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                <title>on - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>मुंबई ब्लास्ट, बाटला हाउस कांड और अहमदाबाद धमाकों के बाद से जांच एजेंसियों के रडार पर रहता है आजमगढ़ जिला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की कई बड़ी आतंकी घटनाओं की जांच में आजमगढ़ का नाम सामने आता रहा है। मुंबई सीरियल ब्लास्ट, वाराणसी और गोरखपुर धमाके, फैजाबाद, अहमदाबाद ब्लास्ट, बाटला हाउस मुठभेड़ और आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़े मामलों में जिले के कुछ व्यक्तियों और क्षेत्रों का नाम जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज हुए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51835/azamgarh-district-remains-on-the-radar-of-investigating-agencies-after"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-15t105906.065.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>देश की कई बड़ी आतंकी घटनाओं की जांच में आजमगढ़ का नाम सामने आता रहा है। मुंबई सीरियल ब्लास्ट, वाराणसी और गोरखपुर धमाके, फैजाबाद, अहमदाबाद ब्लास्ट, बाटला हाउस मुठभेड़ और आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़े मामलों में जिले के कुछ व्यक्तियों और क्षेत्रों का नाम जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज हुए हैं।</p>
<p> </p>
<p>जब बाटला हाउस एनकाउंटर हुआ तो जिला सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहने लगा। इसी कड़ी में मोहम्मद नबील भी शामिल है, जिसे एटीएस ने शनिवार को दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूदपुर से गिरफ्तार किया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की वांटेड सूची में आजमगढ़ जनपद से जुड़े सात संदिग्धों के नाम शामिल हैं। ये नाम विभिन्न आतंकी मामलों और इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) से जुड़े प्रकरणों की जांच के दौरान सामने आए थे।</p>
<p>सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इनकी तलाश में जुटी हैं। एनआईए की वांटेड सूची में सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर निवासी मोहम्मद साजिद, मोहम्मद खालिद, शाहनवाज आलम, सदाब अहमद, अबू रशीद और मोहम्मद राशिद के अलावा कोतवाली क्षेत्र के राजा का किला मोहल्ला निवासी मिर्जा शादाब बेग का नाम शामिल है।</p>
<p>जांच एजेंसियों के अनुसार इन व्यक्तियों के नाम विभिन्न आतंकी घटनाओं और प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े मामलों की जांच के दौरान प्रकाश में आए थे। एजेंसियां इनके संभावित ठिकानों, संपर्क सूत्रों और गतिविधियों की लगातार निगरानी करती रही हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के निर्णय के बाद ही होती है। </p>
<p><strong>काफी दिनों से चल रही एटीएस यूनिट के स्थापना की कवायद</strong><br />एटीएस यूनिट की स्थापना के लिए जनपद में काफी दिनों से कवायद चल रही है। इसके लिए मंदुरी में जमीन भी मिल चुकी है लेकिन, अभी तक जमीन पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसके स्थापित होने के बाद पूर्वांचल में सुरक्षा एजेंसियों को एक स्थायी आधार मिलेगा। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर टीमों को लखनऊ या अन्य स्थानों से आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 11:00:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : 'फिसलकर गिरा', फिर दो बार होठों पर किया किस, मुंबई के शख्स को 1 साल की जेल, जानिए पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सेशंस कोर्ट ने 34 साल के एक क्लीनर को दोषी ठहराते हुए एक साल की कड़ी सजा सुनाई। मुंबई के रहनेवाले क्लीनर पर एक सेल्सवुमन को जबरदस्ती दो बार किस करने का आरोप लगा था। क्लीनर ने दावा किया था कि पिछले साल बोरीवली (पश्चिम) के एक मॉल में हुई यह एक महज घटना था। वह गलती से फिसलकर गिर गया था। उसने कहा था कि गिरने पर स्वाभाविक प्रतिक्रिया के तौर पर ऐसा हुआ, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51821/mumbai-man-slipped-and-fell-and-then-kissed-his-lips"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-13t122756.516.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> सेशंस कोर्ट ने 34 साल के एक क्लीनर को दोषी ठहराते हुए एक साल की कड़ी सजा सुनाई। मुंबई के रहनेवाले क्लीनर पर एक सेल्सवुमन को जबरदस्ती दो बार किस करने का आरोप लगा था। क्लीनर ने दावा किया था कि पिछले साल बोरीवली (पश्चिम) के एक मॉल में हुई यह एक महज घटना था। वह गलती से फिसलकर गिर गया था। उसने कहा था कि गिरने पर स्वाभाविक प्रतिक्रिया के तौर पर ऐसा हुआ, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया। </p>
<p> </p>
<p>सिर्फ 2 महीने चले ट्रायल में, बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए कोर्ट ने रितेश अरमुल्ला को आपराधिक बल का इस्तेमाल करने और साफ तौर पर यौन इरादे से अनचाहा शारीरिक संपर्क बनाने का दोषी पाया।</p>
<p><strong>कोर्ट ने क्या कहा</strong><br />जज ने कहा कि अगर बहस के लिए यह मान भी लिया जाए कि कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति पर फिसलकर गिर गया, तो स्वाभाविक प्रतिक्रिया उस व्यक्ति को किस करने से अलग होगी जिस पर वह गिरा है। </p>
<p><strong>कोर्ट ने कहा- हरकत जानबूझकर की गई इसके पर्याप्त सबूत</strong><br />ये अपराध भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से या यह जानते हुए कि इससे उसकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है, उस पर हमला करना या आपराधिक बल का इस्तेमाल करना) और धारा 75 (यौन उत्पीड़न) के तहत आते हैं।<br />एडिशनल सेशंस जज पी ए साने ने कहा कि पीड़िता की गवाही भरोसेमंद थी और उस पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं था। जज ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है कि पीड़िता आरोपी के खिलाफ गवाही क्यों देगी। इसके अलावा, रिकॉर्ड से पता चलता है कि घटना से पहले वह आरोपी को नहीं जानती थी। इसलिए इस बात की कोई संभावना नहीं है कि वह इस मामले में आरोपी को झूठा फंसाएगी। </p>
<p><strong>कोर्ट ने दी यह सजा</strong><br />आईपीसी की जगह बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के आने के बाद से यह कुछ मामलों में से एक है जिसमें सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने रितेश अरमुल्ला को धारा 74 के तहत एक साल की कड़ी सजा और 1,000 रुपये का जुर्माना, और धारा 75 के तहत एक साल की साधारण सजा और 500 रुपये का जुर्माना लगाया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 13 Sep 2026 12:31:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: क्या मुंबई समेत महाराष्ट्र में डीजे पर कसेगी नकेल, माधुरी मिसाल के बाद अब शिंदे के मंत्री ने साझा की आपबीती</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में इन दिनों गरबा में मुस्लिमों की एंट्री बैन करने और डीजे पाबंदी के मुद्दे छाए हुए हैं। राज्य में यह पूरा मामला सामाजिक कार्यकर्ता विद्यानंद बापट द्वारा डीजे के खिलाफ आवाज उठाने और प्रशासनिक बैठक में प्रतिबंध की मांग करने के बाद उन पर हुए सार्वजनिक हमले के बाद बड़ी बहस का मुद्दा बना हुआ है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51793/will-mumbai-crack-down-on-djs-in-maharashtra-including-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/dj-santosh-kihim-alibaug-disc-jockey-cw63ljytho.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में इन दिनों गरबा में मुस्लिमों की एंट्री बैन करने और डीजे पाबंदी के मुद्दे छाए हुए हैं। राज्य में यह पूरा मामला सामाजिक कार्यकर्ता विद्यानंद बापट द्वारा डीजे के खिलाफ आवाज उठाने और प्रशासनिक बैठक में प्रतिबंध की मांग करने के बाद उन पर हुए सार्वजनिक हमले के बाद बड़ी बहस का मुद्दा बना हुआ है। कई नेताओं और नागरिकों का तर्क है कि महाराष्ट्र के पारंपरिक उत्सवों (जैसे गणेशोत्सव) को डीजे की बजाय ढोल-ताशे और स्थानीय पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ मनाया जाना चाहिए। कुछ दिन पहले फडणवीस सरकार में मंत्री और बीजेपी की नेता माधुरी मिसाल ने कहा था कि वह पूर्ण डीजे प्रतिबंध चाहती हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>गुलाबराव पाटिल ने किया अलर्ट</strong><br />महाराष्ट्र में डीजे पर छिड़ी चर्चा के बीच अब एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना से मंत्री गुलाबराव पाटिल ने गणेशोत्सव में डीजे छोड़ने की अपील करते हुए कहा है कि ढोल-ताशे अपनाएं। पाटिल ने जलगांव में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी आपबीती को साझा किया। मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा कि डीजे की आवाज ने उनकी सुनने की क्षमता 40 फीसदी कम कर दी है। गणेशोत्सव में डीजे और साउंड सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर अलर्ट करते हुए राज्य के जलापूर्ति मंत्री गुलाबराव पाटिल ने अपना अनुभव साझा किया।</p>
<p><strong>डीजे ने छीनी सुनने की क्षमता</strong><br />मंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा कि शादी समारोह में डीजे की तेज आवाज के कारण उनके एक कान की सुनने की क्षमता 40 फीसदी तक कम हो गई है। अब यह क्षमता वापस आना संभव नहीं है। पाटिल ने कहा कि त्योहार खुशी के लिए हैं, किसी की सेहत खराब करने के लिए नहीं हैं। तेज आवाज से कान के पर्दे को नुकसान पहुंचने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। मंत्री पाटिल ने कहा कि इसलिए युवाओं को गणेशोत्सव में डीजे और के बजाय ढोल-ताशे को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह भतीजे की शादी के दौरान परिजनों के आग्रह पर वे नाचने लगे थे। इसी दौरान डीजे की तेज आवाज से उनके कान में परेशानी शुरू हुई और फिर पता चला कि उनकी सुनने की क्षमता 40 फीसदी चली गई है।</p>
<p><strong>महाराष्ट्र में अभी क्या है स्थिति?</strong><br />महाराष्ट्र में त्योहारों के दौरान डीजे और हाई-डेसिबल साउंड सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर पूरे राज्य में एक समान पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, बल्कि अलग-अलग जिलों में स्थानीय प्रशासन और अदालती आदेशों के तहत कड़े नियम व पाबंदियां लागू हैं।</p>
<p>2016: सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. महेश बेडेकर ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की। इसके बाद कोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए रिहायशी इलाकों में दिन में 55डीबी और रात (10 बजे से सुबह 6 बजे) के बीच 45डीबी की सीमा तय कर दी।</p>
<p>2018: बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में गणेशोत्सव के दौरान भारी-भरकम डीजे और डॉल्बी साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया। कोर्ट ने पारंपरिक वाद्यों (जैसे ढोल-ताशा) को प्राथमिकता देने की बात कही।</p>
<p>अगस्त 2025: बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने पुराने आदेश को बरकरार रखते हुए मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान डीजे और लेजर लाइट पर प्रतिबंध जारी रखने का फैसला सुनाया। नियमों का उल्लंघन करने पर उपकरण जब्त करने और भारी जुर्माने की चेतावनी दी।</p>
<p>सितंबर 2026: पुणे में सामाजिक कार्यकर्ता विद्यानंद बापट द्वारा ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने और उन पर हुए हमले के बाद यह मुद्दा फिर गरमा गया। इसके बाद सरकार के मंत्रियों (जैसे माधुरी मिसाल) और विपक्षी नेताओं (जैसे उद्धव ठाकरे ) ने पूरे राज्य के त्योहारों में डीजे पर एक समान पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग तेज कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 12:44:08 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई: 'पूरा मुंबई गंदगी से भरा है': कचरे की समस्या पर हाईकोर्ट सख्त, बीएमसी को फटकार; किसे दी कार्रवाई की चेतावनी?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की सड़कों पर जगह-जगह कचरा जमा होने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को नगर निकाय को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि 'पूरा शहर गंदगी से भरा है' और स्थिति में सुधार नहीं होने पर वार्ड के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51791/mumbai-is-full-of-filth-high-court-is-strict-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/images---2026-09-11t123706.614.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई की सड़कों पर जगह-जगह कचरा जमा होने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को नगर निकाय को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि 'पूरा शहर गंदगी से भरा है' और स्थिति में सुधार नहीं होने पर वार्ड के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।  </p>
<p>कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड के आसपास प्रदूषण से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को आड़े हाथ लिया। पीठ ने कहा कि 'पूरा नगर निकाय तंत्र निष्क्रिय है।'</p>
<p><strong>हाईकोर्ट ने पीएम मोदी के किस सुझाव का किया जिक्र?</strong><br />अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कुछ समय पहले दिए गए सुझाव का जिक्र करते हुए सफाई का संदेश फैलाने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की मदद लेने की सलाह भी दी। पीठ ने कहा, 'हर जगह सिर्फ गंदगी है। हम बीएमसी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। लगता है कि तंत्र काम नहीं कर रहा है। आपको एक उचित एसओपी की जरूरत है। हम खुद को अंतरराष्ट्रीय शहर कैसे कह सकते हैं?'</p>
<p>हाईकोर्ट ने कहा कि नगर आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों ने कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति में ज्यादा सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। पीठ ने कहा कि वार्ड अधिकारी भी कथित तौर पर काम नहीं कर रहे हैं। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को सार्वजनिक सड़कों पर कचरा फेंकने या गंदगी करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने पर विचार करने का सुझाव दिया।</p>
<p><strong>बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को दी क्या चेतावनी?</strong><br />पीठ ने कहा, 'यह गंभीर मामला है। यह बहुत पीड़ादायक है। शहर में कुछ ऐसे स्थान चिह्नित हैं, जहां हमेशा कचरे के ढेर दिखाई देते हैं और फिर भी संबंधित वार्ड अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते।' अदालत ने कहा, 'अब हम इन अधिकारियों को भी जवाबदेह और जिम्मेदार ठहराएंगे। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। पूरा शहर गंदगी से भरा है। बहुत हो गया। बीएमसी हमें झूठे आश्वासन दे रही है।'<br />पीठ ने कहा कि उसके पास अब बीएमसी आयुक्त को व्यवस्था सुधारने और जिम्मेदारी तय करने का निर्देश देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। अदालत ने कहा, 'ऐसा लगता है कि पूरा नगर निकाय तंत्र निष्क्रिय है। किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। अब हम कड़ा आदेश पारित करेंगे। एक सीमा होती है।'</p>
<p><strong>कचरे को लेकर सख्त कदम उठाने के निर्देश</strong><br />अदालत ने बीएमसी को अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पेश करने का आदेश दिया। साथ ही 26 वार्डों में सार्वजनिक सड़कों की सफाई और स्वच्छता की जिम्मेदारी संभालने वाले सभी अधिकारियों की सूची देने को कहा। हाईकोर्ट ने कहा, 'जैसे ही हमें सड़क पर कोई कचरा या गंदगी मिलेगी, हम संबंधित अधिकारी को हटा देंगे। वे सार्वजनिक सेवा में रहने के लायक नहीं हैं।'</p>
<p>अदालत ने नगर निकाय से कचरा अलग-अलग करने की व्यवस्था को लेकर भी सख्त कदम उठाने को कहा। पीठ ने कहा कि वह बीएमसी को एक आदर्श नगर निगम के रूप में देखना चाहती है, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्तूबर को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 12:38:15 +0530</pubDate>
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