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                <title>trees - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>trees RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: धारावी प्रोजेक्ट के लिए पेड़ हटाने का प्रस्ताव अथॉरिटी को सौंपा; क्या 8000 पेड़ काटे जाएंगे? </title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार के धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत आठ हजार पेड़ काटे जाएंगे। हालांकि बीएमसी की योजना धारावी इलाके में मौजूद खुली जगहों पर 30,000 पेड़ फिर से लगाने की है। इस मामले से जुड़ा एक प्रस्ताव मंगलवार को 'ट्री अथॉरिटी' की बैठक में पेश किया गया। इसके अलावा धारावी पुनर्वास प्रोजेक्ट की वजह से हुए पेड़ों के नुकसान की भरपाई के लिए पालघर जिले में भी पेड़ लगाए जाएंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51014/proposal-for-removal-of-trees-for-mumbai-dharavi-project-submitted"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-29t122720.353.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र सरकार के धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत आठ हजार पेड़ काटे जाएंगे। हालांकि बीएमसी की योजना धारावी इलाके में मौजूद खुली जगहों पर 30,000 पेड़ फिर से लगाने की है। इस मामले से जुड़ा एक प्रस्ताव मंगलवार को 'ट्री अथॉरिटी' की बैठक में पेश किया गया। इसके अलावा धारावी पुनर्वास प्रोजेक्ट की वजह से हुए पेड़ों के नुकसान की भरपाई के लिए पालघर जिले में भी पेड़ लगाए जाएंगे।</p>
<p> </p>
<p><strong>धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार</strong><br />धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत धारावी में रहने वाले पात्र झुग्गी-झोपड़ी निवासियों को 'स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी' के जरिए मुफ़्त घर दिए जाएंगे। लगभग 3,50,000 अपात्र झुग्गी-झोपड़ी निवासियों को किराए पर घर उपलब्ध कराए जाएंगे। शुरू में इन लोगों को दूसरी जगह बसाने के लिए मुंबई में ही कुछ जगहों पर विचार किया गया था, लेकिन इस कदम का विरोध हुआ। अब जबकि प्रोजेक्ट तेजी पकड़ रहा है। इस प्रक्रिया में धारावी इलाके के पेड़ प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<p><strong>पहले फेज में कितने पेड़ होंगे प्रभावित</strong><br />धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के पहले चरण में 1,693 पेड़ प्रभावित होंगे। इनमें से 871 पेड़ काटे जाएंगे। जबकि 822 पेड़ दूसरी जगह लगाए जाएंगे। मुआवजे के तौर पर कंपनी ने नगर निगम को एक लिखित वादा (अंडरटेकिंग) दिया है कि वह पालघर जिले के चहाडे गांव में 90 एकड़ जमीन पर स्थानीय प्रजातियों के 22,904 पेड़ लगाएगी। </p>
<p><strong>22,904 नए पेड़ लगाए जाएंगे</strong><br />नगर निगम के गार्डन विभाग को सौंपे गए प्रस्ताव के अनुसार, धारावी में सिटी सर्वे नंबर 2 (हिस्सा) और 3 (हिस्सा), सब-प्लॉट B पर पुनर्वास इमारतों के निर्माण के लिए खुदाई के काम से 8,000 पेड़ प्रभावित होंगे। मई 2026 में की गई संयुक्त जांच में साइट पर कुल 2,005 पेड़ पाए गए थे। इनमें 1,998 जीवित पेड़ और 7 उखड़े हुए पेड़ शामिल थे। मंजूर की गई योजना के मुताबिक, प्रोजेक्ट के काम में बाधा बन रहे 1,693 पेड़ों को हटाने का प्रस्ताव दिया गया है। कंपनी की ओर से दिए गए लिखित वादे के अनुसार, पेड़ काटे जाने के 15 दिनों के भीतर 22,904 नए पेड़ लगाए जाएंगे। </p>
<p><strong>एक और प्रस्ताव</strong><br />मुंबई नगर निगम के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स, साथ ही प्राइवेट रीडेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वजह से कुल 1,443 पेड़ प्रभावित होंगे। इनमें से 902 पेड़ों को सीधे काटा जाएगा, जबकि 541 पेड़ों को दूसरी जगह लगाया (ट्रांसप्लांट) जाएगा। नगर निगम ने कहा है कि पेड़ों को हटाने से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 21,625 पेड़ लगाए जाएंगे। इस प्रस्ताव को मंगलवार को ट्री अथॉरिटी की बैठक में पेश किया जाना है। </p>
<p><strong>प्रोजेक्ट के लिए 'बेस्ट' डिपो की ज़मीन की भी जरूरत</strong><br />धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में 'बेस्ट' अंडरटेकिंग के धारावी और काला किला डिपो की ज़मीन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। नगर निगम की ओर से इन बस डिपो की जमीन को धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर करने की मंजूरी मिलने के बाद इस पहल पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें शामिल कुल जमीन में से 2.35 एकड़ जमीन 'बेस्ट' अंडरटेकिंग की है, जबकि बाकी जमीन जिला कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र में आती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51014/proposal-for-removal-of-trees-for-mumbai-dharavi-project-submitted</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 12:28:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई: एल एंड टी से छिना मुंबई के पाली हिल्स का आलीशान हाई ट्रीज बंगला, सुप्रीम कोर्ट ने खत्म की 25 साल पुरानी लड़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट ने एलएंडटी की एक स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी है। इसके साथ ही बांद्रा के पाली हिल रोड पर एक प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को लेकर चल रही लंबी कानूनी लड़ाई खत्म हो गई है। इस प्रॉपर्टी में कंपनी के पूर्व चेयरमैन और मौजूदा चेयरमैन एमेरिटस एएम नाइक पिछले 20 साल से ज़्यादा समय से रह रहे हैं। कंपनी ने दावा किया था कि वह इस प्रॉपर्टी की करीब 30% मालिक है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49595/mumbais-luxurious-high-trees-bungalow-in-pali-hills-snatched-from"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-30t113154.763.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>सुप्रीम कोर्ट ने एलएंडटी की एक स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी है। इसके साथ ही बांद्रा के पाली हिल रोड पर एक प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को लेकर चल रही लंबी कानूनी लड़ाई खत्म हो गई है। इस प्रॉपर्टी में कंपनी के पूर्व चेयरमैन और मौजूदा चेयरमैन एमेरिटस एएम नाइक पिछले 20 साल से ज़्यादा समय से रह रहे हैं। कंपनी ने दावा किया था कि वह इस प्रॉपर्टी की करीब 30% मालिक है। अब उसे 'हाई ट्रीज़' नाम का बंगला खाली करके उसका शांतिपूर्ण कब्ज़ा सौंपना होगा।  यह बंगला पाली हिल के पॉश रेजिडेंशियल इलाके में बची हुई कुछ हेरिटेज प्रॉपर्टीज़ में से एक है। इस पिटीशन के खारिज होने से बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहले दिए गए बेदखली के आदेश की पुष्टि हो गई है।</p>
<p> </p>
<p><strong>1970 में खत्म हो गया था प्रॉपर्टी का पट्टा</strong><br />यह विवाद 1961 में शुरू हुई एक किरायेदारी से जुड़ा है। इस प्रॉपर्टी का औपचारिक पट्टा 1970 में खत्म हो गया था। मकान मालिकों के ग्रुप में केसी कोठारी परिवार के सदस्य और अन्य सह-मालिक शामिल थे। किरायेदारी खत्म होने के बाद, उन्होंने 2001 में बांद्रा की स्मॉल कॉज़ेज़ कोर्ट में बेदखली की कार्यवाही शुरू की थी। <br />प्रॉपर्टी का 7 पर्सेंट एल एंड टी ने खरीदा था<br />बांद्रा के पाली हिल रोड पर एक प्राइम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को लेकर चल रहे लंबे कानूनी विवाद को खत्म करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने एल एंड टी द्वारा दायर स्पेशल लीव पिटीशन को खारिज कर दिया। मुकदमे के दौरान 2001 में एलएंडटी ने प्रॉपर्टी में 7% अविभाजित हिस्सा अमर मुनोट (जो अब दिवंगत हैं) से खरीदा था। अमर मुनोट प्रॉपर्टी के सह-मालिकों में से एक थे।<br />बाद में, कंपनी की हिस्सेदारी बढ़कर 29.5% हो गई। इसी आधार पर, 2017 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले ('मंगल बिल्डर्स') का हवाला देते हुए, कंपनी ने तर्क दिया कि वह अब प्रॉपर्टी की सह-मालिक बन गई है और इसलिए उसके खिलाफ बेदखली की कार्यवाही जारी नहीं रह सकती। इसके अलावा, कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि एलएंडटी सहित सभी सह-मालिकों के बीच प्रॉपर्टी के बंटवारे  का एक मुकदमा अभी भी लंबित है। </p>
<p><strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा</strong><br />27 मार्च, 2026 को दिए अपने फैसले में, बॉम्बे हाई कोर्ट के जज एम.एम. सथाये ने इस तर्क को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बेदखली का मुकदमा चलने के दौरान, एक सह-मालिक द्वारा एल एंड टी को 7% हिस्सा बेचने पर की गई आपत्तियां किसी अन्य मकसद से प्रेरित लगती हैं और इसलिए वे मुकदमे की वैधता पर कोई बुरा असर नहीं डाल सकतीं।</p>
<p>हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि 2010 में स्मॉल कॉज़ेज़ कोर्ट की अपीलीय बेंच द्वारा एल एंड टी को बेदखल करने का जो आदेश दिया गया था, उसमें कोई गलती नहीं है। इसमें यह माना गया कि किसी एक सह-मालिक का विरोध, खास तौर पर तब, जब उसका मकसद किसी किरायेदार को फ़ायदा पहुंचाना हो, बाकी सह-मालिकों के बेदखली के अधिकारों को खत्म नहीं कर सकता।</p>
<p>हाई कोर्ट ने कहा कि उसके सामने सवाल यह था कि क्या कोई सह-मालिक किसी किरायेदार को बेदखल करने के लिए मुक़दमा दायर कर सकता है, अगर कोई दूसरा सह-मालिक इस पर आपत्ति जताता है, और वह आपत्ति इसलिए है क्योंकि प्रॉपर्टी के शेयर किरायेदार के पक्ष में बेच दिए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:27:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में 46,000 पेड़ों पर BMC का 'ऑपरेशन मानसून': लू के बीच क्या और बढ़ेगी शहर की गर्मी? </title>
                                    <description><![CDATA[<p>नागरिक निकाय बीएमसी, मानसून के दस्तक देने से पहले 46,000 से ज़्यादा पेड़ों की छंटाई करने में जुटा है। इसका मकसद तूफानी हवाओं में पेड़ों के गिरने से होने वाले हादसों को रोकना है। लेकिन अभी मुंबई में लू की चेतावनी जारी है, ऐसे में कुछ लोगों को चिंता सता रही है कि बड़े पैमाने पर पेड़ों की यह छंटाई गलत समय पर की जा रही है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49223/bmcs-operation-on-46000-trees-in-mumbai-will-the-heat"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-15t130625.387.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>नागरिक निकाय बीएमसी, मानसून के दस्तक देने से पहले 46,000 से ज़्यादा पेड़ों की छंटाई करने में जुटा है। इसका मकसद तूफानी हवाओं में पेड़ों के गिरने से होने वाले हादसों को रोकना है। लेकिन अभी मुंबई में लू की चेतावनी जारी है, ऐसे में कुछ लोगों को चिंता सता रही है कि बड़े पैमाने पर पेड़ों की यह छंटाई गलत समय पर की जा रही है। </p>
<p> </p>
<p><strong>पर्यावरणविदों ने मुंबई के पर्यावरण को होने वाले नुकसान की चेतावनी दी है</strong><br />अभी तक 12,500 से ज़्यादा पेड़ों की छंटाई की जा चुकी है, वहीं करीब 280 खतरनाक पेड़ों को हटाया गया है। पर्यावरणविदों ने चेताया है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से शहर का तापमान और ऊपर जा सकता है और लोगों को मिलने वाली ज़रूरी छांव भी कम हो सकती है।</p>
<p>एनजीओ वनाशक्ति के स्टालिन डी ने इस पर बात करते हुए कहा कि इससे पक्षियों के घोंसले भी खत्म हो सकते हैं और मुंबई का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसा उस समय किया जा रहा है, जब शहर पहले से ही बढ़ते तापमान और खराब वायु गुणवत्ता से जूझ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 13:08:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई के दो दशक पुराने नाना-नानी पार्क पर चलेगा हथौड़ा, कोस्टल रोड बनाने के लिए कितने पेड़ काटने की तैयारी?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड पर काम चल रहा है। इस रोड का उत्तरी हिस्सा वर्सोवा के नाना-नानी पार्क से होकर गुजरेगा। इसके लिए 184 पेड़ काटे जाएंगे। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने यह काम शुरू कर दिया है और इसी वजह से 20 साल से ज्यादा पुराने गार्डन में कोस्टल रोड के लिए पिलर खड़े किए जाएंगे। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47743/how-many-trees-will-be-cut-to-build-the-hammer"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-15t110506.202.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई में वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड पर काम चल रहा है। इस रोड का उत्तरी हिस्सा वर्सोवा के नाना-नानी पार्क से होकर गुजरेगा। इसके लिए 184 पेड़ काटे जाएंगे। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने यह काम शुरू कर दिया है और इसी वजह से 20 साल से ज्यादा पुराने गार्डन में कोस्टल रोड के लिए पिलर खड़े किए जाएंगे। </p>
<p> </p>
<p><strong>कितने पेड़ काटने का प्रपोजल?</strong><br />इससे पहले वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड के लिए पूरे नाना-नानी गार्डन को काटने का प्रपोजल रखा गया था। हालांकि अगस्त 2025 में लोगों के विरोध के बाद इस प्लान को बदल दिया गया। इसके मुताबिक, अब नाना-नानी पार्क में 184 पेड़ काटे जाएंगे। इनमें से 164 पेड़ फिर से लगाए जाएंगे। इस गार्डन में 5 से 6 पिलर खड़े किए जाएंगे और इसके लिए खुदाई भी शुरू हो चुकी है।</p>
<p><strong>कब बना था नाना-नानी पार्क?</strong><br />वर्सोवा के सेवन बंगलो में नाना-नानी पार्क 2001 में शुरू हुआ था। तब से यह पार्क वर्सोवा में बच्चों से लेकर सीनियर सिटिजन तक सभी के लिए मनोरंजन की जगह बन गया है। अंधेरी से वर्सोवा तक के रहने वाले लोग सुबह और शाम टहलने के लिए पार्क में आते हैं। मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में यह पार्क खुली हवा की जगह बन गया है। अंधेरी में वर्सोवा और बांगुर नगर के बीच मौजूद पेड़ इस प्रोजेक्ट से प्रभावित होंगे। </p>
<p><strong>पार्क में हर दिन कितने लोग आते हैं?</strong><br />इस पार्क में हर दिन 90 से 100 लोग आते हैं और युवाओं के लिए एक जिम भी है। इन सुविधाओं की वजह से यह पार्क सभी के बीच बहुत पॉपुलर है। इस पार्क से वर्सोवा से भायंदर कोस्टल रोड पर एक एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। इसके लिए पिलर बनाने का काम शुरू हो गया है। </p>
<p><strong>कुल कितने पेड़ काटे जाएंगे?</strong><br />मुंबई में वर्सोवा में कोस्टल रोड के लिए कुल 1113 पेड़ प्रभावित होंगे। इनमें से 765 पेड़ फिर से लगाए जाएंगे। पूरी कोस्टल रोड के लिए कुल 1244 पेड़ काटे जाएंगे। दहिसर से जुड़ने वाली इस सड़क की कुल लागत 20,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। फिलहाल, नगर निगम ने नाना-नानी पार्क में प्रभावित पेड़ों के बारे में आपत्तियां मांगी हैं और 18 फरवरी को फैसला लिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Feb 2026 11:06:04 +0530</pubDate>
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