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                <title>Ministry of External Affairs - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Ministry of External Affairs RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारत ने लॉन्च किए चिप-आधारित ई-पासपोर्ट (ePassports); जानें नए डिजिटल पासपोर्ट के फीचर्स और फायदे</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए चिप-आधारित ई-पासपोर्ट (Chip-enabled ePassports) लॉन्च कर दिए हैं। इन नए पासपोर्ट्स में एक एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक चिप और सिक्योर रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह नई सुविधा पासपोर्ट की जालसाजी को पूरी तरह रोकेगी और वैश्विक स्तर पर इमिग्रेशन (Immigration) प्रक्रियाओं को तेज करेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50408/india-launches-chip-based-e-passport-epassports-know-the-features-and-benefits"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/indian-e-passport-process.jpeg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">​<strong>नई दिल्ली: </strong>भारतीय नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा के अनुभवों को बदलने और सुरक्षा को वैश्विक मानकों पर ले जाने के लिए विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर अत्याधुनिक <strong>चिप-सक्षम ई-पासपोर्ट (Chip-enabled ePassport)</strong> की शुरुआत कर दी है। यह नया ट्रैवल डॉक्यूमेंट न केवल दिखने में आधुनिक है, बल्कि इसके भीतर लगी तकनीक इसे दुनिया के सबसे सुरक्षित पासपोर्ट्स में से एक बनाती है।</p>
<p dir="ltr">​विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, नए ई-पासपोर्ट्स को चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है। इसके तहत मौजूदा वैध पासपोर्ट धारकों को तुरंत बदलने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि उनके पासपोर्ट की समय-सीमा (Expiry) समाप्त होने के बाद या नए आवेदन पर उन्हें यह ई-पासपोर्ट जारी किया जाएगा।</p>
<h3 dir="ltr">​क्या है ई-पासपोर्ट और यह कैसे काम करता है?</h3>
<p dir="ltr">​ई-पासपोर्ट देखने में पारंपरिक बुकलेट पासपोर्ट जैसा ही होगा, लेकिन इसके जैकेट (कवर) के भीतर एक छोटी सी <strong>इलेक्ट्रॉनिक इनर चिप (Electronic Chip)</strong> और एक सुरक्षित एंटीना एम्बेडेड (लगाया) होगा।</p>
<ul>
<li dir="ltr">​<strong>बायोमेट्रिक डेटा संग्रहण:</strong> इस चिप में पासपोर्ट धारक की सभी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे कि नाम, जन्मतिथि, डिजिटल हस्ताक्षर, बायोमेट्रिक उंगलियों के निशान (Fingerprints) और चेहरे की स्कैन कॉपी सुरक्षित रूप से स्टोर रहेगी।</li>
<li dir="ltr">​<strong>RFID तकनीक:</strong> यह चिप रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर काम करती है। जब आप विदेश यात्रा के दौरान किसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के इमिग्रेशन काउंटर पर जाएंगे, तो वहां लगे स्कैनर चंद सेकेंड में आपके डेटा को वेरिफाई कर लेंगे।</li>
</ul>
<h3 dir="ltr">​ई-पासपोर्ट के 4 सबसे बड़े फायदे</h3>
<ol>
<li dir="ltr">​<strong>जालसाजी और फ्रॉड पर पूरी तरह रोक:</strong> चिप के भीतर का डेटा एन्क्रिप्टेड (Encrypted) और डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होगा। यदि कोई व्यक्ति इस डेटा या पासपोर्ट के पन्नों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा, तो चिप का सुरक्षा सिस्टम उसे तुरंत लॉक कर देगा और इमिग्रेशन काउंटर पर 'पासपोर्ट फेलियर' का अलर्ट आ जाएगा।</li>
<li dir="ltr">​<strong>एयरपोर्ट पर नहीं लगेंगी लंबी कतारें:</strong> दुनिया भर के अधिकांश आधुनिक हवाई अड्डों पर अब स्वचालित ई-गेट्स (e-Gates) होते हैं। ई-पासपोर्ट धारक इन गेट्स पर सीधे खुद को स्कैन करके निकल सकेंगे, जिससे इमिग्रेशन अधिकारियों के सामने लाइन में खड़े होने का समय बचेगा।</li>
<li dir="ltr">​<strong>अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता:</strong> भारत का यह कदम अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों के अनुरूप है। इससे वैश्विक स्तर पर भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग और इसकी सुरक्षा साख और अधिक मजबूत होगी।</li>
<li dir="ltr">​<strong>टिकाऊ और मजबूत निर्माण:</strong> नए ई-पासपोर्ट की बुकलेट को उन्नत सुरक्षा पन्नों और बेहतर क्वालिटी के पेपर के साथ तैयार किया गया है, ताकि बार-बार यात्रा करने के दौरान भी इसके खराब होने का खतरा न रहे।</li>
</ol>
<h3 dir="ltr">​आवेदन कैसे करें?</h3>
<p dir="ltr">​ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बिल्कुल पहले जैसी ही सरल है:</p>
<ul>
<li dir="ltr">​नागरिकों को 'पासपोर्ट सेवा' (Passport Seva) की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा और शुल्क का भुगतान करना होगा।</li>
<li dir="ltr">​अपने नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) में अपॉइंटमेंट बुक करके दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।</li>
</ul>
<p dir="ltr">​सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश के सभी नागरिकों के पास पूरी तरह से सुरक्षित ई-पासपोर्ट हो, ताकि वैश्विक मंच पर भारतीय प्रवासियों और पर्यटकों की यात्रा निर्बाध रूप से पूरी हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:36:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का आगाज: दिल्ली से रवाना हुआ श्रद्धालुओं का पहला जत्था, नाथू ला मार्ग से करेंगे प्रवेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 (Kailash Mansarovar Yatra 2026) की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को नई दिल्ली से हरी झंडी दिखाकर सिक्किम के नाथू ला दर्रा (Nathu La Route) मार्ग के लिए रवाना किया गया। यह यात्रा धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, जिसमें इस साल कड़े सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का पालन किया जा रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50353/kailash-mansarovar-yatra-2026-begins-from-delhi-first-batch-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/untitled-design-2026-06-15t134308.371.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>नई दिल्ली: </strong>भोलेनाथ के भक्तों के लिए एक बेहद पावन और प्रतीक्षित घड़ी आ गई है। वर्ष 2026 की पवित्र 'कैलाश मानसरोवर यात्रा' (Kailash Mansarovar Yatra) की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को नई दिल्ली से एक विशेष समारोह में हरी झंडी दिखाकर सिक्किम के नाथू ला (Nathu La) मार्ग के लिए रवाना किया गया।</p>
<p dir="ltr">​इस यात्रा को लेकर देश भर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल देखा जा रहा है। दिल्ली से रवाना होने के बाद यह जत्था सिक्किम पहुंचेगा, जहां से वे तिब्बत (चीन) में प्रवेश कर पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन करेंगे।</p>
<h3 dir="ltr">​नाथू ला मार्ग: आरामदायक और सुगम सफर</h3>
<p dir="ltr">​विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा आयोजित की जाने वाली इस यात्रा के लिए नाथू ला दर्रा मार्ग को काफी सुगम और सुरक्षित माना जाता है।</p>
<ul>
<li dir="ltr">​<strong>वाहनों की सुविधा:</strong> यह मार्ग उन तीर्थयात्रियों के लिए बेहद अनुकूल है जो दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर लंबा पैदल चलने में असमर्थ हैं, क्योंकि इस मार्ग पर यात्रा का एक बड़ा हिस्सा वाहनों के जरिए तय किया जाता है।</li>
<li dir="ltr">​<strong>बुनियादी ढांचा:</strong> उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे की तुलना में इस मार्ग पर बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य सुविधाएं अधिक बेहतर हैं, जिससे बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को काफी सहूलियत होती है।</li>
</ul>
<h3 dir="ltr">​कड़े स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मिली अनुमति</h3>
<p dir="ltr">​समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई (High Altitude) पर होने के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा शारीरिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होती है। इसी वजह से दिल्ली में सभी तीर्थयात्रियों का कई चरणों में कड़ा मेडिकल और फिटनेस टेस्ट (Forced Health Check-up) किया गया। केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को आगे जाने की अनुमति दी गई है जो पूरी तरह से स्वस्थ और उच्च रक्तचाप या दिल से जुड़ी बीमारियों से मुक्त हैं।</p>
<h3 dir="ltr">​यात्रा को लेकर विशेष गाइडलाइंस</h3>
<p dir="ltr">​सुरक्षा और बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सभी तीर्थयात्रियों के लिए विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। तीर्थयात्रियों को अपने साथ आवश्यक दवाएं, गर्म कपड़े और ऑक्सीजन सिलेंडर रखने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, यात्रा के दौरान चीनी अधिकारियों और भारतीय नोडल अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p dir="ltr">​हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाने वाली इस यात्रा के सुचारू संचालन के लिए सिक्किम सरकार और केंद्र सरकार ने सुरक्षा, आवास और भोजन के पुख्ता इंतजाम किए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:42:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ऑनलाइन कोर्सिज में विदेश मंत्रालय ने विदेशी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए नियमों में संशोधन किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">ऑनलाइन कोर्सिज में विदेश मंत्रालय के माध्यम से पंजीकरण करने के लिए विदेशी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए नियमों में संशोधन किया है। ओपन एंड डिस्टैंस लर्निंग की गाइडलाइंस में संशोधन कर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसे अधिसूचित भी कर दिया है। </span></p>
<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">इसके तहत संशोधित ऑनलाइन प्रोग्राम में पंजीकरण के लिए अधिक विदेशी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का कार्य किया जाएगा। यूजीसी द्वारा ओपन और डिस्टैंस लर्निंग प्रोग्राम और ऑनलाइन प्रोग्राम के लिए सैकेंड अमैंडमैंट रैगुलेशन-2022 को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है। </span></p>
<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 के नियमों के अनुसार पासपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए एकमात्र</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/12338/amendment-in-rules-to-encourage-foreign-students"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-07/images-(54).jpeg" alt=""></a><br /><p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">ऑनलाइन कोर्सिज में विदेश मंत्रालय के माध्यम से पंजीकरण करने के लिए विदेशी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए नियमों में संशोधन किया है। ओपन एंड डिस्टैंस लर्निंग की गाइडलाइंस में संशोधन कर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसे अधिसूचित भी कर दिया है। </span></p>
<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">इसके तहत संशोधित ऑनलाइन प्रोग्राम में पंजीकरण के लिए अधिक विदेशी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का कार्य किया जाएगा। यूजीसी द्वारा ओपन और डिस्टैंस लर्निंग प्रोग्राम और ऑनलाइन प्रोग्राम के लिए सैकेंड अमैंडमैंट रैगुलेशन-2022 को राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है। </span></p>
<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 के नियमों के अनुसार पासपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए एकमात्र पहचान हुआ करती थी। हालांकि विदेश मंत्रालय द्वारा कई बार कई आवेदन को समाप्त हो चुके पासपोर्ट जमा करने या न करने के कारण खारिज किया जा चुका है।</span></p>
<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;"> इस कारण विद्यार्थी कई डिस्टैंस लर्निंग कोर्स करने के साथ स्कॉलरशिप और अन्य लाभ का हिस्सा नहीं बन पाते थे। हालांकि विदेश मंत्रालय ने यूजीसी से फोटो के साथ किसी भी राष्ट्रीय पहचान पत्र पर विचार करने और विद्या भारती परियोजना के तहत विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में प्रवेश सुरक्षित करने के लिए पासपोर्ट के अनिवार्य नियमित छूट देने की बात कही है।</span></p>
<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;"> ई-विद्या भारती परियोजना के तहत अफ्रीकी छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध करवाई जाती है। अफ्रीकी विद्यार्थियों को 5 वर्ष की अवधि में कम से कम 15000 रुपए छात्रवृत्ति उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। यूजीसी के अनुसार संशोधन केवल विदेश मंत्रालय के माध्यम से यूजीसी प्लेटफार्म पर नामांकन करने वाले विद्यार्थियों के लिए ही लागू होगा।</span><br style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;" /><br style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;" /></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 25 Jul 2022 16:24:32 +0530</pubDate>
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