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                <title>fraud - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>fraud RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई में तंत्र-मंत्र के नाम पर 11 लाख की ठगी, नकली नोट थमाने वाले 3 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के मुंबई में तंत्र-मंत्र के जरिए लोगों से 11 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.आरोपियों ने लोगों को झांसे में लेकर नोटों की बारिश होने का दावा किया था, लेकिन उसकी जगह नकली नोट पकड़ा दिए. शिकायत के बाद हरकत में आई नासिक की अभोणा पुलिस ने कार्रवाई शुरू की.पुलिस ने लोगों को सलाह दी कि ऐसे किसी के झांसे में न आएं और अपनी संपत्ति को ऐसे न सौंपे. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51801/3-arrested-for-cheating-rs-11-lakh-in-fake-notes"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-12t114433.390.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के मुंबई में तंत्र-मंत्र के जरिए लोगों से 11 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.आरोपियों ने लोगों को झांसे में लेकर नोटों की बारिश होने का दावा किया था, लेकिन उसकी जगह नकली नोट पकड़ा दिए. शिकायत के बाद हरकत में आई नासिक की अभोणा पुलिस ने कार्रवाई शुरू की.पुलिस ने लोगों को सलाह दी कि ऐसे किसी के झांसे में न आएं और अपनी संपत्ति को ऐसे न सौंपे. </p>
<p> </p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला ?</strong><br />जानकारी के मुताबिक ठगी की शुरुआत मुंबई से हुई. यहां फर्जी बाबा हिराचंद बर्डे और उसके साथियों ने परिवारों का भरोसा जीतने के लिए पहले एक छोटा चमत्कार दिखाया, जिसमें उन्होंने एक हजार के बदले दो लाख रुपए थमा दिए. इसे देख लोग फर्जी बाबा के झांसे में आ गए. इसके बाद बाबा ने बड़ा खेल खेला, बाबा ने दावा किया कि एक तांत्रिक पूजा के बाद 15 करोड़ रूपए की बारिश होगी. जल्द अमीर बनने की चाहत में पीड़ितों ने कैश और ऑनलाइन से 10 लाख 95 हजार रुपए बाबा को दे दिए.</p>
<p><strong>नासिक बुलाकर थमा दिए नकली नोट </strong><br />बाबा ने पूजा के नाम पर पीड़ितों को नासिक के अभोणा इलाके में बुलाया. तंत्र विद्या के नाम पर घटों पूजा-पाठ का ढोंग किया गया. इसके बाद बाबा ने नोटों से भरी एक बोरी पीड़ितों को सौंप दी और हिदायत दी कि एक हफ्ते तक बोरी न खोलें. जब सात दिन बाद बोरी खोली तो उसमें चूरन वाले नकली नोट निकले. जब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ तो अपने पैसे बाबा से वापस मांगे जिस पर उसने धमका दिया. इसके बाद पीड़ितों ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से संपर्क कर पुलिस में शिकायत की. एक पीड़ित ने बताया कि वो मुंबई का रहने वाला है. बाबा ने मुझे जाल में फंसाकर एक लाख के बदले एक करोड़ रुपए का लालच दिया और 11 लाख रुपए ऐठ लिए.</p>
<p><strong>पुलिस ने तीन को गिरफ्तार किया</strong><br />अभोणा पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर प्रदीप देशमुख ने बताया कि शिकायत के बाद फर्जी तांत्रिक हिराचंद बर्डे के साथ दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस तीनों से और लोगों से ठगी के बारे में भी पूछताछ कर रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Sep 2026 11:45:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुंबई में साइबर फ्रॉड के बड़े रैकेट का खुलासा, 6 गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की डोंगरी पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टेबाजी और कैसीनो के नाम पर होने वाली साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने साइबर फ्रॉड की रकम को इधर-उधर करने के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में करीब 25 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का पता चला है. पुलिस को आशंका है कि पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51478/big-cyber-fraud-racket-busted-in-mumbai-6-arrested"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/img-20260820-wa0049_2026081130664.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की डोंगरी पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टेबाजी और कैसीनो के नाम पर होने वाली साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने साइबर फ्रॉड की रकम को इधर-उधर करने के लिए ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ उपलब्ध कराने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में करीब 25 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का पता चला है. पुलिस को आशंका है कि पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है.</p>
<p> </p>
<p>साउथ रीजन जोन-1 के डीसीपी मनीष कलवानिया ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में बताया कि डोंगरी पुलिस स्टेशन के साइबर टिम को इस गिरोह के बारे में विश्वसनीय और गोपनीय जानकारी मिली थी. इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने के लिए सुनियोजित तरीके से जांच शुरू की.</p>
<p><strong>इस राज्य में अब खाने का तेल खुले में नहीं बिकेगा, लगा बैन</strong><br />जांच के दौरान पता चला कि गिरोह के सदस्य आर्थिक रूप से जरूरतमंद लोगों को पैसे का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे. इसके लिए उन्हें 5 से 10 हजार रुपये देने का लालच दिया जाता था. बैंक खाता खुलने के बाद पासबुक, डेबिट कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड तक आरोपियों के कब्जे में ले लिए जाते थे.</p>
<p><strong>साइबर ठगी की रकम इन खातों में होती थी जमा</strong><br />इन बैंक खातों का इस्तेमाल बाद में साइबर फ्रॉड के लिए किया जाता था. ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टेबाजी और कैसीनो के नाम पर लोगों से ठगी के बाद हासिल की गई रकम इन खातों में जमा कराई जाती थी. इसके बाद रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था.<br />ऐसा करने के पीछे मकसद साइबर ठगी से मिली रकम के असली स्रोत को छिपाना था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों का इस्तेमाल करने वाले गिरोह के पीछे कौन लोग हैं और ठगी की रकम आखिर किन लोगों तक पहुंचती थी.</p>
<p><strong>110 बैंक खाते पुलिस के रडार पर</strong><br />डोंगरी पुलिस की जांच में अब तक कुल 110 बैंक खातों को जब्त किया गया है. पुलिस इन खातों के बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है. फिलहाल 110 में से 17 बैंक खातों से जुड़ी जानकारी बैंकों से हासिल की गई है.</p>
<p>इन 17 खातों के लेनदेन, तकनीकी जानकारी और अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों की जांच की गई. इस जांच में सामने आया कि देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 38 साइबर अपराध की शिकायतों का सीधा संबंध इन्हीं 17 बैंक खातों से है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Aug 2026 11:07:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा, साइबर ठगी के पैसों की हेराफेरी करने वाले नेटवर्क पर शिकंजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच मुंबई क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की कार्यप्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रोशन ने बताया कि साइबर अपराध आमतौर पर दो चरणों में संचालित होते हैं और पुलिस ने ऐसे नेटवर्क की पहचान की है जो ठगी की रकम को अलग-अलग खातों के जरिए आगे भेजने का काम करता है। डीसीपी राज तिलक रोशन ने बताया कि पहला समूह उन लोगों का होता है जो सीधे साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। इनमें डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, आईपीके से जुड़े धोखाधड़ी के मामले और अन्य ऑनलाइन ठगी शामिल हैं। दूसरा समूह उन लोगों का होता है जो ठगी के बाद प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों या अन्य माध्यमों से स्थानांतरित कर उसकी असली पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51194/6a7597328255b"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-07t140259.641.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच मुंबई क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की कार्यप्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रोशन ने बताया कि साइबर अपराध आमतौर पर दो चरणों में संचालित होते हैं और पुलिस ने ऐसे नेटवर्क की पहचान की है जो ठगी की रकम को अलग-अलग खातों के जरिए आगे भेजने का काम करता है। डीसीपी राज तिलक रोशन ने बताया कि पहला समूह उन लोगों का होता है जो सीधे साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। इनमें डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, आईपीके से जुड़े धोखाधड़ी के मामले और अन्य ऑनलाइन ठगी शामिल हैं। दूसरा समूह उन लोगों का होता है जो ठगी के बाद प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों या अन्य माध्यमों से स्थानांतरित कर उसकी असली पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह दूसरा नेटवर्क साइबर अपराधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण कड़ी होता है। इसका काम ठगी से हासिल रकम को कई खातों में घुमाकर या अलग-अलग स्थानों पर भेजकर उसकी ट्रैकिंग को मुश्किल बनाना होता है। इस प्रक्रिया को आमतौर पर 'लेयरिंग' कहा जाता है, जिसका उद्देश्य अवैध धन के स्रोत को छिपाना होता है। मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार, जांच में सामने आया है कि इस तरह के नेटवर्क कई प्रकार के साइबर अपराधों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इन नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।</p>
<p>अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से साइबर अपराधों के बड़े गिरोह तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पुलिस ने नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। किसी अनजान कॉल, ओटीपी साझा करने, फर्जी निवेश योजनाओं या डिजिटल अरेस्ट जैसे दावों पर भरोसा न करने की सलाह दी गई है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता और त्वरित शिकायत दोनों बेहद जरूरी हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 14:04:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और गैर-कानूनी ऑनलाइन गेमिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और गैर-कानूनी ऑनलाइन गेमिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने गोवा के कैंडोलिम स्थित एक आलीशान विला में छापेमारी कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी को आशंका है कि यह गिरोह पिछले छह महीनों से साइबर अपराध के जरिए हासिल की गई 500 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर कर मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा था। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51190/mumbai-international-cyber-fraud-and-illegal-online-gaming-syndicate-busted"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-07t123341.061.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और गैर-कानूनी ऑनलाइन गेमिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने गोवा के कैंडोलिम स्थित एक आलीशान विला में छापेमारी कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी को आशंका है कि यह गिरोह पिछले छह महीनों से साइबर अपराध के जरिए हासिल की गई 500 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर कर मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा था। </p>
<p> </p>
<p>क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के दौरान इस रैकेट से जुड़े विभिन्न बैंक खातों में मौजूद करीब 100 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर अपराध से जुड़े वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, इनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और पैसों के लेनदेन की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपी एक सुनियोजित तरीके से साइबर फ्रॉड और अवैध ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों को संचालित कर रहे थे। आरोपियों ने गोवा के कैंडोलिम में स्थित एक महंगे विला को किराए पर लिया था, जहां से इस पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, यह विला सामान्य रहने के लिए नहीं बल्कि साइबर अपराध की गतिविधियों को अंजाम देने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा था।</p>
<p>क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि गिरोह में शामिल लोगों को अपराध में शामिल करने से पहले विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपियों को लगभग 15 दिनों तक ट्रेनिंग दी गई, जिसमें उन्हें कई बैंक खातों के माध्यम से तेजी से पैसे ट्रांसफर करने, लेनदेन छिपाने और साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में भेजने के तरीके सिखाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क में शामिल आरोपी कुछ ही मिनटों में बड़ी रकम को कई बैंक खातों में ट्रांसफर करने की क्षमता रखते थे। इसके लिए वे अलग-अलग खातों, डिजिटल माध्यमों और अन्य वित्तीय चैनलों का इस्तेमाल करते थे, ताकि जांच एजेंसियों को लेनदेन की वास्तविक जानकारी आसानी से न मिल सके। </p>
<p>जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस सिंडिकेट का नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साइबर फ्रॉड से जुटाई गई रकम किन देशों या किन नेटवर्क के माध्यम से संचालित की जा रही थी। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि अवैध ऑनलाइन गेमिंग के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ। </p>
<p>मुंबई क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। हाल के वर्षों में ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और अवैध गेमिंग से जुड़े मामलों में तेजी आई है। अपराधी तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने और बड़ी रकम को छिपाने के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे मामलों में वित्तीय लेनदेन की जांच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 12:34:58 +0530</pubDate>
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