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                <title>मुंबई : नदियों और नालों की सफाई में सख्त निगरानी के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नदियों और नालों से गाद निकालने के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब डिप्टी और असिस्टेंट इंजीनियरों को पूरे समय साइट पर मौजूद रहना होगा। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि हर नाले और हर दिन के काम की सख्त प्लानिंग के अनुसार निगरानी जरूरी है और सिस्टम में रोजाना अपडेट करना अनिवार्य होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49603/instructions-for-strict-monitoring-of-cleaning-of-mumbai-rivers-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(64).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>नदियों और नालों से गाद निकालने के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब डिप्टी और असिस्टेंट इंजीनियरों को पूरे समय साइट पर मौजूद रहना होगा। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि हर नाले और हर दिन के काम की सख्त प्लानिंग के अनुसार निगरानी जरूरी है और सिस्टम में रोजाना अपडेट करना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्री-मानसून तैयारियों के तहत चल रहे गाद निकालने के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर तैरते हुए ठोस कचरे, जैसे प्लास्टिक, को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर जालीदार बैरियर लगाना जरूरी कर दिया गया है। यदि यह व्यवस्था लागू नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p> </p>
<p>मुंबई में मानसून से पहले नदियों और बड़े-छोटे नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में अभिजीत बांगर ने पश्चिमी उपनगरों में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने गोरेगांव (ईस्ट) स्थित वलभट नदी, गोरेगांव (वेस्ट) मेट्रो स्टेशन के पास ओशिवारा नदी, गजधरबंध पंपिंग स्टेशन के पास SNDT नाला और सांताक्रूज़ (वेस्ट) के नॉर्थ एवेन्यू नाले का ऑन-साइट दौरा किया। गोरेगांव (ईस्ट) में निरीक्षण के दौरान उन्होंने वलभट नदी के गाद निकालने के कार्य की समीक्षा की, जो संजय गांधी नेशनल पार्क से निकलकर विभिन्न क्षेत्रों से होकर बहती है और आगे बिंबिसार नाले में मिलती है। उन्होंने निर्देश दिए कि निकाली गई गाद को तय समय में हटाया जाए और उसे दोबारा नदी में जाने से रोका जाए।</p>
<p>इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारी मशीनरी लगाने के लिए रैंप स्टॉर्म वॉटर ड्रेन और वार्ड इंजीनियरों की देखरेख में बनाए जाएं, और संबंधित इंजीनियरों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि रैंप वाली जगहों पर काम का उद्देश्य स्पष्ट करने के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति न बने। नगर प्रशासन ने साफ किया है कि मानसून से पहले सभी प्रमुख नदियों और नालों की सफाई समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:22:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड पर हाई कोर्ट सख्त, बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निगरानी के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई के कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड से फैल रहे प्रदूषण और तेज बदबू को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निर्देश दिया है कि वह साइट से निकलने वाली मीथेन गैस और अन्य उत्सर्जनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे और इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करे। यह मामला मुंबई के पूर्वी उपनगरों में रहने वाले लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता से जुड़ा हुआ बताया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस तरह का प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49544/high-court-orders-strict-monitoring-of-brihanmumbai-municipal-corporation-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-28t114900.427.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई के कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड से फैल रहे प्रदूषण और तेज बदबू को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निर्देश दिया है कि वह साइट से निकलने वाली मीथेन गैस और अन्य उत्सर्जनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे और इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करे। यह मामला मुंबई के पूर्वी उपनगरों में रहने वाले लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता से जुड़ा हुआ बताया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस तरह का प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।</p>
<p> </p>
<p>जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस आरती साठे की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान दो प्रमुख समस्याओं को तुरंत ध्यान देने योग्य बताया। पहली समस्या रात 1 बजे से सुबह 6 बजे के बीच फैलने वाली तेज बदबू है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है। दूसरी चिंता मीथेन गैस के उत्सर्जन को लेकर जताई गई, जिसे लेकर एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन का भी हवाला दिया गया। अदालत में यह भी उल्लेख किया गया कि यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स की एक प्रकाशित स्टडी में लैंडफिल साइट्स से निकलने वाली मीथेन गैस और उसके पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चिंता जताई गई है। इसी आधार पर कोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका से कहा कि वह वैज्ञानिक तरीके से गैस उत्सर्जन की निगरानी करे और डेटा नियमित रूप से रिकॉर्ड करे।</p>
<p>कोर्ट ने यह भी कहा कि कचरा डंपिंग साइट्स से निकलने वाला प्रदूषण केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। इसलिए नगर निकाय को इस पर गंभीर और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निर्देश दिया गया है कि वह आधुनिक तकनीक का उपयोग कर मीथेन और अन्य गैसों की निगरानी करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रदूषण स्तर निर्धारित सीमा से अधिक न हो। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं।</p>
<p>इस मामले ने एक बार फिर मुंबई में ठोस कचरा प्रबंधन और डंपिंग ग्राउंड की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिक लंबे समय से कांजुरमार्ग क्षेत्र में बदबू और प्रदूषण को लेकर शिकायत कर रहे थे, जिसके बाद यह मामला अदालत तक पहुंचा। कोर्ट की सख्ती के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका इस दिशा में तेज कार्रवाई करेगा और प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिल सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:50:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : पुलिस का सख्त कदम, कस्टडी में सुसाइड रोकने के लिए आरोपी पहनेंगे खास वर्दी, ड्रेस कोड लागू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुलिस ने पुलिस स्टेशनों के लॉकअप में कैदियों द्वारा आत्महत्या के मामलों को शून्य करने के लिए सख्त कदम उठाया है. पुलिस ने अब आरोपियों के लिए एक नया और अनिवार्य ड्रेस कोड लागू किया है. एंटॉप हिल पुलिस स्टेशन में हाल ही में चोरी के आरोपियों को मैरून रंग की हाफ-स्लीव टी-शर्ट और काले शॉर्ट्स में पेश किया गया, जो इस नई सुरक्षा नीति का हिस्सा है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49504/mumbai-police-takes-strict-action-to-prevent-custodial-suicide-accused"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-26t132812.369.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पुलिस ने पुलिस स्टेशनों के लॉकअप में कैदियों द्वारा आत्महत्या के मामलों को शून्य करने के लिए सख्त कदम उठाया है. पुलिस ने अब आरोपियों के लिए एक नया और अनिवार्य ड्रेस कोड लागू किया है. एंटॉप हिल पुलिस स्टेशन में हाल ही में चोरी के आरोपियों को मैरून रंग की हाफ-स्लीव टी-शर्ट और काले शॉर्ट्स में पेश किया गया, जो इस नई सुरक्षा नीति का हिस्सा है.</p>
<p> </p>
<p>इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरोपी अपने लंबे कपड़ों, जैसे शर्ट की आस्तीन या पैंट के पैरों का इस्तेमाल फंदा बनाने के लिए न कर सकें. आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2023 के बीच महाराष्ट्र में हिरासत के दौरान हुई 54 से अधिक मौतों में से कई का कारण फांसी लगाकर आत्महत्या करना पाया गया था.</p>
<p><strong>घटनाओं को देखते हैं सुरक्षा उपाय सख्त</strong><br />अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग मामले के आरोपी अनुज थापन द्वारा क्राइम ब्रांच के लॉकअप में चादर के सहारे खुदकुशी करने जैसी घटनाओं के बाद इन सुरक्षा उपायों को और सख्त कर दिया गया है. कपड़ों के अलावा, पुलिस अब लॉकअप के बाथरूम के दरवाजों के ऊपरी और निचले हिस्सों को भी हटा रही है ताकि कैदी खुद को अंदर बंद कर किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दे सके. </p>
<p>हिरासत में लिए गए आरोपियों की मानसिक स्थिति को देखते हुए, गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें यह 'सुरक्षित कपड़े' उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि वे खुद को नुकसान न पहुंचा सकें. मुंबई के कई इलाकों में देखने को मिल रही इस तरह की घटनाओं पर कंट्रोल करने के लिए पुलिस द्वारा सख्त कदम उठाया गया है.  <br />पुलिस इस ड्रेस कोड के जरिए काफी हद तक सुसाइड रोकने में कारगर साबित हो सकती है. प्रशासन की इस पहल से कस्टडी में आरोपी द्वारा अपने आप को खत्म करने की कोशिश नाकाम कर दी जाएगी. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 18:26:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : सरकार ने गिग वर्कर्स के लिए कड़ा वेरिफिकेशन और रेगुलेशन लागू करने का निर्देश दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के लेबर मिनिस्टर आकाश फुंडकर ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, गिग इकॉनमी और डिलीवरी सर्विस में काम करने वाले वर्कर्स के लिए कड़े वेरिफिकेशन प्रोसेस लागू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने इस दौरान कस्टमर की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सर्विस सुरक्षित, भरोसेमंद और कानूनी दायरे में होनी चाहिए। यह निर्देश लेबर और होम डिपार्टमेंट की जॉइंट मीटिंग में जारी किया गया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49040/mumbai-government-directs-to-implement-strict-verification-and-regulation-for"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(80).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र के लेबर मिनिस्टर आकाश फुंडकर ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, गिग इकॉनमी और डिलीवरी सर्विस में काम करने वाले वर्कर्स के लिए कड़े वेरिफिकेशन प्रोसेस लागू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने इस दौरान कस्टमर की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सर्विस सुरक्षित, भरोसेमंद और कानूनी दायरे में होनी चाहिए। यह निर्देश लेबर और होम डिपार्टमेंट की जॉइंट मीटिंग में जारी किया गया। मिनिस्टर ने कहा कि गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए एक बड़ा और यूनिफॉर्म रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने की आवश्यकता है, ताकि वर्कर्स के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और उनके काम की कानूनी जिम्मेदारियाँ स्पष्ट हों।</p>
<p> </p>
<p>अधिकारियों ने मीटिंग में ज़ोमैटो, स्विगी और ब्लिंकिट जैसी कंपनियों के ऑनलाइन और “फेसलेस” रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पर चर्चा की। वर्तमान में ये कंपनियाँ अक्सर थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन एजेंसियों पर निर्भर रहती हैं, जिससे उनकी कानूनी स्टैंडर्ड, अकाउंटेबिलिटी और एम्प्लॉयर-एम्प्लॉई संबंधों में अस्पष्टता पैदा होती है। मिनिस्टर फुंडकर ने स्पष्ट किया कि कंपनियों को अपने गिग वर्कर्स के वेरिफिकेशन की पूरी ज़िम्मेदारी लेनी होगी।</p>
<p>मीटिंग में यह भी तय किया गया कि सभी डिपार्टमेंट मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि डिलीवरी वाहनों का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन सही हो, ड्राइवरों के पास वैध लाइसेंस हों और पेमेंट सिस्टम ट्रांसपेरेंट और नियमों के अनुसार संचालित हो। अधिकारियों ने कहा कि ऐप-बेस्ड ऑनबोर्डिंग सिस्टम में वर्कर्स से आधार, पैन, बैंक डिटेल्स, ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी के डॉक्यूमेंट्स, इंश्योरेंस और ई-श्रम रजिस्ट्रेशन जैसे डॉक्यूमेंट्स लेने चाहिए।</p>
<p>इसके अलावा, सभी गिग वर्कर्स का स्टेट साइबर डिपार्टमेंट में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने और उन्हें क्यूआर कोड-बेस्ड आइडेंटिफिकेशन देने के प्रपोज़ल पर चर्चा हुई। यह क्यूआर कोड वर्कर्स के प्रोफाइल और पहचान की जानकारी कस्टमर को रिक्वेस्ट पर दिखाने में मदद करेगा, जिससे कस्टमर और प्लेटफॉर्म दोनों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित होगी। मिनिस्टर ने जोर दिया कि गिग और डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को केवल थर्ड-पार्टी एजेंसियों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद ही वर्कर्स की पहचान, लाइसेंस और अनुभव की जांच करें। उन्होंने कहा कि यह कदम गिग वर्कर्स और कस्टमर दोनों के लिए पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाएगा।</p>
<p>सरकारी अधिकारियों ने मीटिंग में यह भी स्पष्ट किया कि ऑनलाइन एग्रीगेटर्स और प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त रेगुलेशन लागू करने की तत्काल जरूरत है। इससे न केवल सुरक्षा बढ़ेगी बल्कि एम्प्लॉयर-एम्प्लॉई संबंध और कानूनी जिम्मेदारियाँ भी स्पष्ट होंगी। कुल मिलाकर, महाराष्ट्र सरकार का उद्देश्य गिग इकॉनमी और ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म को सुरक्षित, पारदर्शी और कानूनी दायरे में लाना है। मिनिस्टर फुंडकर ने सभी विभागों और कंपनियों को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द नए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और कड़े वेरिफिकेशन प्रोसेस को लागू करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:18:01 +0530</pubDate>
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