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                <title>roads - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>roads RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गुजरात में भारी बारिश से आफत, सूरत-मुंबई रेल सेवा पूरी तरह ठप; कई सड़कें बंद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर द्वारा 23 जुलाई 2026 को सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य के दक्षिण गुजरात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई है। मात्र 6 घंटों के भीतर कई तालुकाओं में भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50905/due-to-heavy-rains-in-gujarat-surat-mumbai-rail-service-completely"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/the-protestors-rued-that-the-government-proposed-c_16928953675731.webp" alt=""></a><br /><p><strong>सूरत : </strong>गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर द्वारा 23 जुलाई 2026 को सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, राज्य के दक्षिण गुजरात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई है। मात्र 6 घंटों के भीतर कई तालुकाओं में भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।</p>
<p> </p>
<p><strong>उमरपाड़ा और उमरगाम में रिकॉर्ड बारिश</strong><br />बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सूरत जिले का उमरपाड़ा तालुका सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां सुबह 6:00 से दोपहर 12:00 बजे के बीच कुल 283 मिलीमीटर (11.14 इंच) बारिश दर्ज की गई। वलसाड जिले के उमरगाम में भी कुदरत का कहर देखने को मिला, जहां 251 मिलीमीटर (9.88 इंच) वर्षा हुई।<br />इसके अलावा भरूच के नेत्रंग में 175 मिलीमीटर (6.89 इंच) बारिश के साथ जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।</p>
<p><strong>दक्षिण गुजरात के अन्य प्रभावित क्षेत्र</strong><br />वलसाड और नवसारी जिलों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी है। वलसाड के पारडी में 168 मिलीमीटर, नानी पोंढा में 138 मिलीमीटर और कपराडा में 123 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। नवसारी के खेरगाम तालुका में 164 मिलीमीटर और वांसदा में 113 मिलीमीटर वर्षा हुई है। तापी जिले के उकाई और व्यारा में क्रमशः 125 मिलीमीटर और 116 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि डांग के वघई में 125 मिलीमीटर वर्षा हुई है।</p>
<p><strong>अहमदाबाद और अन्य शहरों की स्थिति</strong><br />गुजरात के मुख्य शहरों में भी बारिश ने अपनी रफ्तार पकड़ी है। अहमदाबाद शहर में दोपहर 12:00 बजे तक कुल 66 मिलीमीटर (2.60 इंच) बारिश दर्ज की गई है। वहीं, सूरत शहर में 49 मिलीमीटर, वडोदरा में 16 मिलीमीटर और राज्य की राजधानी गांधीनगर में 12 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। उत्तर गुजरात के महेसाणा जिले के बेचराजी में भी 130 मिलीमीटर (5.12 इंच) की भारी वर्षा दर्ज की गई है। भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 20:36:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई की सड़कों पर सुरक्षा-व्यवस्था को दुरुस्त रखने में पुलिस की मदद करेंगी होंडा की ये खास मोटरसाइकल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>होंडा ग्रुप कंपनियों की सीएसआर शाखा होंडा इंडिया फाउंडेशन ने पब्लिक सेफ्टी इंस्टिट्यूशंस को और ज्यादा मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुंबई पुलिस को 101 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स सौंपे हैं। मुंबई में आयोजित फ्लैग-ऑफ इवेंट के दौरान इन वाहनों को आधिकारिक रूप से पुलिस फ्लीट में शामिल किया गया। इस विशेष बेड़े में 100 आधुनिक फीचर्स से लैस होंडा सीबी350 मोटरसाइकलें और एक कस्टमाइज्ड होंडा एलिवेट कार शामिल है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50899/these-special-motorcycles-of-honda-will-help-the-police-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-23t122401.649.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>होंडा ग्रुप कंपनियों की सीएसआर शाखा होंडा इंडिया फाउंडेशन ने पब्लिक सेफ्टी इंस्टिट्यूशंस को और ज्यादा मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुंबई पुलिस को 101 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स सौंपे हैं। मुंबई में आयोजित फ्लैग-ऑफ इवेंट के दौरान इन वाहनों को आधिकारिक रूप से पुलिस फ्लीट में शामिल किया गया। इस विशेष बेड़े में 100 आधुनिक फीचर्स से लैस होंडा सीबी350 मोटरसाइकलें और एक कस्टमाइज्ड होंडा एलिवेट कार शामिल है। इन वाहनों को डुअल-टोन सायरन, एलईडी इमरजेंसी लाइट्स, पब्लिक-एड्रेस सिस्टम और स्टोरेज बॉक्स जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ विशेष रूप से मॉडिफाई किया गया है।</p>
<p> </p>
<p>होंडा इंडिया फाउंडेशन की यह पहल ‘सड़क सहायक – सुरक्षित मार्ग, सुरक्षित जीवन’ कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य घनी आबादी वाले इलाकों में पुलिस पेट्रोलिंग, विजिबिलिटी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स क्षमता को और ज्यादा प्रभावी बनाना है। ऐसे में अब होंडा की बाइक और कार की मदद से मुंबई पुलिस आर्थिक राजधानी में बेहतर लॉ एंड ऑर्डर स्थापित कर पाएंगी।</p>
<p><strong>होंडा की इन कस्टमाइज्ड गाड़ियों में क्या कुछ खास</strong><br />इस डिप्लॉयमेंट में 100 होंडा सीबी350 मोटरसाइकल और एक होंडा एलिवेट कार शामिल है, जिन्हें खास तौर से पुलिस के इस्तेमाल के लिए मॉडिफाई किया गया है। मुंबई पुलिस की जरूरतों का ध्यान रखने के लिए कस्टमाइज्ड होंडा सीबी 350 में डुअल-टोन सायरन, पब्लिक-एड्रेस सिस्टम, एलईडी इमरजेंसी लाइट्स, फ्रंट पुलिस डिस्प्ले बोर्ड, विंडस्क्रीन और स्टोरेज बॉक्स जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिससे कि घनी आबादी वाले इलाकों में गश्त और फील्ड रिस्पॉन्स को बेहतर बनाया जा सके।</p>
<p>आपको बता दें कि मुंबई पुलिस को होंडा एलिवेट भी दी गई है और इस एसयूवी को भी पुलिस पेट्रोलिंग और ऑपरेशनल एफिसिएंसी के लिए पूरी तरह कस्टमाइज किया गया है।</p>
<p><strong>सड़क सहायक पहल क्यों?</strong><br />यहां बता दें कि होंडा इंडिया फाउंडेशन के ‘सड़क सहायक – सुरक्षित मार्ग, सुरक्षित जीवन’ सीएसआर प्रोग्राम का हिस्सा है। इसके तहत अब तक फाउंडेशन पूरे भारत में पुलिस की गतिशीलता और फील्ड ऑपरेशन को मजबूत करने के लिए कुल 613 मोटरसाइकल्स तैनात कर चुका है। अब मुंबई में होंडा इंडिया फाउंडेशन द्वारा मुंबई पुलिस को सौंपी गई ये 101 इमरजेंसी रिस्पॉन्स गाड़ियां शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त को और ज्यादा प्रभावी बनाएंगी। आधुनिक उपकरणों से लैस ये मोटरसाइकल और कार आपातकालीन स्थितियों में क्विक रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने में मदद करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 12:29:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: 'गड्ढामुक्त सड़कें बनाने के लिए क्या 20 साल और चाहिए', बॉम्बे हाई कोर्ट की बृहन्मुंबई नगर निगम  को कड़ी फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में सड़कों की खराब स्थिति वहां रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है। ऐसे में बीते सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई की सड़कों की खस्ता हालत और रोड सेफ्टी को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम के ढीले रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने बीएमसी से सीधे शब्दों में पूछा कि आखिर मुंबई की सभी सड़कों को चलने लायक बनाने के लिए नागरिक निकाय को और कितने साल लगेंगे? </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50470/mumbai-do-we-need-20-more-years-to-make-pothole"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/mumbai-pothole-pti-1533105526.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई। </strong>मुंबई में सड़कों की खराब स्थिति वहां रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है। ऐसे में बीते सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई की सड़कों की खस्ता हालत और रोड सेफ्टी को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम के ढीले रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने बीएमसी से सीधे शब्दों में पूछा कि आखिर मुंबई की सभी सड़कों को चलने लायक बनाने के लिए नागरिक निकाय को और कितने साल लगेंगे? </p>
<p> </p>
<p>मामले में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ए.एस. गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि सड़कों की हालत बेहद खराब है। अगर हम यह मान भी लें कि सड़कों पर गड्ढे नहीं हैं, तो भी वहां लाखों ऊबड़-खाबड़ बम्प्स (झटके देने वाले हिस्से) मौजूद हैं।</p>
<p><strong>सड़कों की स्थिति पर हाई कोर्ट नाराज</strong><br />हाई कोर्ट की बेंच ने कड़े शब्दों में कहा कि कभी हाई कोर्ट सड़क के रास्ते आकर देखिए कि कितनी बदतर हालत है। आपको काम करने के लिए कितने साल चाहिए? बीएमसी को 20 साल दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी।</p>
<p><strong>हाई कोर्ट ने बीएमसी और टीएमसी को दिए सख्त निर्देश</strong><br />मामले में कोर्ट ने बीएमसी और ठाणे नगर निगम दोनों को अगले सोमवार तक अपने ऑनलाइन सिस्टम का पूरा डेटा पेश करने का आदेश दिया है। इसके तहत बीएमसी को कोर्ट के सामने शिकायतों पर की गई कार्रवाई के 'पहले और बाद' के फोटो सबूत पेश करने होंगे। इसके अलावा ठाणे नगर निगम को यह बताना होगा कि उन्होंने उस पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया या नहीं, जिन्होंने मैनहोल की वजह से अपने मासूम बच्चे को खो दिया था।</p>
<p><strong>सालों से कागजों पर ही हैं आदेश</strong><br />गौरतलब है कि यह पूरी सुनवाई मुंबई की सड़कों की बदहाली पर कोर्ट द्वारा खुद संज्ञान लिए गए मामले और वकील रुजू ठक्कर की एक याचिका पर हो रही थी। याचिका में मांग की गई है कि पिछले एक दशक से मुंबई की सड़कों को गड्ढामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए जो आदेश दिए जा रहे हैं, उन्हें सख्ती से लागू किया जाए।</p>
<p>वकील रुजू ठक्कर ने साल 2023 के उस आदेश की याद दिलाई, जिसमें खुले मैनहोल पर लोहे की सुरक्षा ग्रिल (जालियां) लगाने को कहा गया था। उस समय बीएमसी ने काम पूरा करने के लिए एक साल का समय मांगा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:00:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 'मराठी की कामचलाऊ जानकारी जरूरी', महाराष्ट्र सरकार के नए प्रस्ताव का विरोध; सड़कों पर आज नहीं दिखेंगे ऑटो ड्राइवर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ऑटोरिक्शा चालक और सरकार के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन रही है। दरअसल, राज्य सरकार के एक प्रस्ताव के खिलाफ ड्राइवर और यूनियन में काफी गुस्सा है। जिसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की कामचलाऊ जानकारी अनिवार्य करने की बात कही गई है। <br />वहीं, सोमवार को गोरेगांव पश्चिम में ऑटोरिक्शा यूनियनों की एक बड़ी रणनीति बैठक होने जा रही है। इस बैठक में बड़ी संख्या में ड्राइवरों और मालिकों के शामिल होने की उम्मीद है। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49516/working-knowledge-of-mumbai-marathi-is-important-auto-drivers-will"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/mumbai-auto-2026-04-de41ab95d923ca287b98fe27f4c6e6c9-1200x900.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>ऑटोरिक्शा चालक और सरकार के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन रही है। दरअसल, राज्य सरकार के एक प्रस्ताव के खिलाफ ड्राइवर और यूनियन में काफी गुस्सा है। जिसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा की कामचलाऊ जानकारी अनिवार्य करने की बात कही गई है। <br />वहीं, सोमवार को गोरेगांव पश्चिम में ऑटोरिक्शा यूनियनों की एक बड़ी रणनीति बैठक होने जा रही है। इस बैठक में बड़ी संख्या में ड्राइवरों और मालिकों के शामिल होने की उम्मीद है। </p>
<p> </p>
<p>जानकारी के अनुसार, इस वजह से मुंबई के कई उपनगरों में ऑटोरिक्शा की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। यूनियनों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 4 मई से पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।</p>
<p><strong>MMR में विरोध प्रदर्शन की तैयारी</strong><br />मुंबई ऑटोरिक्शा यूनियन के नेता शशांक राव ने कहा कि बैठक में यह तय किया जाएगा कि सरकार के उस प्रस्ताव का विरोध कैसे किया जाए, जिसमें मराठी पढ़ने-लिखने में असमर्थ ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द करने की बात कही गई है। रविवार को जारी यूनियन नोटिस में ड्राइवरों से बड़ी संख्या में बैठक में शामिल होने की अपील भी की गई है।</p>
<p>यह पूरा मामला ऐसे समय पर गरमाया है, जब यूनियन के प्रतिनिधिमंडल की मंगलवार को राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ बैठक प्रस्तावित है। सरनाईक ने साफ कहा है कि, पब्लिक ट्रांसपोर्ट ड्राइवरों को मराठी की बुनियादी जानकारी साबित करनी होगी, वरना उनके लाइसेंस और परमिट पर असर पड़ सकता है। </p>
<p><strong>सरकार ने प्रशिक्षण का दिया भरोसा</strong><br />वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर संतुलित रुख अपनाते हुए कहा है कि, सरकार उन ड्राइवरों को प्रशिक्षण देगी, जो मराठी नहीं जानते। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी भाषा को जबरन थोपना सही नहीं है। गौरतलब है कि परिवहन विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत कुछ नियमों में संशोधन का मसौदा जारी किया है। </p>
<p>इसमें नियम 4, 78 और 85 में बदलाव का प्रस्ताव है, जिसके तहत लाइसेंस, परमिट और उनके नवीनीकरण के लिए मराठी की कामचलाऊ जानकारी को अनिवार्य शर्त बनाया जा सकता है। खास तौर पर यह नियम ऑटोरिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों पर लागू होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 13:30:26 +0530</pubDate>
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