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                <title>absconding - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>absconding RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: विद्याविहार एक्सीडेंट केस: जमानत रद्द होने के बाद 17 वर्षीय आरोपी फरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विद्याविहार में हुए जानलेवा एक्सीडेंट मामले में आरोपी 17 वर्षीय नाबालिग जमानत रद्द होने के कुछ दिनों बाद फरार हो गया है। मुंबई सेशंस कोर्ट द्वारा उसकी जमानत रद्द किए जाने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को अदालत के निर्देशों के तहत पेश किया जाना था, लेकिन वह अब तक सामने नहीं आया है। पुलिस ने नाबालिग आरोपी की तलाश के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के परिवार के घर के बाहर एक नोटिस लगाया गया है, जिसमें परिवार को निर्देश दिया गया है कि वे नाबालिग को संबंधित अधिकारियों के सामने पेश करें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51127/mumbai-vidyavihar-accident-case-17-year-old-accused-absconds-after-bail-canceled"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/image_22d2da84.png" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>विद्याविहार में हुए जानलेवा एक्सीडेंट मामले में आरोपी 17 वर्षीय नाबालिग जमानत रद्द होने के कुछ दिनों बाद फरार हो गया है। मुंबई सेशंस कोर्ट द्वारा उसकी जमानत रद्द किए जाने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को अदालत के निर्देशों के तहत पेश किया जाना था, लेकिन वह अब तक सामने नहीं आया है। पुलिस ने नाबालिग आरोपी की तलाश के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के परिवार के घर के बाहर एक नोटिस लगाया गया है, जिसमें परिवार को निर्देश दिया गया है कि वे नाबालिग को संबंधित अधिकारियों के सामने पेश करें।</p>
<p> </p>
<p>तिलक नगर के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संतोष ढेम्बरे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ‘कानून के दायरे में आने वाले बच्चे’ की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने परिवार को नोटिस जारी किया है और उन्हें अदालत के सामने नाबालिग को पेश करने के लिए कहा गया है। पुलिस अधिकारी के अनुसार, फिलहाल आरोपी की तलाश के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां आरोपी के संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।</p>
<p>मामला विद्याविहार क्षेत्र में हुए एक गंभीर सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। हादसे के बाद आरोपी नाबालिग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और अदालत में संबंधित प्रक्रिया पूरी की गई। इस मामले में मुंबई सेशंस कोर्ट ने कुछ दिन पहले नाबालिग आरोपी की जमानत रद्द कर दी थी। अदालत के आदेश के बाद आरोपी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकारियों के सामने पेश होना था, लेकिन इसके बाद उसके फरार होने की जानकारी सामने आई।</p>
<p>पीड़ित की पत्नी मीनल पटेल ने अदालत के आदेश के पालन में हो रही देरी पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि उनका न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और उन्हें उम्मीद है कि अंत में सच की जीत होगी। मीनल पटेल ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए और अदालत के निर्देशों का जल्द से जल्द पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के चार दिन बाद भी नाबालिग आरोपी का अधिकारियों के सामने पेश नहीं होना चिंता का विषय है।<br />उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है और वे चाहते हैं कि मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह से आगे बढ़े। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि आरोपी को जल्द से जल्द खोजकर अदालत के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाए। कानून के अनुसार, नाबालिग आरोपियों के मामलों में अलग प्रक्रिया अपनाई जाती है और उनके पुनर्वास तथा सुधार को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाती है।</p>
<p>हालांकि, गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में अदालत परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग आदेश दे सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच और आरोपी की तलाश दोनों प्रक्रियाएं साथ-साथ चल रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किन परिस्थितियों में फरार हुआ और उसे छिपने में किसी तरह की मदद तो नहीं मिली। इस घटना के बाद एक बार फिर गंभीर अपराधों में शामिल नाबालिग आरोपियों से जुड़े मामलों पर चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार न्याय प्रक्रिया के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद करते हैं, जबकि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियां कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करती हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपी नाबालिग की तलाश में जुटी हैं। परिवार को जारी नोटिस के बाद अब पुलिस आरोपी को अदालत के समक्ष पेश कराने के प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51127/mumbai-vidyavihar-accident-case-17-year-old-accused-absconds-after-bail-canceled</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 14:20:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वसई तहसील कार्यालय में रिश्वत का बड़ा मामला,एंटी-करप्शन ब्यूरो ने एजेंट को पकड़ा, अधिकारी फरार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के वसई तहसीलदार कार्यालय में एक बार फिर रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे राजस्व विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े हो गए हैं। एंटी-करप्शन ब्यूरो  की ठाणे यूनिट ने मंगलवार दोपहर कार्रवाई करते हुए एक निजी व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जबकि एक वरिष्ठ राजस्व अधिकारी मामले के बाद से फरार बताया जा रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49388/big-case-of-bribery-in-vasai-tehsil-office-anti-corruption-bureau"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t130719.871.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वसई : </strong>महाराष्ट्र के वसई तहसीलदार कार्यालय में एक बार फिर रिश्वतखोरी का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे राजस्व विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े हो गए हैं। एंटी-करप्शन ब्यूरो  की ठाणे यूनिट ने मंगलवार दोपहर कार्रवाई करते हुए एक निजी व्यक्ति को रंगे हाथों गिरफ्तार किया, जबकि एक वरिष्ठ राजस्व अधिकारी मामले के बाद से फरार बताया जा रहा है। ACB की जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान अनिल प्रभाकर चौबल के रूप में हुई है। उसे उस समय पकड़ा गया जब वह कथित रूप से ₹7 लाख की रिश्वत ले रहा था। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वसई क्षेत्र में जमीन से जुड़े एक मामले को निपटाने के लिए अवैध रूप से पैसे की मांग की जा रही थी।</p>
<p> </p>
<p>मामला जमीन पर बने अवैध निर्माण को गिराने से रोकने और भूमि के नॉन-एग्रीकल्चरल (NA) कन्वर्ज़न से जुड़े दस्तावेजों को आगे बढ़ाने से संबंधित है। शिकायत के अनुसार, शुरुआत में इस काम के लिए ₹40 लाख की मांग की गई थी, जिसे बाद में बातचीत के बाद घटाकर ₹7 लाख कर दिया गया। ACB की जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में वसई तहसील कार्यालय के अपर तहसीलदार (नॉन-एग्रीकल्चरल डिवीज़न) विनोद बालकृष्ण धोत्रे की भूमिका भी संदिग्ध है। हालांकि, कार्रवाई शुरू होने के बाद वह मौके से फरार हो गए और अब तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।</p>
<p>एंटी-करप्शन ब्यूरो की टीम ने ट्रैप<br />कार्रवाई के दौरान अनिल चौबल को पैसे लेते हुए गिरफ्तार किया और मामले से जुड़े सबूत एकत्र किए। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह रिश्वतखोरी का नेटवर्क केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें सरकारी स्तर पर भी कुछ लोगों की संलिप्तता हो सकती है। घटना के बाद वसई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब फरार अधिकारी विनोद धोत्रे की तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।</p>
<p>ACB अधिकारियों ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि रिश्वत की मांग किस स्तर तक और किन लोगों के माध्यम से की जा रही थी। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि क्या इससे पहले भी इसी तरह की अवैध वसूली के मामले सामने आए हैं। इस घटना ने एक बार फिर राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है, क्योंकि जमीन से जुड़े मामलों में अक्सर लंबी प्रक्रियाओं और कथित भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रहती हैं। कुल मिलाकर, वसई तहसील कार्यालय का यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है, जहां रिश्वत के जरिए सरकारी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 13:07:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : ऐरोली टोल नाका पर हिस्ट्री-शीटर ने पुलिस को टक्कर मारी, फरार आरोपी की तलाश तेज़</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ऐरोली टोल नाका के पास नाटकीय हिट-एंड-रन घटना में पुलिस और हिस्ट्री-शीटर के बीच संघर्ष देखने को मिला। घटना में भांडुप का फरार हिस्ट्री-शीटर शहज़ादा उर्फ़ सज्जू मलिक पुलिस को टक्कर मारकर मौके से भाग गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, मुंबई नगर निगम चुनाव में एनसीपी के अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुट के उम्मीदवार के रूप में भाग लेने वाले सज्जू मलिक हार गए थे। इस चुनावी हार के बाद उनका आपराधिक रिकॉर्ड फिर सुर्ख़ियों में आया।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49042/mumbai-history-sheeter-hits-police-at-airoli-toll-naka-search-for"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(81).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> ऐरोली टोल नाका के पास नाटकीय हिट-एंड-रन घटना में पुलिस और हिस्ट्री-शीटर के बीच संघर्ष देखने को मिला। घटना में भांडुप का फरार हिस्ट्री-शीटर शहज़ादा उर्फ़ सज्जू मलिक पुलिस को टक्कर मारकर मौके से भाग गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, मुंबई नगर निगम चुनाव में एनसीपी के अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुट के उम्मीदवार के रूप में भाग लेने वाले सज्जू मलिक हार गए थे। इस चुनावी हार के बाद उनका आपराधिक रिकॉर्ड फिर सुर्ख़ियों में आया।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस को सूचना मिली थी कि ऐरोली टोल नाका के पास एक संदिग्ध काली कार (एमएच 03 ईएक्स 9099) टिंटेड खिड़कियों के साथ देखी गई है। पुलिस ने नाकाबंदी की। शाम करीब 6:45 बजे कार मुलुंड की तरफ़ आती दिखी। जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो ड्राइवर थोड़ी देर रुका, लेकिन अधिकारियों को धमकाते हुए कहा, "दूर हटो वरना मैं तुम्हें कुचल दूंगा।" इसके बाद कार तेज़ी से भाग गई और नवघर पुलिस स्टेशन के टेरर स्क्वॉड के 45 वर्षीय कांस्टेबल राजेंद्र मलकप्पा प्रसन्ना को टक्कर मार दी। आरोपी कार को रोड डिवाइडर पर चढ़ाकर ऐरोली की तरफ भागा।</p>
<p>पुलिस ने कार का पीछा किया और ऐरोली पुल पर उसे रोकने में सफल हुई। हालांकि, ड्राइवर ने फिर से भागने की कोशिश की। इस दौरान कार का विंडशील्ड टूट गया और गाड़ी रुक गई। जांच में सामने आया कि कार चला रही महिला की पहचान आरोपी की पत्नी, मरियम मलिक, के रूप में हुई। मरियम मलिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि कार पहले उनके पति सज्जू मलिक चला रहे थे, लेकिन भांडुप में पहले हुए झगड़े और गिरफ्तारी के डर के कारण उन्होंने बीच रास्ते में गाड़ी छोड़ दी और भाग गए।</p>
<p>पुलिस ने कार जब्त कर ली है और शहज़ादा उर्फ़ सज्जू मलिक तथा मरियम मलिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस फरार सज्जू मलिक का पता लगाने में जुटी है। विशेषज्ञों और स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सज्जू मलिक का आपराधिक रिकॉर्ड गंभीर है और वह कई मामलों में नामजद हैं। उनकी भागमभाग और पुलिस को टक्कर देना कानून व्यवस्था के लिए खतरे की घड़ी है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में नाकाबंदी और ड्रोन निगरानी तेज कर दी है ताकि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।</p>
<p>इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और लोगों ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की। पुलिस का कहना है कि वे किसी भी स्थिति में कानून को लागू करेंगे और हिस्ट्री-शीटर को किसी भी सूरत में छूट नहीं देंगे। पुलिस की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, मरियम मलिक की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद कई अहम सुराग मिले हैं, जिनसे फरार सज्जू मलिक का पता लगाना आसान हो सकता है। घटना के दौरान किसी आम नागरिक को चोट नहीं आई है। कुल मिलाकर, ऐरोली टोल नाका पर हुई यह हिट-एंड-रन घटना पुलिस और आपराधिक तत्वों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है। सज्जू मलिक की गिरफ्तारी पर पुलिस की नजर बनी हुई है और जनता से अपील की गई है कि किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:24:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई :58 करोड़ के साइबर ठगी के पीड़ित बुजुर्ग को 2 करोड़ रुपये वापस; फरार मास्टरमाइंड की तलाश तेज, 3 लाख का इनाम घोषित </title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। 58.13 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ठगी के इस सनसनीखेज मामले में साइबर पुलिस ने अदालत के आदेश के तहत पीड़ित को 2 करोड़ रुपये की पहली किस्त के रूप में वापस दिला दी है। यह कार्रवाई न केवल आर्थिक रिकवरी की दिशा में अहम कदम है, बल्कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख का स्पष्ट संकेत भी मानी जा रही है। इतना ही नहीं, इस ठगी के मास्टरमाइंड के ऊपर 3 लाख का इनाम घोषित किया गया है। </p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47104/mumbai-rs-2-crore-returned-to-elderly-victim-of-cyber"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-20t115754.204.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। 58.13 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ठगी के इस सनसनीखेज मामले में साइबर पुलिस ने अदालत के आदेश के तहत पीड़ित को 2 करोड़ रुपये की पहली किस्त के रूप में वापस दिला दी है। यह कार्रवाई न केवल आर्थिक रिकवरी की दिशा में अहम कदम है, बल्कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख का स्पष्ट संकेत भी मानी जा रही है। इतना ही नहीं, इस ठगी के मास्टरमाइंड के ऊपर 3 लाख का इनाम घोषित किया गया है। </p>
<p> </p>
<p>महाराष्ट्र में साइबर सुरक्षा और साइबर अपराधों की नोडल एजेंसी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र साइबर कार्यालय द्वारा इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(सी) और 66(डी) के अंतर्गत दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पीड़ित से करोड़ों रुपये की ठगी की। लगातार तकनीकी विश्लेषण, वित्तीय ट्रैकिंग और बैंकों के साथ गहन समन्वय के चलते महाराष्ट्र साइबर ने जटिल लेन-देन की कड़ियों को जोड़ते हुए ठगी की राशि तक पहुंच बनाई। समय रहते कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अदालत से अनुमति मिलने के बाद 2 करोड़ रुपये की राशि पीड़ित को लौटाई गई। अधिकारियों के अनुसार, यह केवल पहली किस्त है और आगे भी जब्त संपत्तियों के जरिए रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। इस रिकवरी से पीड़ित को आर्थिक राहत के साथ-साथ मानसिक संबल भी मिला है। महाराष्ट्र साइबर अधिकारियों का कहना है कि विभाग की प्राथमिकता केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि साइबर ठगी से वंचित लोगों को जल्द से जल्द न्याय और राहत दिलाना भी है।  </p>
<p>जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ी कई चल-अचल संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज किया गया है, जिन्हें न्यायालय के आदेश के बाद रिकवर की गई संपत्ति माना जाएगा। इस अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के मुख्य साजिशकर्ताओं पर शिकंजा और कसा जा रहा है। मामले का प्रमुख आरोपी देवेंद्र सैनी अब भी फरार है, जिसे पूरे नेटवर्क का अहम ऑपरेशनल हैंडलर बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र साइबर ने 3 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। पुलिस को भरोसा है कि अंतरराज्यीय तालमेल और जनसहयोग से आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</p>
<p>महाराष्ट्र साइबर ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। 58 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले में पहली किस्त की सफल वापसी यह दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक, मजबूत जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।   </p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 11:59:28 +0530</pubDate>
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