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                <title>construction - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>construction RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : बीएमसी  ने वार्ड-वाइज प्लान और सख्त पेनल्टी के साथ कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट को सख्त किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट की गैर-कानूनी डंपिंग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेश  ने वार्ड-वाइज़ कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट प्लान लागू करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इन प्लान में बिना इजाज़त डंपिंग हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी, मलबे की मात्रा को मापा जाएगा, और ज़मीन पर मौजूदा हालत को ट्रैक किया जाएगा, जिसका मकसद बेहतर मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49615/mumbai-bmc-tightens-construction-and-demolition-waste-management-with-ward-wise"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-04-24t181558.344.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट की गैर-कानूनी डंपिंग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेश  ने वार्ड-वाइज़ कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट प्लान लागू करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इन प्लान में बिना इजाज़त डंपिंग हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी, मलबे की मात्रा को मापा जाएगा, और ज़मीन पर मौजूदा हालत को ट्रैक किया जाएगा, जिसका मकसद बेहतर मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करना है।</p>
<p> </p>
<p>बीएमसी की एडिशनल कमिश्नर अश्विनी जोशी ने गुरुवार को एम वेस्ट और एच वेस्ट वार्ड ऑफिस में पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में सफाई के काम का रिव्यू किया। रिव्यू में एक डिजिटल प्रेजेंटेशन शामिल था जिसमें कचरा कलेक्शन, बैकलॉग की दिक्कतें, मशीन से सफाई, स्पेशल-केयर वेस्ट, और वेस्ट मैनेजमेंट के लिए तैनात गाड़ियों और मैनपावर की स्थिति पर रोशनी डाली गई। जोशी ने अधिकारियों को सफाई के काम को और सख्त करने का निर्देश दिया, और डंपिंग साइट्स, मलबे की मात्रा और मौजूदा स्थिति की वार्ड-लेवल मैपिंग के ज़रिए असरदार कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने सुबह की शिफ्ट में बीएमसी  वर्कफोर्स की पूरी तैनाती का आदेश दिया, जबकि बाद के घंटों में “पिंक आर्मी” और सड़क-सफाई का काम जारी रहेगा। रेगुलर फील्ड इंस्पेक्शन और सख्त मैकेनाइज्ड सफाई पर जोर दिया गया, साथ ही लंबे समय तक बिना इजाज़त छुट्टी पर रहने वाले स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई।</p>
<p>बीएमसी  ने दिसंबर 2024 में अपने कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट कलेक्शन सिस्टम को अपग्रेड किया, जिसमें एमवाईबीएमसी ऐप के साथ इंटीग्रेटेड 24/7 सेंट्रल हेल्पलाइन शुरू की गई। यह सर्विस 500 kg तक फ्री मलबा उठाने की सुविधा देती है; इससे ज्यादा का चार्ज शहर और पूर्वी उपनगरों में  1,425 प्रति टन और पश्चिमी उपनगरों में  1,415 प्रति टन है। अभी, सिविक बॉडी दहिसर और शिल्पाता-कल्याण में दो रीसाइक्लिंग प्लांट चलाती है, जिनकी कुल कैपेसिटी 1,200 टन है।</p>
<p>इसके अलावा, बीएमसी  ने प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन, मलबे की रियल-टाइम ट्रैकिंग और वायलेशन की रिपोर्टिंग के लिए दिल्ली के मालबा पोर्टल की तरह एक डेडिकेटेड डिजिटल पोर्टल के लिए टेंडर निकाला। इस कदम का मकसद कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट में ट्रांसपेरेंसी और एफिशिएंसी बढ़ाना है। नियमों का पालन पक्का करने के लिए, बीएमसी  ने एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया है, जिसमें डेवलपर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसियों और सरकारी संस्थाओं को सोर्स पर ही कचरे को खुदाई के सामान और कंस्ट्रक्शन के मलबे में अलग करना होगा।</p>
<p>नियम न मानने पर हर गाड़ी पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा, और बार-बार नियम तोड़ने पर और सख्त कार्रवाई होगी। गैर-कानूनी डंपिंग को सख्ती से रोका जाएगा। इन तरीकों से, बीएमसी  का मकसद बिना इजाज़त कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट डंपिंग की लगातार बनी रहने वाली समस्या को हल करना, साफ़ सड़कें पक्का करना और कंस्ट्रक्शन के मलबे की सही रीसाइक्लिंग और डिस्पोज़ल को बढ़ावा देना है। यह पहल सफ़ाई, शहरी सफ़ाई और सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सिविक बॉडी के कमिटमेंट को दिखाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49615/mumbai-bmc-tightens-construction-and-demolition-waste-management-with-ward-wise</link>
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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 12:37:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर को देश निकाला, अवैध निर्माण ध्वस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में पुलिस ने संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विक्रोली (पूर्व) के एक हिस्ट्रीशीटर को देश निकाला दिया है। इसके साथ ही उससे जुड़े अवैध निर्माण को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध संपत्तियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान मोहम्मद नासर उर्फ तासु (48) के रूप में हुई है, जो विक्रोली के टैगोर नगर क्षेत्र का निवासी है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र गैंबलिंग एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49305/big-action-by-mumbai-police-history-sheeter-deported-illegal-construction-demolished"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-18t182837.896.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में पुलिस ने संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विक्रोली (पूर्व) के एक हिस्ट्रीशीटर को देश निकाला दिया है। इसके साथ ही उससे जुड़े अवैध निर्माण को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध संपत्तियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान मोहम्मद नासर उर्फ तासु (48) के रूप में हुई है, जो विक्रोली के टैगोर नगर क्षेत्र का निवासी है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र गैंबलिंग एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज हैं।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इनमें छेड़छाड़ से जुड़े दो मामले भी शामिल हैं। गंभीर आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए आठ मामलों को आधार बनाकर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी। </p>
<p>मुंबई पुलिस के जोन-7 के उपायुक्त द्वारा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 56(1)(-ए) के तहत उसे शहर से निष्कासित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसे मंजूरी मिलने के बाद यह कार्रवाई लागू की गई। इस कार्रवाई के साथ ही आरोपी से जुड़े अवैध निर्माण पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई। टैगोर नगर स्थित चॉल नंबर 305 के गाला नंबर 3815 में स्थित लगभग 5,000 वर्ग फुट की आवासीय संपत्ति को भी ध्वस्त किया गया। यह संपत्ति ग्राउंड प्लस तीन मंजिला संरचना थी, जो कथित रूप से अन्य लोगों के नाम पर बनाई गई थी। कार्रवाई के दौरान मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की मदद से इस संपत्ति को पूरी तरह खाली कराया गया।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार यह निर्माण बिना उचित अनुमति और नियमों के उल्लंघन के तहत किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी इस संपत्ति का उपयोग अपने प्रभाव और गतिविधियों को संचालित करने के लिए कर रहा था। पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण और आपराधिक तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।</p>
<p>ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर अपराधियों की अवैध संपत्तियों को हटाने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इस कार्रवाई को मुंबई पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 18:29:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> मुंबई : कंस्ट्रक्शन सेक्टर को राहत, खुदाई रॉयल्टी माफ और नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन ऑनलाइन ₹ 83.7 6 </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>कंस्ट्रक्शन सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए, महाराष्ट्र के रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने खुदाई की रॉयल्टी माफ करने और नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन प्रोसेस को डिजिटाइज़ करने जैसे बड़े सुधारों का ऐलान किया है। ये फैसले मंत्रालय में क्रेडाई के रिप्रेजेंटेटिव के साथ हुई मीटिंग में लिए गए। नई पॉलिसी के अनुसार, अगर कंस्ट्रक्शन के दौरान खोदे गए माइनर मिनरल्स को उसी प्रोजेक्ट साइट पर दोबारा इस्तेमाल किया जाता है, तो डेवलपर्स से कोई रॉयल्टी नहीं ली जाएगी। इस कदम से प्रोजेक्ट की कुल लागत में कमी आने की उम्मीद है और डेवलपर्स पर फाइनेंशियल दबाव कम होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49087/relief-to-mumbai-construction-sector-excavation-royalty-waiver-and-non-agricultural"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-09t175612.026.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>कंस्ट्रक्शन सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए, महाराष्ट्र के रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने खुदाई की रॉयल्टी माफ करने और नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन प्रोसेस को डिजिटाइज़ करने जैसे बड़े सुधारों का ऐलान किया है। ये फैसले मंत्रालय में क्रेडाई के रिप्रेजेंटेटिव के साथ हुई मीटिंग में लिए गए। नई पॉलिसी के अनुसार, अगर कंस्ट्रक्शन के दौरान खोदे गए माइनर मिनरल्स को उसी प्रोजेक्ट साइट पर दोबारा इस्तेमाल किया जाता है, तो डेवलपर्स से कोई रॉयल्टी नहीं ली जाएगी। इस कदम से प्रोजेक्ट की कुल लागत में कमी आने की उम्मीद है और डेवलपर्स पर फाइनेंशियल दबाव कम होगा। रॉयल्टी पेमेंट सिस्टम को भी आसान बनाया जाएगा और यह छह महीने के लिए लागू रहेगा। </p>
<p> </p>
<p>इसके अलावा, राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि अगले 10 दिनों के अंदर पूरी नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन प्रोसेस को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इससे डेवलपर्स को डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के पास जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी और लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण होने वाली देरी में भी कमी आएगी। मीटिंग में पूरे राज्य में डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के ‘पुणे पैटर्न’ को अपनाने पर भी चर्चा हुई। इस मॉडल ने ट्रांसपेरेंसी और प्रोजेक्ट प्रोसेसिंग की गति बढ़ाने में असरदार साबित किया है। नए सिस्टम में, डॉक्यूमेंट्स के रजिस्ट्रेशन के बाद प्रॉपर्टी कार्ड को तुरंत अपडेट करने की सुविधा भी शामिल होगी। मंत्री ने प्रिंसिपली इस मांग को मान लिया।</p>
<p>क्रेडाई के प्रतिनिधियों ने इस सुधार को कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए अहम और सकारात्मक कदम बताया। उनके अनुसार, रॉयल्टी माफ करने और नॉन-एग्रीकल्चरल  परमिशन ऑनलाइन करने से नए प्रोजेक्ट्स को तेजी से शुरू करने में मदद मिलेगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। मंत्री बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कंस्ट्रक्शन सेक्टर में प्रक्रियाओं को सरल, तेज़ और पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हर प्रोजेक्ट की ट्रैकिंग संभव होगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पकड़ने में मदद मिलेगी।</p>
<p>विशेष रूप से यह सुधार माइनर मिनरल्स के उपयोग को अधिक प्रभावी और आर्थिक रूप से लाभकारी बनाएगा। पहले खोदे गए मिनरल्स के लिए रॉयल्टी देना डेवलपर्स के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ बन जाता था, जिसे अब खत्म किया गया है। इसके अलावा, नॉन-एग्रीकल्चरल  परमिशन ऑनलाइन करने से प्रोजेक्ट की योजना बनाने और मंजूरी लेने की प्रक्रिया भी तेज़ और आसान होगी। इस पहल से महाराष्ट्र में कंस्ट्रक्शन सेक्टर को तत्काल और दीर्घकालीन लाभ मिलने की उम्मीद है। अधिकारीयों का कहना है कि ऑनलाइन प्रोसेसिंग और डिजिटल ट्रैकिंग से भ्रष्टाचार कम होगा और निवेशकों और डेवलपर्स के लिए एक भरोसेमंद माहौल तैयार होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 17:57:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नही रुक रही चोरियां, निर्माण स्ट्रक्चर तोड़े, लाइटिंग और सोलर प्लेटें तक हुईं गायब</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर निर्माण हो चुके स्ट्रक्चर में चोरियों का सिलसिला लगातार जारी है. चोर एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इसके अलावा लाइटिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम पर भी हमला बोल रहे हैं. ये चोरियां लगातार हो रही हैं. पैकेज नंबर 11 का निर्माण करने वाली कंपनी लार्सन एंड टुर्ब्रो है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48841/thefts-are-not-stopping-on-delhi-mumbai-expressway-construction-structures-were"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/images---2026-03-31t120409.410.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोटा : </strong>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर निर्माण हो चुके स्ट्रक्चर में चोरियों का सिलसिला लगातार जारी है. चोर एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इसके अलावा लाइटिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम पर भी हमला बोल रहे हैं. ये चोरियां लगातार हो रही हैं. पैकेज नंबर 11 का निर्माण करने वाली कंपनी लार्सन एंड टुर्ब्रो है.</p>
<p> </p>
<p>कंपनी के मेंटेनेंस मैनेजर चिराग शर्मा का कहना है कि लाखों रुपये की चोरियां उनके द्वारा बनाए गए स्ट्रक्चर में हो चुकी हैं. उन्होंने दो दर्जन से ज्यादा लोगों को सिक्योरिटी के लिए तैनात कर रखा है, लेकिन क्षेत्र बहुत बड़ा है और यहां ट्रैफिक अभी चालू नहीं है. इसका फायदा उठाकर चोर आसानी से प्रवेश कर रहे हैं. ये लोग निर्माण की गई ऊंची दीवारों को भी तोड़कर अंदर घुस जाते हैं. उन्होंने बताया कि यहां नाबालिग बच्चों के जरिए भी चोरियां करवाई जा रही हैं.</p>
<p>अकेले गार्ड या कर्मचारी के साथ मारपीट: कंपनी में सिक्योरिटी मैनेजर की ड्यूटी कर रहे वंशराज सिंह का कहना है कि लंबे स्ट्रेच में चोर लगातार प्रवेश कर जाते हैं. हमने काफी संख्या में सिक्योरिटी कर्मी लगा रखे हैं, लेकिन इसके बावजूद रात के समय चोर पहुंच जाते हैं. दिन के समय ये लोग अकेले गार्ड या कर्मचारी के साथ मारपीट भी कर देते हैं. कई बार चोर गैंग पीछे खड़ी रहती है और नाबालिग बच्चों को आगे भेज देती है. बच्चों को कुछ कहा भी नहीं जा सकता, वे भी गार्ड पर हमला कर देते हैं. हमने कई बार नाबालिग बच्चों को एलईडी लाइट और वायरिंग तोड़कर ले जाते हुए देखा है. एक बार वायरिंग टूट जाने पर पूरे स्ट्रेच की लाइटिंग बंद हो जाती है.</p>
<p><strong>ट्रांसफार्मर व सोलर प्लेट तक भी चोरी: </strong>सिक्योरिटी मैनेजर वंशराज सिंह ने बताया कि फरवरी महीने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें तीन ट्रांसफार्मर चोरी हो गए थे. चोर ट्रांसफॉर्मर का तेल और कॉपर वायर निकालकर ले गए थे. यह चोरी पिछले साल हुई थी, जिसका मुकदमा पुलिस ने फरवरी में दर्ज किया. इसके अलावा दो दर्जन से ज्यादा सोलर प्लेटें एक साथ चोरी हो चुकी हैं. उन्होंने कहा कि लाखों रुपये का माल चोरी हो गया है. अभी भी एक्सप्रेसवे के बिल्कुल नजदीक लगी सोलर प्लेटें चोर चुराकर ले जा रहे हैं, जिससे सिक्योरिटी और मॉनिटरिंग सिस्टम प्रभावित हो रहा है. कैमरे मोशन सेंसर वाले लगे हुए हैं, जो आने वाले व्यक्ति की आहट से अलार्म बजा देते हैं, लेकिन इसके बावजूद चोरियां हो रही हैं. उनकी फोटो और वीडियो कैद हो जाते हैं, फिर भी ये लोग नहीं डरते. सिक्योरिटी टीम पहुंचने पर वे हमला करने की कोशिश भी करते हैं.</p>
<p><strong>सीसीटीवी कैमरे और कॉल बॉक्स में तोड़फोड़: </strong>चिराग शर्मा ने बताया कि चोर बने हुए स्ट्रक्चर को तोड़ देते हैं और जगह बनाकर अंदर प्रवेश कर जाते हैं. अधिकांश चोरियां आसपास के स्थानीय लोगों की शह पर हो रही हैं. हमने कई लोगों को पकड़ा और बाहर निकाला भी है, लेकिन फिर भी लोग अंदर घुस जाते हैं. पैकेज में बाउंड्री काफी ऊंची है, फिर भी चोर कूदकर या तोड़फोड़ करके अंदर प्रवेश करते हैं. सोलर प्लेट, सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी कॉल बॉक्स तक को तोड़कर ले जाते हैं. हालांकि, ये उपकरण टूटने के बाद खराब हो जाते हैं और किसी काम के नहीं रहते, फिर भी चोरियां जारी हैं. </p>
<p><strong>कैमरा फीडिंग हो जाती है बंद: </strong>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर राजस्थान के कुछ पैकेज का कंट्रोल सेंटर दौसा में बनाया गया है, जहां इंटरनेट प्रोटोकॉल के जरिए मॉनिटरिंग कैमरों की फीड भेजी जाती है. यह सब ओएफसी केबल के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन चोर ओएफसी केबल को भी चुरा ले जाते हैं. इससे कैमरा रिकॉर्डिंग भेजने का पूरा सिस्टम ठप हो जाता है. इसके अलावा स्टील के पाइप, लोहे की रॉड और पेड़-पौधों को पानी देने वाले पाइप भी चोरी हो रहे हैं.</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 12:05:17 +0530</pubDate>
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