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                <title>exposed - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>exposed RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और गैर-कानूनी ऑनलाइन गेमिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और गैर-कानूनी ऑनलाइन गेमिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने गोवा के कैंडोलिम स्थित एक आलीशान विला में छापेमारी कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी को आशंका है कि यह गिरोह पिछले छह महीनों से साइबर अपराध के जरिए हासिल की गई 500 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर कर मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा था। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51190/mumbai-international-cyber-fraud-and-illegal-online-gaming-syndicate-busted"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-07t123341.061.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और गैर-कानूनी ऑनलाइन गेमिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने गोवा के कैंडोलिम स्थित एक आलीशान विला में छापेमारी कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी को आशंका है कि यह गिरोह पिछले छह महीनों से साइबर अपराध के जरिए हासिल की गई 500 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर कर मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा था। </p>
<p> </p>
<p>क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के दौरान इस रैकेट से जुड़े विभिन्न बैंक खातों में मौजूद करीब 100 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर अपराध से जुड़े वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, इनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और पैसों के लेनदेन की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपी एक सुनियोजित तरीके से साइबर फ्रॉड और अवैध ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों को संचालित कर रहे थे। आरोपियों ने गोवा के कैंडोलिम में स्थित एक महंगे विला को किराए पर लिया था, जहां से इस पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, यह विला सामान्य रहने के लिए नहीं बल्कि साइबर अपराध की गतिविधियों को अंजाम देने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा था।</p>
<p>क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि गिरोह में शामिल लोगों को अपराध में शामिल करने से पहले विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपियों को लगभग 15 दिनों तक ट्रेनिंग दी गई, जिसमें उन्हें कई बैंक खातों के माध्यम से तेजी से पैसे ट्रांसफर करने, लेनदेन छिपाने और साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में भेजने के तरीके सिखाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क में शामिल आरोपी कुछ ही मिनटों में बड़ी रकम को कई बैंक खातों में ट्रांसफर करने की क्षमता रखते थे। इसके लिए वे अलग-अलग खातों, डिजिटल माध्यमों और अन्य वित्तीय चैनलों का इस्तेमाल करते थे, ताकि जांच एजेंसियों को लेनदेन की वास्तविक जानकारी आसानी से न मिल सके। </p>
<p>जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस सिंडिकेट का नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साइबर फ्रॉड से जुटाई गई रकम किन देशों या किन नेटवर्क के माध्यम से संचालित की जा रही थी। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि अवैध ऑनलाइन गेमिंग के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ। </p>
<p>मुंबई क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। हाल के वर्षों में ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और अवैध गेमिंग से जुड़े मामलों में तेजी आई है। अपराधी तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने और बड़ी रकम को छिपाने के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे मामलों में वित्तीय लेनदेन की जांच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Aug 2026 12:34:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई में महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के तांबे के केबल चोरी का बड़ा मामला, सक्रिय गिरोह का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के तांबे के केबलों की चोरी का मामला शहर में लगातार सामने आ रहा है। पुलिस जांच में एक सक्रिय गिरोह की संलिप्तता का खुलासा हुआ है, जो पूरे मुंबई में केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का नेतृत्व 38 वर्षीय अब्दुल सिद्दी कामद शेख और कुर्ला स्थित कबाड़ व्यवसायी 44 वर्षीय ललितकुमार भंवरलाल जैन द्वारा किया जा रहा था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49640/major-case-of-copper-cable-theft-of-mahanagar-telephone-nigam"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-02t133121.098.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के तांबे के केबलों की चोरी का मामला शहर में लगातार सामने आ रहा है। पुलिस जांच में एक सक्रिय गिरोह की संलिप्तता का खुलासा हुआ है, जो पूरे मुंबई में केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का नेतृत्व 38 वर्षीय अब्दुल सिद्दी कामद शेख और कुर्ला स्थित कबाड़ व्यवसायी 44 वर्षीय ललितकुमार भंवरलाल जैन द्वारा किया जा रहा था। हाल ही में अंधेरी एमआईडीसी इलाके में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े 3.5 लाख रुपये मूल्य के महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के तांबे के केबल बरामद किए हैं।</p>
<p> </p>
<p>जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले से ही एक पुराने मामले में शामिल रहे हैं, जो 31 दिसंबर को नवघर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। उस मामले में भी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड केबल चोरी की घटना सामने आई थी। फिलहाल अब्दुल शेख जमानत पर बाहर है, जबकि ललितकुमार जैन ने अग्रिम जमानत ले रखी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब्दुल शेख कथित तौर पर ललितकुमार जैन की मदद से मुंबई में एक संगठित नेटवर्क चला रहा था, जो अलग-अलग इलाकों से केबल चोरी कर उन्हें कबाड़ के रूप में बेचता था।</p>
<p>एफआईआर के अनुसार, 31 दिसंबर की तड़के लगभग 2:30 बजे पुलिस कांस्टेबल सुरेश हीराम निकुंभ (51) गश्त पर थे। इस दौरान उन्होंने मुलुंड ईस्ट के नवघर रोड स्थित टाटा कॉलोनी में कुछ संदिग्ध लोगों को एक टेम्पो में महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड के तांबे के केबल लोड करते हुए देखा। पुलिस को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में यह भी पता चला कि यह गिरोह शहर के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय था और लंबे समय से केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।</p>
<p>पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी किए गए केबल किस नेटवर्क के माध्यम से बेचे जा रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला केवल चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संचार ढांचे को नुकसान पहुंचाने से भी जुड़ा हुआ है, जिससे सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और सबूत जुटाए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 13:32:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 3000 रुपये में पासपोर्ट, विदेश भेजने का खेल, मुंबई में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फर्जी पासपोर्ट और संदिग्ध हवाला नेटवर्क को लेकर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है. स्पेशल ब्रांच–1 की एंटी टेररिस्ट यूनिट ने कुरार के पठानवाड़ी इलाके में छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान मोहम्मद इस्लाम इस्माइल खान उर्फ सलीम रहमतुल्लाह शेख के तौर पर हुई है. जांच में सामने आया है कि आरोपी के लिए “सलीम रहमतुल्लाह शेख” नाम से फर्जी पासपोर्ट तैयार करवाया गया था. यह पासपोर्ट महज ₹3000 में बनवाया गया और इसे तैयार कराने में बुट्टन शेख नाम का शख्स अहम कड़ी बताया जा रहा है, जो अब क्राइम ब्रांच के रडार पर है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49361/mumbai-game-of-sending-passport-abroad-for-rs-3000-big"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-21t140628.818.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>फर्जी पासपोर्ट और संदिग्ध हवाला नेटवर्क को लेकर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है. स्पेशल ब्रांच–1 की एंटी टेररिस्ट यूनिट ने कुरार के पठानवाड़ी इलाके में छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान मोहम्मद इस्लाम इस्माइल खान उर्फ सलीम रहमतुल्लाह शेख के तौर पर हुई है. जांच में सामने आया है कि आरोपी के लिए “सलीम रहमतुल्लाह शेख” नाम से फर्जी पासपोर्ट तैयार करवाया गया था. यह पासपोर्ट महज ₹3000 में बनवाया गया और इसे तैयार कराने में बुट्टन शेख नाम का शख्स अहम कड़ी बताया जा रहा है, जो अब क्राइम ब्रांच के रडार पर है. </p>
<p> </p>
<p><strong>आंध्र से कुवैत तक आरोपी की टाइमलाइन</strong><br />पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी मूल रूप से आंध्र प्रदेश का रहने वाला है और 1976 में उसका जन्म हुआ था. उसने मुंबई में 12वीं तक पढ़ाई की और फिर 1998 में काम के सिलसिले में कुवैत चला गया, जहां वह ड्राइवर के तौर पर काम करता था. बाद में उसने दावा किया कि एक अरब नागरिक ने उसे लॉन्ड्री का बिजनेस गिफ्ट किया, जिसे बढ़ाकर उसने तीन दुकानों तक पहुंचा दिया. साल 2004 में उसने कुवैत में ही अपना पासपोर्ट रिन्यू भी कराया था. बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवादों के चलते वह वापस मुंबई लौटा, जहां उसके खिलाफ कुरार पुलिस स्टेशन में घरेलू हिंसा का मामला भी दर्ज हुआ.</p>
<p><strong>फर्जी पहचान पर पासपोर्ट, एजेंसी के जरिए विदेश भेजने का खेल</strong><br />इसी दौरान दोबारा कुवैत जाने में दिक्कतें आने लगीं, जिसके बाद उसने 2007 में आंध्र प्रदेश जाकर फर्जी पहचान के साथ नया पासपोर्ट बनवा लिया. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने मलाड ईस्ट के पठानवाड़ी इलाके में एक एजेंसी शुरू की थी. इस एजेंसी के जरिए कुवैत जाने वालों के इमिग्रेशन से जुड़े काम किए जाते थे. इस काम में उसका बेटा अबू बकर और उसका साथी इरफान भी शामिल थे. पुलिस को शक है कि आरोपी और बुट्टन शेख मिलकर लोगों को फर्जी पासपोर्ट पर विदेश भेजने का नेटवर्क चला रहे थे. </p>
<p><strong>हवाला और आतंकी फंडिंग एंगल की जांच</strong><br />जो लोग कुवैत जाना चाहते थे, उन्हें इसी एजेंसी के जरिए प्रोसेस कराया जाता था, भले ही उनके दस्तावेज फर्जी क्यों न हों. अब क्राइम ब्रांच इस बात की जांच कर रही है कि इस रैकेट के जरिए अब तक कितने लोगों के फर्जी पासपोर्ट बनवाए गए और कितनों को अवैध तरीके से विदेश भेजा गया. साथ ही, इस पूरे मामले में हवाला ट्रांजैक्शन और संभावित आतंकी फंडिंग के एंगल की भी गहराई से जांच की जा रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49361/mumbai-game-of-sending-passport-abroad-for-rs-3000-big</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:07:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : विधानभवन में फर्जी पास कांड: मंत्रालय के 4 कर्मचारी गिरफ्तार, 50 एंट्री पास बेचने का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दक्षिण मुंबई स्थित विधानभवन की सुरक्षा में एक गंभीर चूक का मामला सामने आया है। बजट सत्र के दौरान फर्जी एंट्री पास बनाए जाने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चौंकाने वाली बात यह है कि चार लोग मंत्रालय के ही कर्मचारी हैं। इनमें क्लर्क और चपरासी जैसे पदों पर कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं, जिससे इस पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48777/fake-pass-scandal-in-mumbai-vidhan-bhavan-4-ministry-employees"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-28t110237.917.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>दक्षिण मुंबई स्थित विधानभवन की सुरक्षा में एक गंभीर चूक का मामला सामने आया है। बजट सत्र के दौरान फर्जी एंट्री पास बनाए जाने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चौंकाने वाली बात यह है कि चार लोग मंत्रालय के ही कर्मचारी हैं। इनमें क्लर्क और चपरासी जैसे पदों पर कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं, जिससे इस पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। </p>
<p> </p>
<p><strong>फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल</strong><br />पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एमआईडीसी और उद्योग विभाग के नकली लेटर हेड का इस्तेमाल कर करीब 50 फर्जी प्रवेश पास तैयार किए। इन पासों को बनाने के लिए अधिकारियों के नाम, पद और हस्ताक्षरों को स्कैन कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 11:03:54 +0530</pubDate>
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