<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/5840/afghanistan" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani RSS Feed Generator</generator>
                <title>Afghanistan - Rokthok Lekhani</title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/5840/rss</link>
                <description>Afghanistan RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अफगानिस्तान में जंग और जम्मू में मचाया आतंक... किश्तवाड़ एनकाउंटर में मारा गया जैश आतंकी आदिल था अफगान रिटर्न</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p>घने जंगलों में 4 फरवरी को भारतीय सेना के साथ मुठभेड़ में मारे गए जैश ए मोहम्मद के आतंकी स्वारुद्दीन ख़ान उर्फ आदिल को लेकर खुफिया एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख़्वाह के कोहाट जिले का रहने वाला आदिल भारत में घुसपैठ से पहले अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो की सेनाओं के खिलाफ हक्कानी नेटवर्क के साथ मिलकर जैश ए मोहम्मद की तरफ़ से लड़ा था.</p>]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47583/war-in-afghanistan-and-terror-in-jammu-jaish-terrorist-adil"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-08t182715.077.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>किश्तवाड़ : </strong>घने जंगलों में 4 फरवरी को भारतीय सेना के साथ मुठभेड़ में मारे गए जैश ए मोहम्मद के आतंकी स्वारुद्दीन ख़ान उर्फ आदिल को लेकर खुफिया एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख़्वाह के कोहाट जिले का रहने वाला आदिल भारत में घुसपैठ से पहले अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो की सेनाओं के खिलाफ हक्कानी नेटवर्क के साथ मिलकर जैश ए मोहम्मद की तरफ़ से लड़ा था. जानकारी के मुताबिक साल 2016 में जैश ए मोहम्मद ने अपने बन्नू स्थित ट्रेनिंग कैम्प में आदिल को ट्रेन करके अफगानिस्तान में हक्कानी नेटवर्क के साथ लड़ने के लिए भेजा था.</p>
<p> </p>
<p><strong>आदिल अफगान के कुनार में पोस्टेड था</strong></p>
<p>आदिल के अफगानिस्तान में पोस्टेड होने के दौरान की तीन तस्वीरें मौजूद हैं और जानकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान में नाटो और अमेरिका के साथ लड़ाई के दौरान आतंकी स्वारुद्दीन खान उर्फ आदिल कुनार प्रांत में पोस्टेड था. जैश ए मोहम्मद के आतंकी स्वारुद्दीन उर्फ आदिल पर जम्मू कश्मीर पुलिस ने 5 लाख रुपये का इनाम भी रखा हुआ था और बीते 2 साल से आदिल और उसके साथी एनकाउंटर के दौरान सेना को चकमा देकर भागने में कामयाब हो रहे थे. हालांकि 4 फरवरी को त्राशी के जंगल में आखिरकर आतंकी स्वारुद्दीन उर्फ आदिल को मार गिराया गया. </p>
<p>आदिल के ग्रुप के अन्य तीन आतंकी सैफुल्लाह, फरमान और बाशा अभी भी किश्तवाड़ के जंगलों में छिपे हुए हैं और भारतीय सेना ने इनकी घेराबंदी की हुई है. इन तीनों पर भी 5-5 लाख का इनाम जम्मू कश्मीर पुलिस ने रखा है. आतंकी स्वारुद्दीन उर्फ आदिल बीते 10 महीने में भारतीय सेना के द्वारा जैश ए मोहम्मद का मारा गया चौथा आतंकी है, जो अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो सेना के खिलाफ भी लड़ चुका है. </p>
<p><strong>अफगानिस्तान में लड़कर लौटे थे पाकिस्तान</strong></p>
<p>इससे पहले भारतीय सेना ने पिछले साल 11 अप्रैल को किश्तवाड़ के छतरू इलाके में जैश के आतंकी असद उर्फ रहमान उर्फ बच्चा को मार गिराया था. ख़ैबर पख्तूनख़्वाह प्रांत से ताल्लुक़ रखने वाला असद उर्फ रहमान उर्फ बच्चा भी अफगानिस्तान में 2021 तक हक्कानियों के साथ मिलकर जैश ए मोहम्मद के लिए अमेरिका और नाटो सेनाओं के साथ लड़ रहा था. इसी तरह इसी एनकाउंटर में मारा गया फरमान उल्लाह उर्फ़ फ़रमान कंधार में तालिबान के साथ मिलकर अमेरिका और नाटो के साथ 2021 तक लड़ रहा था.</p>
<p>26 जून 2025 को मारा गया जैश ए मोहम्मद का एक और आतंकी रुक़सार अहमद उर्फ मौलवी को जैश ए मोहम्मद ने ट्रेन करके तालिबान के साथ मिलकर ग़ज़नी प्रांत में लड़ने के लिए भेजा था. इसी कड़ी में बीते 10 महीने में स्वारुद्दीन उर्फ आदिल चौथा ऐसा मारा गया आतंकी है, जो अफगानिस्तान में जंग के बाद भारत में घुसपैठ करके आतंकवाद फैलाने आया था और मारा गया.</p>
<p><strong>सोवियत संघ के जमाने से चल रहा जिहाद</strong></p>
<p>खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, अफगानिस्तान में आतंकवाद फैलाने वाले आतंकियों को भारत भेजने की मोडस ऑपरेंडी कोई नई नहीं है. 80 के दशक में सोवियत संघ के खिलाफ अफगान जिहाद के दौर में जब सोवियत संघ के सैनिक 1989 में अफगानिस्तान छोड़ कर वापस चले गए थे, तब भी अफगानिस्तान में सोवियत के खिलाफ तालिबान और अन्य संगठन के साथ मिलकर लड़ने वाले आतंकियों के पाकिस्तान वापस आने के बाद उन्हें कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए ISI ने भेजा था और यही से जम्मू कश्मीर में व्यवस्थित आतंकवाद की शुरुआत पाकिस्तान ने की थी. जो 1989 तक अफ़ग़ान मुजाहिद थे वो 1990 के बाद से सज्जाद अफगानी के नेतृत्व में हरकत उल मुजाहिद्दीन और हाफिज मुहम्मद सईद के नेतृत्व में लश्कर ए तैयबा के आतंकी बन गए. </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/47583/war-in-afghanistan-and-terror-in-jammu-jaish-terrorist-adil</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/47583/war-in-afghanistan-and-terror-in-jammu-jaish-terrorist-adil</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 18:28:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-02/download---2026-02-08t182715.077.jpg"                         length="12267"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफगानिस्तान में लगे भूकंप के झटके... रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई तीव्रता</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। एनसीएस ने बताया कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई है। एजेंसी ने बताया कि मंगलवार को अफगानिस्तान के फैजाबाद के 116 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में भूकंप आया है। जानकारी के मुताबिक, भूकंप के झटके मंगलवार तड़के 3 बजकर 32 मिनट महसूस किए गए।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20683/earthquake-tremors-in-afghanistan%E2%80%A6-4-3-intensity-measured-on-the-richter-scale"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/download6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अफगानिस्तान : </strong>अफगानिस्तान के फैजाबाद में पिछले कई दिनों से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। मंगलवार तड़के एक बार फिर यहां भूकंप आया है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। एनसीएस ने बताया कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई है। एजेंसी ने बताया कि मंगलवार को अफगानिस्तान के फैजाबाद के 116 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में भूकंप आया है। जानकारी के मुताबिक, भूकंप के झटके मंगलवार तड़के 3 बजकर 32 मिनट महसूस किए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">ये 120 किलोमीटर की गहराई में आया था।' बताया जा रहा है कि भूकंप से किसी तरह की जानमाल की हानि के नुकसान की खबर नहीं है। एजेंसी ने बताया कि इससे पहले तीन मई को भी अफगानिस्तान में भूकंप आया था। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.2 थी। तीन मई को भूकंप दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आया था। इसकी गहराई 169 किमी थी। एनसीएस ने ट्वीट कर बताया था कि भूकंप की तीव्रता 5.2 थी और ये दोपहर तीन बजकर 21 मिनट पर आया था।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/20683/earthquake-tremors-in-afghanistan%E2%80%A6-4-3-intensity-measured-on-the-richter-scale</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/20683/earthquake-tremors-in-afghanistan%E2%80%A6-4-3-intensity-measured-on-the-richter-scale</guid>
                <pubDate>Tue, 09 May 2023 17:00:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/download6.jpg"                         length="7740"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में ऐसा क्या हुआ... अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान रूस पर बिगड़ गया</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[एससीओ की बैठक इस बात से भी अहम हो गई है क्योंकि इसमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो और चीन के विदेश मंत्री भी हिस्सा लेने आ रहे हैं.]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/20412/what-happened-in-delhi-----the-taliban--who-were-in-power-in-afghanistan--got-angry-on-russia"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-05/9556.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>रूस : </strong>रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ ही बदलते घटनाक्रमों के बीच भारत में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक 4 मई से शुरू हो रही है. दो दिन चलने वाली इस बैठक में भारत, चीन, कजाखिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, तजाखिस्तान और उज्बेकिस्तान हिस्सा लेंगे. एससीओ की बैठक इस बात से भी अहम हो गई है क्योंकि इसमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो और चीन के विदेश मंत्री भी हिस्सा लेने आ रहे हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">इस बैठक पर अमेरिका और यूरोपीय देशों की नजर है.  इससे पहले इस ग्रुप में शामिल देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक भी 28 अप्रैल को हुई है. जिसमें ऐसा कुछ हुआ जिसकी वजह से अफगानिस्तान की सत्ता में काबिज तालिबान नाराज हो गया है. <br />भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में चीन, कजाकिस्तान,  किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के रक्षा मंक्षी शामिल हुए थे.</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान रूस के रक्षा मंत्री जनरल सर्गेई शोइगू ने कहा कि अफगानिस्तान में आतंकी संगठन फिर से मजबूत हो रहे हैं. ये पड़ोसी देशों के लिए बड़ा खतरा हैं खासकर मध्य एशिया के लिए.  इसी बैठक में भारत की ओर से ग्रुप में शामिल सभी आठ देशों से आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की अपील भी की गई. लेकिन उधर रूस के रक्षा मंत्री की ओर से आए इस बयान पर तालिबान नाराज हो गया. </p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल रूस के रक्षा मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान में इस समय कई आतंकी संगठन फिर से सिर उठा रहे हैं जो कि पड़ोसी देशों के लिए खतरा हैं. शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में अफगानिस्तान मुख्य एजेंडे में होना चाहिए. केवल आपसी सहयोग से ही इस चुनौती से निपटा जा सकता है जिससे अभी अफगानिस्तान अकेले जूझ रहा है. रूस की ओर से आए इस बयान पर दो दिन बाद तालिबान की ओर से आई प्रतिक्रिया में इन बातों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.</p>
<p style="text-align:justify;">तालिबान की ओर से कहा गया कि अफगानिस्तान को पड़ोसी देशों के लिए खतरा कहने की बात एकदम गलत है. तालिबान ने कहा कि रूस की सरकार को समझना चाहिए कि बीते दो सालों में अफगानिस्तान की ओर से इलाके या विश्व, किसी के लिए खतरा पैदा नहीं हुआ है. तालिबान की इस्लामिक सरकार यहां पर खुद ही आईएसआईएस के लड़ाकों को पूरी क्षमता के साथ हराने में कामयाब रही है.</p>
<p style="text-align:justify;">दो साल पहले अफगानिस्तान की चुनी हुई सरकार को हटाकर सत्ता में आई तालिबान ने दावा कि वो एक जिम्मेदार सरकार चला रहे हैं और वे अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं होने देंगे. तालिबान ने कहा कि दुख है कि हाल ही में कुछ घटनाएं हुई हैं जिनके पीछे दूसरे देश के लोग शामिल  हैं. लेकिन सरकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभा रही है.</p>
<p style="text-align:justify;">दो साल पहले अफगानिस्तान में अमेरिकी सेनाओं के जाने के बाद तालिबान जब सत्ता में आया था तो भारत ने इसका विरोध किया था. उस समय माना जा रहा था कि ये भारत के लिए बड़ा झटका हो सकता है. अंतरराष्ट्रीय राजनीति की समझ रखने वाले लोगों को लग रहा था कि पाकिस्तान तालिबानी लड़ाकों का इस्तेमाल भारत की सीमा पर आतंक फैलाने के लिए कर सकता है.</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन तालिबान ने सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान को ज्यादा तवज्जो नहीं दी उल्टे उसने पाकिस्तान को उसकी जमीन पर कब्जा करने के आरोप में धमका भी दिया. आज हालात ये हैं कि अफगानिस्तान के संबंध पाकिस्तान की तुलना में भारत के कहीं ज्यादा अच्छे हैं. हालांकि भारत ने अभी तक तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है लेकिन दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध पहले की तरह ही मजबूत हैं. </p>
<p style="text-align:justify;">एससीओ की बैठक में रूस ने जिस तरह का रुख अभी तक अपनाया है भारत के लिए चिंता की बात हो सकती है साथ ही ये कठिन कूटनीतिक परीक्षा भी है. एक ओर उसने भारत की धरती से तालिबान को छेड़ा दिया तो दूसरी ओर चीन पर उसका रुख पूरी तरह से नरम और बचाव करने वाला है. रूस के रक्षा मंत्री जनरल शर्गेई शोइगु ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में अमेरिका को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी. साथ ही उन्होंने कहा कि क्वॉड और ऑकस जैसे समूह सिर्फ चीन को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि क्वाड यानी 'चतुर्भुज सुरक्षा संवाद' नाम का एक समूह बनाया गया है जिसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, अमेरिका के साथ भारत भी शामिल है.  साल 2007 में इसका समूह को बनाने का विचार जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रखा था. लेकिन उस  समय  चीन के दबाव में ऑस्ट्रेलिया पीछे हट गया था. 10 साल बाद यानी साल 2017 में इसका गठन हो गया. इसका उद्देश्य मानवीय सहायता और आपदा राहत है.</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन ये भारत के लिए बहुत अहम है. दरअसल चीन के लिए हिमालय में जमीन हड़पने से ज्यादा अहम समुद्री इलाके हैं. क्योंकि चीन का पूरा व्यापार इसी पर निर्भर है. चीन अगर सीमा पर किसी भी तरह की गड़बड़ी करता है तो भारत इन क्वाड के साथ मिलकर समुद्र में चीन की व्यापारिक गतिविधियां रोक सकता है.</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर ऑकस नाम का संगठन बनाया है. जिसका उद्देश्य त्रिपक्षीय सुरक्षा है. इस ग्रुप के गठन पर अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से चीन का बिना नाम लिए कहा गया कि तेजी से उभरते खतरों से निपटा जा सकेगा. इसके तहत तीनों देश ऑर्टिफिशयल इंटेलीजेंस, साइबर वार, क्वांटम कंप्यूटिंग एवं परमाणु पनडुब्बी निर्माण जैसे क्षेत्रों में खुफिया एवं उन्नत तकनीक साझा करेंगे. </p>
<p style="text-align:justify;">भारत में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में रूस के रक्षा मंत्री ने इन ग्रुपों पर जमकर निशाना साधा और चीन का खुलकर समर्थन किया. शर्गेई शोइगु  ने कहा अमेरिका और उसके सहयोगी देश एशिया-प्रशांत इलाके में बहुपक्षीय दुनिया के खिलाफ हैं. वो क्वाड और ऑकस के जरिए इस इलाके में नॉटो जैसा प्रयोग करना चाहते हैं. </p>
<p style="text-align:justify;">रूस के रक्षा मंत्री ने कहा चीन को घेरने के लिए इस तरह के संगठन बनाए जा रहे हैं और इसके लिए खुले या मुक्त एशिया-प्रशांत की थ्योरी पर काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके साथी देश एक ऐसी कूटनीति पर काम कर रहे हैं ताकि रूस और चीन के बीच भी युद्ध को भड़काया जा सके. रूस ने कहा कि यूक्रेन के साथ युद्ध अमेरिका और पश्चिमी देशों के अपराधों का नतीजा है. यूक्रेन के जरिए ये देश रूस को हराना और डिगाना चाहते थे ताकि चीन को भी डराया जा सके. दरअसल ये देश पूरी दुनिया में एकाधिकार चाहते हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">रूस की ओर आया क्वाड को लेकर आया भारत के लिए परेशानी का सबब है. भारत ने हमेशा स्वतंत्र और अपने हित वाली विदेश नीति की बात करता आया है. यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत ने पश्चिमी देशों और अमेरिका के दबाव को दरकिनार कर दिया था. दूसरी ओर रूस को भी कई बार नसीहत दी है. लेकिन रूस ने जिस तरह से क्वाड पर निशाना साधा है वो भारत के लिए रूस के साथ संबंधों पर एक बार फिर से समीक्षा करने के लिए मजबूर कर दिया है. ये चुनौती ऐसे समय आई है जब चीन के साथ सीमा पर तनाव चरम पर है. लेकिन रूस अभी तक इस मुद्दे पर चीन को एक बार भी नहीं टोका है. </p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एससीओ के सदस्य देशों से आतंकवाद के सभी रूपों को खत्म करने की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के लिए अपील की. भारत के रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि किसी भी तरह का आतंकवादी कृत्य या किसी भी रूप में इसका समर्थन मानवता के खिलाफ एक बड़ा अपराध है. जहां यह खतरा है वहां शांति और समृद्धि नहीं रह सकती. </p>
<p style="text-align:justify;">राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए कहा, यदि कोई राष्ट्र आतंकवादियों को आश्रय देता है, तो यह न केवल दूसरों के लिए बल्कि स्वयं उसके लिए भी खतरा पैदा करता है. यदि एससीओ को एक मजबूत और अधिक विश्वसनीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन बनाना चाहते हैं, तो हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता आतंकवाद से प्रभावी ढंग से निपटने की होनी चाहिए.<br />राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत क्षेत्रीय सहयोग के एक मजबूत ढांचे की कल्पना करता है जो सभी सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है.  </p>
<p style="text-align:justify;">सिंह ने सदस्य राज्यों के बीच अंतर को बढ़ाने के लिए एससीओ अध्यक्ष के रूप में भारत द्वारा शुरू की गई दो रक्षा-संबंधी गतिविधियों को भी छुआ.  इससे पहले, राजनाथ सिंह ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में एससीओ को एक विकसित और मजबूत क्षेत्रीय संगठन के रूप में वर्णित किया. यह रेखांकित करते हुए कि भारत इसे सदस्य देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण इकाई के रूप में देखता है.</p>
<p style="text-align:justify;">15 जून 2001 को शंघाई सहयोग संगठन बनाया गया था. इसमें अभी 8 सदस्य हैं जिसमें भारत, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं. इसके चार कई देश अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया इस समूह में शामिल होना चाहते हैं. वहीं इसमें 6 देश 'साझेदार के तौर पर भी हैं जिनमें अर्मेनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तुर्किए शामिल हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">साल 2021 में ईरान को इसमें शामिल करने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है. इसके साथ ही इजिप्ट, कतर और सऊदी अरब को संवाद साझीदार के तौर पर भी शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है. साल 2001 में  गठन के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा पर इस संगठन का ध्यान ज्यादा केंद्रित रहा है. आतंकवाद, अलगाववाद और धार्मिक कट्टरता से निपटने के लिए इसमें चर्चाएं होती रही हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस संगठन की अहमियत बढ़ी है. साल 2005 से यह समूह संयुक्त राष्ट्र महासभा में पर्यवेक्षक के तौर भी काम कर रहा है. साल 2010 में संयुक्त राष्ट्र और एससीओ के बीच आपसी सहयोग पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं. इसके साथ ही यूनेस्को, विश्व पर्यटक संघ, अंतरराष्ट्रीय प्रवसन संघ, संयुक्त राष्ट्र के ड्रग्स और अपराध नियंत्रण की शाखा के साथ मिलकर काम कर रहा है.</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/20412/what-happened-in-delhi-----the-taliban--who-were-in-power-in-afghanistan--got-angry-on-russia</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/20412/what-happened-in-delhi-----the-taliban--who-were-in-power-in-afghanistan--got-angry-on-russia</guid>
                <pubDate>Mon, 01 May 2023 17:16:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-05/9556.jpg"                         length="35838"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तालिबान बना पाकिस्तान के लिए सिरदर्द... अफगानिस्तान में आतंकवादियों के कारण शांति और स्थिरता हुई प्रभावित</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[इस्लामाबाद में शुक्रवार को पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की 41वीं बैठक हुई, जिसकी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान ये चिंताएं उठाई गईं। पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के हवाले से टोलो न्यूज ने कहा, "यह नोट किया गया कि अफगानिस्तान से खतरनाक आतंकवादियों की वापसी और उन्हें विभिन्न आतंकवादी संगठनों के समर्थन के कारण शांति और स्थिरता प्रभावित हुई, जो असंख्य बलिदानों और निरंतर प्रयासों का परिणाम था।"]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19718/taliban-became-a-headache-for-pakistan%E2%80%A6-peace-and-stability-in-afghanistan-affected-due-to-terrorists"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-04/download-(7)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पाकिस्तान : </strong>पाकिस्तान व अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है इसका कारण गैर कानूनी घोषित संगठन तहरीक-ए-तालिबान का खैबर पख्तुनख्वा और बलूचिस्तान में बढ़ते हुए हमले हैं। इस बीच पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान में आतंकवादी संगठनों की मौजूदगी के बारे में चिंता व्यक्त की है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि अफगानिस्तान में बढ़ती हुई आतंकी गतिविधियों से पाकिस्तान में अस्थिरता बढ़ गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में कहा गया कि इस्लामाबाद में शुक्रवार को पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की 41वीं बैठक हुई, जिसकी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान ये चिंताएं उठाई गईं। पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के हवाले से टोलो न्यूज ने कहा, "यह नोट किया गया कि अफगानिस्तान से खतरनाक आतंकवादियों की वापसी और उन्हें विभिन्न आतंकवादी संगठनों के समर्थन के कारण शांति और स्थिरता प्रभावित हुई, जो असंख्य बलिदानों और निरंतर प्रयासों का परिणाम था।"<br /><br />वहीं, दूसरी तरफ तालिबान ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के दावे का खंडन किया और कहा कि वे किसी को भी अन्य देशों के खिलाफ अफगानिस्तान के क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं देते हैं। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि वे किसी को भी अफगान धरती से अन्य देशों के लिए खतरा पैदा करने की अनुमति नहीं देते हैं। मुजाहिद ने कहा, "हम अफगान और इस्लामिक अमीरात युद्ध से थक चुके हैं और अफगानिस्तान ही नहीं, किसी भी देश में युद्ध के खिलाफ हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">हमने किसी को भी अफगान धरती से दूसरे देशों के लिए खतरा पैदा करने की इजाजत नहीं दी।" उधर, विश्लेषकों ने कहा कि पाकिस्तान को तालिबान के साथ चिंता जताकर अपनी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उनका मानना है कि बातचीत से ही चीजें आसान होंगी। एक राजनीतिक विश्लेषक हतिफ मुख्तार ने कहा कि पाकिस्तान को तालिबान के साथ एक समझौते पर पहुंचना चाहिए।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/19718/taliban-became-a-headache-for-pakistan%E2%80%A6-peace-and-stability-in-afghanistan-affected-due-to-terrorists</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/19718/taliban-became-a-headache-for-pakistan%E2%80%A6-peace-and-stability-in-afghanistan-affected-due-to-terrorists</guid>
                <pubDate>Sun, 09 Apr 2023 18:57:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2023-04/download-%287%292.jpg"                         length="9746"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Online Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        