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                <title>are - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: मुंबईकरों के साल भर के पानी की चिंता खत्म; झीलें भरीं, 90% पार हुआ जल भंडार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>लगातार हो रही बारिश ने मुंबईकरों के साल भर के पानी की चिंता खत्म कर दी है। मुंबई को जलापूर्ति करने वाली सातों झीलों के भरण क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई है। इससे झीलों का कुल जल भंडार 90.06 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इनमें से चार झीलें पहले से ओवरफ्लो हो चुकी हैं। इससे मुंबई मनपा प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51146/mumbai-mumbaikars-worries-about-water-throughout-the-year-ended-lakes"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/d5d6b376_powai_lake.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>लगातार हो रही बारिश ने मुंबईकरों के साल भर के पानी की चिंता खत्म कर दी है। मुंबई को जलापूर्ति करने वाली सातों झीलों के भरण क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई है। इससे झीलों का कुल जल भंडार 90.06 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इनमें से चार झीलें पहले से ओवरफ्लो हो चुकी हैं। इससे मुंबई मनपा प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।</p>
<p> </p>
<p>मनपा के जल विभाग के अनुसार, सातों जलाशयों में उपयोगी जल भंडारण क्षमता का अधिकांश हिस्सा भर चुका है। जलाशयों में तेजी से बढ़ते जल स्तर ने इस साल संभावित जल संकट की आशंकाओं को काफी हद तक कम कर दिया है। मनपा ने एहतियात के तौर पर शहर में 10 प्रतिशत जल कटौती लागू की थी। हालांकि अब जलाशयों में पानी का स्तर 90 प्रतिशत के पार पहुंचने से उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में इस कटौती पर पुनर्विचार किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय मनपा की समीक्षा और मौसम की आगे की स्थिति पर निर्भर करेगा। </p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त और सितंबर में भी यदि जलग्रहण क्षेत्रों में सामान्य से अच्छी बारिश जारी रहती है, तो सभी जलाशय पूरी क्षमता से भर जाएंगे। इससे अगले वर्ष मानसून आने तक मुंबई की पेयजल आपूर्ति सुरक्षित बनी रहेगी। मनपा अधिकारियों का कहना है कि जलाशयों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पर्याप्त जल भंडारण होने से शहर की पेयजल व्यवस्था फिलहाल मजबूत स्थिति में है। आगामी महीनों में पानी की उपलब्धता को लेकर किसी संकट की आशंका नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 11:33:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: बांद्रा-जुहू के अमीरों की साउथ मुंबई की तरफ दौड़; जानिए क्या है वजह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मायानगरी मुंबई में लग्जरी घरों की डिमांड रोजाना एक नया रिकॉर्ड बना रही है. लेकिन, इसमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि अमीरों के पारंपरिक गढ़ साउथ मुंबई में अब बाहरी इलाकों से अपनी लाइफस्टाइल अपग्रेड करने आ रहे हैं.  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51072/know-the-reason-behind-the-race-of-the-rich-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/marine-drive-1.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मायानगरी मुंबई में लग्जरी घरों की डिमांड रोजाना एक नया रिकॉर्ड बना रही है. लेकिन, इसमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि अमीरों के पारंपरिक गढ़ साउथ मुंबई में अब बाहरी इलाकों से अपनी लाइफस्टाइल अपग्रेड करने आ रहे हैं.  </p>
<p> </p>
<p>वर्ली के बाद तारदेव, लोअर परेल और बांद्रा वेस्ट जैसे स्थापित माइक्रो मार्केट्स अमीरों की पसंद बने हुए हैं. खरीदारों की उम्र की बात करें तो प्राइमरी लग्जरी मार्केट में 58% होमबायर्स 35 से 55 साल के आयु वर्ग में आते हैं. </p>
<p>65 वर्ष से ज्यादा उम्र के खरीदार भी एक मजबूत सेगमेंट के तौर पर उभरे हैं, जिनकी कुल बिक्री में हिस्सेदारी 12 फीसदी है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 11:44:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: युवा ही देश का भविष्य, लोकतंत्र को नई ऊर्जा देने का काम युवाओं ने किया: उद्धव ठाकरे</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की आवाज और उनकी आकांक्षाओं की अनदेखी की गई तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें देश के युवाओं पर गर्व है।  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51053/mumbai-youth-are-the-future-of-the-country-youth-did"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/20231024513l_qli8bwa.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की आवाज और उनकी आकांक्षाओं की अनदेखी की गई तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उन्हें देश के युवाओं पर गर्व है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा महसूस होने लगा था कि लोकतंत्र कमजोर पड़ गया है और लोगों की उम्मीदें टूट रही हैं। लेकिन देश के युवाओं ने अपने जोश, जागरूकता और भागीदारी से यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र कभी झुका नहीं, बल्कि नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा है। </p>
<p> </p>
<p>उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि जब युवा अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहते हैं, तब लोकतंत्र और अधिक मजबूत होता है। उन्होंने युवाओं से देश के विकास, सामाजिक बदलाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। </p>
<p>शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कहा कि देश की प्रगति के लिए युवाओं को शिक्षा, रोजगार और समान अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और क्षमता का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो भारत दुनिया के अग्रणी देशों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता से मजबूत होता है। युवाओं ने यह साबित किया है कि वे देश के भविष्य को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं और यही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 12:19:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : आवास की आस लगाए बैठे हैं करीब डेढ़ लाख मिल कामगार </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की पहचान रहीं कपड़ा मिलों के बंद होने के बाद उजड़े हजारों परिवार आज भी अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं। वर्षों पहले मिल कामगारों और उनके वारिसों को घर देने का वादा करने वाली सरकार अब तक अधिकांश पात्र परिवारों को छत उपलब्ध नहीं करा सकी है। हालत यह है कि करीब डेढ़ लाख मिल कामगार आज भी आवास की आस लगाए बैठे हैं, जबकि सरकार ने अब समाधान के नाम पर निजी बिल्डरों के दरवाजे खटखटाने शुरू कर दिए हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50975/nearly-15-lakh-mill-workers-are-waiting-for-housing-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-27t130151.421.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई :</strong> मुंबई की पहचान रहीं कपड़ा मिलों के बंद होने के बाद उजड़े हजारों परिवार आज भी अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं। वर्षों पहले मिल कामगारों और उनके वारिसों को घर देने का वादा करने वाली सरकार अब तक अधिकांश पात्र परिवारों को छत उपलब्ध नहीं करा सकी है। हालत यह है कि करीब डेढ़ लाख मिल कामगार आज भी आवास की आस लगाए बैठे हैं, जबकि सरकार ने अब समाधान के नाम पर निजी बिल्डरों के दरवाजे खटखटाने शुरू कर दिए हैं।<br />म्हाडा के मुंबई मंडल ने बोरीवली, ठाणे, मीरा-भायंदर और उलवे में निजी डेवलपर्स की आवासीय परियोजनाओं से घर खरीदने के लिए रुचि निविदाएं (ईओआई) आमंत्रित की हैं। यह कदम सरकार की उस विफलता की ओर इशारा करता है कि इतने वर्षों में वह मिल कामगारों के लिए स्वयं पर्याप्त आवासीय परियोजनाएं विकसित नहीं कर सकी।</p>
<p> </p>
<p>मिल कामगारों के पुनर्वास के लिए तीन चरणों में करीब पौने दो लाख आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन अब तक लॉटरी के जरिए केवल १६–१७ हजार परिवारों को ही घर मिल पाए हैं। कुछ हजार और परिवारों को घर मिलने की संभावना है, मगर इसके बाद भी लगभग डेढ़ लाख पात्र परिवार अब भी अपने अधिकार की छत से वंचित हैं।</p>
<p>सरकार ने पहले शेलू और वांगणी जैसे दूरस्थ इलाकों में आवास उपलब्ध कराने की कोशिश की, लेकिन रोजगार, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण बड़ी संख्या में कामगारों ने उन घरों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। मिल कामगार संगठनों का कहना है कि जिन लोगों ने मुंबई के विकास में अपना जीवन खपा दिया, उन्हें शहर से दूर भेजना उनके साथ अन्याय है। उनकी मांग है कि पुनर्वास मुंबई या उसके आसपास ही किया जाए। अब निजी बिल्डरों से घर लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। निविदा की शर्तों के अनुसार परियोजनाएं कम से कम एक एकड़ क्षेत्र में विकसित हों, सभी सरकारी मंजूरियां प्राप्त हों, रेलवे स्टेशन के निकट हों तथा सड़क, पानी और अन्य नागरिक सुविधाओं से लैस हों।</p>
<p><strong>मुंबई में घर चाहिए, दूर नहीं</strong><br />शेलू और वांगणी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के घर बड़ी संख्या में कामगारों ने ठुकरा दिए। उनका कहना है कि रोज़गार, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं से दूर पुनर्वास स्वीकार्य नहीं है। संगठनों की मांग है कि मिल कामगारों को मुंबई या उसके आसपास ही स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50975/nearly-15-lakh-mill-workers-are-waiting-for-housing-in</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 13:02:53 +0530</pubDate>
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