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                <title>emergency - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>emergency RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: टेंडर अलॉट होने के 5 महीने बाद भी 6 स्टेशनों पर नहीं शुरू हुई इमरजेंसी मेडिकल रूम की फैसिलिटी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अक्टूबर 2025 से लेकर दिसंबर 2025 तक मध्य रेलवे के 10 स्टेशनों पर चरणबद्ध तरीके से इमरजेंसी मेडिकल रूम की फैसिलिटी प्रदान करने के लिए टेंडर अलॉट किया गया था, लेकिन अब तक 6 स्टेशनों पर यह फैसिलिटी शुरू नहीं हो सकी है। इनमे से अधिकांश स्टेशनों पर टेंडर अलॉट हुए करीब 5 महीने बीत चुके है, लेकिन अब तक सर्विस शुरू नहीं हो सकी है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49178/emergency-medical-room-facility-not-started-at-6-stations-even"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t131518.386.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> अक्टूबर 2025 से लेकर दिसंबर 2025 तक मध्य रेलवे के 10 स्टेशनों पर चरणबद्ध तरीके से इमरजेंसी मेडिकल रूम की फैसिलिटी प्रदान करने के लिए टेंडर अलॉट किया गया था, लेकिन अब तक 6 स्टेशनों पर यह फैसिलिटी शुरू नहीं हो सकी है। इनमे से अधिकांश स्टेशनों पर टेंडर अलॉट हुए करीब 5 महीने बीत चुके है, लेकिन अब तक सर्विस शुरू नहीं हो सकी है। मिली जानकारी के अनुसार, यह फैसिलिटी 10 में से सिर्फ 4 स्टेशनों पर शुरू हो पाई है और 6 स्टेशनों पर अब तक अलग-अलग कारणों की वजह से नहीं खुल पाई है। अधिकारी का कहना है कि टेंडर अलॉट होने के बाद, जगह की मरम्मत और सभी फॉर्मेलिटी को पूरी करने के बाद सर्विस शुरू की जाती है।</p>
<p> </p>
<p><strong>पश्चिम रेलवे के सिर्फ 16 स्टेशनों पर ही मौजूद इमरजेंसी मेडिकल रूम</strong><br />वर्तमान में पश्चिम रेलवे के मुंबई डिवीज़न के सिर्फ 16 स्टेशनों पर ही इमरजेंसी मेडिकल रूम फैसिलिटी मौजूद है। इसके अलावा 26 स्टेशनों पर मेडिकल बॉक्स और 84 स्टेशन पर एम्बुलेंस सर्विस मौजूद है। अधिकारी का कहना है कि हमने विभिन्न स्टेशनों के लिए कई बार टेंडर निकाला है, लेकिन इसको लेकर लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।</p>
<p><strong>10 में से 5 टेंडर एसबी इंटरप्राइजेज को मिला</strong><br />आरटीआई द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, टिटवाला में ममता हॉस्पिटल , कुर्ला में एसबी इंटरप्राइजेज, कर्जत में श्री ओम साईं क्लिनिक, लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर एसबी इंटरप्राइजेज , मुंब्रा में एसबी इंटरप्राइजेज, ठाणे में एसबी इंटरप्राइजेज, कलवा में अल्पाइन डायग्नोस्टिक, घाटकोपर में एसटी फ़ूड एंड इंटरप्राइजेज, मानखुर्द में ममता हॉस्पिटल और चेम्बूर में भी एसबी इंटरप्राइजेज को टेंडर दिया गया है। सबसे ज्यादा कुल -5 टेंडर एसबी इंटरप्राइजेज को दिया गया है। बता दें कि कलवा में नवंबर और घाटकोपर में दिसंबर में टेंडर अलॉट किया गया था, पर बाकी सभी स्टेशनों के लिए अक्टूबर में ही टेंडर अलॉट किया गया था । इन सब का टेंडर 2030 में एक्सपायर होगा।</p>
<p>मेडिकल रूम का मकसद यात्रा के दौरान अचानक बीमार होने या दुर्घटना की स्थिति में तुरंत उपचार देना है। वहां दिन-रात डॉक्टर और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहते हैं। इसके साथ ही छोटी जांच सुविधा, दवाइयों की व्यवस्था और मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन भी उपलब्ध होते है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:31:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई-बेंगलुरु एयर इंडिया फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, 'पैन-पैन' कॉल के बाद पायलट ने उठाया कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में गुरुवार को हवा में ही इंजन से जुड़ी एक समस्या आ गई। इसके चलते पायलटों को 'पैन-पैन'  कॉल करना पड़ा। यह घटना एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2812 से जुड़ी है। जिसे एक एयरबस A320 निओ विमान ऑपरेट कर रहा था। सुबह 2:05 बजे उड़ान भरने का समय तय था, लेकिन विमान ने लगभग 2:15 बजे उड़ान भरी और कुछ ही देर बाद मुंबई लौट आया। लगभग 2:35 बजे विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49099/emergency-landing-of-mumbai-bengaluru-air-india-flight-pilot-took-action"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-10t105742.743.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई से बेंगलुरु जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में गुरुवार को हवा में ही इंजन से जुड़ी एक समस्या आ गई। इसके चलते पायलटों को 'पैन-पैन'  कॉल करना पड़ा। यह घटना एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2812 से जुड़ी है। जिसे एक एयरबस A320 निओ विमान ऑपरेट कर रहा था। सुबह 2:05 बजे उड़ान भरने का समय तय था, लेकिन विमान ने लगभग 2:15 बजे उड़ान भरी और कुछ ही देर बाद मुंबई लौट आया। लगभग 2:35 बजे विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया। </p>
<p> </p>
<p><strong>'पैन-पैन' कॉल का मतलब</strong><br />हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'पैन-पैन' कॉल एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त आपातकालीन संकेत है। इसका इस्तेमाल विमानन और समुद्री संचार में किया जाता है। यह एक ऐसी गंभीर स्थिति का संकेत देता है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता होती है, लेकिन यह मेडे जैसी आपात स्थिति जितनी गंभीर नहीं होती। पिछले महीने यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी की एक रिपोर्ट में एयर इंडिया में सुरक्षा से जुड़ी कई खामियों की ओर इशारा किया गया था। यह रिपोर्ट यूरोपीय हवाई अड्डों पर एयर इंडिया के विमानों के अचानक किए गए निरीक्षण के बाद सामने आई थी। इन नतीजों ने विमानों के बेड़े की विश्वसनीयता और इंजीनियरिंग मानकों को लेकर जारी चिंताओं को उजागर किया। </p>
<p><strong>एयर इंडिया की उड़ान पर उठे सवाल</strong><br />टाटा संस के स्वामित्व वाली इस एयरलाइन को रखरखाव और इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं को लेकर भारत के विमानन नियामक की ओर से बार-बार जांच का सामना करना पड़ा है। इससे टाटा ग्रुप में वापसी के बाद से एयरलाइन के सुधार के प्रयासों पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले साल हुई एक जानलेवा विमान दुर्घटना के बाद से एयर इंडिया के परिचालन पर भी सबकी नजर बनी हुई है। उस दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई थी। हालांकि, शुरुआती जांच के निष्कर्षों में दुर्घटना का कारण विमान में कोई तकनीकी खराबी या एयरलाइन की इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं में कोई कमी नहीं पाया गया था।</p>
<p><strong>एयर इंडिया के सीईओ ने दे दिया है इस्तीफा</strong><br />एक अन्य घटनाक्रम में एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एयरलाइन ने बताया कि विल्सन ने 2024 में ही टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को अपने इस फैसले के बारे में सूचित कर दिया था। इस घटना से विल्सन के बाद एयरलाइन की कमान संभालने के लिए किसी स्पष्ट उत्तराधिकार योजना के अभाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 10:58:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : अब आपातकालीन सेवाएं होंगी और तेज, जल्द पहुंचेगी मदद; पुलिस को मिली 1290 नई गाड़ियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुंबई पुलिस के बेड़े में 1290 नई गाड़ियों को शामिल किया गया है। इन वाहनों का लोकार्पण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नरिमन पॉइंट स्थित मुरली देवरा चौक पर हरी झंडी दिखाकर किया। माना जा रहा है कि इससे मुंबई पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम और कम होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48028/mumbai-will-now-have-emergency-services-and-help-will-reach"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-26t172326.546.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुंबई पुलिस के बेड़े में 1290 नई गाड़ियों को शामिल किया गया है। इन वाहनों का लोकार्पण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नरिमन पॉइंट स्थित मुरली देवरा चौक पर हरी झंडी दिखाकर किया। माना जा रहा है कि इससे मुंबई पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम और कम होगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>5.30 मिनट से भी कम होगा रिस्पांस टाइम, हाईटेक गाड़ियों से लैस होगी मुंबई पुलिस</strong><br />इस मौके पर गृह राज्य मंत्री योगेश कदम, मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नई गाड़ियों में 657 दोपहिया और 633 चारपहिया वाहन शामिल हैं। चार पहिया वाहनों में स्कॉर्पियो और बड़े अर्मेनिया वाहन शामिल हैं, जो आधुनिक तकनीक से लैस हैं। फिलहाल मुंबई पुलिस 100 और 112 हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों पर औसतन 5.30 मिनट में मौके पर पहुंचती है। नई गाड़ियों के शामिल होने से यह समय और घटने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा, क्योंकि आपात स्थिति में पुलिस तेजी से घटनास्थल तक पहुंचेगी।</p>
<p><strong>हर पुलिस स्टेशन को मिलेंगी 10 गाड़ियां</strong><br />मुंबई पुलिस आयुक्तालय के तहत 90 पुलिस स्टेशन काम कर रहे हैं। हर थाने को पांच बाइक, चार स्कॉर्पियो और एक बड़ा वाहन दिया जाएगा। यानी हर स्टेशन के पास कुल 10 नई गाड़ियां होंगी। इन चार पहिया वाहनों में जीपीएस सिस्टम, मोबाइल डेटा टर्मिनल और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इससे कंट्रोल रूम से हर गाड़ी की निगरानी की जा सकेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्देश दिए जा सकेंगे।</p>
<p><strong>अपराध पर लगेगा लगाम</strong><br />सरकार का कहना है कि इन वाहनों की मदद से अपराध की जांच तेज होगी और पीड़ितों को जल्दी न्याय मिल सकेगा। मुंबई पुलिस वाहन लॉन्च और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली मुंबईजैसे कदम शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेंगे। मुंबई जैसे बड़े महानगर में तेज और तकनीकी रूप से सक्षम पुलिसिंग की जरूरत हमेशा रहती है। ऐसे में 1290 नई गाड़ियों का शामिल होना सुरक्षा के लिहाज से बड़ा बदलाव माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 17:24:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : आपातकालीन अपेंडिक्स सर्जरी की ज़रूरत; एचआईवी पॉजिटिव मरीज़ को सर्जरी करने से मना कर दिया गया; एमडीएसीएस ने दिए जाँच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आपातकालीन अपेंडिक्स सर्जरी की ज़रूरत वाले एक 37 वर्षीय एचआईवी पॉजिटिव मरीज़ को कथित तौर पर समय पर सर्जरी करने से मना कर दिया गया और उसे कहीं और इलाज कराने से पहले तीन सरकारी अस्पतालों के बीच चक्कर लगवाना पड़ा। इस घटना के बाद मुंबई ज़िला एड्स नियंत्रण सोसाइटी (एमडीएसीएस) ने संभावित चिकित्सा लापरवाही और भेदभाव की जाँच शुरू कर दी है।एचआईवी पॉजिटिव मरीज़ को सरकारी अस्पतालों के बीच चक्कर लगवाना पड़ा; एमडीएसीएस ने जाँच के आदेश दिए बोरीवली निवासी मरीज़ को पेट में तेज़ दर्द की शिकायत के बाद 31 अक्टूबर को कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45379/mumbai-hiv-positive-patient-in-need-of-emergency-appendix-surgery"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/images---2025-11-11t110457.905.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>आपातकालीन अपेंडिक्स सर्जरी की ज़रूरत वाले एक 37 वर्षीय एचआईवी पॉजिटिव मरीज़ को कथित तौर पर समय पर सर्जरी करने से मना कर दिया गया और उसे कहीं और इलाज कराने से पहले तीन सरकारी अस्पतालों के बीच चक्कर लगवाना पड़ा। इस घटना के बाद मुंबई ज़िला एड्स नियंत्रण सोसाइटी (एमडीएसीएस) ने संभावित चिकित्सा लापरवाही और भेदभाव की जाँच शुरू कर दी है।एचआईवी पॉजिटिव मरीज़ को सरकारी अस्पतालों के बीच चक्कर लगवाना पड़ा; एमडीएसीएस ने जाँच के आदेश दिए बोरीवली निवासी मरीज़ को पेट में तेज़ दर्द की शिकायत के बाद 31 अक्टूबर को कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जाँचों में सब-एक्यूट अपेंडिक्साइटिस का पता चला, एक ऐसी स्थिति जिसमें आमतौर पर संक्रमण या फटने जैसी जटिलताओं को रोकने के लिए तत्काल सर्जरी की आवश्यकता होती है। फिर भी, आपातकालीन श्रेणी में आने के बावजूद, सर्जरी नहीं की गई। इसके बजाय, उस व्यक्ति को उसी दिन छुट्टी दे दी गई और कूपर अस्पताल रेफर कर दिया गया। जब वह कूपर पहुँचा, तो डॉक्टरों ने रेफरल के आधार पर सवाल उठाया और उसे वापस भेज दिया, जिसके बाद मरीज़ को नायर अस्पताल भेज दिया गया। अंततः उसका वहीं इलाज हुआ।</p>
<p> </p>
<p>पहले से ही एक पुरानी और कलंकित स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे मरीज़ के लिए यह अनुभव बेहद कष्टदायक था। उन्होंने कहा, "मैं दर्द में था और मुझे मदद की ज़रूरत थी। लेकिन सर्जरी के बजाय, मुझे एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल जाने को कहा गया।" उन्होंने आगे कहा, "शताब्दी मेरे घर के पास एकमात्र सरकारी अस्पताल है। दर्द और डर के मारे लंबी दूरी तय करने से स्थिति और भी बदतर हो गई। मैं सोचता रहा कि क्या यह मेरी एचआईवी स्थिति के कारण हो रहा है।</p>
<p>अब वह घर पर स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।इस घटना ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में कलंक को लेकर असहज सवाल खड़े कर दिए हैं, एक ऐसी चिंता जो सामुदायिक स्वास्थ्य समूहों का कहना है कि वर्षों से चल रहे जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद बनी हुई है। एमडीएसीएस ने यह पता लगाने के लिए एक जाँच शुरू की है कि क्या रेफरल श्रृंखला चिकित्सकीय रूप से उचित थी या मरीज़ को उसकी एचआईवी स्थिति के कारण अप्रत्यक्ष रूप से देखभाल से वंचित किया गया था, जो एचआईवी और एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 2017 का उल्लंघन होगा।एमडीएसीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम इस बात की जाँच कर रहे हैं कि क्या रेफरल नैदानिक ​​​​कारणों से प्रेरित था या इसमें किसी प्रकार का भेदभाव था।" "जांच पूरी होने के बाद हम निष्कर्ष जारी करेंगे। किसी भी मरीज़ को उसकी स्वास्थ्य स्थिति के कारण जीवन रक्षक देखभाल में देरी का सामना नहीं करना चाहिए।</p>
<p>शताब्दी अस्पताल के अंदर, इस मामले ने स्टाफ़िंग और प्रशासन को लेकर आंतरिक चिंताएँ भी पैदा कर दी हैं। कई कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि वरिष्ठ डॉक्टर अक्सर उपस्थिति दर्ज कराने के बाद अस्पताल से चले जाते हैं और बाद में केवल बायोमेट्रिक्स दर्ज करने के लिए लौटते हैं। एक कर्मचारी ने कहा, "वरिष्ठ सर्जन लगातार उपलब्ध नहीं रहने के कारण बुनियादी आपातकालीन सर्जरी में देरी हो जाती है। इस मामले में, मरीज़ की हालत को देखते हुए समय पर हस्तक्षेप की आवश्यकता थी।"हालांकि, शताब्दी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय गुप्ता ने देखभाल में किसी भी तरह की चूक से इनकार किया। उन्होंने कहा कि मरीज़ को रेफर करने का निर्णय पूरी तरह से नैदानिक ​​​​विचारों पर आधारित था। उन्होंने कहा, "मरीज को आपातकालीन अपेंडिक्स सर्जरी की आवश्यकता थी। हालाँकि, उसकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और उस दिन हमारे ऑपरेशन थिएटर में निर्धारित नसबंदी होने के कारण, हमने उसे एक उच्च केंद्र में रेफर कर दिया।" "इलाज से इनकार करने का कोई इरादा नहीं था।"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 11:06:24 +0530</pubDate>
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