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                            <item>
                <title>मुंबई : बीएमसी  ने वार्ड-वाइज प्लान और सख्त पेनल्टी के साथ कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट को सख्त किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट की गैर-कानूनी डंपिंग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेश  ने वार्ड-वाइज़ कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट प्लान लागू करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इन प्लान में बिना इजाज़त डंपिंग हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी, मलबे की मात्रा को मापा जाएगा, और ज़मीन पर मौजूदा हालत को ट्रैक किया जाएगा, जिसका मकसद बेहतर मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करना है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49615/mumbai-bmc-tightens-construction-and-demolition-waste-management-with-ward-wise"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-04-24t181558.344.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट की गैर-कानूनी डंपिंग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेश  ने वार्ड-वाइज़ कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट प्लान लागू करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इन प्लान में बिना इजाज़त डंपिंग हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी, मलबे की मात्रा को मापा जाएगा, और ज़मीन पर मौजूदा हालत को ट्रैक किया जाएगा, जिसका मकसद बेहतर मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करना है।</p>
<p> </p>
<p>बीएमसी की एडिशनल कमिश्नर अश्विनी जोशी ने गुरुवार को एम वेस्ट और एच वेस्ट वार्ड ऑफिस में पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में सफाई के काम का रिव्यू किया। रिव्यू में एक डिजिटल प्रेजेंटेशन शामिल था जिसमें कचरा कलेक्शन, बैकलॉग की दिक्कतें, मशीन से सफाई, स्पेशल-केयर वेस्ट, और वेस्ट मैनेजमेंट के लिए तैनात गाड़ियों और मैनपावर की स्थिति पर रोशनी डाली गई। जोशी ने अधिकारियों को सफाई के काम को और सख्त करने का निर्देश दिया, और डंपिंग साइट्स, मलबे की मात्रा और मौजूदा स्थिति की वार्ड-लेवल मैपिंग के ज़रिए असरदार कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने सुबह की शिफ्ट में बीएमसी  वर्कफोर्स की पूरी तैनाती का आदेश दिया, जबकि बाद के घंटों में “पिंक आर्मी” और सड़क-सफाई का काम जारी रहेगा। रेगुलर फील्ड इंस्पेक्शन और सख्त मैकेनाइज्ड सफाई पर जोर दिया गया, साथ ही लंबे समय तक बिना इजाज़त छुट्टी पर रहने वाले स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई।</p>
<p>बीएमसी  ने दिसंबर 2024 में अपने कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट कलेक्शन सिस्टम को अपग्रेड किया, जिसमें एमवाईबीएमसी ऐप के साथ इंटीग्रेटेड 24/7 सेंट्रल हेल्पलाइन शुरू की गई। यह सर्विस 500 kg तक फ्री मलबा उठाने की सुविधा देती है; इससे ज्यादा का चार्ज शहर और पूर्वी उपनगरों में  1,425 प्रति टन और पश्चिमी उपनगरों में  1,415 प्रति टन है। अभी, सिविक बॉडी दहिसर और शिल्पाता-कल्याण में दो रीसाइक्लिंग प्लांट चलाती है, जिनकी कुल कैपेसिटी 1,200 टन है।</p>
<p>इसके अलावा, बीएमसी  ने प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन, मलबे की रियल-टाइम ट्रैकिंग और वायलेशन की रिपोर्टिंग के लिए दिल्ली के मालबा पोर्टल की तरह एक डेडिकेटेड डिजिटल पोर्टल के लिए टेंडर निकाला। इस कदम का मकसद कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट में ट्रांसपेरेंसी और एफिशिएंसी बढ़ाना है। नियमों का पालन पक्का करने के लिए, बीएमसी  ने एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी किया है, जिसमें डेवलपर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसियों और सरकारी संस्थाओं को सोर्स पर ही कचरे को खुदाई के सामान और कंस्ट्रक्शन के मलबे में अलग करना होगा।</p>
<p>नियम न मानने पर हर गाड़ी पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा, और बार-बार नियम तोड़ने पर और सख्त कार्रवाई होगी। गैर-कानूनी डंपिंग को सख्ती से रोका जाएगा। इन तरीकों से, बीएमसी  का मकसद बिना इजाज़त कंस्ट्रक्शन और डेमोलिशन वेस्ट डंपिंग की लगातार बनी रहने वाली समस्या को हल करना, साफ़ सड़कें पक्का करना और कंस्ट्रक्शन के मलबे की सही रीसाइक्लिंग और डिस्पोज़ल को बढ़ावा देना है। यह पहल सफ़ाई, शहरी सफ़ाई और सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सिविक बॉडी के कमिटमेंट को दिखाती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49615/mumbai-bmc-tightens-construction-and-demolition-waste-management-with-ward-wise</link>
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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 12:37:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई : नदियों और नालों की सफाई में सख्त निगरानी के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नदियों और नालों से गाद निकालने के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब डिप्टी और असिस्टेंट इंजीनियरों को पूरे समय साइट पर मौजूद रहना होगा। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि हर नाले और हर दिन के काम की सख्त प्लानिंग के अनुसार निगरानी जरूरी है और सिस्टम में रोजाना अपडेट करना अनिवार्य होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49603/instructions-for-strict-monitoring-of-cleaning-of-mumbai-rivers-and"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/images-(64).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>नदियों और नालों से गाद निकालने के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अब डिप्टी और असिस्टेंट इंजीनियरों को पूरे समय साइट पर मौजूद रहना होगा। एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि हर नाले और हर दिन के काम की सख्त प्लानिंग के अनुसार निगरानी जरूरी है और सिस्टम में रोजाना अपडेट करना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्री-मानसून तैयारियों के तहत चल रहे गाद निकालने के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खासकर तैरते हुए ठोस कचरे, जैसे प्लास्टिक, को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर जालीदार बैरियर लगाना जरूरी कर दिया गया है। यदि यह व्यवस्था लागू नहीं की गई तो कार्रवाई की जाएगी। </p>
<p> </p>
<p>मुंबई में मानसून से पहले नदियों और बड़े-छोटे नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में अभिजीत बांगर ने पश्चिमी उपनगरों में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने गोरेगांव (ईस्ट) स्थित वलभट नदी, गोरेगांव (वेस्ट) मेट्रो स्टेशन के पास ओशिवारा नदी, गजधरबंध पंपिंग स्टेशन के पास SNDT नाला और सांताक्रूज़ (वेस्ट) के नॉर्थ एवेन्यू नाले का ऑन-साइट दौरा किया। गोरेगांव (ईस्ट) में निरीक्षण के दौरान उन्होंने वलभट नदी के गाद निकालने के कार्य की समीक्षा की, जो संजय गांधी नेशनल पार्क से निकलकर विभिन्न क्षेत्रों से होकर बहती है और आगे बिंबिसार नाले में मिलती है। उन्होंने निर्देश दिए कि निकाली गई गाद को तय समय में हटाया जाए और उसे दोबारा नदी में जाने से रोका जाए।</p>
<p>इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारी मशीनरी लगाने के लिए रैंप स्टॉर्म वॉटर ड्रेन और वार्ड इंजीनियरों की देखरेख में बनाए जाएं, और संबंधित इंजीनियरों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि रैंप वाली जगहों पर काम का उद्देश्य स्पष्ट करने के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति न बने। नगर प्रशासन ने साफ किया है कि मानसून से पहले सभी प्रमुख नदियों और नालों की सफाई समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 17:22:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड पर हाई कोर्ट सख्त, बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निगरानी के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई के कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड से फैल रहे प्रदूषण और तेज बदबू को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निर्देश दिया है कि वह साइट से निकलने वाली मीथेन गैस और अन्य उत्सर्जनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे और इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करे। यह मामला मुंबई के पूर्वी उपनगरों में रहने वाले लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता से जुड़ा हुआ बताया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस तरह का प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49544/high-court-orders-strict-monitoring-of-brihanmumbai-municipal-corporation-on"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-28t114900.427.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई के कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड से फैल रहे प्रदूषण और तेज बदबू को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निर्देश दिया है कि वह साइट से निकलने वाली मीथेन गैस और अन्य उत्सर्जनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करे और इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करे। यह मामला मुंबई के पूर्वी उपनगरों में रहने वाले लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता से जुड़ा हुआ बताया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इस तरह का प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।</p>
<p> </p>
<p>जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस आरती साठे की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान दो प्रमुख समस्याओं को तुरंत ध्यान देने योग्य बताया। पहली समस्या रात 1 बजे से सुबह 6 बजे के बीच फैलने वाली तेज बदबू है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है। दूसरी चिंता मीथेन गैस के उत्सर्जन को लेकर जताई गई, जिसे लेकर एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन का भी हवाला दिया गया। अदालत में यह भी उल्लेख किया गया कि यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स की एक प्रकाशित स्टडी में लैंडफिल साइट्स से निकलने वाली मीथेन गैस और उसके पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चिंता जताई गई है। इसी आधार पर कोर्ट ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका से कहा कि वह वैज्ञानिक तरीके से गैस उत्सर्जन की निगरानी करे और डेटा नियमित रूप से रिकॉर्ड करे।</p>
<p>कोर्ट ने यह भी कहा कि कचरा डंपिंग साइट्स से निकलने वाला प्रदूषण केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। इसलिए नगर निकाय को इस पर गंभीर और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। बृहन्मुंबई महानगरपालिका को निर्देश दिया गया है कि वह आधुनिक तकनीक का उपयोग कर मीथेन और अन्य गैसों की निगरानी करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रदूषण स्तर निर्धारित सीमा से अधिक न हो। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं।</p>
<p>इस मामले ने एक बार फिर मुंबई में ठोस कचरा प्रबंधन और डंपिंग ग्राउंड की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिक लंबे समय से कांजुरमार्ग क्षेत्र में बदबू और प्रदूषण को लेकर शिकायत कर रहे थे, जिसके बाद यह मामला अदालत तक पहुंचा। कोर्ट की सख्ती के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका इस दिशा में तेज कार्रवाई करेगा और प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिल सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:50:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : पुलिस का सख्त कदम, कस्टडी में सुसाइड रोकने के लिए आरोपी पहनेंगे खास वर्दी, ड्रेस कोड लागू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>पुलिस ने पुलिस स्टेशनों के लॉकअप में कैदियों द्वारा आत्महत्या के मामलों को शून्य करने के लिए सख्त कदम उठाया है. पुलिस ने अब आरोपियों के लिए एक नया और अनिवार्य ड्रेस कोड लागू किया है. एंटॉप हिल पुलिस स्टेशन में हाल ही में चोरी के आरोपियों को मैरून रंग की हाफ-स्लीव टी-शर्ट और काले शॉर्ट्स में पेश किया गया, जो इस नई सुरक्षा नीति का हिस्सा है.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49504/mumbai-police-takes-strict-action-to-prevent-custodial-suicide-accused"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-26t132812.369.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पुलिस ने पुलिस स्टेशनों के लॉकअप में कैदियों द्वारा आत्महत्या के मामलों को शून्य करने के लिए सख्त कदम उठाया है. पुलिस ने अब आरोपियों के लिए एक नया और अनिवार्य ड्रेस कोड लागू किया है. एंटॉप हिल पुलिस स्टेशन में हाल ही में चोरी के आरोपियों को मैरून रंग की हाफ-स्लीव टी-शर्ट और काले शॉर्ट्स में पेश किया गया, जो इस नई सुरक्षा नीति का हिस्सा है.</p>
<p> </p>
<p>इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरोपी अपने लंबे कपड़ों, जैसे शर्ट की आस्तीन या पैंट के पैरों का इस्तेमाल फंदा बनाने के लिए न कर सकें. आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2023 के बीच महाराष्ट्र में हिरासत के दौरान हुई 54 से अधिक मौतों में से कई का कारण फांसी लगाकर आत्महत्या करना पाया गया था.</p>
<p><strong>घटनाओं को देखते हैं सुरक्षा उपाय सख्त</strong><br />अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग मामले के आरोपी अनुज थापन द्वारा क्राइम ब्रांच के लॉकअप में चादर के सहारे खुदकुशी करने जैसी घटनाओं के बाद इन सुरक्षा उपायों को और सख्त कर दिया गया है. कपड़ों के अलावा, पुलिस अब लॉकअप के बाथरूम के दरवाजों के ऊपरी और निचले हिस्सों को भी हटा रही है ताकि कैदी खुद को अंदर बंद कर किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दे सके. </p>
<p>हिरासत में लिए गए आरोपियों की मानसिक स्थिति को देखते हुए, गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें यह 'सुरक्षित कपड़े' उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि वे खुद को नुकसान न पहुंचा सकें. मुंबई के कई इलाकों में देखने को मिल रही इस तरह की घटनाओं पर कंट्रोल करने के लिए पुलिस द्वारा सख्त कदम उठाया गया है.  <br />पुलिस इस ड्रेस कोड के जरिए काफी हद तक सुसाइड रोकने में कारगर साबित हो सकती है. प्रशासन की इस पहल से कस्टडी में आरोपी द्वारा अपने आप को खत्म करने की कोशिश नाकाम कर दी जाएगी. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Apr 2026 18:26:03 +0530</pubDate>
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