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                <title>government - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>government RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाराष्ट्र सरकार ने ब्लड बैंकों के ऑडिट का फैसला लिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई के सर जे. जे. सरकारी ब्लड बैंक में कथित खून चोरी, वित्तीय अनियमितता और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का मुद्दा सोमवार को विधान परिषद में गूंजा। स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना बोर्डिकर ने कहा इस मामले में जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधितों की सेवा समाप्त की जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी ब्लड बैंकों का ऑडिट कराने की घोषणा की है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50495/maharashtra-government-decided-to-audit-blood-banks"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/1671467-criminal-cases.webp" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई के सर जे. जे. सरकारी ब्लड बैंक में कथित खून चोरी, वित्तीय अनियमितता और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का मुद्दा सोमवार को विधान परिषद में गूंजा। स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना बोर्डिकर ने कहा इस मामले में जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधितों की सेवा समाप्त की जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी ब्लड बैंकों का ऑडिट कराने की घोषणा की है। भाजपा की चित्रा वाघ ने एक वीडियो पेश करते हुए सदन में जे. जे. सरकारी ब्लड बैंक मुद्दा उठाया और सरकार से सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस पर राज्य मंत्री मेघना बोर्डिकर ने घोषणा की कि जांच में दोषी पाए जाने पर ब्लड बैंक के प्रमुख डॉ. हितेश पगारे और मेडिकल सोशल ऑफिसर भिसे की तुरंत सेवा समाप्त की जाएगी। उनके खिलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।</p>
<p> </p>
<p>चित्रा वाघ ने आरोप लगाया कि चिंचपोकली में ब्लड डोनेशन कैंप से 128 ब्लड बैग में से 55 बैग गैर-कानूनी तरीके से एक प्राइवेट ब्लड बैंक में भेजे गए। प्राइवेट संस्थाओं को गैर-कानूनी फायदा पहुंचाकर सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।</p>
<p>इस पर राज्य मंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि हर ब्लड बैग पर QR कोड-बेस्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। राज्य के सभी ब्लड बैंकों का नियमित ऑडिट किया जाएगा और ज़रूरत के हिसाब से थर्ड-पार्टी ऑडिट भी कराए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले ब्लड बैंकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनके लाइसेंस कैंसल कर दिए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 12:26:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: एमएसआरटीसी का राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार सख्त, अधिकारियों को एक महीने का अल्टीमेटम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सरकार ने घाटे में चल रही महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाइक ने निगम के अधिकारियों को एक महीने के भीतर राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तय अवधि में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50477/government-gives-strict-one-month-ultimatum-to-officials-to-increase"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-30t123250.458.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>सरकार ने घाटे में चल रही महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाइक ने निगम के अधिकारियों को एक महीने के भीतर राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तय अवधि में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p> </p>
<p>प्रताप सरनाइक ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में कहा कि निगम की आय बढ़ाना अब सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले एक महीने के भीतर राजस्व में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और इसका परिणाम भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि केवल योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन की भी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। सरकार का मानना है कि एमएसआरटीसी की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाएगी। जिन अधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा या जो निर्धारित राजस्व लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।<br />सरनाइक ने स्पष्ट किया कि राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों को निलंबन, तबादला या पदावनति जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि निगम की वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी होगी। एमएसआरटीसी राज्य के लाखों यात्रियों को रोजाना परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराती है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का यह प्रमुख माध्यम है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से निगम वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। आय और खर्च के बीच बढ़ते अंतर को कम करने के लिए सरकार लगातार सुधारात्मक कदम उठाने की कोशिश कर रही है।</p>
<p>बैठक में अधिकारियों को टिकट बिक्री बढ़ाने, बसों के बेहतर संचालन, समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने पर जोर देने के निर्देश दिए गए। साथ ही आय बढ़ाने के नए उपाय तलाशने और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने के लिए भी कहा गया। सरकार का मानना है कि यदि विभिन्न स्तरों पर बेहतर प्रबंधन और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तो निगम की आय में उल्लेखनीय सुधार संभव है। इसी वजह से विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं और उनकी प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50477/government-gives-strict-one-month-ultimatum-to-officials-to-increase</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:33:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक पर सियासत तेज, रोहित पवार ने सरकार को घेरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एनसीपी (सपा) विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) के पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा टालने के मामले में नीट  2026 पेपर लीक विवाद का ज़िक्र किया और ज़िम्मेदार लोगों से जवाबदेही की मांग की। मीडिया से बात करते हुए पवार ने आरोप लगाया कि टीईटी पेपर लीक से निपटने का तरीका नीट  पेपर लीक पर केंद्र सरकार के रवैये जैसा ही था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सख़्त कार्रवाई नहीं की गई तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50446/politics-intensifies-on-maharashtra-tet-paper-leak-rohit-pawar-cornered"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-28t112316.653.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बीड :</strong> एनसीपी (सपा) विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) के पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा टालने के मामले में नीट  2026 पेपर लीक विवाद का ज़िक्र किया और ज़िम्मेदार लोगों से जवाबदेही की मांग की। मीडिया से बात करते हुए पवार ने आरोप लगाया कि टीईटी पेपर लीक से निपटने का तरीका नीट  पेपर लीक पर केंद्र सरकार के रवैये जैसा ही था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सख़्त कार्रवाई नहीं की गई तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं।</p>
<p> </p>
<p>पवार ने कहा, "जब 2026 में नीट  का पेपर दोबारा लीक हुआ, तो लोगों में भारी गुस्सा फैल गया था। केंद्र सरकार ने सिर्फ़ दिखावे के लिए सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। ये जांचें सिर्फ़ 15-20 दिन चलीं और अब कुछ नहीं हो रहा है। हाल ही में हुए टीईटी पेपर के मामले में भी हमें वही पैटर्न देखने को मिल रहा है।" परीक्षा में गड़बड़ियों का छात्रों पर पड़ने वाले असर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "पिछले नीट  मामले में 22 छात्रों ने आत्महत्या की थी; अगर इतिहास दोहराया गया, तो सरकार ज़िम्मेदार होगी। उन्हें ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति के इस्तीफ़े की मांग करनी चाहिए, चाहे वह मंत्री हो या कोई और।" इससे पहले दिन में, महाराष्ट्र स्टेट काउंसिल ऑफ़ एग्जामिनेशन ने टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) को टालने की घोषणा की। यह परीक्षा 28 जून को राज्य भर के 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली थी।</p>
<p>काउंसिल ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि नीट  2026 परीक्षा के दौरान सामने आई गड़बड़ियों के बाद सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे, फिर भी शनिवार को मिली गोपनीय जानकारी से पता चला कि भिवंडी में कुछ लोगों के पास टीईटी प्रश्न पत्र से जुड़ी जानकारी थी। महाराष्ट्र स्टेट काउंसिल ऑफ़ एग्जामिनेशन  के अनुसार, भिवंडी पुलिस की छापेमारी में पता चला कि एक अनधिकृत प्रश्न पत्र में मिले कई सवाल असली टीईटी परीक्षा के प्रश्न पत्र से मेल खाते थे। इसके बाद कथित तौर पर शामिल लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। काउंसिल ने कहा कि विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं और दोबारा होने वाली परीक्षा के बारे में नई जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट के ज़रिए दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 11:24:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना जरूरी नहीं, सरकार ने 6 महीने के लिए टाला फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p>1 मई से ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना जरूरी नहीं होगा। महाराष्ट्र सरकार ने पहले ऐलान किया था कि मुंबई में ऑटो-रिक्शा या टैक्सी चलाने वाले सभी लोगों के लिए 1 मई से मराठी बोलना जरूरी होगा। हालांकि, विरोध के बाद इस फैसले को 6 महीने के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, इस दौरान मराठी बोलने वाले और गैर मराठी ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों का वेरिफिकेशन जारी रहेगा। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा था कि मुंबई में रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य किया जाएगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49525/it-is-not-necessary-for-auto-rickshaw-and-taxi-drivers"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-27t174737.088.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>1 मई से ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना जरूरी नहीं होगा। महाराष्ट्र सरकार ने पहले ऐलान किया था कि मुंबई में ऑटो-रिक्शा या टैक्सी चलाने वाले सभी लोगों के लिए 1 मई से मराठी बोलना जरूरी होगा। हालांकि, विरोध के बाद इस फैसले को 6 महीने के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, इस दौरान मराठी बोलने वाले और गैर मराठी ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों का वेरिफिकेशन जारी रहेगा। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा था कि मुंबई में रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि रिक्शा चालकों को मराठी नहीं आती, तो उनके परमिट रद्द कर दिए जाएंगे। इसके बाद मराठी बनाम गैर-मराठी विवाद दोबारा उभर गया था।</p>
<p> </p>
<p>इस मुद्दे पर कई नेताओं ने विवादित बयान भी दिए थे। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे भी इनमें से एक थे। अमित ठाकरे ने कहा था कि जो मराठी भाषा अनिवार्य करने का विरोध कर रहे हैं। अगर उनके आंदोलन से किसी मराठी व्यक्ति को परेशानी हुई तो उसे सड़क पर ही पीटेंगे।</p>
<p><strong>विपक्ष के नेताओं ने गुंडागर्दी का किया था विरोध</strong><br />गैर मराठीभाषी लोगों के अलावा विपक्ष के नेताओं ने भी मराठी के नाम पर गुंडागर्दी का विरोध किया था। एआईएमआईएम के नेता इम्तियाज जलील ने कहा था कि महाराष्ट्र में रहने वाले सभी लोगों को मराठी बोलनी चाहिए। जिन लोगों को नहीं आती है, उन्हें मराठी सिखाई जानी चाहिए, लेकिन भाषा के नाम पर गुंडागर्दी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि लोगों को मराठी सिखाने का बेहतर तरीका अपनाया जाना चाहिए। अब संभवतः महाराष्ट्र सरकार भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।</p>
<p><strong>सरकार तैयार करेगी सिलेबस</strong><br />महाराष्ट्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि ऑटो-रिक्शा चलाने वाले लोगों को मराठी में पढ़ना या लिखना जरूरी नहीं है, उन्हें सिर्फ आम बोलचाल की भाषा सीखने की जरूरत है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि सरकार राज्य में ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने के लिए एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करेगी। वहीं, मनसे कार्यकर्ताओं ने पहले ही उन ऑटो-रिक्शा पर स्टीकर लगाने शुरू कर दिए हैं, जिनके चालकों को मराठी आती है। </p>
<p><strong>मुंबई मराठी साहित्य संघ सिखाएगा भाषा</strong><br />महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ने कहा, "मुंबई मराठी साहित्य संघ ने राज्य भर में अपनी अलग-अलग ब्रांच में ऑटो रिक्शा ड्राइवरों और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सिखाने की जिम्मेदारी ली है। इससे मराठी को बढ़ावा मिलेगा। कोंकण मराठी साहित्य परिषद भी मिलकर कोंकण इलाके में मराठी सिखाएगी।</p>
<p><strong>एक मई से लागू होने वाला था फैसला</strong><br />परिवहन मंत्री सरनाईक ने कहा था कि सरकार ने महाराष्ट्र दिवस (एक मई) से इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिसके तहत ऑटो, टैक्सी और ओला, उबर तथा ई-बाइक जैसी ऐप आधारित सेवाओं के चालकों के लिए यात्रियों से मराठी में संवाद करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा था कि इस पहल के तहत गैर-मराठी चालकों को भाषा सिखाने के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:49:23 +0530</pubDate>
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