों की लिस्ट जारी, बीएमसी का 378 करोड़ बकाया, अब संपत्ति होगी नीलाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बीएमसी ने बड़े प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन 12 प्रॉपर्टी में 10 ओपन प्लॉट, एक कमर्शिबल बिल्डिंग और एक मिक्स्ड-यूज प्रॉपर्टी शामिल है। इन पर कुल 378 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने की जानकारी मिली है। ज्ञात हो कि बीएमसी के सोर्स ऑफ़ इनकम में एक बड़ा हिस्सा प्रॉपर्टी टैक्स का होता है। वर्ष 2025-26 में बीएमसी ने 6200 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स से बसूलने का लक्ष्य रखा था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48002/mumbai-list-of-12-big-property-tax-defaulters-released-bmcs"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-25t165842.253.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बीएमसी ने बड़े प्रॉपर्टी टैक्स डिफॉल्टर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन 12 प्रॉपर्टी में 10 ओपन प्लॉट, एक कमर्शिबल बिल्डिंग और एक मिक्स्ड-यूज प्रॉपर्टी शामिल है। इन पर कुल 378 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होने की जानकारी मिली है। ज्ञात हो कि बीएमसी के सोर्स ऑफ़ इनकम में एक बड़ा हिस्सा प्रॉपर्टी टैक्स का होता है। वर्ष 2025-26 में बीएमसी ने 6200 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स से बसूलने का लक्ष्य रखा था। जॉइंट कमिश्नर (असेसमेंट ऐंड कलेक्शन) विश्वास शंकरवार के अनुसार, अब तक 80% प्रॉपर्टी टैक्स बीएमसीकी तिजोरी में जमा हो चुका है। लेकिन अब भी कई प्रोंपर्टी टैक्स डिफॉल्टरों ने बकाया टैक्स जमा नहीं कराया है। ऐसी 12 संपत्तियों को नीलाम कर प्रशासन ने अपना बकाया वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</p>
<p> </p>
<p><strong>ऑक्सन नोटिस जारी</strong><br />मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1888 की धारा 206(2) के तहत एच येस्ट, एस, आर साउथ और ई वॉर्ड की प्रॉपर्टी के लिए ऑक्शन नोटिस जारी किए गए है। नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>इन एक्ट में कार्रवाई</strong><br />इसके अलावा अधिनियम की धारा 203 के तहत आर्थिक रूप से सक्षम, लेकिन कर का भुगतान न करने वालों को जब्ती नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। यदि भुगतान नहीं किया गया, तो धारा 203 से 206 के तहत पहले संपति के भीतर की चल वस्तुएं जब्त कर उनकी नीलामी की जाएगी।</p>
<p><strong>किस बकाएदार पर कितना बकाया</strong><br />बकायेदारों में एच वेस्ट बॉर्ड की मेसर्स सुमेर एसोसिएट्स का लैड पार्सल शामिल है, जिस पर 188 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। इसके अलावा एस वॉर्ड के भांडुप में मेसर्स राजहंस एसोसिएट्स की कमर्शियल बिल्डिंग पर 47 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। आर साउथ बॉर्ड के कादिवली पूर्व में विठ्ठलराव खापरे के भूखंड पर 64 लाख रुपये बकाया है। अन्य संपत्तियो मे एच वेस्ट वॉर्ड मे रामचंद्र हेमनदास सेतपाल व अन्य की जमीन पर 10 करोड़ रुपये बकाया है।</p>
<p>ई वॉर्ड के रे रोड में मुल्ला गुलाम अली के पहले भूखंड पर करीब 9 करोड़ रुपये, दूसरे भूखंड पर करीब 4 करोड़ रुपये और तीसरे भूखंड पर 85 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। खार में पी.के. मोदी के भूखंड पर 2 करोड़ रुपये से अधिक रुपये बकाया है। एच वेस्ट की एल्को आर्केड आवासीय और गैर- आवासीय सहकारी गृहनिर्माण संस्था की मिश्रित उपयोग की संपत्ति पर 9.76 करोड़ रुपये बकाया है। खार पश्चिम में खुसूफ अहमद के भूखड पर 2.47 करोड़ रुपये बकाया है। बांद्रा मे सहायक पादरी, सेंट पीटर्स चर्थ के भूखंड पर 12.64 करोड़ रुपये बकाया है। सांताक्रूज पश्चिम में श्रीमती हरदेवी पी. राजपाल के भूखंड पर 6.49 करोड़ रुपये बकाया है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 16:59:33 +0530</pubDate>
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