<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/5885/bank" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>bank - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/5885/rss</link>
                <description>bank RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई में एनआरआई के लॉकर से 82 लाख के सोने के गहने गायब, बैंक का डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कांदिवली में एक निजी बैंक के लॉकर से 82 लाख रुपये के सोने के गहने गायब होने का मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने बैंक के डिप्टी ब्रांच मैनेजर कुलदीप साहनी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने बैंक लॉकर में रखे एनआरआई के सोने के गहनों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया और उन्हें अलग-अलग गोल्ड मॉर्गेज फर्मों के पास गिरवी रख दिया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट यानी आपराधिक विश्वासघात का केस दर्ज किया है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51492/gold-jewelery-worth-rs-82-lakh-missing-from-nris-locker"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-22t125810.141.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>कांदिवली में एक निजी बैंक के लॉकर से 82 लाख रुपये के सोने के गहने गायब होने का मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने बैंक के डिप्टी ब्रांच मैनेजर कुलदीप साहनी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने बैंक लॉकर में रखे एनआरआई के सोने के गहनों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया और उन्हें अलग-अलग गोल्ड मॉर्गेज फर्मों के पास गिरवी रख दिया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट यानी आपराधिक विश्वासघात का केस दर्ज किया है.</p>
<p> </p>
<p>पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शिकायत करने वाले व्यक्ति की उम्र 72 साल है और वह पिछले पांच दशक से ज्यादा समय से अपने परिवार के साथ दुबई में रह रहे हैं. उनका मुंबई में एक निजी बैंक में अकाउंट है और कांदिवली में उनका एक फ्लैट भी मौजूद है. इसी बैंक की कांदिवली शाखा में उन्होंने अपना लॉकर लिया था. लंबे समय तक विदेश में रहने की वजह से वह नियमित रूप से लॉकर चेक नहीं कर पाए.</p>
<p>शिकायतकर्ता ने मार्च 2024 में बैंक के लॉकर में करीब 610 ग्राम सोने के गहने रखे थे. उस समय इन गहनों की अनुमानित कीमत करीब 81.8 लाख रुपये थी, जो बाद में करीब 82 लाख रुपये बताई गई. करीब दो साल बाद जब वह मुंबई आए और बैंक की शाखा में जाकर लॉकर चेक किया, तो उनके होश उड़ गए. लॉकर में रखा पूरा सोना गायब था और इसकी जानकारी उन्होंने बैंक अधिकारियों से मांगी. </p>
<p>बैंक से पूछताछ के बाद भी जब सोने के गहनों के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिली, तो शिकायतकर्ता ने पुलिस का रुख किया. उन्होंने 12 अगस्त को इस मामले में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद कांदिवली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। चूंकि गहने करीब दो साल पहले लॉकर से गायब हुए थे, इसलिए पुलिस के सामने पुराना सीसीटीवी फुटेज हासिल करना एक बड़ी चुनौती थी.</p>
<p>जांच के दौरान पुलिस ने बैंक के कर्मचारियों से पूछताछ की और लॉकर से जुड़े पुराने रिकॉर्ड खंगाले. जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता के लॉकर को बैंक की ओर से डिप्टी ब्रांच मैनेजर कुलदीप साहनी ने उपलब्ध कराया था. पुलिस को इस जानकारी के बाद साहनी की भूमिका पर शक हुआ. इसके बाद जांच टीम ने उसके पिछले दो साल के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से पड़ताल शुरू की.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51492/gold-jewelery-worth-rs-82-lakh-missing-from-nris-locker</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51492/gold-jewelery-worth-rs-82-lakh-missing-from-nris-locker</guid>
                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 12:59:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/images---2026-08-22t125810.141.jpg"                         length="55790"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : RHFL बैंक धोखाधड़ी मामला: CBI ने पहली चार्जशीट दाखिल की, चार आरोपी नामजद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को मुंबई में सीबीआई मामलों के स्पेशल जज के सामने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की। ​​यह चार्जशीट चार आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई है। इनमें रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), आरएचएफएल के दो पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव रवींद्र सुधालकर (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ) और कृष्णन गोपालकृष्णन अय्यर (चीफ रिस्क ऑफिसर) और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी (चीफ क्रेडिट और रिस्क ऑफिसर) शामिल हैं। इन पर पब्लिक सेक्टर के बैंकों को भारी नुकसान पहुंचाने के इरादे से आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी करने का आरोप है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50652/mumbai-rhfl-bank-fraud-case-cbi-files-first-charge-sheet"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-10t140514.042.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong> केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को मुंबई में सीबीआई मामलों के स्पेशल जज के सामने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की। ​​यह चार्जशीट चार आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई है। इनमें रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), आरएचएफएल के दो पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव रवींद्र सुधालकर (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ) और कृष्णन गोपालकृष्णन अय्यर (चीफ रिस्क ऑफिसर) और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी (चीफ क्रेडिट और रिस्क ऑफिसर) शामिल हैं। इन पर पब्लिक सेक्टर के बैंकों को भारी नुकसान पहुंचाने के इरादे से आपराधिक साजिश रचने और धोखाधड़ी करने का आरोप है।</p>
<p> </p>
<p>दाखिल की गई चार्जशीट सीबीआई की जांच पर आधारित है। जांच से पता चला है कि रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड द्वारा लिए गए फंड को बिचौलियों और जरिया बनी कंपनियों के माध्यम से रिलायंस एडीए ग्रुप की विभिन्न कंपनियों में डायवर्ट किया गया। ऐसा करके कर्ज से जुड़ी शर्तों और नियमों का उल्लंघन किया गया, जिससे कर्ज देने वाले बैंकों को गलत तरीके से नुकसान हुआ और आरोपियों व संबंधित कंपनियों को गलत तरीके से फायदा हुआ। दरअसल, सीबीआई ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और कंसोर्टियम के अन्य पीएसयू बैंकों से मिली शिकायतों के आधार पर यह मामला दर्ज किया था। कंसोर्टियम के 10 पब्लिक सेक्टर बैंकों को कुल 3526.35 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।</p>
<p>पब्लिक सेक्टर के बैंकों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने में शामिल अन्य डायरेक्टरों, कंपनियों और सरकारी अधिकारियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी रखी गई है। उम्मीद है कि समय के साथ सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की जाएंगी। सीबीआई ने इस मामले में अब तक दो आरोपी आरएचएफएल के पूर्व सीईओ रवींद्र सुधालकर और पूर्व डायरेक्टर अमित बापना को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।</p>
<p>बता दें कि सीबीआई ने विभिन्न पब्लिक सेक्टर बैंकों और एलआईसी से मिली शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल) के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज की हैं। बीआई ने पहले आरकॉम मामले में 29 मई को 16 आरोपियों के खिलाफ अपनी पहली चार्जशीट और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) मामले में 7 जुलाई को 7 आरोपियों के खिलाफ दूसरी चार्जशीट दाखिल की थी। यह चार्जशीट रिलायंस एडीए ग्रुप के मामलों में दाखिल की गई तीसरी चार्जशीट है। इन मामलों की जांच चल रही है और सुप्रीम कोर्ट इसकी निगरानी कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50652/mumbai-rhfl-bank-fraud-case-cbi-files-first-charge-sheet</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50652/mumbai-rhfl-bank-fraud-case-cbi-files-first-charge-sheet</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 14:05:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/images---2026-07-10t140514.042.jpg"                         length="32861"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सीबीआई कोर्ट का फैसला, बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपियों को जेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन ने बताया कि पुणे की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में प्राइवेट कंपनियों के दो मालिकों को तीन साल की कड़ी सज़ा सुनाई है। इस मामले में स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद (जो अब दूसरे बैंक में मिल गया है) को 5.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा का गलत तरीके से नुकसान हुआ था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50610/mumbai-cbi-courts-decision-to-jail-the-accused-in-bank"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-08t125549.225.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन ने बताया कि पुणे की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में प्राइवेट कंपनियों के दो मालिकों को तीन साल की कड़ी सज़ा सुनाई है। इस मामले में स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद (जो अब दूसरे बैंक में मिल गया है) को 5.5 करोड़ रुपये से ज़्यादा का गलत तरीके से नुकसान हुआ था। सीबीआई की प्रेस रिलीज़ के अनुसार, कोर्ट ने इस मामले में एम/एस चंद्रकांत एस. लोढ़ा एंड कंपनी के मालिक चंद्रकांत लोढ़ा और एम/एस  ठक्कर एंड संस के मालिक परेश ठक्कर को दोषी ठहराया।</p>
<p> </p>
<p>सीबीआई ने स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद की शिकायत के आधार पर 9 अक्टूबर, 2001 को यह मामला दर्ज किया था। यह मामला स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर बी.आर. दगड़े, तत्कालीन असिस्टेंट मैनेजर वी.एल. काले, चंद्रकांत लोढ़ा और परेश ठक्कर के खिलाफ़ दर्ज किया गया था।आरोप था कि आरोपियों ने बैंक को धोखा देने के मकसद से ज़्यादा कीमत वाले चेक जमा किए, जिन्हें बैंक अधिकारियों ने उनके क्लियर होने का इंतज़ार किए बिना ही मंज़ूरी दे दी।जांच में पता चला कि आपराधिक साज़िश के तहत, आरोपी चंद्रकांत लोढ़ा (जो एम/एस  चंद्रकांत एस. लोढ़ा एंड कंपनी के मालिक थे) ने 6.75 करोड़ रुपये कीमत के 18 'अकोमोडेटिव चेक' (बिना वास्तविक लेन-देन के जारी किए गए चेक) जमा किए। ये चेक आरोपी परेश ठक्कर ने नासिक पीपल्स कोऑपरेटिव बैंक में अपने मालिकाना हक वाले खाते से जारी किए थे और बैंक अधिकारियों ने इन्हें पास कर दिया था।</p>
<p>इसके बाद, विनोद काले ने बी.आर. दगड़े की मंज़ूरी से चंद्रकांत लोढ़ा को उनके करंट अकाउंट से ज़्यादा कीमत वाले चेक जारी करने की इजाज़त दी, जबकि उन चेक का नतीजा (क्लियरेंस) अभी पता भी नहीं चला था। इस तरह, चंद्रकांत लोढ़ा ने अपने और अपनी सहयोगी कंपनियों (जैसे एम/एस  ए.सी. एंटरप्राइजेज़, एम/एस  अक्षय ट्रेडर्स) के नाम से चेक जारी किए और इस वजह से बैंक को 5.58 करोड़ रुपये का गलत तरीके से नुकसान पहुँचाया।जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने 28 अगस्त, 2003 को बी.आर. दगड़े और अन्य के खिलाफ़ चार्जशीट दाखिल की।</p>
<p>डागडे (तत्कालीन ब्रांच मैनेजर), वी.एल. काले (तत्कालीन असिस्टेंट मैनेजर), चंद्रकांत लोढ़ा और परेश ठक्कर।महाराष्ट्र राज्य में सीबीआई अदालतों के अधिकार क्षेत्र के पुनर्गठन के कारण, 2025 में इस मामले को नासिक से पुणे कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया।ट्रायल के बाद, कोर्ट ने आरोपियों और दो प्राइवेट व्यक्तियों को दोषी ठहराया और सज़ा सुनाई। स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर बी.आर. डागडे और तत्कालीन असिस्टेंट मैनेजर वी.एल. काले को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50610/mumbai-cbi-courts-decision-to-jail-the-accused-in-bank</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50610/mumbai-cbi-courts-decision-to-jail-the-accused-in-bank</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:56:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/images---2026-07-08t125549.225.jpg"                         length="53551"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : दुबई भेजे जा रहे थे मुंबई के बैंक खाते और सिम कार्ड, क्राइम ब्रांच ने किया बड़े गिरोह का पर्दाफाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुलिस के अनुसार,  मस्जिद बंदर पश्चिम के ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50555/mumbais-bank-accounts-and-sim-cards-were-being-sent-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-05t121928.728.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पुलिस के अनुसार,  मस्जिद बंदर पश्चिम के ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें। मुंबई क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन गेमिंग और साइबर धोखाधड़ी के लिए बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मुंबई के अलग-अलग बैंकों में फर्जी कंपनियों के नाम पर करंट अकाउंट खोलता था और फिर उन्हें एक्टिवेट करके सिम कार्ड के साथ दुबई भेज देता था, जहां इनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था।</p>
<p> </p>
<p><strong>खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के बाद छापा</strong><br />डीसीपी राज तिलक रौशन ने शनिवार को बताया कि मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 2 को अपने खुफिया सूत्रों से पक्की जानकारी मिली थी कि मुंबई के मस्जिद बंदर पश्चिम इलाके के ईसाजी स्ट्रीट पर स्थित पार्श्व चैंबर्स की तीसरी मंजिल पर 'जी. डी. ओवरसीज' नाम से एक फर्जी कंपनी का ऑफिस चलाया जा रहा है। इस ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें।</p>
<p><strong>66 एटीएम कार्ड, 122 चेकबुक, 12 मोबाइल कंपनियों के सिम बरामद</strong><br />जानकारी मिलते ही क्राइम ब्रांच के अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम ने बताए गए ठिकाने पर अचानक छापा मारा। पुलिस ने मौके से गिरोह के सरगना और उसके पांच साथियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से अलग-अलग बैंकों के 66 एटीएम कार्ड, 122 चेकबुक, 15 पासबुक, 12 मोबाइल कंपनियों के सिम कार्ड, दो कंप्यूटर, एक कलर प्रिंटर, दो पेनड्राइव और विभिन्न फर्जी कंपनियों की 68 रबर की स्टैम्प बरामद की हैं। इसके अलावा अलग-अलग बैंकों के खाता खोलने वाले फॉर्म, बिजली के बिल और कई कंपनियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी जब्त किए गए हैं।</p>
<p><strong>आरोपियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज</strong><br />इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ मुंबई के पायधुनी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया है और क्राइम ब्रांच की यूनिट 2 को मामले की जांच सौंप दी गई है । गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जब मुंबई की एक कोर्ट में पेश किया गया, तो कोर्ट ने उन्हें 8 जुलाई  तक पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। मुंबई क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने बैंक खाते दुबई भेजे हैं और इनके तार किन-किन बड़े साइबर अपराधियों से जुड़े हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50555/mumbais-bank-accounts-and-sim-cards-were-being-sent-to</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50555/mumbais-bank-accounts-and-sim-cards-were-being-sent-to</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:22:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-07/images---2026-07-05t121928.728.jpg"                         length="52394"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        