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                <title>was - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>मुंबई : 200 एजेंट, 400 टिकट: मुंबई में चल रहा रहा था वीआईपी कोटे का काला कारोबार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई का एक कपड़ा व्यापारी पिछले तीन-चार साल से पूरे देश में वीवीआईपी कोटे से रेल टिकट कन्फर्म कराने का बड़ा रैकेट चला रहा था। उसके अंडर करीब 200 एजेंट काम कर रहे थे, जो अलग-अलग राज्यों से यात्रियों के आवेदन जुटाकर भेजते थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51076/mumbai-200-agents-400-tickets-black-business-of-vip-quota"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/13bmracket.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई का एक कपड़ा व्यापारी पिछले तीन-चार साल से पूरे देश में वीवीआईपी कोटे से रेल टिकट कन्फर्म कराने का बड़ा रैकेट चला रहा था। उसके अंडर करीब 200 एजेंट काम कर रहे थे, जो अलग-अलग राज्यों से यात्रियों के आवेदन जुटाकर भेजते थे। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए राज्यपाल के एडीसी (एड-डी-कैंप), मंत्रियों, वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों और अन्य बड़े पदाधिकारियों के फर्जी लेटरहेड तैयार कर अब तक 400 से ज्यादा रेल टिकट वीवीआईपी कोटे से कन्फर्म कराए गए। मुंबई के मालाबार हिल पुलिस ने इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करते हुए कपड़ा व्यापारी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।</p>
<p> </p>
<p>पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का मास्टरमाइंड अमरीश ईश्वरलाल ठक्कर (41) है। वह दादर में थोक कपड़े का कारोबार करता था, लेकिन जल्दी और ज्यादा कमाई के लालच में उसने वीवीआईपी कोटे से टिकट कन्फर्म कराने का अवैध कारोबार शुरू कर दिया। जांच में पता चला कि उसका नेटवर्क केवल मुंबई तक सीमित नहीं था, बल्कि गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। उसके अधीन करीब 200 एजेंट और सब-एजेंट काम करते थे, जो जरूरतमंद यात्रियों से मोटी रकम लेकर टिकट कन्फर्म कराने का दावा करते थे।</p>
<p>इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब मुंबई में लोक भवन के अधिकारियों से भारतीय रेलवे ने संपर्क किया। रेलवे ने बताया कि वीवीआईपी कोटे से टिकट कन्फर्म कराने के लिए कुछ आवेदन आए हैं, जिन पर राज्यपाल के एडीसी (एड-डी-कैंप) के हस्ताक्षर और मुहर लगी हुई है। लोक भवन में जब इन दस्तावेजों की जांच की गई तो पता चला कि आधिकारिक लेटरहेड की हूबहू नकल कर फर्जी आवेदन तैयार किए गए हैं। इसके बाद लोक भवन प्रशासन ने मुंबई के मालाबार हिल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:52:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई:  जमानत रद्द होते ही शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे पहुंचे पुलिस के पास</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के एक अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ कथित रूप से सरेआम मारपीट करने के मामले में आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने रविवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह कदम उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा उनकी जमानत रद्द किए जाने के एक दिन बाद उठाया। हाईकोर्ट ने आरोपी को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वह तय समय सीमा के भीतर पुलिस के सामने पेश हों, जिसके बाद म्हात्रे ने सरेंडर कर दिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50842/mumbai-shiv-sena-councilor-ramesh-mhatre-reached-the-police-as"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-20t123953.798.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के एक अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ कथित रूप से सरेआम मारपीट करने के मामले में आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने रविवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह कदम उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा उनकी जमानत रद्द किए जाने के एक दिन बाद उठाया। हाईकोर्ट ने आरोपी को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वह तय समय सीमा के भीतर पुलिस के सामने पेश हों, जिसके बाद म्हात्रे ने सरेंडर कर दिया।</p>
<p> </p>
<p>जानकारी के अनुसार, रमेश म्हात्रे पर अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ मारपीट करने का आरोप है। इस मामले में उन्हें पहले निचली अदालत से जमानत मिल गई थी, लेकिन बाद में इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए निचली अदालत के फैसले को पलट दिया और जमानत रद्द कर दी। बॉम्बे हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखद की खंडपीठ ने शनिवार को सुनवाई करते हुए रमेश म्हात्रे को रविवार शाम 5 बजे तक पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। अदालत के आदेश के बाद रविवार को म्हात्रे पुलिस के समक्ष पहुंचे और अपनी गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी कराई।</p>
<p>हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कल्याण मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले पर भी सख्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि निचली अदालत ने आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या और उनकी प्रकृति को ध्यान में रखना जरूरी है, खासकर तब जब आरोप गंभीर अपराधों से जुड़े हों। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भले ही आरोपी को पहले दर्ज 17 मामलों में बरी किया जा चुका हो, लेकिन उसके खिलाफ कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज होने की बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इनमें हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में आरोपी की पृष्ठभूमि और अपराधों की गंभीरता पर विचार करना आवश्यक है।</p>
<p>हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया था। अदालत के निर्देश के अनुसार आरोपी को निर्धारित समय के भीतर पेश होना था। रविवार को रमेश म्हात्रे ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। महिला डॉक्टर के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई थी। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी डॉक्टरों की सुरक्षा और अस्पतालों में बेहतर माहौल की मांग उठाई थी। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। मामले में जांच जारी है और पुलिस आरोपों से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 12:41:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुंबई कोर्ट का फर्जी आदेश बनाकर दुबई की अदालत में पेश किया, यूएई के दो नागरिकों समेत छह पर केस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फर्जीवाड़ा करने वालों के हौंसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक मामले में आरोपियों ने मुंबई कोर्ट का ही एक फर्जी आदेश तैयार कर उसे दुबई की अदालत में पेश कर दिया। आइए जानते हैं कि क्या है ये सनसनीखेज मामला और कैसे इसका भंडाफोड़ हुआ... </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50811/case-against-six-including-two-uae-nationals-presented-in-dubai"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-18t113649.513.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>फर्जीवाड़ा करने वालों के हौंसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक मामले में आरोपियों ने मुंबई कोर्ट का ही एक फर्जी आदेश तैयार कर उसे दुबई की अदालत में पेश कर दिया। आइए जानते हैं कि क्या है ये सनसनीखेज मामला और कैसे इसका भंडाफोड़ हुआ... <br />करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति के विवाद में बढ़त हासिल करने और एक भारतीय कारोबारी को अपराधी साबित करने के लिए मुंबई की अदालत का फर्जी आदेश तैयार कर उसे दुबई की अदालत में पेश करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर मुंबई की कुर्ला पुलिस ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो नागरिकों समेत छह लोगों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और अदालत की मुहर व दस्तावेजों के दुरुपयोग के आरोप में मामला दर्ज किया है।</p>
<p> </p>
<p><strong>क्या है पूरा मामला</strong><br />पुलिस के मुताबिक, खंडाला निवासी वाहिदा हुसैन शत्ताफ की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके पति हुसैन मोहम्मद शत्ताफ की छवि खराब करने और संपत्ति विवाद में उनका दावा कमजोर करने के लिए आरोपियों ने मुंबई की अदालत का एक फर्जी आदेश तैयार किया। बाद में इसी दस्तावेज को दुबई की अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब शत्ताफ परिवार को दस्तावेज की प्रामाणिकता पर संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। हाई कोर्ट के निर्देश पर दस्तावेज की जांच कराई गई। </p>
<p><strong>जांच में ऐसे हुआ खुलासा</strong><br />जांच के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अदालत के रिकॉर्ड की पड़ताल की और करीब एक दर्जन लोगों के बयान दर्ज किए। जांच में पता चला कि जिस मुकदमे का उल्लेख फर्जी आदेश में किया गया था, वैसा कोई मामला कभी अदालत में चला ही नहीं था। दस्तावेज को असली दिखाने के लिए अदालत के डिजिटल हस्ताक्षर, सरकारी वकील और नोटरी की फर्जी मुहर तथा नकली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी आदेश में हुसैन मोहम्मद शत्ताफ को 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पासपोर्ट जालसाजी और हवाला कारोबार में दोषी बताया गया था। </p>
<p>इतना ही नहीं, उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने का भी झूठा दावा किया गया। जबकि वास्तविकता यह थी कि उस समय अदालत में केवल उनके जब्त दोपहिया वाहन को छुड़ाने की अर्जी पर सुनवाई हुई थी। कुर्ला पुलिस ने इस मामले में हुमैद मोहम्मद शत्ताफ और हलीमा सुल्तान अल ओवैस, (दोनों यूएई निवासी) के अलावा मधुकर रविराज विल्सन, केन रिचर्ड विल्सन, रजी अहमद और नोटरी शिवाजी एन. ढांगे को आरोपी बनाया है। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50811/case-against-six-including-two-uae-nationals-presented-in-dubai</link>
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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 11:38:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुणे: एमडी ड्रग्स लैब की खबरों का सीबीएन ने किया खंडन, कहा- केवल उपकरण हुए थे बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुणे के दिघी-भोसरी क्षेत्र में कथित तौर पर हाईटेक एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स लैब संचालित होने की खबरों पर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए इन दावों का खंडन किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुणे में एमडी बनाने वाली कोई सक्रिय प्रयोगशाला नहीं पाई गई थी और इस संबंध में प्रसारित कुछ खबरें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। सीबीएन, नीमच (मध्य प्रदेश) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह मामला फरवरी 2026 में चलाए गए ‘ऑपरेशन वज्र’ से जुड़ा हुआ है। इस अभियान के तहत सबसे पहले मध्य प्रदेश के मंदसौर में छापेमारी कर 8.17 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50750/big-action-by-mumbai-fda-license-of-three-famous-hotels"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-15t123912.589.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पुणे: </strong>पुणे के दिघी-भोसरी क्षेत्र में कथित तौर पर हाईटेक एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स लैब संचालित होने की खबरों पर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए इन दावों का खंडन किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुणे में एमडी बनाने वाली कोई सक्रिय प्रयोगशाला नहीं पाई गई थी और इस संबंध में प्रसारित कुछ खबरें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। सीबीएन, नीमच (मध्य प्रदेश) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह मामला फरवरी 2026 में चलाए गए ‘ऑपरेशन वज्र’ से जुड़ा हुआ है। इस अभियान के तहत सबसे पहले मध्य प्रदेश के मंदसौर में छापेमारी कर 8.17 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया था।</p>
<p> </p>
<p>जांच आगे बढ़ने पर अधिकारियों ने महू (मध्य प्रदेश) में कार्रवाई करते हुए 43.82 किलोग्राम मेफेड्रोन, 261.32 किलोग्राम प्रीकर्सर केमिकल्स तथा ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए थे। जांच के दौरान यह भी पता चला कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला है और वहीं पर मेफेड्रोन निर्माण की लैब संचालित कर रहा था। आरोपी ने एमडी ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण पुणे में अपने एक रिश्तेदार के घर पर छिपाकर रखे थे।</p>
<p>इस जानकारी के आधार पर सीबीएन ने जोधपुर और पुणे में एक साथ छापेमारी की। पुणे के दिघी इलाके में कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए, जिन्हें सीलबंद बक्सों में रखा गया था। सीबीएन की जांच में यह भी सामने आया कि जिन रिश्तेदारों के घर ये उपकरण रखे गए थे, उन्हें इनके वास्तविक उपयोग या उद्देश्य की कोई जानकारी नहीं थी। इसी कारण पुणे से किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं की गई।</p>
<p>विभाग ने प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया है कि पुणे (दिघी) में कोई कार्यशील या हाईटेक एमडी उत्पादन प्रयोगशाला नहीं मिली थी। वहां से केवल उपकरण बरामद हुए थे, जिन्हें मुख्य आरोपी ने छिपाकर रखा था। सीबीएन ने कहा कि पुणे में एमडी ड्रग्स का उत्पादन शुरू होने या सक्रिय ड्रग्स लैब संचालित होने संबंधी खबरें भ्रामक हैं और इससे आम जनता के बीच गलतफहमी पैदा हो सकती है। विभाग ने लोगों से अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50750/big-action-by-mumbai-fda-license-of-three-famous-hotels</link>
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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 12:39:59 +0530</pubDate>
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