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                <title>aggressive - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>aggressive RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई : अधर में महत्वाकांक्षी शक्तिपीठ महामार्ग प्रोजेक्ट; लोगों के इस आक्रामक रुख के कारण प्रशासन के सामने बड़ी मुश्किल</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र सरकार के महत्वाकांक्षी शक्तिपीठ महामार्ग प्रोजेक्ट अधर में लटकता नजर आ रहा है। इसे लेकर क्षेत्र में किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। परभणी में हुई एक बैठक के दौरान प्रभावित होने वाले लोगों ने सीधे राजस्व मंत्री के सामने दो टूक शब्दों में कह दिया कि करोड़ों का मुआवजा भी दे दो, तब भी हम अपनी जमीन का एक इंच नहीं देंगे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48291/the-ambitious-shaktipeeth-mahamarg-project-in-mumbai-is-in-limbo"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/7b9047c9-104d-471c-b044-0a1cda123037_919x673.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र सरकार के महत्वाकांक्षी शक्तिपीठ महामार्ग प्रोजेक्ट अधर में लटकता नजर आ रहा है। इसे लेकर क्षेत्र में किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। परभणी में हुई एक बैठक के दौरान प्रभावित होने वाले लोगों ने सीधे राजस्व मंत्री के सामने दो टूक शब्दों में कह दिया कि करोड़ों का मुआवजा भी दे दो, तब भी हम अपनी जमीन का एक इंच नहीं देंगे। लोगों के इस आक्रामक रुख के कारण सरकार और प्रशासन के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। ऐसे में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सीएम फडणवीस के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को कहीं ग्रहण तो नहीं लग गया?</p>
<p> </p>
<p>दरअसल, मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजना माने जा रहे शक्तिपीठ महामार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र के कई जिलों में तीखा विरोध चल रहा है। परभणी, लातूर और नांदेड़ में किसानों ने पहले ही सड़कों पर उतरकर सर्वे और मापन की प्रक्रिया रुकवा दी थी। विरोध बढ़ने के बाद सरकार को अस्थायी तौर पर जमीन मापने की प्रक्रिया रोकनी पड़ी। इसी विवाद को सुलझाने के लिए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की मौजूदगी में एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में परभणी के सांसद , राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक, प्रभावित किसान और संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद थे। लेकिन बैठक में समाधान निकलने के बजाय माहौल और गरम हो गया।</p>
<p><strong>उपजाऊ भूमि छीनना चाहती है सरकार</strong><br />किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने समृद्धि महामार्ग की स्थिति देखी है और वे अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी हालत में नहीं देंगे। उनका कहना था कि गांवों में बुनियादी सड़कों की हालत खराब है, लेकिन सरकार किसानों की उपजाऊ जमीन छीनकर नया महामार्ग बनाने पर तुली हुई है। किसानों ने सवाल उठाया कि अगर उनकी जमीन ही चली गई तो वे अपने परिवार का गुजारा वैâसे करेंगे?</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 10:42:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>स्कूलों के समय में बदलाव के कारण बस चालक आक्रामक... अभिभावकों पर भी पड़ा आर्थिक बोझ</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">प्री-प्राइमरी से चौथी तक के स्कूल सुबह 9 बजे के बाद शुरू करने के सरकार के फैसले का स्कूल बस चालकों ने कड़ा विरोध किया है. बस चालकों ने सवाल उठाया है कि शहर में सुबह 8 से 9 बजे के बीच लगने वाले जाम से बचने के लिए छात्रों को समय पर स्कूल कैसे पहुंचाया जाए।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/30644/due-to-change-in-school-timings--bus-drivers-became-aggressive-financial-burden-on-parents-too"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-04/images-(3)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई:</strong> प्री-प्राइमरी से चौथी तक के स्कूल सुबह 9 बजे के बाद शुरू करने के सरकार के फैसले का स्कूल बस चालकों ने कड़ा विरोध किया है. बस चालकों ने सवाल उठाया है कि शहर में सुबह 8 से 9 बजे के बीच लगने वाले जाम से बचने के लिए छात्रों को समय पर स्कूल कैसे पहुंचाया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही सुबह के दो सत्र प्री-प्राइमरी से चौथे और पांचवें से दसवें सत्र के लिए मैनपावर की संख्या के साथ-साथ बसों की संख्या भी बढ़ानी होगी। इसके चलते बस चालकों ने यह राय व्यक्त की है कि बस चालकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुंबई में अधिकांश सुबह के सत्र के स्कूल सुबह 7 बजे से 7.30 बजे के बीच खुलते हैं। उसी के अनुरूप सभी बसों और बसों में महिला सहायिकाओं व अन्य सहायकों की व्यवस्था की गई होगी। लेकिन अब सरकार ने आदेश दिया है कि प्री-प्राइमरी से चौथी तक के स्कूल सुबह 9 बजे के बाद लगेंगे.</p>
<p style="text-align:justify;">मुंबई के नागरिक सुबह 8 से 9 बजे के बीच काम पर जाते हैं. इसलिए शहर की विभिन्न सड़कों पर भारी मात्रा में ट्रैफिक रहता है. कुछ जगहों पर ट्रैफिक जाम है. ऐसे में बस चालक सोच रहे हैं कि प्री-प्राइमरी से लेकर चौथी कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल तक ले जाने वाली बसों को सुबह 9 बजे के जाम से कैसे निकाला जाए। स्कूल बस चालक इस फैसले में सकारात्मक बदलाव की मांग कर रहे हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">प्री-प्राइमरी से लेकर चौथी कक्षा तक के स्कूलों को सुबह 9 बजे के बाद शुरू करने के फैसले को लेकर शिक्षा विभाग और संबंधित मंत्रियों को पत्र दिया गया है. उन्होंने पूछा कि इस फैसले के चलते समय की योजना कैसे बनाई जाए. प्रिंसिपल से भी बातचीत की।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला. अभी स्कूलों में छुट्टियां चल रही हैं, लेकिन जब जून से स्कूल शुरू होंगे तो सवाल यह है कि समय की योजना कैसे बनाई जाए और बसों की व्यवस्था कैसे की जाए। दो सत्रों में बसों का प्रबंधन कैसे किया जाए, इस पर विचार करना जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">परिणामस्वरूप बसों की अधिक मांग होगी। अगर इसका समाधान नहीं हुआ तो बसों का किराया 30 फीसदी तक बढ़ाना पड़ेगा. इस मूल्य वृद्धि के बाद अभिभावकों पर आर्थिक तनाव भी बढ़ेगा. स्कूल और कंपनी बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गर्ग ने कहा, इसके कारण बस चालकों, अभिभावकों और शिक्षकों को भी अपनी योजना बदलनी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Apr 2024 17:46:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>विरार शहर में मच्छरों को लेकर शिवसेना आक्रामक...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">शहर में पनप रहे मच्छरों को लेकर शिव सेना शिंदे गुट आक्रामक हो गया है। इस संबंध में शिंदे गुट के तालुका प्रमुख सुदेश चौधरी ने अधिकारियों को लेकर कुछ स्थानों व अन्य स्थानों के नालों का निरीक्षण किया। उस वक्त देखा गया कि सिर्फ धुआं ही छिड़का जा रहा था तो उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथों लिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/30166/shiv-sena-aggressive-on-mosquitoes-in-virar-city"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-04/download8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>विरार:</strong> शहर में पनप रहे मच्छरों को लेकर शिव सेना शिंदे गुट आक्रामक हो गया है। इस संबंध में शिंदे गुट के तालुका प्रमुख सुदेश चौधरी ने अधिकारियों को लेकर कुछ स्थानों व अन्य स्थानों के नालों का निरीक्षण किया। उस वक्त देखा गया कि सिर्फ धुआं ही छिड़का जा रहा था तो उन्होंने अधिकारियों को आड़े हाथों लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">गर्मियों में मच्छर स्वाभाविक रूप से मर जाते हैं। हालांकि, कुछ महीनों से मच्छरों की संख्या काफी बढ़ गई है। पिछले महीने शिवसेना प्रतिनिधिमंडल ने वसई तालुक प्रमुख सुदेश चौधरी के नेतृत्व में अतिरिक्त आयुक्त रमेश मनाले से मुलाकात की और एक बयान दिया। बयान में कहा गया कि नगर निगम ने शुद्ध धुआं और दवा छिड़काव का प्रयोग कर नागरिकों को गुमराह किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मच्छरों के बढ़ने के कारणों की जांच के बाद विरार पश्चिम के बोलिंज में नाले पर पुल का काम छह महीने से चल रहा है। शहर में एक मुख्य नाली को ठेकेदारों द्वारा बंद कर दिया गया है और सीवेज को एक छोटे चैनल के माध्यम से खाड़ी में छोड़ दिया गया है। नतीजतन, विरार पूर्व का गंदा पानी नाले में जमा हो गया है। यह देखा गया कि वहां मच्छरों का बड़े पैमाने पर प्रजनन हो रहा था। इसी स्थान पर सुदेश चौधरी ने नगर निगम कर्मचारियों के साथ सीधा निरीक्षण किया और अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। साथ ही जमा हुए गंदे पानी की अविलंब निकासी की भी मांग की।<br /><br />शिवसेना के बाद बविआ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सखाराम महाडिक ने भी मच्छरों की बढ़ती संख्या को लेकर मनपा आयुक्त अनिल कुमार पवार को बयान दिया। एक बयान में उन्होंने नाले को साफ करने की मांग की है। महाडिक ने नाले का निरीक्षण कर उचित दवा का छिड़काव करने की मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Apr 2024 09:11:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कल्याण पूर्व में केंद्रीय चुनाव आयोग और शिंदे गुट के खिलाफ ठाकरे गुट हुआ आक्रामक...</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा शिंदे गुट को शिवसेना पार्टी का नाम और धनुष-बाण का चुनाव चिन्ह दिए जाने के बाद से उद्धव ठाकरे गुट की हर जगह तीखी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। यह आरोप लगाते हुए कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने ठाकरे गुट के साथ अन्याय किया है। केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ राज्य भर में एक विरोध आंदोलन शुरू किया गया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/18261/in-kalyan-east--the-thackeray-group-became-aggressive-against-the-central-election-commission-and-the-shinde-group"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-02/download-(4)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कल्याण : </strong>केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा शिंदे गुट को शिवसेना पार्टी का नाम और धनुष-बाण का चुनाव चिन्ह दिए जाने के बाद से उद्धव ठाकरे गुट की हर जगह तीखी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। यह आरोप लगाते हुए कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने ठाकरे गुट के साथ अन्याय किया है। केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ राज्य भर में एक विरोध आंदोलन शुरू किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ शिवसेना के ठाकरे गुट ने कल्याण पूर्व में कोलसेवाडी शहर शाखा के सामने सड़कों पर उतरकर केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में ठाकरे गुट के उप जिला प्रमुख हर्षवर्धन पालांडे, शहर प्रमुख शरद पाटिल, नारायण पाटिल, प्रकाश जाधव, आशा रसाल, राधिका गुप्ते, सचिन राणे, दत्ताराम नार्वेकर, दीपक अजगांवकर , परशुराम कदम, देवेंद्र प्रसाद, अशोक खंडांगले, रमेश यादव, प्रभाकर पाटिल, मनोहर राणे आदि पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर मौजूद शिवसैनिकों ने केंद्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि शिंदे गुट को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र की बीजेपी सरकार स्वायत्त निकाय का दुरुपयोग कर रही है। राज्य की शिंदे-फडणवीस सरकार को बचाने के लिए केंद्र सरकार पर केंद्रीय चुनाव आयोग का भी दुरुपयोग करने का आरोप ठाकरे गुट ने लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटने का सिलसिला कई दिनों से चल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन इस फैसले के बाद यह हद से ज्यादा हो गया है। ठाकरे गुट ने मतदाताओं से यह भी अपील की कि यदि लोकतंत्र बचाना है तो आगामी चुनावों में सत्तारूढ़ पार्टी को सबक सिखाना चाहिए राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और तीर-धनुष का चुनाव चिन्ह दिया है। इससे सभी शिवसैनिक नाराज हो गए और सड़कों पर उतर कर केंद्रीय चुनाव अयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और रोष व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/18261/in-kalyan-east--the-thackeray-group-became-aggressive-against-the-central-election-commission-and-the-shinde-group</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Feb 2023 17:53:06 +0530</pubDate>
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