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                <title>roads - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>roads RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : 'मराठी की कामचलाऊ जानकारी जरूरी', महाराष्ट्र सरकार के नए प्रस्ताव का विरोध; सड़कों पर आज नहीं दिखेंगे ऑटो ड्राइवर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ऑटोरिक्शा चालक और सरकार के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन रही है। दरअसल, राज्य सरकार के एक प्रस्ताव के खिलाफ ड्राइवर और यूनियन में काफी गुस्सा है। जिसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की कामचलाऊ जानकारी अनिवार्य करने की बात कही गई है। <br />वहीं, सोमवार को गोरेगांव पश्चिम में ऑटोरिक्शा यूनियनों की एक बड़ी रणनीति बैठक होने जा रही है। इस बैठक में बड़ी संख्या में ड्राइवरों और मालिकों के शामिल होने की उम्मीद है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49516/working-knowledge-of-mumbai-marathi-is-important-auto-drivers-will"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/mumbai-auto-2026-04-de41ab95d923ca287b98fe27f4c6e6c9-1200x900.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ऑटोरिक्शा चालक और सरकार के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन रही है। दरअसल, राज्य सरकार के एक प्रस्ताव के खिलाफ ड्राइवर और यूनियन में काफी गुस्सा है। जिसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की कामचलाऊ जानकारी अनिवार्य करने की बात कही गई है। <br />वहीं, सोमवार को गोरेगांव पश्चिम में ऑटोरिक्शा यूनियनों की एक बड़ी रणनीति बैठक होने जा रही है। इस बैठक में बड़ी संख्या में ड्राइवरों और मालिकों के शामिल होने की उम्मीद है। </p>
<p> </p>
<p>जानकारी के अनुसार, इस वजह से मुंबई के कई उपनगरों में ऑटोरिक्शा की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। यूनियनों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 4 मई से पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।</p>
<p><strong>MMR में विरोध प्रदर्शन की तैयारी</strong><br />मुंबई ऑटोरिक्शा यूनियन के नेता शशांक राव ने कहा कि बैठक में यह तय किया जाएगा कि सरकार के उस प्रस्ताव का विरोध कैसे किया जाए, जिसमें मराठी पढ़ने-लिखने में असमर्थ ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द करने की बात कही गई है। रविवार को जारी यूनियन नोटिस में ड्राइवरों से बड़ी संख्या में बैठक में शामिल होने की अपील भी की गई है।</p>
<p>यह पूरा मामला ऐसे समय पर गरमाया है, जब यूनियन के प्रतिनिधिमंडल की मंगलवार को राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ बैठक प्रस्तावित है। सरनाईक ने साफ कहा है कि, पब्लिक ट्रांसपोर्ट ड्राइवरों को मराठी की बुनियादी जानकारी साबित करनी होगी, वरना उनके लाइसेंस और परमिट पर असर पड़ सकता है। </p>
<p><strong>सरकार ने प्रशिक्षण का दिया भरोसा</strong><br />वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर संतुलित रुख अपनाते हुए कहा है कि, सरकार उन ड्राइवरों को प्रशिक्षण देगी, जो मराठी नहीं जानते। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी भाषा को जबरन थोपना सही नहीं है। गौरतलब है कि परिवहन विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत कुछ नियमों में संशोधन का मसौदा जारी किया है। </p>
<p>इसमें नियम 4, 78 और 85 में बदलाव का प्रस्ताव है, जिसके तहत लाइसेंस, परमिट और उनके नवीनीकरण के लिए मराठी की कामचलाऊ जानकारी को अनिवार्य शर्त बनाया जा सकता है। खास तौर पर यह नियम ऑटोरिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों पर लागू होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 13:30:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोएडा की सड़कों पर भी दौड़ेंगी मुंबई जैसी 7 लग्जरी डबल डेकर बसें, जेवर से ग्रेनो तक… ऐसा होगा रूट मैप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. मुंबई की तर्ज पर अब गौतमबुद्ध नगर जिले में भी डबल डेकर बस चलेंगी. पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़े कदम के तहत सात डबल डेकर बसे नोएडा पहुंच चुकी हैं. इन बसों के आने से यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है. इन बसो का संचालन नोएडा डिपो से किया जाएगा. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47522/7-luxury-double-decker-buses-like-mumbai-will-run-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-02/download---2026-02-06t140559.070.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नोएडा,</strong> ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. मुंबई की तर्ज पर अब गौतमबुद्ध नगर जिले में भी डबल डेकर बस चलेंगी. पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक बड़े कदम के तहत सात डबल डेकर बसे नोएडा पहुंच चुकी हैं. इन बसों के आने से यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है. इन बसो का संचालन नोएडा डिपो से किया जाएगा. <br />अधिकारियों के अनुसार जल्द ही नोएडा डिपो से इन बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों को बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी. लोगों को लग्जरी बस में सफर करने का एक अच्छा और बेहतर विकल्प भी मिलेगा, हालांकि नोएडा परिवहन विभाग की ओर से अभी इनका किराया निर्धारित नहीं किया गया है.</p>
<p> </p>
<p><strong>एक बस की कितनी होगी क्षमता?</strong><br />यूपी रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह ने बताया नोएडा में डबल डेकर बसें मुंबई की तर्ज पर चलाई जाएंगी. इन बसों के संचालन से न सिर्फ यात्री क्षमता बढ़ेगी बल्कि ट्रैफिक का दबाव भी कुछ हद तक काम होगा. एक डबल डेकर बस में 60 से अधिक यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी, जिससे कम बसों में ज्यादा यात्रा को सफर की सुविधा मिल सकेगी. उन्होंने बताया कि इन बसों का संचालन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और वेस्ट नोएडा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट की ओर जाने वाले प्रमुख रूटों पर किया जाएगा. इसका उद्देश्य उन इलाकों को सीधी कनेक्टिविटी देना है, जहां लंबे समय से सार्वजनिक वाहन की कमी महसूस की जा रही थी. </p>
<p><strong>कब शुरू होगा संचालन?</strong><br />मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पहले बसों का ट्रायल रन किया जाएगा. ट्रायल के दौरान रूट स्टॉप और यात्रियों की प्रतिक्रिया का आलंकन किया जाएगा. दैनिक यात्रियों को देखते हुए बसों का किराया भी संचालन से पहले ही निर्धारित कर दिया जाएगा, ताकि कम किराए में बेहतर सुविधा मिल सके. इसके बाद सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारी के बाद ही इन बसों का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा. उम्मीद है कि आने वाले कुछ ही दिनों में यह बसे आम यात्रियों के लिए उपलब्ध हो सकेंगी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 14:07:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मलाड में बढ़ते ट्रैफिक जाम को हल करने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा फैसला लिया; दो एलिवेटेड रोड और घाटी के ऊपर एक पुल बनाया जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर घाटी के ऊपर बने पुल की तरह अब मुंबई के अंदरूनी हिस्सों में भी घाटी के ऊपर पुल बनाया जाएगा। मलाड में बढ़ते ट्रैफिक जाम को हल करने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस स्कीम के तहत मलाड में दो एलिवेटेड रोड और घाटी के ऊपर एक पुल बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 2225 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। उम्मीद है कि इससे मलाड में ट्रैफिक जाम काफी कम हो जाएगा। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46527/mumbai-municipal-corporation-took-a-big-decision-to-solve-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-28t124148.936.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर घाटी के ऊपर बने पुल की तरह अब मुंबई के अंदरूनी हिस्सों में भी घाटी के ऊपर पुल बनाया जाएगा। मलाड में बढ़ते ट्रैफिक जाम को हल करने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस स्कीम के तहत मलाड में दो एलिवेटेड रोड और घाटी के ऊपर एक पुल बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर 2225 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। उम्मीद है कि इससे मलाड में ट्रैफिक जाम काफी कम हो जाएगा। </p>
<p> </p>
<p><strong>मलाड इलाके की बदलेगी सूरत</strong><br />नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। इससे मलाड इलाके की सूरत बदल जाएगी। चूंकि मलाड में बड़ी आईटी कंपनियां और फिल्म स्टूडियो हैं, इसलिए सुबह और शाम के पीक आवर्स में घंटों गाड़ियों की कतारें लगी रहती हैं और भारी ट्रैफिक जाम हो जाता है। चूंकि मलाड पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने वाला एक अहम लिंक है, इसलिए इस प्रोजेक्ट से पूरे पश्चिमी मुंबई को फायदा होगा।</p>
<p><strong>प्रोजेक्ट के दो मुख्य फेज</strong><br />इस साल की शुरुआत में नगर निगम ने इस इलाके में दो एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रोजेक्ट को दो फेज में बांटा गया है। पहले फेज में रामचंद्र नाला इलाके में एक एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। इससे मलाड में एमडीपी रोड से मलाड-मार्वे लिंक रोड तक ट्रैफिक जाम कम होगा। दूसरे फेज में 792 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। यह रोड मलाड में इनफिनिटी मॉल से शुरू होकर सीधे लिंक रोड से जुड़ेगी और फिर मालवणी में महाकाली मार्ग तक जाएगी। लिंक रोड के बाद मालवणी तक का हिस्सा मलाड क्रीक के ऊपर एक कॉजवे के तौर पर बनाया जाएगा।</p>
<p><strong>दोनों ब्रिज आपस में जुड़े हुए हैं</strong><br />दूसरे फेज का यह ब्रिज खास और अलग होगा। कुल 792 मीटर लंबाई में से 396 मीटर कॉजवे होगा। इस कॉजवे ब्रिज की चौड़ाई 36.6 मीटर है और यह 8 लेन का होगा। इस प्रोजेक्ट पर 2225.95 करोड़ रुपये की लागत आएगी और काम शुरू होने के तीन साल बाद इसके पूरा होने की उम्मीद है। ये दोनों ब्रिज एक-दूसरे को जोड़ेंगे। इनमें से एक पुल पूरब-पश्चिम दिशा में होगा, जबकि दूसरा एलिवेटेड रोड उत्तर-दक्षिण दिशा में होगा। ये दोनों पुल मिलकर पश्चिमी इलाकों में ट्रैफिक जाम कम करने में मदद करेंगे।</p>
<p><strong>कब निकला टेंडर?</strong><br />इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर अक्टूबर में निकाला गया था और अभी टेंडर का इवैल्यूएशन चल रहा है। पिछले सप्ताह टेंडर का ‘पैकेट C’ इवैल्यूएशन के लिए खोला गया था। एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि चूंकि यह प्रोजेक्ट पर्यावरण के लिहाज से सेंसिटिव इलाके से गुजरता है, इसलिए असल में कंस्ट्रक्शन हाई कोर्ट से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट और जरूरी परमिशन मिलने के बाद ही शुरू होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 12:43:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठाणे में ट्रैफिक जाम एक दुष्चक्र; व्यस्त सड़कों पर मैकेनिकल खराबी और ब्रेकडाउन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ठाणे में ट्रैफिक जाम एक दुष्चक्र जैसा लगता है, जहाँ लंबे ट्रैफिक जाम से गाड़ियों पर बहुत ज़्यादा दबाव पड़ता है, जिससे व्यस्त सड़कों पर मैकेनिकल खराबी और ब्रेकडाउन होते हैं। जाम को और बढ़ाने के लिए, ट्रैफिक पुलिस के पास टोइंग वैन की कमी के कारण खराब गाड़ियों को हटाने में देरी होती है, जिससे और ज़्यादा ट्रैफिक जाम लगता है और ठाणे के मुख्य रास्ते घंटों तक जाम रहते हैं।बार-बार गाड़ियों के खराब होने से ठाणे में ट्रैफिक जाम और बढ़ जाता हैइस साल 1 जनवरी से 12 दिसंबर के बीच, ठाणे शहर ट्रैफिक ब्रांच को गाड़ियों के खराब होने की 2,754 कॉल मिलीं। इनमें से 2,079 गाड़ियों को महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम द्वारा उपलब्ध कराई गई क्रेनों का इस्तेमाल करके टो किया गया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46214/traffic-jams-in-thane-are-a-vicious-cycle-of-mechanical"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-15t121438.661.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ठाणे : </strong>ठाणे में ट्रैफिक जाम एक दुष्चक्र जैसा लगता है, जहाँ लंबे ट्रैफिक जाम से गाड़ियों पर बहुत ज़्यादा दबाव पड़ता है, जिससे व्यस्त सड़कों पर मैकेनिकल खराबी और ब्रेकडाउन होते हैं। जाम को और बढ़ाने के लिए, ट्रैफिक पुलिस के पास टोइंग वैन की कमी के कारण खराब गाड़ियों को हटाने में देरी होती है, जिससे और ज़्यादा ट्रैफिक जाम लगता है और ठाणे के मुख्य रास्ते घंटों तक जाम रहते हैं।बार-बार गाड़ियों के खराब होने से ठाणे में ट्रैफिक जाम और बढ़ जाता हैइस साल 1 जनवरी से 12 दिसंबर के बीच, ठाणे शहर ट्रैफिक ब्रांच को गाड़ियों के खराब होने की 2,754 कॉल मिलीं। इनमें से 2,079 गाड़ियों को महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम द्वारा उपलब्ध कराई गई क्रेनों का इस्तेमाल करके टो किया गया। </p>
<p> </p>
<p>क्योंकि ये क्रेनें समृद्धि महामार्ग, मुंबई नागपुर एक्सप्रेसवे पर काम के लिए लगाई गई हैं, इसलिए उन्हें गाड़ी खराब होने की जगह पर आने में समय लगता है, जिससे खराब गाड़ियों को हटाने और जाम सड़कों को साफ करने में देरी होती है।ठाणे ट्रैफिक पुलिस के डेटा के अनुसार, लगभग 70% ब्रेकडाउन भारी, मल्टी-एक्सल गाड़ियों जैसे बड़े ट्रकों और ट्रेलरों के थे। 85% से ज़्यादा मामले (2,361 घटनाएं) मुख्य रास्तों से रिपोर्ट किए गए, जिनमें ठाणे, कालवा, घोड़बंदर, मुंब्रा, भिवंडी और मुंबई-नासिक हाईवे शामिल हैं।</p>
<p>इन ब्रेकडाउन के कारण अक्सर गंभीर ट्रैफिक जाम लग जाता था, और कुछ मामलों में, उपयुक्त भारी-भरकम टोइंग क्रेनों की कमी के कारण गाड़ियां 10 दिनों से ज़्यादा समय तक उसी जगह पर फंसी रहीं।इनमें से कई गाड़ियों में कंस्ट्रक्शन का सामान या भारी मशीनरी थी, जिसे आसानी से उतारा नहीं जा सकता था। इससे टोइंग भी मुश्किल हो गई और कई घंटों तक ट्रैफिक जाम लगा रहा। ट्रैफिक अधिकारियों ने कहा कि ऐसी देरी से एम्बुलेंस और फायर इंजन जैसी इमरजेंसी सेवाओं में भी रुकावट आती है।डेटा से पता चलता है कि इस साल टो की गई गाड़ियों में से 1,847 ट्रक या मल्टी-एक्सल गाड़ियां थीं, जबकि 232 बसें थीं, जो ट्रैफिक फ्लो पर भारी गाड़ियों के महत्वपूर्ण प्रभाव को दिखाता है। क्योंकि ठाणे ट्रैफिक पुलिस के पास अपनी टोइंग क्रेन नहीं हैं, इसलिए वे पूरी तरह से MSRDC की क्रेन सेवाओं पर निर्भर हैं, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और हाईवे प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं।</p>
<p>ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, बड़े ब्रेकडाउन हॉटस्पॉट में मुंब्रा और कासरवडावली-गैमुख घाट सेक्शन, तीन हाथ नाका फ्लाईओवर, कालवा-खारेगांव स्ट्रेच, माजिवाड़ा फ्लाईओवर, वाई जंक्शन और मुंबई-नासिक हाईवे के कई हिस्से शामिल हैं, जहाँ अक्सर भारी वाहनों की आवाजाही होती है।कैडबरी जंक्शन फ्लाईओवर और माजिवाड़ा और मुंबई-नासिक हाईवे स्ट्रेच के साथ-साथ अन्य फ्लाईओवरों से भी बड़ी संख्या में ब्रेकडाउन कॉल आते हैं, खासकर जब भारी सामान से लदे वाहन चढ़ाई चढ़ते समय संघर्ष करते हैं।</p>
<p>ठाणे के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) पंकज शिरसाट ने बताया, "लगभग 10% वाहन ईंधन खत्म होने, क्लच प्लेट फेल होने या प्रेशर पाइप फटने के कारण खराब हो जाते हैं, जबकि 5% टायर फटने के कारण होते हैं।" उन्होंने वाहन मालिकों, खासकर भारी वाहनों के ऑपरेटरों से शहर में प्रवेश करने से पहले उचित रखरखाव सुनिश्चित करने और ओवरलोडिंग से बचने का आग्रह किया।अधिकारियों ने बताया कि घाट सेक्शन पर लंबे ट्रैफिक जाम के कारण भारी वाहनों के ब्रेक और क्लच पैड ज़्यादा गरम हो जाते हैं, जिससे इंजन और मैकेनिकल कंपोनेंट्स पर बहुत ज़्यादा दबाव पड़ता है। इससे अक्सर ब्रेकडाउन होता है और वाहन सड़क पर रुक जाते हैं, जिससे जाम और भी बदतर हो जाता है।</p>
<p>घोडबंदर फाइट्स बैक ग्रुप के सदस्य आदिश मेहरोत्रा ​​ने बताया कि घोडबंदर स्ट्रेच पर खराब सड़क की स्थिति के कारण वाहनों के ब्रेकडाउन और नुकसान में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि धीमी गति से चलने वाले ट्रैफिक के कारण, ब्रेक और क्लच के बार-बार इस्तेमाल से वाहनों को नुकसान होता है, जिससे रखरखाव की लागत बढ़ जाती है और गैरेज के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।घोडबंदर रोड पर जाम को मैनेज करने और ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाने के लिए, अधिकारियों ने इस स्ट्रेच पर तीन सीनियर अधिकारियों, 40 ट्रैफिक कांस्टेबलों और 35 वार्डन को तैनात किया है। इसके अलावा, स्थानीय विधायक और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक के निर्देशों के बाद ठाणे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के 10 अधिकारियों को भी इस रूट पर तैनात किया गया है, जो पिछले हफ्ते ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए शुरू किए गए प्रयासों का हिस्सा है। </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 12:15:49 +0530</pubDate>
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