<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/5724/construction" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>construction - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/5724/rss</link>
                <description>construction RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उत्तन-विरार सी लिंक से बनेगा दिल्ली का नया रास्ता केंद्र से मिली सैद्धांतिक मंजूरी, जानें बड़ी 'गुड न्यूज'</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सड़क मार्ग से मुंबई से दिल्ली का सफर तेजी से पूरा कराने का नया प्लान सरकार ने तैयार कर लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने प्रस्तावित उत्तन-विरार सी लिंक को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से जोड़ने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। विरार के करीब सी लिंक एक्सप्रेस से जोड़ेगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से मुंबई-वधावन एक्सप्रेस कॉरिडोर (एमवीईसी) को राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। उत्तन- विरार सी लिंक के तहत 55.12 किमी लंबा ब्रिज तैयार होने है। जिसमें से 24.35 किमी लंबा ब्रिज समुद्र पर होगा। जो समुद्र पर बनने वाला सबसे लंबा ब्रिज होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51118/new-route-to-delhi-will-be-built-through-uttan-virar-sea"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/uttan-virar_2026071129174.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>सड़क मार्ग से मुंबई से दिल्ली का सफर तेजी से पूरा कराने का नया प्लान सरकार ने तैयार कर लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने प्रस्तावित उत्तन-विरार सी लिंक को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से जोड़ने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। विरार के करीब सी लिंक एक्सप्रेस से जोड़ेगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से मुंबई-वधावन एक्सप्रेस कॉरिडोर (एमवीईसी) को राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। उत्तन- विरार सी लिंक के तहत 55.12 किमी लंबा ब्रिज तैयार होने है। जिसमें से 24.35 किमी लंबा ब्रिज समुद्र पर होगा। जो समुद्र पर बनने वाला सबसे लंबा ब्रिज होगा।</p>
<p> </p>
<p><strong>लिंक को मिलेगी डबल कनेक्टिविटी</strong><br />उत्तन-विरार सी लिंक को वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेस वे और जेएनपीटी-वधावन पोर्ट लिंक से भी जोड़ा जाएगा। इन प्रोजेक्ट के तहत 120 किमी लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड कोस्टल रोड कॉरिडोर तैयार होगा। सभी प्रोजेक्ट के पूरा होने से दक्षिण मुंबई से वसई, विरार, पालघर और वधावन पोर्ट के बीच तेजी से सफर पूरा हो सकेगा। राज्य सरकार पहले ही उत्तन-विरार सी लिंक को मंजूरी दे चुकी है वहीं इसका विस्तार वधावन पोर्ट तक विस्तार देने को भी मंजूरी मिल चुकी है। वधावन को देश के प्रमुख गहरे समुद्री पोर्ट के तौर पर विकसित किया जा रहा है। ऐसे में इस कॉरिडोर से पोर्ट तक माल ढुलाई आसान होगी। मुंबई के साथ ही दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों से सामना तेजी से पहुंचना संभव होगा।</p>
<p><strong>कैसे होगा सफर आसान</strong><br />मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस वे को सी लिंक से जोडने से पहले ही एमएमआरडीए ने वर्सोवा- मीरा भाईंदर कोस्टल रोड को उत्तर-विरार सी लिंक को जोड़ने की योजना बना ली है। कोस्टल रोड, वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक, बांद्रा-वर्ली सी लिंक और मरीन ड्राइव- वर्ली लिंक से कनेक्ट है।</p>
<p><strong>बेहतर हो जाएगी कनेक्टिविटी</strong><br />सी लिंक के एक्सप्रेस वे से कनेक्ट होने से मुंबई-दिल्ली के बीच की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साऊथ मुंबई से दिल्ली तक के सफर के लिए चालकों को नया वैकल्पिल मार्ग उपलब्ध होगा। मौजूदा समय में साऊथ मुंबई से विरार तक पहुंचने में करीब दो से ढाई घंटे का समय लगता है। जबकि सी लिंक से एक घंटे से कम समय में यह सफर पूरा हो सकेंगे। इस यात्रियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलने के साथ ही ईंधन की भी बचत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51118/new-route-to-delhi-will-be-built-through-uttan-virar-sea</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51118/new-route-to-delhi-will-be-built-through-uttan-virar-sea</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 11:59:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/uttan-virar_2026071129174.jpg"                         length="29718"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : बीएमसी  ने वार्ड-वाइज प्लान और सख्त पेनल्टी के साथ कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट को सख्त किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट की गैर-कानूनी डंपिंग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेश  ने वार्ड-वाइज़ कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट प्लान लागू करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इन प्लान में बिना इजाज़त डंपिंग हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी, मलबे की मात्रा को मापा जाएगा, और ज़मीन पर मौजूदा हालत को ट्रैक किया जाएगा, जिसका मकसद बेहतर मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49615/mumbai-bmc-tightens-construction-and-demolition-waste-management-with-ward-wise"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-04-24t181558.344.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट की गैर-कानूनी डंपिंग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेश  ने वार्ड-वाइज़ कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट प्लान लागू करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इन प्लान में बिना इजाज़त डंपिंग हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी, मलबे की मात्रा को मापा जाएगा, और ज़मीन पर मौजूदा हालत को ट्रैक किया जाएगा, जिसका मकसद बेहतर मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करना है।</p>
<p> </p>
<p>बीएमसी की एडिशनल कमिश्नर अश्विनी जोशी ने गुरुवार को एम वेस्ट और एच वेस्ट वार्ड ऑफिस में पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में सफाई के काम का रिव्यू किया। रिव्यू में एक डिजिटल प्रेजेंटेशन शामिल था जिसमें कचरा कलेक्शन, बैकलॉग की दिक्कतें, मशीन से सफाई, स्पेशल-केयर वेस्ट, और वेस्ट मैनेजमेंट के लिए तैनात गाड़ियों और मैनपावर की स्थिति पर रोशनी डाली गई। जोशी ने अधिकारियों को सफाई के काम को और सख्त करने का निर्देश दिया, और डंपिंग साइट्स, मलबे की मात्रा और मौजूदा स्थिति की वार्ड-लेवल मैपिंग के ज़रिए असरदार कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने सुबह की शिफ्ट में बीएमसी  वर्कफोर्स की पूरी तैनाती का आदेश दिया, जबकि बाद के घंटों में “पिंक आर्मी” और सड़क-सफाई का काम जारी रहेगा। रेगुलर फील्ड इंस्पेक्शन और सख्त मैकेनाइज्ड सफाई पर जोर दिया गया, साथ ही लंबे समय तक बिना इजाज़त छुट्टी पर रहने वाले स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई।</p>
<p>बीएमसी  ने दिसंबर 2024 में अपने कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट कलेक्शन सिस्टम को अपग्रेड किया, जिसमें एमवाईबीएमसी ऐप के साथ इंटीग्रेटेड 24/7 सेंट्रल हेल्पलाइन शुरू की गई। यह सर्विस 500 kg तक फ्री मलबा उठाने की सुविधा देती है; इससे ज्यादा का चार्ज शहर और पूर्वी उपनगरों में  1,425 प्रति टन और पश्चिमी उपनगरों में  1,415 प्रति टन है। अभी, सिविक बॉडी दहिसर और शिल्पाता-कल्याण में दो रीसाइक्लिंग प्लांट चलाती है, जिनकी कुल कैपेसिटी 1,200 टन है।</p>
<p>इसके अलावा, बीएमसी  ने प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन, मलबे की रियल-टाइम ट्रैकिंग और वायलेशन की रिपोर्टिंग के लिए दिल्ली के मालबा पोर्टल की तरह एक डेडिकेटेड डिजिटल पोर्टल के लिए टेंडर निकाला। इस कदम का मकसद कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट में ट्रांसपेरेंसी और एफिशिएंसी बढ़ाना है। नियमों का पालन पक्का करने के लिए, बीएमसी  ने एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया है, जिसमें डेवलपर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसियों और सरकारी संस्थाओं को सोर्स पर ही कचरे को खुदाई के सामान और कंस्ट्रक्शन के मलबे में अलग करना होगा।</p>
<p>नियम न मानने पर हर गाड़ी पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा, और बार-बार नियम तोड़ने पर और सख्त कार्रवाई होगी। गैर-कानूनी डंपिंग को सख्ती से रोका जाएगा। इन तरीकों से, बीएमसी  का मकसद बिना इजाज़त कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट डंपिंग की लगातार बनी रहने वाली समस्या को हल करना, साफ़ सड़कें पक्का करना और कंस्ट्रक्शन के मलबे की सही रीसाइक्लिंग और डिस्पोज़ल को बढ़ावा देना है। यह पहल सफ़ाई, शहरी सफ़ाई और सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सिविक बॉडी के कमिटमेंट को दिखाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49615/mumbai-bmc-tightens-construction-and-demolition-waste-management-with-ward-wise</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49615/mumbai-bmc-tightens-construction-and-demolition-waste-management-with-ward-wise</guid>
                <pubDate>Fri, 01 May 2026 12:37:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-05/download---2026-04-24t181558.344.jpg"                         length="7939"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर को देश निकाला, अवैध निर्माण ध्वस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में पुलिस ने संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विक्रोली (पूर्व) के एक हिस्ट्रीशीटर को देश निकाला दिया है। इसके साथ ही उससे जुड़े अवैध निर्माण को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध संपत्तियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान मोहम्मद नासर उर्फ तासु (48) के रूप में हुई है, जो विक्रोली के टैगोर नगर क्षेत्र का निवासी है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र गैंबलिंग एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49305/big-action-by-mumbai-police-history-sheeter-deported-illegal-construction-demolished"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-18t182837.896.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में पुलिस ने संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विक्रोली (पूर्व) के एक हिस्ट्रीशीटर को देश निकाला दिया है। इसके साथ ही उससे जुड़े अवैध निर्माण को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध संपत्तियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान मोहम्मद नासर उर्फ तासु (48) के रूप में हुई है, जो विक्रोली के टैगोर नगर क्षेत्र का निवासी है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र गैंबलिंग एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज हैं।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इनमें छेड़छाड़ से जुड़े दो मामले भी शामिल हैं। गंभीर आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए आठ मामलों को आधार बनाकर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी। </p>
<p>मुंबई पुलिस के जोन-7 के उपायुक्त द्वारा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 56(1)(-ए) के तहत उसे शहर से निष्कासित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जिसे मंजूरी मिलने के बाद यह कार्रवाई लागू की गई। इस कार्रवाई के साथ ही आरोपी से जुड़े अवैध निर्माण पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई। टैगोर नगर स्थित चॉल नंबर 305 के गाला नंबर 3815 में स्थित लगभग 5,000 वर्ग फुट की आवासीय संपत्ति को भी ध्वस्त किया गया। यह संपत्ति ग्राउंड प्लस तीन मंजिला संरचना थी, जो कथित रूप से अन्य लोगों के नाम पर बनाई गई थी। कार्रवाई के दौरान मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की मदद से इस संपत्ति को पूरी तरह खाली कराया गया।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार यह निर्माण बिना उचित अनुमति और नियमों के उल्लंघन के तहत किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपी इस संपत्ति का उपयोग अपने प्रभाव और गतिविधियों को संचालित करने के लिए कर रहा था। पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण और आपराधिक तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।</p>
<p>ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर अपराधियों की अवैध संपत्तियों को हटाने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इस कार्रवाई को मुंबई पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49305/big-action-by-mumbai-police-history-sheeter-deported-illegal-construction-demolished</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49305/big-action-by-mumbai-police-history-sheeter-deported-illegal-construction-demolished</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 18:29:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-18t182837.896.jpg"                         length="12617"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुंबई : कंस्ट्रक्शन सेक्टर को राहत, खुदाई रॉयल्टी माफ और नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन ऑनलाइन ₹ 83.7 6 </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>कंस्ट्रक्शन सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए, महाराष्ट्र के रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने खुदाई की रॉयल्टी माफ करने और नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन प्रोसेस को डिजिटाइज़ करने जैसे बड़े सुधारों का ऐलान किया है। ये फैसले मंत्रालय में क्रेडाई के रिप्रेजेंटेटिव के साथ हुई मीटिंग में लिए गए। नई पॉलिसी के अनुसार, अगर कंस्ट्रक्शन के दौरान खोदे गए माइनर मिनरल्स को उसी प्रोजेक्ट साइट पर दोबारा इस्तेमाल किया जाता है, तो डेवलपर्स से कोई रॉयल्टी नहीं ली जाएगी। इस कदम से प्रोजेक्ट की कुल लागत में कमी आने की उम्मीद है और डेवलपर्स पर फाइनेंशियल दबाव कम होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49087/relief-to-mumbai-construction-sector-excavation-royalty-waiver-and-non-agricultural"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-09t175612.026.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>कंस्ट्रक्शन सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए, महाराष्ट्र के रेवेन्यू मिनिस्टर चंद्रशेखर बावनकुले ने खुदाई की रॉयल्टी माफ करने और नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन प्रोसेस को डिजिटाइज़ करने जैसे बड़े सुधारों का ऐलान किया है। ये फैसले मंत्रालय में क्रेडाई के रिप्रेजेंटेटिव के साथ हुई मीटिंग में लिए गए। नई पॉलिसी के अनुसार, अगर कंस्ट्रक्शन के दौरान खोदे गए माइनर मिनरल्स को उसी प्रोजेक्ट साइट पर दोबारा इस्तेमाल किया जाता है, तो डेवलपर्स से कोई रॉयल्टी नहीं ली जाएगी। इस कदम से प्रोजेक्ट की कुल लागत में कमी आने की उम्मीद है और डेवलपर्स पर फाइनेंशियल दबाव कम होगा। रॉयल्टी पेमेंट सिस्टम को भी आसान बनाया जाएगा और यह छह महीने के लिए लागू रहेगा। </p>
<p> </p>
<p>इसके अलावा, राज्य सरकार ने निर्देश दिया है कि अगले 10 दिनों के अंदर पूरी नॉन-एग्रीकल्चरल परमिशन प्रोसेस को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इससे डेवलपर्स को डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के पास जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी और लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण होने वाली देरी में भी कमी आएगी। मीटिंग में पूरे राज्य में डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के ‘पुणे पैटर्न’ को अपनाने पर भी चर्चा हुई। इस मॉडल ने ट्रांसपेरेंसी और प्रोजेक्ट प्रोसेसिंग की गति बढ़ाने में असरदार साबित किया है। नए सिस्टम में, डॉक्यूमेंट्स के रजिस्ट्रेशन के बाद प्रॉपर्टी कार्ड को तुरंत अपडेट करने की सुविधा भी शामिल होगी। मंत्री ने प्रिंसिपली इस मांग को मान लिया।</p>
<p>क्रेडाई के प्रतिनिधियों ने इस सुधार को कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए अहम और सकारात्मक कदम बताया। उनके अनुसार, रॉयल्टी माफ करने और नॉन-एग्रीकल्चरल  परमिशन ऑनलाइन करने से नए प्रोजेक्ट्स को तेजी से शुरू करने में मदद मिलेगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। मंत्री बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कंस्ट्रक्शन सेक्टर में प्रक्रियाओं को सरल, तेज़ और पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हर प्रोजेक्ट की ट्रैकिंग संभव होगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पकड़ने में मदद मिलेगी।</p>
<p>विशेष रूप से यह सुधार माइनर मिनरल्स के उपयोग को अधिक प्रभावी और आर्थिक रूप से लाभकारी बनाएगा। पहले खोदे गए मिनरल्स के लिए रॉयल्टी देना डेवलपर्स के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ बन जाता था, जिसे अब खत्म किया गया है। इसके अलावा, नॉन-एग्रीकल्चरल  परमिशन ऑनलाइन करने से प्रोजेक्ट की योजना बनाने और मंजूरी लेने की प्रक्रिया भी तेज़ और आसान होगी। इस पहल से महाराष्ट्र में कंस्ट्रक्शन सेक्टर को तत्काल और दीर्घकालीन लाभ मिलने की उम्मीद है। अधिकारीयों का कहना है कि ऑनलाइन प्रोसेसिंग और डिजिटल ट्रैकिंग से भ्रष्टाचार कम होगा और निवेशकों और डेवलपर्स के लिए एक भरोसेमंद माहौल तैयार होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49087/relief-to-mumbai-construction-sector-excavation-royalty-waiver-and-non-agricultural</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49087/relief-to-mumbai-construction-sector-excavation-royalty-waiver-and-non-agricultural</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 17:57:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-09t175612.026.jpg"                         length="8717"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        