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                <title>China - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>China RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नागपुर: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच नाना पटोले ने चीन को लेकर पीएम मोदी पर साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कांग्रेस नेता नाना पटोले ने रविवार को आरोप लगाया कि जनता इस बात को लेकर चिंतित है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के सामने "घुटने टेक दिए हैं"। उन्होंने ब्रिक्स समिट के दौरान बीजिंग के प्रति केंद्र के रवैये पर सवाल उठाए।पटोले ने कहा कि भारत को समिट के मंच का इस्तेमाल चीन से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए करना चाहिए, जिसमें अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के इलाकों पर चीन के कथित कब्ज़े का मुद्दा शामिल है, और उनसे इन इलाकों से हटने की मांग करनी चाहिए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51833/nagpur-nana-patole-targets-pm-modi-on-china-amid-brics"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-14t112402.017.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नागपुर: </strong>कांग्रेस नेता नाना पटोले ने रविवार को आरोप लगाया कि जनता इस बात को लेकर चिंतित है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के सामने "घुटने टेक दिए हैं"। उन्होंने ब्रिक्स समिट के दौरान बीजिंग के प्रति केंद्र के रवैये पर सवाल उठाए।पटोले ने कहा कि भारत को समिट के मंच का इस्तेमाल चीन से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए करना चाहिए, जिसमें अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के इलाकों पर चीन के कथित कब्ज़े का मुद्दा शामिल है, और उनसे इन इलाकों से हटने की मांग करनी चाहिए।</p>
<p> </p>
<p>पटोले ने कहा कि ब्रिक्स  समिट में चीनी राष्ट्रपति की मौजूदगी भारत के लिए "साफ़-साफ़ बात करने" और चीन द्वारा कथित तौर पर कब्ज़ा किए गए इलाकों से उसके हटने की मांग करने का एक मौका है।पटोले ने कहा, "चीन के नेता ब्रिक्स समिट के लिए यहां आए हैं। जिस तरह से चीन ने अरुणाचल और लद्दाख जैसे इलाकों पर कब्ज़ा किया है, उसे देखते हुए प्रधानमंत्री को साफ़-साफ़ बात करनी चाहिए और चीन से हटने की मांग करनी चाहिए। भारत को इस समिट से यही सबसे बड़ा फ़ायदा हो सकता है। हालांकि, पीएम मोदी इस बारे में कुछ नहीं कह रहे हैं।"उन्होंने आगे आरोप लगाया कि चीन के प्रति सरकार के रवैये को लेकर जनता चिंतित है।</p>
<p>उन्होंने कहा, "नतीजतन, जनता बहुत चिंतित है और सोच रही है कि क्या पीएम मोदी ने असल में चीन के सामने घुटने टेक दिए हैं।" मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 (टी2) के पास एक मस्जिद के ढांचे को लेकर हुए विवाद पर पटोले ने दावा किया कि यह ढांचा पुराना है और बीजेपी सरकार पर जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मेरा मानना ​​है कि वह मस्जिद नई नहीं है; वह बहुत पुरानी है। लेकिन हिंदू-मुस्लिम तनाव भड़काना और जनता के मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाना बीजेपी सरकार का एजेंडा है।"</p>
<p>बीजेपी पर निशाना साधते हुए पटोले ने मुसलमानों पर  आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणियों का ज़िक्र किया और विदेश में दिए गए बयानों और भारत में बीजेपी सरकारों के कामों के बीच अंतर का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "एक तरफ, उनके अपने नेता मोहन भागवत विदेश जाते हैं और मुसलमानों के बारे में बहुत सकारात्मक बातें करते हैं, जबकि भारत में उनकी सरकारें मुसलमानों के प्रति दुश्मनी भरा रवैया अपनाती हैं।" पटोले ने आगे कहा, "ऐसा लगता है कि जिस 'इंसानियत' की बात उन्होंने की थी, वह सिर्फ़ विदेशी लोगों के लिए है, जबकि भारत लौटने पर बीजेपी इंसानियत को भूल जाती है।" इससे पहले, रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को शुभकामनाएं दीं, जो 2027 में इस ग्रुप के अगले शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा कि अब दुनिया ब्रिक्स  से "ठोस नतीजों" की उम्मीद कर रही है क्योंकि यह अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स  के अगले मेजबान के तौर पर चीन को शुभकामनाएं दीं और नई दिल्ली शिखर सम्मेलन को सफल बनाने के लिए नेताओं और उनकी टीमों की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा, "मैं ब्रिक्स  के अगले मेजबान के तौर पर चीन को एक बार फिर शुभकामनाएं देता हूं। मैं खास तौर पर आप सभी और आपकी टीमों की तारीफ करता हूं जिन्होंने नई दिल्ली शिखर सम्मेलन को सफल बनाया। मैं आप सभी की सुखद और सुरक्षित यात्रा की कामना करता हूं।" इस बीच, रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए 'ग्लोबल साउथ' के हितों को आगे बढ़ाने में ब्रिक्स की मजबूत भूमिका का समर्थन किया। उन्होंने ग्रुप से "ऐतिहासिक पहल करने" और "अंतरराष्ट्रीय मामलों में एक सक्रिय, स्थिर और सकारात्मक ताकत" बनने का आह्वान किया। चीनी विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक, शी की ये बातें ऐसे समय में आईं जब भारत "लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" की थीम के तहत दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। नई दिल्ली ने अपने ब्रिक्स  एजेंडे में ग्लोबल साउथ, बहुपक्षवाद, सतत विकास और तकनीक को प्राथमिकता दी है। यह घटनाक्रम तब हुआ जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स  शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद रविवार को नई दिल्ली से रवाना हुए। शी जिनपिंग ने शिखर सम्मेलन स्थल 'भारत मंडपम' में दो दिनों तक चले ब्रिक्स सत्र में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय बैठक भी की, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुए। चीन 2027 में ब्रिक्स की बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता संभालेगा और 19वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Sep 2026 11:24:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई : युद्ध के बीच चीन से जहाजों पर लदकर आईं सुरंगें खोदने वाली मशीनें, अंडरग्राउंड दौड़ेगी बुलेट ट्रेन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेेरिका-ईरान में चले रहे युद्ध के बीच भारत की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए दो टनल बोरिंग मशीनें  मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर पहुंच गई हैं। सुरंगें खोदने वाली हर मशीन करीब 2,000 टन की हैं। ये मशीनें जर्मन कंपनी हेरेनकनेक्ट  ने बनाई हैं, जिनका प्रोडॅक्शन चीन में गुआंगझू की फैक्ट्री में किया गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48763/amidst-the-mumbai-war-tunnel-digging-machines-came-loaded-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t104328.084.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>अमेेरिका-ईरान में चले रहे युद्ध के बीच भारत की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए दो टनल बोरिंग मशीनें  मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट पर पहुंच गई हैं। सुरंगें खोदने वाली हर मशीन करीब 2,000 टन की हैं। ये मशीनें जर्मन कंपनी हेरेनकनेक्ट  ने बनाई हैं, जिनका प्रोडॅक्शन चीन में गुआंगझू की फैक्ट्री में किया गया है। इन मशीनों को चीन से भारत जहाजों के जरिये लाने में नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय को बीजिंग, बर्लिन से संपर्क साधना पड़ा और अरसे से कूटनीतिक बातचीत के बाद सरकार को ये बड़ी कामयाबी मिली है। इन मशीनों के आने से अब बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को पूरा करने में तेजी आएगी। </p>
<p> </p>
<p><strong>मुंबई के नीचे चट्टान काटकर बनेगा अंडरग्राउंड टनल</strong><br />मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जल्द ही ये मशीनें एक शहर के नीचे चट्टानों को काटकर अंडरग्राउंड टनल बना देंगी, जिससे होकर भारत की पहली बुलेट ट्रेन गुजरेगी। 13.56 डायमीटर वाली ये टनल बोरिंग मशीनें भारत की धरती पर अब तक की सबसे बड़ी मशीनें हैं।</p>
<p><strong>मुंबई के नीचे चट्टान काटकर बनेगा अंडरग्राउंड टनल</strong><br />मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जल्द ही ये मशीनें एक शहर के नीचे चट्टानों को काटकर अंडरग्राउंड टनल बना देंगी, जिससे होकर भारत की पहली बुलेट ट्रेन गुजरेगी। 13.56 डायमीटर वाली ये टनल बोरिंग मशीनें भारत की धरती पर अब तक की सबसे बड़ी मशीनें हैं।<br />रिपोर्टों के अनुसार, इन मशीनों को लाने में भारत के कूटनीतिक संपर्कों का बड़ा इस्तेमाल हुआ है। नई दिल्ली, बीजिंग और बर्लिन के बीच कूटनीतिक प्रयास करने के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय, भारतीय विदेश मंत्रालय 18 महीनों से लगा हुआ था, तब जाकर ये मशीनें चीन से भारत आ पाईं। </p>
<p><strong>मुंबई से अहमदाबाद तक 508 किमी दौड़ेगी बुलेट ट्रेन</strong><br />रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी बुुलेट ट्रेन परियोजना के लिए मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल  का कॉरिडोर 508 किलोमीटर लंबा होगा, जो महाराष्ट्र, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा। इस कॉरिडोर का करीब 323 किलोमीटर का हिस्सा तकरीबन पूरा हो चुका है। </p>
<p><strong>21 किलोमटर का अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनेगा</strong><br />हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का सबसे ज्यादा तकनीकी हिस्सा अंडरग्राउंड वाला है, जो 21 किलोमीटर लंबा है।<br />यह मुंबई में बांद्रा-कुर्ला कॉम्पलेक्स से नवीं मुंबई के शिलफाटा के बीच होगा।<br />यहां बेहद घनी आबादी और इन्फ्रास्ट्रक्चर है, ऐसे में इसे बनाना बेहद जटिल साबित हो रहा था।<br />मगर, अब इन टीबीएम मशीनों के आने से टनल बनाने का काम संभव हो पाएगा। </p>
<p><strong>कितना हो चुका है काम, कितना है बकाया</strong><br />इन 21 किलोमीटर की सुरंग में से 4.8 किमी का काम तो पूरा हो चुका है। इस हिस्से को न्यू ऑस्ट्रियाई टनलिंग मेथड यानी ड्रिल और ब्लास्ट के तरीके से बनाया गया है। बचा हुआ 15.5 किलोमीटर के हिस्से को बनाने के लिए इन TBM मशीनों की जरूरत थी।</p>
<p>एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त, 2027 तक चलने की उम्मीद है।<br />केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने बुलेट ट्रेन के लिए 7 नए कॉरिडोर का ऐलान किया था, जिनमें दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-पुणे और पुणे-हैदराबाद शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 10:44:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चीन : जंग के बीच चीन-ईरान की बढ़ती नजदीकी से कांपा US... क्या खाड़ी देशों में नया मोर्चा खोलने की तैयारी में है ड्रैगन?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">चीन केवल राजनीतिक समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ईरान को ड्रोन, एंटी-शिप क्रूज मिसाइल और रॉकेट ईंधन बनाने में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीक भी प्रदान कर रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 2 मार्च को चीन के दो जहाजों को ऐसे रसायनों के साथ ईरान की ओर जाते देखा गया, जिनका उपयोग रॉकेट फ्यूल बनाने में किया जाता है, जैसे कि सोडियम परक्लोरेट। अमेरिकी दावों के मुताबिक, यह ईरान की मिसाइल क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48519/china-trembles-due-to-the-increasing-proximity-of-china-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/888881.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चीन : </strong>पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। अमेरिका की एक ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन अब सीधे तौर पर ईरान की सैन्य और तकनीकी मदद कर रहा है। यह खुलासा ‘यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन’ द्वारा जारी रिपोर्ट में किया गया है जो इस ओर इशारा करता है कि मिडिल ईस्ट की इस जंग में चीन की भूमिका अब पर्दे के पीछे से निकलकर सामने आ रही है।<br /><br />रिपोर्ट के अनुसार, चीन केवल राजनीतिक समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह ईरान को ड्रोन, एंटी-शिप क्रूज मिसाइल और रॉकेट ईंधन बनाने में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीक भी प्रदान कर रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 2 मार्च को चीन के दो जहाजों को ऐसे रसायनों के साथ ईरान की ओर जाते देखा गया, जिनका उपयोग रॉकेट फ्यूल बनाने में किया जाता है, जैसे कि सोडियम परक्लोरेट। अमेरिकी दावों के मुताबिक, यह ईरान की मिसाइल क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।<br /><br />विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अब अपनी पुरानी रणनीति बदल रहा है। पहले वह खाड़ी देशों के साथ अपने संबंधों के खराब होने के डर से ईरान को सीधे सैन्य उपकरण देने से बचता था और केवल ‘ड्यूअल यूज’ (दोहरे उपयोग वाली) तकनीक ही मुहैया कराता था। लेकिन अब चीन सीधे तौर पर रक्षा से जुड़ी संवेदनशील तकनीक ईरान को सौंप रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ईरान अब चीन के अत्याधुनिक ‘BeiDou Navigation System’ (BNS) का इस्तेमाल कर रहा है जो युद्ध के दौरान मिसाइलों और ड्रोन्स की सटीकता को कई गुना बढ़ा देता है।<br /><br />ईरान और चीन के बीच यह बढ़ती नजदीकी अचानक नहीं है। साल 2021 में दोनों देशों के बीच 25 साल का एक ऐतिहासिक रणनीतिक समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत चीन ने ईरान के बुनियादी ढांचे, सड़क, बंदरगाह, ऊर्जा और तकनीक क्षेत्र में भारी निवेश करने का वादा किया है। इसके बदले में, ईरान चीन को सस्ती दरों पर तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करता है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच यह आर्थिक और सुरक्षा गठबंधन और भी मजबूत हुआ है।<br /><br />चीन और ईरान के बीच बढ़ते ये संबंध केवल द्विपक्षीय व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि BRICS और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों के जरिए भी ये एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। अमेरिकी रिपोर्ट के इन दावों ने वैश्विक कूटनीति में नई चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि इससे मिडिल ईस्ट की जंग के और अधिक विस्तार होने और विश्व शक्तियों के आमने-सामने आने का खतरा बढ़ गया है।, वर्तमान में ईरान और चीन का यह सुरक्षा और व्यापारिक गठजोड़ अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद निरंतर आगे बढ़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 20:59:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नई दिल्ली : करोलबाग में चल रहा था गजब का खेल, नॉन-ट्रेसेबल IMEI की लग रही थी मंडी, क्या चीन से है कनेक्शन?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की राजधानी दिल्ली के करोलबाग के भीड़भाड़ वाले मोबाइल हब में पुलिस ने ऐसी फर्जी मोबाइल फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. इसन भंडाफोड़ ने राजधानी की सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है. यहां से मिले फोन नॉन-ट्रेसेबल चाइनीज IMEI नंबरों से लैस थे. यानी ऐसे मोबाइल जिन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल है. पुलिस को जांच में इस यूनिट में विदेशी व्यक्तियों के आने-जाने की जानकारी भी लगी. इसके बाद मामले में ‘चाइना लिंक’ और ‘टेरर एंगल’ की जांच तेज हो गई है.</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/45813/a-strange-game-was-going-on-in-karol-bagh-new"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-11/download---2025-11-27t183207.910.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली :</strong> देश की राजधानी दिल्ली के करोलबाग के भीड़भाड़ वाले मोबाइल हब में पुलिस ने ऐसी फर्जी मोबाइल फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. इसन भंडाफोड़ ने राजधानी की सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है. यहां से मिले फोन नॉन-ट्रेसेबल चाइनीज IMEI नंबरों से लैस थे. यानी ऐसे मोबाइल जिन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल है. पुलिस को जांच में इस यूनिट में विदेशी व्यक्तियों के आने-जाने की जानकारी भी लगी. इसके बाद मामले में ‘चाइना लिंक’ और ‘टेरर एंगल’ की जांच तेज हो गई है.</p>
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<p>इस सीक्रेट फैक्ट्री में कथित तौर पर चीन से सॉफ्टवेयर और IMEI नंबर लेकर पुराने मोबाइलों को ‘नए’ फोन की तरह बाजार में सप्लाई किया जा रहा था. जिस तरह से यह फोन ट्रेस नहीं किए जा सकते, इससे आशंका है कि अगर ऐसे डिवाइस किसी आपराधिक गिरोह या आतंकी मॉड्यूल तक पहुंच जाएं तो सुरक्षा एजेंसियों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है.</p>
<p>निधिन वाल्सन DCP सेंट्रल दिल्ली पुलिस बताया कि दिल्ली पुलिस की सेंट्रल जिले की टीम को करीब 15 दिन पहले इनपुट मिला कि करोलबाग के बीदनपुर, गली नंबर 22 की एक बिल्डिंग में संदिग्ध मोबाइल यूनिट चल रही है. इनपुट में विदेशी नागरिकों के आने-जाने और पुराने बोर्डों को नए फोन बनाकर बेचने जैसी गतिविधियों का भी जिक्र था. 20 नवंबर को पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने यहां छापा मारा और दो मंजिलों से भारी मात्रा में सामान जब्त किया.<br />पुलिस के मुताबिक यह यूनिट दो साल से चल रही थी और पुराने मोबाइल फोन के मदरबोर्ड कबाड़ी बाजारों से खरीदकर इनका ‘री-बिल्ड वर्ज़न’ तैयार किया जाता था.</p>
<p><strong>आरोपियों की गिरफ्तारी: किसकी क्या भूमिका?</strong><br />पुलिस ने इस मामले में अशोक कुमार (मालिक), रामनारायण, धर्मेंद्र कुमार, दीपांशु और दीपक को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में इन्होंने IMEI एडिट करके फोन सप्लाई करने की बात मानी है. अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इन मोबाइल फोनों की सप्लाई चैन कितनी बड़ी है. किन मार्केट्स में यह फोन बेचे गए और क्या यह डिवाइस किसी आपराधिक गिरोह तक पहुंचे.</p>
<p><strong>स्पेशल सेल भी जांच में: टेरर एंगल खंगाला जा रहा है</strong><br />लाल किले की हाल की घटना को देखते हुए, सुरक्षा एजेंसियां इन डिवाइसेज़ के संभावित दुरुपयोग को लेकर सतर्क हैं. अगर कोई अपराधी या आतंकी ऐसे नॉन-ट्रेसेबल फोन का इस्तेमाल करता है तो उसकी लोकेशन ट्रैक करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा. इसी वजह से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी मामले में सक्रिय हो गई है.</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 18:33:27 +0530</pubDate>
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