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                <title>population - Rokthok Lekhani</title>
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                <description>population RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पुणे : राज ठाकरे का बड़ा बयान, जनसंख्या नियंत्रण कानून की उठाई मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई अहम मुद्दों पर तत्काल कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में जल्द से जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाना चाहिए, ताकि सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित हो सके। राज ठाकरे ने अपने संबोधन में जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि बढ़ती जनसंख्या देश के संसाधनों पर दबाव डाल रही है, इसलिए इस दिशा में सख्त कानून बनाना समय की मांग है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48802/pune-raj-thackerays-big-statement-raised-demand-for-population-control"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-29t122130.918.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पुणे: </strong>आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई अहम मुद्दों पर तत्काल कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में जल्द से जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जाना चाहिए, ताकि सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित हो सके। राज ठाकरे ने अपने संबोधन में जनसंख्या नियंत्रण कानून की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि बढ़ती जनसंख्या देश के संसाधनों पर दबाव डाल रही है, इसलिए इस दिशा में सख्त कानून बनाना समय की मांग है।</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय को प्राथमिकता देने की अपील की।इसके अलावा, उन्होंने महाराष्ट्र के ऐतिहासिक शहर नरेंद्र मोदी औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने की भी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह नामकरण मराठा इतिहास और गौरव से जुड़ा हुआ है, और इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी। </p>
<p>राज ठाकरे के इन बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न दलों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ नेता इन मांगों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे राजनीतिक एजेंडा करार दे रहे हैं। फिलहाल, केंद्र सरकार की ओर से इन मुद्दों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन आने वाले समय में यह विषय राष्ट्रीय राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 12:27:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई  : ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आवारा कुत्तों की आबादी तेज़ी से बढ़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य सरकार ने विधानसभा को बताया कि पिछले छह सालों में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आवारा कुत्तों की आबादी काफी बढ़ी है। हालांकि, उन्होंने इस दावे को गलत बताया कि लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडीज़ को खास तौर पर आवारा कुत्तों को कंट्रोल करने के उपायों के लिए काफी फंड नहीं दिया गया। काशीनाथ दाते और दूसरे सदस्यों के एक सवाल के लिखित जवाब में, डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने कहा कि 2021 से 2023 के बीच, पूरे राज्य में 30 लाख कुत्ते के काटने के मामले सामने आए और 30 लोगों की रेबीज से मौत हो गई।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48033/mumbai--stray-dog-population-increases-rapidly-in-both-rural"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-27t124045.868.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई  : </strong>राज्य सरकार ने विधानसभा को बताया कि पिछले छह सालों में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में आवारा कुत्तों की आबादी काफी बढ़ी है। हालांकि, उन्होंने इस दावे को गलत बताया कि लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडीज़ को खास तौर पर आवारा कुत्तों को कंट्रोल करने के उपायों के लिए काफी फंड नहीं दिया गया। काशीनाथ दाते और दूसरे सदस्यों के एक सवाल के लिखित जवाब में, डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने कहा कि 2021 से 2023 के बीच, पूरे राज्य में 30 लाख कुत्ते के काटने के मामले सामने आए और 30 लोगों की रेबीज से मौत हो गई।</p>
<p> </p>
<p>शिंदे ने कहा कि अहिल्यानगर, सांगली, रायगढ़ और जालना जिलों के साथ-साथ वसई-विरार, भिवंडी और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन शहरों में आवारा कुत्तों की आबादी बढ़ी है। इस मुद्दे से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में उन्होंने कहा कि 5 जनवरी के एक सरकारी प्रस्ताव में अधिकारियों को टूरिज्म डिपार्टमेंट के तहत आने वाली जगहों पर आवारा कुत्तों की एंट्री को रोकने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया गया था।</p>
<p>शिंदे ने आगे कहा कि अगस्त 2025 में पब्लिक जगहों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने, नसबंदी और वैक्सीनेशन ड्राइव के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए भी निर्देश दिए गए थे। शिंदे ने आगे कहा कि शहरी और ग्रामीण विकास और पंचायती राज डिपार्टमेंट ने नवंबर 2025 में राज्य के सभी शहरी और ग्रामीण लोकल बॉडीज़ को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश बता दिए थे।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 12:41:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव में महिला वोट कितना अहम? क्या चाहती है मुंबई की आधी आबादी...सामने आया ये सर्वे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जैसे-जैसे मुंबई साल 2026 में होने वाले लंबे समय से टले बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों की ओर बढ़ रहा है, राजनीति का फोकस फिलहाल गठबंधनों के समीकरण, पार्टियों में टूट-फूट और नेतृत्व की खींचतान पर बना हुआ है। लेकिन इसी बीच सामने आए नए वोटर डेटा से पता चलता है कि शहर के सबसे अहम वोटर समूहों में से एक, यानी महिलाएं, अब भी चुनावी चर्चा में पीछे हैं और उनकी समस्याओं पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46521/how-important-is-womens-vote-in-mumbai-brihanmumbai-municipal-corporation"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-28t123438.911.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>जैसे-जैसे मुंबई साल 2026 में होने वाले लंबे समय से टले बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों की ओर बढ़ रहा है, राजनीति का फोकस फिलहाल गठबंधनों के समीकरण, पार्टियों में टूट-फूट और नेतृत्व की खींचतान पर बना हुआ है। लेकिन इसी बीच सामने आए नए वोटर डेटा से पता चलता है कि शहर के सबसे अहम वोटर समूहों में से एक, यानी महिलाएं, अब भी चुनावी चर्चा में पीछे हैं और उनकी समस्याओं पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा।</p>
<p> </p>
<p>एसेंडिया स्ट्रैटेजीज की ओर से 1,000 से ज्यादा लोगों पर किए गए शहरव्यापी सर्वे ‘बृहन्मुंबई नगर निगम  इलेक्शन: मुंबई में ट्रिपल-एम प्ले’ के मुताबिक, महिलाओं को अपने इलाके के स्थानीय कॉर्पोरेटर के बारे में सबसे कम जानकारी है। सर्वे में शामिल केवल 44 फीसदी महिलाओं को अपने कॉर्पोरेटर का नाम पता था, जबकि मराठी मानुष वोटरों में यह आंकड़ा 68 फीसदी और मुस्लिम वोटरों में 60 फीसदी रहा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि जानकारी की यह कमी महिलाओं की राजनीति में रुचि न होने का संकेत नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि उन्हें अब तक सही तरह से जोड़ा नहीं गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 12:35:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले देश में भी मनाई जाती है दिवाली, कई मुल्कों में तो सरकारी छुट्टी भी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत में दीपावली का त्योहार पूरे धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन देश का हर कोना रोशनी से जगमगा उठता है. रोशनी का यह त्योहार केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों में भी मनाया जाता है. भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक बन चुके प्रकाश के इस पर्व को अब सीमाओं से परे कई देशों में आधिकारिक तौर पर मनाया जाता है. दरअसल, जिन देशों में भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, वहां दीपावली को राष्ट्रीय या सार्वजनिक त्योहार के रूप में मान्यता मिली हुई है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44833/new-delhi-diwali-is-celebrated-even-in-the-country-with"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-10/download---2025-10-20t213401.143.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>भारत में दीपावली का त्योहार पूरे धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन देश का हर कोना रोशनी से जगमगा उठता है. रोशनी का यह त्योहार केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों में भी मनाया जाता है. भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक बन चुके प्रकाश के इस पर्व को अब सीमाओं से परे कई देशों में आधिकारिक तौर पर मनाया जाता है. दरअसल, जिन देशों में भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, वहां दीपावली को राष्ट्रीय या सार्वजनिक त्योहार के रूप में मान्यता मिली हुई है.</p>
<p> </p>
<p>भारत के पड़ोसी देश नेपाल की बात करें, तो यह देश हिंदू बहुल होने के कारण दीपावली यहां के प्रमुख त्योहारों में से एक है. नेपाल में दीपावली को “तिहार” कहा जाता है और इसे पांच दिनों तक मनाया जाता है. इसके अलावा श्रीलंका, मॉरीशस और फिजी में भी दीपावली पर आधिकारिक छुट्टी मिलती है. साथ ही, सिंगापुर में दीपावली को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है. मलेशिया में इसे “हरी दीवाली” कहा जाता है और यहां भी इस त्योहार के दिन राष्ट्रीय छुट्टी मिलती है.</p>
<p>त्रिनिदाद एंड टोबैगो, गयाना, और सूरीनाम जैसे कैरेबियाई देशों में भी वहां रहने वाले भारतीय धूमधाम से दीपावली मनाते हैं. हालांकि, यहां दीपावली की छुट्टी तो नहीं होती है, लेकिन भारतीय लोग इसे मनाते हैं. इंडोनेशिया जैसे मुस्लिम बहुल देश में भी दीपावली को सांस्कृतिक महत्व के रूप में मनाया जाता है.</p>
<p>वहीं फिजी में दीपावली आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय अवकाश है और स्कूलों तथा सरकारी कार्यालयों में भी छुट्टी रहती है. हाल के वर्षों में ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी दीपावली को बड़ी धूमधाम से मनाया जाने लगा है. अमेरिका के व्हाइट हाउस में भी पिछले कुछ वर्षों से दीपावली मनाने की परंपरा शुरू हो चुकी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Oct 2025 21:34:57 +0530</pubDate>
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