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                <title>food - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>food RSS Feed</description>
                
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                <title>मुंबई: सड़कों पर घूमा, मांग के खाया, सबसे अमीर विधायक क्यों एक दिन के लिए बना 'भिखारी'</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के सबसे अमीर विधायक ने एक दिन के लिए भिखारी का जीवन जिया. घाटकोपर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी विधायक पराग शाह एक अलग सामाजिक और धार्मिक अनुभव के तहत भिखारी का वेश धारण कर सड़कों पर निकले. इस दौरान वो सामान्य लोगों की तरह सार्वजनिक जगहों पर गए, लेकिन वेश बदलने के कारण लोग उन्हें पहचान नहीं सके. पराग शाह 3400 करोड़ रुपये से ज्यादा के मालिक हैं. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51839/why-did-the-richest-mla-roam-the-streets-of-mumbai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/khabargaon-20260914t191200958jpg_1789393596089.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के सबसे अमीर विधायक ने एक दिन के लिए भिखारी का जीवन जिया. घाटकोपर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी विधायक पराग शाह एक अलग सामाजिक और धार्मिक अनुभव के तहत भिखारी का वेश धारण कर सड़कों पर निकले. इस दौरान वो सामान्य लोगों की तरह सार्वजनिक जगहों पर गए, लेकिन वेश बदलने के कारण लोग उन्हें पहचान नहीं सके. पराग शाह 3400 करोड़ रुपये से ज्यादा के मालिक हैं. </p>
<p> </p>
<p><strong>विधायक पराग शाह ने क्यों बनाया भिखारी का वेश?</strong><br />जानकारी के मुताबिक, जैन धर्म के चातुर्मास के दौरान पराग शाह के गुरु नम्रमुनि ने उन्हें एक दिन भिखारी के जीवन और उसकी परिस्थितियों को करीब से समझने का अनुभव लेने की सलाह दी थी. इसी के तहत पराग शाह ने अपने नियमित सुरक्षा और अन्य संसाधनों से अलग रहते हुए मेकअप के जरिए भिखारी का रूप धारण किया. </p>
<p><strong>भिक्षा मांगकर भोजन करने का भी लिया अनुभव</strong><br />बीजेपी विधायक शाह एक दिन के लिए यह अनुभव करने को तैयार हुए कि अपनी दौलत और राजनीतिक ओहदे से जुड़ी सुविधाओं के बिना जीवन कैसा होता है? इस दौरान उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर जाकर लोगों से संपर्क किया और भिक्षा मांगकर भोजन करने का भी अनुभव लिया. बाद में उन्होंने अपना वास्तविक परिचय सामने आने के बाद कुछ स्थानों पर दोबारा जाकर लोगों से बातचीत की और अपने अनुभव को शेयर किया. </p>
<p><strong>पराग शाह का भिखारी का वेश बना चर्चा का विषय</strong><br />पराग शाह घाटकोपर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. उनका यह प्रयोग अब चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि, इस घटना को सिर्फ एक अलग व्यक्तिगत और धार्मिक अनुभव के रूप में देखा जा रहा है, जिसके जरिए उन्होंने समाज के एक वर्ग के जीवन और उसकी परिस्थितियों को समझने की कोशिश की.  </p>
<p>अब सवाल यह भी उठता है कि क्या किसी व्यक्ति के जीवन की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को कुछ घंटों या एक दिन के अनुभव से पूरी तरह समझा जा सकता है? यही पहलू इस घटना को केवल एक व्यक्तिगत अनुभव से आगे बढ़ाकर सामाजिक चर्चा का विषय भी बनाता है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Sep 2026 11:08:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नालासोपारा में तबेला चहा-जमजम बिरयानी आउटलेट का वीडियो वायरल, खाने के बीच चूहा दिखने का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नालासोपारा ईस्ट के वाकनपाडा इलाके में स्थित एक कथित फूड आउटलेट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि 'तवेला चाहा-जमजम बिरयानी' नाम के आउटलेट में चावल और अन्य खाद्य सामग्री के बीच एक बड़ा चूहा दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में खाद्य पदार्थों की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित विभाग से जांच की मांग की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51547/6a8d3b9387e17"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/untitled-3dsfg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नालासोपारा: </strong>नालासोपारा ईस्ट के वाकनपाडा इलाके में स्थित एक कथित फूड आउटलेट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि 'तवेला चाहा-जमजम बिरयानी' नाम के आउटलेट में चावल और अन्य खाद्य सामग्री के बीच एक बड़ा चूहा दिखाई दिया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में खाद्य पदार्थों की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित विभाग से जांच की मांग की है।</p>
<p> </p>
<p>वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक चूहा खाने की सामग्री के बीच नजर आ रहा है। वीडियो की वजह से सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।</p>
<p><strong>वीडियो के बाद मचा हड़कंप</strong><br />सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद खाद्य प्रतिष्ठान की साफ-सफाई को लेकर चर्चा तेज हो गई। वीडियो में कथित तौर पर चावल और अन्य खाद्य पदार्थों के बीच चूहे की मौजूदगी दिखाई दे रही है। यदि वीडियो में किया गया दावा सही पाया जाता है तो यह खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला हो सकता है।<br />खाने की चीजों में किसी भी प्रकार के जीव-जंतु की मौजूदगी से खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका रहती है। ऐसे में खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, भंडारण और खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। वायरल वीडियो ने इन्हीं व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों में नाराजगी वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि भोजन तैयार करने और परोसने वाले प्रतिष्ठानों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। ग्राहक यह उम्मीद करते हैं कि उन्हें सुरक्षित और साफ-सुथरा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।<br />स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग मामले का संज्ञान लेकर आउटलेट का निरीक्षण करे। साथ ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की व्यवस्था की जांच की जाए। लोगों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। खाद्य सुरक्षा को लेकर उठे सवाल खाद्य पदार्थों को तैयार करने, रखने और परोसने के दौरान स्वच्छता का पालन करना जरूरी होता है। रसोई और भंडारण क्षेत्र में चूहों या अन्य कीटों की मौजूदगी से भोजन दूषित होने का खतरा बढ़ सकता है। इससे ग्राहकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है। वायरल वीडियो के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि संबंधित आउटलेट में खाद्य सामग्री किस तरह रखी जाती है और वहां कीट नियंत्रण तथा स्वच्छता के लिए क्या इंतजाम हैं। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वायरल वीडियो की सत्यता की जांच जरूरी सोशल मीडिया पर किसी वीडियो के सामने आने के बाद उसके आधार पर तत्काल निष्कर्ष निकालने के बजाय उसकी सत्यता की जांच जरूरी होती है। इस मामले में भी वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया, इसकी पुष्टि आवश्यक है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि वीडियो में दिखाई दे रहा स्थान वास्तव में संबंधित आउटलेट का ही है या नहीं। संबंधित विभाग की ओर से निरीक्षण और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। वीडियो में किए गए दावों और मौके की स्थिति के बीच किसी अंतर की भी जांच की जा सकती है। प्रतिष्ठान की ओर से स्थिति स्पष्ट होना बाकी वायरल वीडियो के बाद आउटलेट की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में संबंधित प्रतिष्ठान की ओर से भी घटना को लेकर स्थिति स्पष्ट किया जाना महत्वपूर्ण होगा। यदि वीडियो में दिखाई गई घटना सही है तो यह बताना जरूरी होगा कि ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई और भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी होती है कि वे ग्राहकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराएं। इसके लिए रसोई, भंडारण और भोजन परोसने वाले स्थानों की नियमित सफाई के साथ कीट नियंत्रण की उचित व्यवस्था जरूरी है। जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने नालासोपारा ईस्ट के वाकडपाडा क्षेत्र में स्थित कथित फूड आउटलेट को लेकर बहस छेड़ दी है। चावल और अन्य खाद्य सामग्री के बीच चूहा दिखाई देने के दावे ने ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है। हालांकि, घटना की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच के बिना किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अब निगाह संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कार्रवाई पर है। यदि निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलता है तो नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 12:36:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई: एफडीए का मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन परिसरों पर एक्शन, 5 आउटलेट्स के फूड लाइसेंस सस्पेंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन परिसर में मौजूद 5 रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा के नियमों के कथित उल्लंघन और साफ-सफाई, रख-रखाव व रेफ्रिजरेशन में भारी कमियां पाए जाने के बाद की गई है। ब</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51543/mumbai-fdas-action-on-mumbai-cricket-association-premises-food-license"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-25t121754.990.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन परिसर में मौजूद 5 रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा के नियमों के कथित उल्लंघन और साफ-सफाई, रख-रखाव व रेफ्रिजरेशन में भारी कमियां पाए जाने के बाद की गई है। बता दें कि एफडीए की तरफ से चलाए जा रहे एक राज्यव्यापी अभियान के तहत कुल 11 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जिनमें अकेले 5 आउटलेट्स एमसीए परिसर के शामिल हैं।</p>
<p> </p>
<p><strong>राज्यभर में एफडीए की बड़ी कार्रवाई </strong><br />गौर करने वाली बात यह है कि इस अभियान के दौरान  एफडीए ने राज्य भर में 45 होटलों, रेस्तरां, भोजनालयों और ढाबों का निरीक्षण किया। इस दौरान 25 जगहों पर छापे मारे गए और 33 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए।</p>
<p>ध्यान रहे कि एफडीए अधिकारियों ने 20 अगस्त को एमसीए को परिसरों का निरीक्षण किया था, जिसके बाद आउटलेट्स पर कार्रवाई की गई। इसमें परमिट रूम, पवेलियन, मेडिटेरेनियन, ओरिएंटल स्विंग और क्बवे एंड पेस्ट्री काउंटर शामिल है। </p>
<p><strong>स्वच्छता के मानकों में पाई गई कमियां</strong><br />गौरतलब है कि इन सभी आउटलेट्स पर फूड हैंडलिंग (खाना संभालने के तरीके), स्टोरेज (भंडारण), रेफ्रिजरेशन और स्वच्छता के मानकों में गंभीर कमियां पाई गईं, जिसके चलते प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 12:19:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: महाराष्ट्र एफडीए की बड़ी कार्रवाई, मुंबई के 7 फूड आउटलेट के लाइसेंस निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने 19-20 अगस्त, 2026 को पूरे राज्य में की गई सघन जांच के बाद मुंबई के सात प्रमुख फ़ूड एस्टेब्लिशमेंट (खाने-पीने की जगहों) का कामकाज सस्पेंड कर दिया।इस जांच अभियान में साफ़-सफ़ाई में भारी कमी, गंदे तरीके से खाना बनाना और गलत ब्रांडिंग जैसी समस्याओं पर ध्यान दिया गया। साथ ही, प्रतिबंधित गुटखा और मिलावटी डेयरी उत्पादों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई। कोलाबा के एक क्लब में ज़िंदा मक्खियाँ और मरे हुए कॉकरोच पाए गए। कोलाबा की एक फ़ास्ट-फ़ूड चेन असली पनीर के दाम पर नकली चीज़ बेच रही थी। नरीमन पॉइंट में, एक कर्मचारी साफ़ बर्तनों के ऊपर अपना मुँह धो रहा था।</p>
<p> </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51496/mumbai-maharashtra-fdas-big-action-licenses-of-7-food-outlets"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-22t130200.035.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने 19-20 अगस्त, 2026 को पूरे राज्य में की गई सघन जांच के बाद मुंबई के सात प्रमुख फ़ूड एस्टेब्लिशमेंट (खाने-पीने की जगहों) का कामकाज सस्पेंड कर दिया।इस जांच अभियान में साफ़-सफ़ाई में भारी कमी, गंदे तरीके से खाना बनाना और गलत ब्रांडिंग जैसी समस्याओं पर ध्यान दिया गया। साथ ही, प्रतिबंधित गुटखा और मिलावटी डेयरी उत्पादों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई। कोलाबा के एक क्लब में ज़िंदा मक्खियाँ और मरे हुए कॉकरोच पाए गए। कोलाबा की एक फ़ास्ट-फ़ूड चेन असली पनीर के दाम पर नकली चीज़ बेच रही थी। नरीमन पॉइंट में, एक कर्मचारी साफ़ बर्तनों के ऊपर अपना मुँह धो रहा था।</p>
<p> </p>
<p>जिन प्रमुख मुंबई एस्टेब्लिशमेंट के लाइसेंस सस्पेंड किए गए, उनमें कोलाबा का एक क्लब भी शामिल है; नियमों का पालन न करने की 47% दर के कारण इसे सस्पेंड किया गया। इंस्पेक्टरों को वहाँ ज़िंदा मक्खियाँ, मरे हुए कॉकरोच, खाने की चीज़ों के पास केमिकल का स्टोरेज, गंदे रेफ्रिजरेटर और खाना पकाने वाले स्टोव के पास रखे कूड़ेदान मिले।</p>
<p>कोलाबा के एक फ़ास्ट-फ़ूड आउटलेट का लाइसेंस तब सस्पेंड किया गया जब जांच में पता चला कि 'सुधार नोटिस' में बताई गई 20 कमियों में से 18 अभी भी ठीक नहीं की गई थीं। अधिकारियों को वहाँ ज़िंदा कॉकरोच, हाथों की साफ़-सफ़ाई में कमी और 148 पेज की गुमराह करने वाली कंप्लायंस रिपोर्ट मिली। इसके अलावा, आउटलेट पर असली चीज़/पनीर का विज्ञापन करके नॉन-डेयरी एनालॉग चीज़ इस्तेमाल करने का आरोप भी लगा।</p>
<p>नरीमन पॉइंट के एक रेस्टोरेंट का लाइसेंस तब सस्पेंड किया गया जब एक कर्मचारी को साफ़ बर्तनों के ऊपर मुँह धोते हुए पकड़ा गया। इंस्पेक्टरों ने वहाँ जमा गंदा पानी, गंदे कपड़े, बहुत ज़्यादा ग्रीस जमा होना और कच्चे व पके हुए खाने के बीच क्रॉस-कंटैमिनेशन (एक-दूसरे में गंदगी फैलने) का खतरा भी पाया।मलाड वेस्ट के एक रेस्टोरेंट का कामकाज तब रोक दिया गया जब वह पहले बताई गई 25 गंभीर कमियों में से 14 को ठीक नहीं कर पाया। इन कमियों में ग्रीस ट्रैप का न होना, कर्मचारियों के मेडिकल रिकॉर्ड न होना और खाना पकाने के तेल के बारे में ज़रूरी जानकारी न दिखाना शामिल था।</p>
<p>खार के एक क्लब का रजिस्ट्रेशन खराब स्टोरेज, फीफो/एफईएफओ नियमों का पालन न करने, गर्म पानी से सैनिटाइज़ेशन की सुविधा न होने और फ्रोज़न खाने को गलत तरीके से पिघलाने के कारण सस्पेंड कर दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 13:03:21 +0530</pubDate>
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