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                <title>Swine flu - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Swine flu RSS Feed</description>
                
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                <title>मुंबईवासी स्वाइन फ्लू से पीड़ित... हर दिन आ रहे हैं 20 से 25 मरीज </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मुंबई में बुखार के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन 20 से 25 मरीजों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिख रहे हैं। इन मरीजों को स्वाइन फ्लू की जांच कराने के लिए कहा जा रहा है। हर साल रोग विषाणुओं के गुणसूत्र कुछ हद तक बदलते हैं और वे उत्परिवर्तित होते हैं। ये नए वायरस सौम्य या घातक होने की संभावना है। अगर यह हल्का वायरस है तो ज्यादा असर नहीं करेगा। लेकिन घातक होने पर मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। नाम न छापने की शर्त पर डॉक्टर ने बताया कि ऐसी संभावना है कि मरीजों में लक्षण बढ़ने के कारण स्वाइन फ्लू के वायरस में कुछ बदलाव हुए होंगे.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/32887/mumbai-residents-are-suffering-from-swine-flu-20-to-25-patients-are-coming-every-day"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-07/fdgttt.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई: </strong>डेंगू और सर्दी के बुखार के साथ-साथ बारिश के मौसम में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है और डॉक्टरों का कहना है कि मुंबई के निजी अस्पतालों में रोजाना 20 से 25 स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ रहे हैं. इसलिए ऐसा लग रहा है कि मुंबईकरों के आसपास स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मानसून में होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए मुंबई नगर निगम की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. सर्दी और डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके बाद मुंबई में स्वाइन फ्लू के मरीजों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. मुंबई नगर निगम द्वारा 16 जुलाई को मानसूनी बीमारियों को लेकर जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई में स्वाइन फ्लू के 53 मामले पाए गए.</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि यह संख्या अपेक्षाकृत कम लगती है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि मुंबई के कई निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में स्वाइन फ्लू के लक्षणों वाले मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इनमें से करीब 10 से 12 मरीजों में सामान्य बुखार के साथ स्वाइन फ्लू के लक्षण भी दिख रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रक्त परीक्षण के बिना इन रोगियों का सटीक निदान असंभव है। इसलिए, बुखार का इलाज उनसे जांच के लिए कहकर शुरू किया जाता है, ऐसा डॉ. कहते हैं, जो चेंबूर के एक निजी अस्पताल में चिकित्सा सलाहकार हैं। राजंशु तिवारी ने कहा. बुखार के मरीजों में बढ़ोतरी हुई है और इन मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिख रहे हैं. जेजे ने कहा, लेकिन जांच के बाद बहुत कम मरीजों में स्वाइन फ्लू पाया गया। हॉस्पिटल के एक डॉक्टर ने दी.<br /><br />मुंबई में बुखार के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. लेकिन 20 से 25 मरीजों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिख रहे हैं। इन मरीजों को स्वाइन फ्लू की जांच कराने के लिए कहा जा रहा है। हर साल रोग विषाणुओं के गुणसूत्र कुछ हद तक बदलते हैं और वे उत्परिवर्तित होते हैं। ये नए वायरस सौम्य या घातक होने की संभावना है। अगर यह हल्का वायरस है तो ज्यादा असर नहीं करेगा। लेकिन घातक होने पर मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। नाम न छापने की शर्त पर डॉक्टर ने बताया कि ऐसी संभावना है कि मरीजों में लक्षण बढ़ने के कारण स्वाइन फ्लू के वायरस में कुछ बदलाव हुए होंगे.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jul 2024 20:28:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>महामारी की चपेट में मुंबईवासी...  स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मानसून शुरू होते ही सर्दी बुखार, डेंगू, स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। मुंबई में भले ही पिछले एक हफ्ते से रुक-रुक कर बारिश हो रही है, लेकिन मौसम भी काफी बदल रहा है. कई बार सुबह बादल छाए रहते हैं और दोपहर में धूप निकल आती है। पर्यावरण में हो रहे इस बदलाव का असर नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. सर्दी और बुखार से मुंबईकर सदमे में हैं.</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/31844/mumbaikars-in-the-grip-of-epidemic-swine-flu-cases-on-the-rise"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-06/cyy.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई: </strong>पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश, बादल छाए रहने और भीषण गर्मी के कारण महामारी जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है. महामारी 10 से 15 फीसदी तक बढ़ गई है. इसमें सर्दी, बुखार और खांसी के मरीज ज्यादा हैं और देखा गया है कि स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है. </p><p style="text-align:justify;">मानसून शुरू होते ही सर्दी बुखार, डेंगू, स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। मुंबई में भले ही पिछले एक हफ्ते से रुक-रुक कर बारिश हो रही है, लेकिन मौसम भी काफी बदल रहा है. कई बार सुबह बादल छाए रहते हैं और दोपहर में धूप निकल आती है। पर्यावरण में हो रहे इस बदलाव का असर नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. सर्दी और बुखार से मुंबईकर सदमे में हैं. </p><p style="text-align:justify;">इन मरीजों की शीतकालीन बुखार, डेंगू और स्वाइन फ्लू की जांच की जा रही है। इस जांच में सर्दी के बुखार और डेंगू के मरीजों का अनुपात ज्यादा नहीं है. लेकिन बदलते माहौल के कारण मुंबई में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. </p><p style="text-align:justify;">मानसून आने के बाद महामारी 10 फीसदी बढ़ गई है. इन मरीजों की जांच के बाद स्वाइन फ्लू के कुछ मामले सामने आये. साथ ही, सेंट जॉर्ज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि मई के बाद से मुंबई के कुछ हिस्सों में शीतकालीन बुखार के मरीज पाए गए हैं। विनायक सावरदेकर ने कहा.</p><p style="text-align:justify;">पिछले कुछ दिनों में महामारी जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या में कुछ बढ़ोतरी हुई है. हालांकि इनमें स्वाइन फ्लू के मरीज मिले हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। साथ ही इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन की मुंबई शाखा के सचिव ने बताया कि एक माह में सर्दी बुखार के दो से तीन मरीज मिले हैं.</p><p style="text-align:justify;"> भरत जगियासी द्वारा दिया गया। जनवरी से मई तक पांच महीनों के दौरान शीतकालीन बुखार के 1612 मामले, डेंगू के 338 मामले, चिकनगुनिया के 21 मामले और हेपेटाइटिस के 248 मामले सामने आए हैं।<br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Jun 2024 21:13:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई में स्वाइन फ्लू और H3N2 के संक्रमण का बढ़ा खतरा ! इस वर्ष सबसे अधिक 1196 लोग स्वाइन फ्लू और H3N2 से 686 लोग संक्रमित</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आंकड़ों के अनुसार पिछले 7 वर्षों की तुलना में इस वर्ष सबसे अधिक 1196 लोग स्वाइन फ्लू और H3N2 से 686 लोग संक्रमित मिले हैं। एक्सपर्ट्स ने घबराने के बजाय मुंबईकरों को एहतियात बरतने की सलाह दी है, क्योंकि अब ठंड शुरू होने वाली है।<br />स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में स्वाइन फ्लू के महज 3 केस मिले थे, लेकिन अगले ही वर्ष 2017 में 995 लोग संक्रमित हुए, जिसमें 17 लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/26714/increased-risk-of-swine-flu-and-h3n2-infection-in-mumbai--this-year-maximum-1196-people-got-infected-with-swine-flu-and-686-people-got-infected-with-h3n2"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-12/images6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई: </strong>महानगर के मौसम में जारी उतार-चढ़ाव बीमारियों की वजह हो सकता है। दिन में गर्मी और रात में ठंड होने के मौसम को इन्फ्लूएंजा- ए (स्वाइन फ्लू और H3N2) के संक्रमण के लिए अनुकूल माना जाता है। इस वर्ष वैसे भी स्वाइन फ्लू और इन्फ्लूएंजा की लहर चली।</p>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों के अनुसार पिछले 7 वर्षों की तुलना में इस वर्ष सबसे अधिक 1196 लोग स्वाइन फ्लू और H3N2 से 686 लोग संक्रमित मिले हैं। एक्सपर्ट्स ने घबराने के बजाय मुंबईकरों को एहतियात बरतने की सलाह दी है, क्योंकि अब ठंड शुरू होने वाली है।<br />स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में स्वाइन फ्लू के महज 3 केस मिले थे, लेकिन अगले ही वर्ष 2017 में 995 लोग संक्रमित हुए, जिसमें 17 लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">2018 में मात्र 25 केस रिपोर्ट हुए। 2019 में फिर स्वाइन फ्लू का वायरस वायरल हुआ। 451 लोग इससे संक्रमित हुए और 5 लोगों को जान गंवानी पड़ी। साल 2020 में 44 और 2021 में 64 केस रिपोर्ट हुए। कोविड के दौरान लोगों में बीमारी को लेकर जागरूकता और भी बढ़ी।</p>
<p style="text-align:justify;">2022 में 346 केस रिपोर्ट हुए, लेकिन इस वर्ष स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने वालों की संख्या लगभग 1200 तक पहुंच गई है। बीएमसी अस्पताल से जुड़े एक वरिष्ठ डॉक्टर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि स्वाइन फ्लू का एक पैटर्न रहा है। एकाएक किसी वर्ष में मामले काफी बढ़ जाते हैं। इस वर्ष भी ज्यादा केस मिले हैं। ठंड का मौसम आ रहा है, तो लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है।<br /><br />एच एन रिलायंस अस्पताल के आईसीयू विभाग के चेयरमैन डॉ. राहुल पंडित ने बताया कि फ्लू की लहर हर 4 से 5 साल में देखा जाता है। यह ट्रेंड हम देखते आ रहे हैं। इस वर्ष भी केस अधिक रिपोर्ट हुए। बीएमसी की रिपोर्टिंग बेहतर हुई है, लोगों में जागरूकता भी बढ़ी है, हालांकि इस वर्ष अस्पताल में एडमिशन की जरूरत बहुत ही कम लोगों को पड़ी। नॉन एंटिबायॉटिक दवाइयां लेकर कई मरीज घर पर आराम से रिकवर हुए हैं।<br /><br />एच एन रिलायंस अस्पताल के आईसीयू विभाग के चेयरमैन डॉ. राहुल पंडित ने बताया कि मौसम में बदलाव हो रहा है। हल्की ठंड बढ़ रही है, तो इस मौसम में इन्फ्लूएंजा संक्रमण होने का जोखिम अधिक है। लोगों को घबराने की बजाय एहतियात बरतने की जरूरत है। हाइजीन पर ध्यान दें, सुबह वॉक पर थोड़ी देरी से निकले। जिन्हें सांस से संबंधित बीमारी है, उन्हें खासा ध्यान देने की जरूरत है। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं भी अपना ध्यान रखें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Dec 2023 11:00:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू के दो दिनों में मिले १५१ मरीज</title>
                                    <description><![CDATA[ बीते कुछ दिनों से इन्फ्लूएंजा, स्वाइन फ्लू और कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से ब़ढ़ोतरी हो रही है। ट्रिपल वायरस का कोप देश के कई राज्यों को बेहाल किए हुए है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19097/151-patients-found-in-two-days-of-influenza-and-swine"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-03/320-214-17430804-thumbnail-3x2-usa.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई,  </strong>बीते कुछ दिनों से इन्फ्लूएंजा, स्वाइन फ्लू और कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से ब़ढ़ोतरी हो रही है। ट्रिपल वायरस का कोप देश के कई राज्यों को बेहाल किए हुए है। इसी क्रम में बीते कई दिनों से ट्रिपल वायरस महाराष्ट्र में प्रकोप लेकर आया है। इनमें से इन्फ्लूएंजा और स्वाइन फ्लू वायरस के बीते दो दिनों में १५१ मरीज मिले हैं, जबकि इनकी चपेट में अब तक ६०१ मरीज आ चुके हैं। इसके साथ ही चार मरीजों की मौत भी हुई है। दूसरी तरफ राज्य में कोरोना ने भी रफ्तार पकड़ ली है। कल राज्यभर में कोरोना के २४९ नए संक्रमित सामने आए और एक की मौत हुई है।<br />राज्य स्वराज्य विभाग के अनुसार महाराष्ट्र में १ जनवरी से १७ मार्च तक कुल ३,०४,६८६ संदिग्धों की जांच की गई, जिसमें से प्१र्‍१ के ४०५ और प्३र्‍२ के कुल १८४ मरीज मिले हैं। केवल दो दिनों में राज्य में इन्फ्लूएंजा के दोनों उपप्रकारों के क्रमश: ८६ और ६५ नए मरीज सामने आए हैं। हालांकि, शुक्रवार को वसीम, खड़की कंटोनमेंट बोर्ड और पुणे में तीन संदिग्धों की मौत हुई है। फिलहाल, सभी के नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, तीन महीनों में प्१र्‍१ से पीड़ित तीन मरीजों, जबकि प्३र्‍२ से एक संदिग्ध की मौत हुई हैं। दूसरी तरफ संदिग्ध फ्लू १,६४३ मरीजों को ऑसेलटेमिविर दिया गया है।<br />महाराष्ट्र में शनिवार को २४९ नए संक्रमित रोगी मिले, जबकि एक की मौत हो गई। हालांकि, इस बीच ११३ मरीजों के पूर्ण स्वस्थ होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। वर्तमान में प्रदेश में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या १,१६४ पर पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यहां रिकवरी रेट, ९८.१६ फीसदी, संक्रमण दर ९.४१ फीसदी और मृत्यु दर १.८२ फीसदी है। दूसरी तरफ महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे और नागपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर अब तक कुल १,४३,२,८८१ विदेशी यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से ३१,८२१ लोगों का आरटीपीसीआर किया गया, जिसमें से ४१ लोग कोविड से संक्रमित पाए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/19097/151-patients-found-in-two-days-of-influenza-and-swine</link>
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                <pubDate>Sun, 19 Mar 2023 10:54:58 +0530</pubDate>
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