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                <title>Branch - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Branch RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : पूर्व एयर होस्टेस और उसके दोस्त को सूरत क्राइम ब्रांच ने 977 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ किया गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की रहने वाली एक पूर्व एयर होस्टेस को ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सूरत क्राइम ब्रांच को उसके पास से 977 ग्राम ड्र्ग्स मिली है। एयर होस्टेस की पहचान मानसी सैयद के रूप में हुई है। मानसी को पहले भी ड्रग्स नेटवर्क में गिरफ्तार किया जा चुका है। मानसी का दोस्त सोहेल सुलेमान शेख भी दबोचा गया है। इनकी योजना ड्रग्स को मुंबई ले जाने की थी, जहां इसे लोगों को बेचा जाना था। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51556/mumbai-former-air-hostess-and-her-friend-arrested-by-surat"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/90vk02v8_mansi-sayed_625x300_25_august_26.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की रहने वाली एक पूर्व एयर होस्टेस को ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सूरत क्राइम ब्रांच को उसके पास से 977 ग्राम ड्र्ग्स मिली है। एयर होस्टेस की पहचान मानसी सैयद के रूप में हुई है। मानसी को पहले भी ड्रग्स नेटवर्क में गिरफ्तार किया जा चुका है। मानसी का दोस्त सोहेल सुलेमान शेख भी दबोचा गया है। इनकी योजना ड्रग्स को मुंबई ले जाने की थी, जहां इसे लोगों को बेचा जाना था। </p>
<p> </p>
<p><strong>क्राइम ब्रांच को मिली सूचना</strong><br />मामला तब खुला, जब सोमवार को सूरत की क्राइम ब्रांच टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि एक कार में भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स ले जाई जा रही है। एमडी ड्रग को मेफेड्रोन भी कहा जाता है। यह कार वडोदरा से मुंबई की तरफ जा रही थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 12:02:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा, साइबर ठगी के पैसों की हेराफेरी करने वाले नेटवर्क पर शिकंजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच मुंबई क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की कार्यप्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रोशन ने बताया कि साइबर अपराध आमतौर पर दो चरणों में संचालित होते हैं और पुलिस ने ऐसे नेटवर्क की पहचान की है जो ठगी की रकम को अलग-अलग खातों के जरिए आगे भेजने का काम करता है। डीसीपी राज तिलक रोशन ने बताया कि पहला समूह उन लोगों का होता है जो सीधे साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। इनमें डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, आईपीके से जुड़े धोखाधड़ी के मामले और अन्य ऑनलाइन ठगी शामिल हैं। दूसरा समूह उन लोगों का होता है जो ठगी के बाद प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों या अन्य माध्यमों से स्थानांतरित कर उसकी असली पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51194/6a7597328255b"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-07t140259.641.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच मुंबई क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की कार्यप्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मुंबई क्राइम ब्रांच के डीसीपी राज तिलक रोशन ने बताया कि साइबर अपराध आमतौर पर दो चरणों में संचालित होते हैं और पुलिस ने ऐसे नेटवर्क की पहचान की है जो ठगी की रकम को अलग-अलग खातों के जरिए आगे भेजने का काम करता है। डीसीपी राज तिलक रोशन ने बताया कि पहला समूह उन लोगों का होता है जो सीधे साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। इनमें डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, आईपीके से जुड़े धोखाधड़ी के मामले और अन्य ऑनलाइन ठगी शामिल हैं। दूसरा समूह उन लोगों का होता है जो ठगी के बाद प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों या अन्य माध्यमों से स्थानांतरित कर उसकी असली पहचान छिपाने का प्रयास करते हैं।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह दूसरा नेटवर्क साइबर अपराधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण कड़ी होता है। इसका काम ठगी से हासिल रकम को कई खातों में घुमाकर या अलग-अलग स्थानों पर भेजकर उसकी ट्रैकिंग को मुश्किल बनाना होता है। इस प्रक्रिया को आमतौर पर 'लेयरिंग' कहा जाता है, जिसका उद्देश्य अवैध धन के स्रोत को छिपाना होता है। मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार, जांच में सामने आया है कि इस तरह के नेटवर्क कई प्रकार के साइबर अपराधों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इन नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।</p>
<p>अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से साइबर अपराधों के बड़े गिरोह तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पुलिस ने नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। किसी अनजान कॉल, ओटीपी साझा करने, फर्जी निवेश योजनाओं या डिजिटल अरेस्ट जैसे दावों पर भरोसा न करने की सलाह दी गई है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जनजागरूकता और त्वरित शिकायत दोनों बेहद जरूरी हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 14:04:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : दुबई भेजे जा रहे थे मुंबई के बैंक खाते और सिम कार्ड, क्राइम ब्रांच ने किया बड़े गिरोह का पर्दाफाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुलिस के अनुसार,  मस्जिद बंदर पश्चिम के ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50555/mumbais-bank-accounts-and-sim-cards-were-being-sent-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-05t121928.728.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पुलिस के अनुसार,  मस्जिद बंदर पश्चिम के ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें। मुंबई क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन गेमिंग और साइबर धोखाधड़ी के लिए बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मुंबई के अलग-अलग बैंकों में फर्जी कंपनियों के नाम पर करंट अकाउंट खोलता था और फिर उन्हें एक्टिवेट करके सिम कार्ड के साथ दुबई भेज देता था, जहां इनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जाता था।</p>
<p> </p>
<p><strong>खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के बाद छापा</strong><br />डीसीपी राज तिलक रौशन ने शनिवार को बताया कि मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 2 को अपने खुफिया सूत्रों से पक्की जानकारी मिली थी कि मुंबई के मस्जिद बंदर पश्चिम इलाके के ईसाजी स्ट्रीट पर स्थित पार्श्व चैंबर्स की तीसरी मंजिल पर 'जी. डी. ओवरसीज' नाम से एक फर्जी कंपनी का ऑफिस चलाया जा रहा है। इस ऑफिस में मुंबई के अलग-अलग बैंकों में खोले गए नए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। यहां से इन सभी सिम कार्ड और बैंक खातों को एक्टिवेट करने के बाद दुबई भेजा जाता था, ताकि वहां बैठे ठग गेमिंग और साइबर फ्रॉड को अंजाम दे सकें।</p>
<p><strong>66 एटीएम कार्ड, 122 चेकबुक, 12 मोबाइल कंपनियों के सिम बरामद</strong><br />जानकारी मिलते ही क्राइम ब्रांच के अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम ने बताए गए ठिकाने पर अचानक छापा मारा। पुलिस ने मौके से गिरोह के सरगना और उसके पांच साथियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से अलग-अलग बैंकों के 66 एटीएम कार्ड, 122 चेकबुक, 15 पासबुक, 12 मोबाइल कंपनियों के सिम कार्ड, दो कंप्यूटर, एक कलर प्रिंटर, दो पेनड्राइव और विभिन्न फर्जी कंपनियों की 68 रबर की स्टैम्प बरामद की हैं। इसके अलावा अलग-अलग बैंकों के खाता खोलने वाले फॉर्म, बिजली के बिल और कई कंपनियों के फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी जब्त किए गए हैं।</p>
<p><strong>आरोपियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज</strong><br />इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ मुंबई के पायधुनी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया है और क्राइम ब्रांच की यूनिट 2 को मामले की जांच सौंप दी गई है । गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जब मुंबई की एक कोर्ट में पेश किया गया, तो कोर्ट ने उन्हें 8 जुलाई  तक पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। मुंबई क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने बैंक खाते दुबई भेजे हैं और इनके तार किन-किन बड़े साइबर अपराधियों से जुड़े हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 12:22:11 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: बर्थडे पर पीएम के नाम से फर्जी लेटर और उगाही की कोशिश... मुंबई क्राइम ब्रांच ने दो को दबोचा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में प्रधानमंत्री के नाम और फर्जी हस्ताक्षर वाले लेटर के जरिए उगाही की साजिश का पर्दाफाश हुआ है. मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताकर एक सामाजिक कार्यकर्ता को झांसे में लिया और उस पर चार लाख रुपये देने का दबाव बनाया. शिकायत मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाया और वर्ली इलाके से दोनों को धर दबोचा.  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48995/mumbai-crime-branch-caught-two-people-for-sending-fake-letter"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(4).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई:</strong> मुंबई में प्रधानमंत्री के नाम और फर्जी हस्ताक्षर वाले लेटर के जरिए उगाही की साजिश का पर्दाफाश हुआ है. मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताकर एक सामाजिक कार्यकर्ता को झांसे में लिया और उस पर चार लाख रुपये देने का दबाव बनाया. शिकायत मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाया और वर्ली इलाके से दोनों को धर दबोचा.  </p>
<p> </p>
<p>पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों की पहचान तौसीफ पटेल (44) और सिद्धिनाथ पांडे उर्फ सुनील (43) के रूप में हुई है. दोनों गोरेगांव इलाके के रहने वाले हैं और खुद को पत्रकार बताकर लोगों को झांसे में लेते थे. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मार्च महीने में सोशल मीडिया के जरिए एक सामाजिक कार्यकर्ता से संपर्क किया, जो एक एनजीओ चलाते हैं और गरीब बच्चों की पढ़ाई, वृद्धाश्रम और अनाथालयों की मदद करते हैं. </p>
<p>आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताकर पहले भरोसा जीता और फिर प्रधानमंत्री कार्यालय से जन्मदिन पर खास बधाई पत्र दिलाने का लालच दिया. इसके बाद तौसीफ पटेल ने व्हाट्सऐप पर वॉयस नोट भेजकर ‘सेटिंग' होने का दावा किया और 20 मार्च को प्रधानमंत्री के नाम से फर्जी सिग्नेचर वाला बधाई पत्र भी भेज दिया. </p>
<p><strong>शक हुआ तो खुली पोल</strong><br />शुरुआत में पीड़ित इस झांसे में आ गया और उसने वह लेटर सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर दिया. हालांकि दोस्तों ने लेटर पर शक जताया, जिसके बाद उसने पोस्ट हटा दी. इसी दौरान आरोपियों ने असली खेल शुरू किया और 4 लाख रुपये की मांग करते हुए लगातार कॉल, मैसेज और वॉयस नोट के जरिए दबाव बनाना शुरू कर दिया. </p>
<p><strong>पुलिस ने बिछाया जाल, गिरफ्तार</strong><br />लगातार हो रहे दबाव से परेशान होकर पीड़ित ने वर्ली पुलिस से संपर्क किया. केस दर्ज होने के बाद जांच क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंपी गई. AEC की टीम ने प्लान बनाकर जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी पैसे लेने वर्ली इलाके में पहुंचे, दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 13:26:47 +0530</pubDate>
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