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                <title>to - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>विरार : सात माह की गर्भवती मदद के लिए चीखती रही, स्ट्रेचर तक नहीं दिया; फर्श पर गिरने से मासूम की हालत गंभीर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विरार-पश्चिम के एक निजी प्रसूति अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का भयावह मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को समय पर सहायता, स्ट्रेचर या व्हीलचेयर नहीं दी गई। उसे पैदल प्रसूति कक्ष तक ले जाने के दौरान ही बच्चे का जन्म हो गया और नवजात ढाई से तीन फीट की ऊंचाई से सीधे फर्श पर जा गिरा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51074/virar-seven-months-pregnant-kept-screaming-for-help-not-even"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/bacteria-and-premature-birth.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विरार :</strong> विरार-पश्चिम के एक निजी प्रसूति अस्पताल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का भयावह मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को समय पर सहायता, स्ट्रेचर या व्हीलचेयर नहीं दी गई। उसे पैदल प्रसूति कक्ष तक ले जाने के दौरान ही बच्चे का जन्म हो गया और नवजात ढाई से तीन फीट की ऊंचाई से सीधे फर्श पर जा गिरा।</p>
<p> </p>
<p>घटना विरार-पश्चिम स्थित जोगलेकर मैटरनिटी होम की बताई गई है। महिला की गर्भावस्था का सातवां महीना शुरू हुए केवल दो दिन हुए थे, तभी गुरुवार को उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। महिला और उसके रिश्तेदारों का दावा है कि उन्होंने डॉक्टरों तथा नर्सों से बार-बार कहा कि बच्चा बाहर आ रहा है और तत्काल सहायता की जरूरत है, लेकिन उनकी गुहार को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिवार के अनुसार, अत्यधिक दर्द के कारण महिला ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी, फिर भी उसे स्ट्रेचर उपलब्ध कराने के बजाय चलने को कहा गया।</p>
<p>प्रसूति कक्ष के दरवाजे तक पहुंचते-पहुंचते अचानक प्रसव हो गया और नवजात कठोर फर्श पर गिर पड़ा। उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने का दावा किया गया है। बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे ठाणे के एक बाल अस्पताल की एनआईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। परिवार ने संबंधित डॉक्टरों तथा नर्सों के खिलाफ मामला दर्ज करने और अस्पताल पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:49:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई: युवा ही देश का भविष्य, लोकतंत्र को नई ऊर्जा देने का काम युवाओं ने किया: उद्धव ठाकरे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की आवाज और उनकी आकांक्षाओं की अनदेखी की गई तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें देश के युवाओं पर गर्व है।  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51053/mumbai-youth-are-the-future-of-the-country-youth-did"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/20231024513l_qli8bwa.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की आवाज और उनकी आकांक्षाओं की अनदेखी की गई तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें देश के युवाओं पर गर्व है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा महसूस होने लगा था कि लोकतंत्र कमजोर पड़ गया है और लोगों की उम्मीदें टूट रही हैं। लेकिन देश के युवाओं ने अपने जोश, जागरूकता और भागीदारी से यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र कभी झुका नहीं, बल्कि नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा है। </p>
<p> </p>
<p>उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि जब युवा अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहते हैं, तब लोकतंत्र और अधिक मजबूत होता है। उन्होंने युवाओं से देश के विकास, सामाजिक बदलाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। </p>
<p>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कहा कि देश की प्रगति के लिए युवाओं को शिक्षा, रोजगार और समान अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और क्षमता का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो भारत दुनिया के अग्रणी देशों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता से मजबूत होता है। युवाओं ने यह साबित किया है कि वे देश के भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं और यही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 12:19:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई: बिना लाइसेंस स्कूलों में भोजन आपूर्ति पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में स्कूली बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने घोषणा की है कि अब बिना खाद्य लाइसेंस के किसी भी स्कूल, छात्रावास या आंगनवाड़ी में भोजन की आपूर्ति नहीं की जा सकेगी। यह नियम सरकारी, अर्धसरकारी, अनुदानित और गैर-अनुदानित सभी स्कूलों पर लागू होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51047/mumbai-bans-supply-of-food-to-unlicensed-schools"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-30t120216.940.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र में स्कूली बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने घोषणा की है कि अब बिना खाद्य लाइसेंस के किसी भी स्कूल, छात्रावास या आंगनवाड़ी में भोजन की आपूर्ति नहीं की जा सकेगी। यह नियम सरकारी, अर्धसरकारी, अनुदानित और गैर-अनुदानित सभी स्कूलों पर लागू होगा।</p>
<p> </p>
<p>मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तुकाराम मुंढे ने बताया कि राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में करीब 2 करोड़ स्कूली छात्र हैं और उन्हें सुरक्षित, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि स्कूल पोषण आहार से जुड़े नियम वर्ष 2020 में बनाए गए थे और 2021 से लागू हैं। अब इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। </p>
<p>मुंढे ने कहा कि स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर कई स्तरों पर भ्रम की स्थिति थी कि किस विभाग की क्या जिम्मेदारी होगी। इसे दूर करने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत स्कूलों, छात्रावासों, कैंटीनों और आंगनवाड़ियों में भोजन उपलब्ध कराने वाले सभी संस्थानों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए खाद्य लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वैध खाद्य लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति या संस्था स्कूलों, छात्रावासों या आंगनवाड़ियों में भोजन की आपूर्ति नहीं कर सकेगी। यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>आयुक्त ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि बच्चों तक सुरक्षित और पौष्टिक भोजन पहुंचाना है। इसके लिए राज्यभर में निरीक्षण अभियान और खाद्य सुरक्षा जांच लगातार जारी रहेगी। सरकार चाहती है कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता न हो और सभी शैक्षणिक संस्थान निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 12:03:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान में शामिल होंगे राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा बुधवार, 29 जुलाई को ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान के तहत आयोजित होने वाली सामुदायिक जागरूकता पदयात्रा में शामिल होंगे। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को तपेदिक (टीबी) के प्रति जागरूक करना और बीमारी की रोकथाम, जांच तथा इलाज को लेकर जानकारी पहुंचाना है। राज्यपाल सुबह 11:30 बजे इस जागरूकता वॉक में हिस्सा लेंगे। यह पदयात्रा चेंबूर (पश्चिम) स्थित पी.एल. लोखंडे मार्ग पर बने श्री नारायण गुरु कॉलेज ऑफ कॉमर्स के परिसर से शुरू होगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, स्वयंसेवक और स्थानीय लोग शामिल होंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51016/mumbai-governor-jishnu-dev-verma-to-join-tb-free-mumbai-campaign"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/20260526610427112-300x200.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा बुधवार, 29 जुलाई को ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान के तहत आयोजित होने वाली सामुदायिक जागरूकता पदयात्रा में शामिल होंगे। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को तपेदिक (टीबी) के प्रति जागरूक करना और बीमारी की रोकथाम, जांच तथा इलाज को लेकर जानकारी पहुंचाना है। राज्यपाल सुबह 11:30 बजे इस जागरूकता वॉक में हिस्सा लेंगे। यह पदयात्रा चेंबूर (पश्चिम) स्थित पी.एल. लोखंडे मार्ग पर बने श्री नारायण गुरु कॉलेज ऑफ कॉमर्स के परिसर से शुरू होगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, स्वयंसेवक और स्थानीय लोग शामिल होंगे।</p>
<p> </p>
<p>आयोजकों के अनुसार, इस सामुदायिक जागरूकता वॉक में लगभग 1000 राष्ट्रीय सेवा योजना वॉलंटियर्स भाग लेंगे। ये स्वयंसेवक ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान से जुड़े संदेशों वाले प्लेकार्ड लेकर आसपास के क्षेत्रों में पैदल चलेंगे और लोगों को टीबी से बचाव तथा उपचार के बारे में जागरूक करेंगे। पदयात्रा के दौरान स्वयंसेवक लोगों को टीबी के लक्षणों, समय पर जांच कराने की आवश्यकता और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी देंगे। अभियान का उद्देश्य यह संदेश देना है कि टीबी एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य बीमारी है और समय पर पहचान होने पर इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।<br />टीबी भारत में लंबे समय से एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती रही है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी उन्मूलन के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं। ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान भी इसी दिशा में एक प्रयास है, जिसके माध्यम से शहर के लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करने और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NSS वॉलंटियर्स के माध्यम से अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। युवा स्वयंसेवक अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।<br />इस जागरूकता अभियान में टीवी और फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों के भी शामिल होने की संभावना है। अभिनेता राकेश बेदी और शिव ठाकरे के कार्यक्रम में भाग लेने की उम्मीद है। उनकी मौजूदगी से अभियान को और अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीबी को नियंत्रित करने के लिए केवल इलाज ही नहीं, बल्कि जागरूकता भी बेहद जरूरी है। कई बार लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे अभियानों के जरिए लोगों को समय पर जांच और उपचार के लिए प्रेरित किया जा सकता है।<br />टीबी के सामान्य लक्षणों में लंबे समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना और कमजोरी महसूस होना शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति में लंबे समय तक ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां बड़ी आबादी रहती है, वहां संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए सामुदायिक भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से ही टीबी जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। राज्यपाल की मौजूदगी वाले इस कार्यक्रम को टीबी उन्मूलन के संदेश को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि टीबी से डरने की नहीं, बल्कि समय पर जांच और सही इलाज अपनाने की जरूरत है। ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान के तहत आयोजित यह पदयात्रा स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों को बीमारी के खिलाफ एकजुट करने का प्रयास है। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से टीबी के खिलाफ जागरूकता अभियान को नई गति मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51016/mumbai-governor-jishnu-dev-verma-to-join-tb-free-mumbai-campaign</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 12:30:54 +0530</pubDate>
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