<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/5070/money" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>money - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/5070/rss</link>
                <description>money RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई  : अशोक खरात मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>प्रवर्तन निदेशालय  ने स्वयंभू बाबा और ज्योतिषी अशोक खरात के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में अर्जी दाखिल कर खरात के खिलाफ ‘प्रोडक्शन वारंट’ जारी करने की मांग की है। फिलहाल वह नासिक जिले में पुलिस हिरासत में बंद है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह मामला 6 अप्रैल को पीएमएलए  के तहत दर्ज किया था, जो नासिक पुलिस की FIR के आधार पर शुरू हुआ था।  एफआईआर में खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और कई महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में उसके खिलाफ कई अन्य  एफआईआर भी दर्ज हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49635/mumbai-enforcement-directorate-steps-up-action-in-ashok-kharat-money"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-02t132258.346.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई  : </strong>प्रवर्तन निदेशालय  ने स्वयंभू बाबा और ज्योतिषी अशोक खरात के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में अर्जी दाखिल कर खरात के खिलाफ ‘प्रोडक्शन वारंट’ जारी करने की मांग की है। फिलहाल वह नासिक जिले में पुलिस हिरासत में बंद है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह मामला 6 अप्रैल को पीएमएलए  के तहत दर्ज किया था, जो नासिक पुलिस की FIR के आधार पर शुरू हुआ था।  एफआईआर में खरात पर जबरन वसूली, धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और कई महिलाओं को नशीला पदार्थ देकर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में उसके खिलाफ कई अन्य  एफआईआर भी दर्ज हैं।</p>
<p> </p>
<p>जानकारी के अनुसार, खरात को 18 मार्च को नासिक पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जब एक विवाहित महिला ने उस पर तीन साल से लगातार बलात्कार का आरोप लगाया था। इसके बाद अदालत ने उसे 4 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।  ईडी का आरोप है कि खरात ने एक संगठित जबरन वसूली नेटवर्क चलाया और ‘बेनामी’ बैंक खातों के जरिए 70 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की। एजेंसी का कहना है कि यह पैसा विभिन्न तरीकों से जमा किया गया और फिर इसे अलग-अलग खातों में घुमाया गया।</p>
<p>जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर पीड़ितों के दस्तावेजों का उपयोग कर एक ही दिन में 60 बैंक खाते खोले गए और उनके जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किया गया। ईडी को संदेह है कि इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी हो सकते हैं। एजेंसी का कहना है कि खरात से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है, ताकि इस कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों और अंतिम लाभार्थियों की पहचान की जा सके तथा पूरे पैसे के लेन-देन का पता लगाया जा सके।  ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने जबरन वसूली से प्राप्त धन और ‘पवित्र’ वस्तुओं की बिक्री से मिले पैसे का उपयोग अपने और अपने परिवार के नाम पर चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया। इस मामले की सुनवाई शनिवार (2 मई) को मुंबई की विशेष PMLA अदालत में होगी, जहां  ईडी  की याचिका पर फैसला लिया जा सकता है।<br /> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49635/mumbai-enforcement-directorate-steps-up-action-in-ashok-kharat-money</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49635/mumbai-enforcement-directorate-steps-up-action-in-ashok-kharat-money</guid>
                <pubDate>Sat, 02 May 2026 13:24:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-05/download---2026-05-02t132258.346.jpg"                         length="9136"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : कोर्ट ने मूल अपराध के बंद होने के बाद MSCB मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रोहित पवार और 16 अन्य को बरी कर दिया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई की एक स्पेशल PMLA कोर्ट ने बुधवार को NCP (SP) विधायक रोहित पवार और 16 अन्य को महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक शुगर मिल्स घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बरी कर दिया, जिससे इस मामले की कार्यवाही प्रभावी रूप से समाप्त हो गई। यह मामला 2019 में प्रवर्तन निदेशालय  द्वारा दर्ज की गई एक ECIR से शुरू हुआ था। यह ECIR, बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई एक FIR के बाद दर्ज की गई थी। आरोप 2005 और 2010 के बीच MSCB द्वारा सहकारी चीनी मिलों को दिए गए लोन से संबंधित थे।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49427/mumbai-court-acquits-rohit-pawar-and-16-others-in-mscb"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-23t194909.035.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई की एक स्पेशल PMLA कोर्ट ने बुधवार को NCP (SP) विधायक रोहित पवार और 16 अन्य को महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक शुगर मिल्स घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बरी कर दिया, जिससे इस मामले की कार्यवाही प्रभावी रूप से समाप्त हो गई। यह मामला 2019 में प्रवर्तन निदेशालय  द्वारा दर्ज की गई एक ECIR से शुरू हुआ था। यह ECIR, बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई एक FIR के बाद दर्ज की गई थी। आरोप 2005 और 2010 के बीच MSCB द्वारा सहकारी चीनी मिलों को दिए गए लोन से संबंधित थे। आरोप था कि इन मिलों को उनकी असल कीमत से कम दाम पर बेच दिया गया, जिससे बैंक को 5,000 करोड़ रुपये से लेकर 25,000 करोड़ रुपये तक का भारी नुकसान हुआ।</p>
<p> </p>
<p> 2023 और 2025 के बीच ED द्वारा दायर चार्जशीट में जिन लोगों के नाम शामिल थे, उनमें रोहित पवार, कुछ कृषि और चीनी कंपनियाँ, और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियाँ शामिल थीं। एजेंसी ने दावा किया था कि आरोपी चीनी मिलों को उनकी असल कीमत से कम दाम पर खरीदने में शामिल थे, और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज किए गए बयानों से उनकी संलिप्तता और इरादे का पता चलता है। हालाँकि, मामला तब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया, जब इसका मूल अपराध  ही खत्म हो गया। 27 फरवरी, 2026 को मुंबई की एक कोर्ट ने EOW द्वारा (2020 और 2024 में) दायर की गई क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही FIR प्रभावी रूप से बंद हो गई और जाँच के दायरे में आए सभी लोगों को राहत मिल गई, जिनमें अजित पवार और उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार से जुड़ी कंपनियाँ भी शामिल थीं।</p>
<p>इस घटनाक्रम के आधार पर, रोहित पवार और अन्य सह-आरोपियों ने खुद को बरी करने की माँग की। उन्होंने तर्क दिया कि जब मूल अपराध ही मौजूद नहीं है, तो PMLA के तहत कार्यवाही जारी नहीं रह सकती। ED ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि कोर्ट अभी भी मामले की जाँच उसके गुण-दोष के आधार पर कर सकती है। ED ने यह भी तर्क दिया कि रोहित पवार, जिनका नाम EOW की FIR में आरोपी के तौर पर शामिल नहीं था, उन्हें FIR बंद होने का सीधा लाभ नहीं मिलना चाहिए। ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49427/mumbai-court-acquits-rohit-pawar-and-16-others-in-mscb</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49427/mumbai-court-acquits-rohit-pawar-and-16-others-in-mscb</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 19:50:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-23t194909.035.jpg"                         length="7800"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई, 9.29 करोड़ रुपए की 6 संपत्ति जब्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9.29 करोड़ रुपए मूल्य की छह अचल संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया है। यह कार्रवाई 18 और 19 अप्रैल को की गई। ये संपत्तियां महाराष्ट्र के खारघर (मुंबई) और पुणे में स्थित हैं और ये सुरेश कुटे, अर्चना कुटे और उनके सहयोगी संस्थाओं के नाम पर थीं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49390/ed-action-in-mumbai-money-laundering-case-6-properties-worth"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t130828.978.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9.29 करोड़ रुपए मूल्य की छह अचल संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया है। यह कार्रवाई 18 और 19 अप्रैल को की गई। ये संपत्तियां महाराष्ट्र के खारघर (मुंबई) और पुणे में स्थित हैं और ये सुरेश कुटे, अर्चना कुटे और उनके सहयोगी संस्थाओं के नाम पर थीं। इससे पहले इन संपत्तियों को ईडी ने 24 सितंबर 2024 को अस्थायी रूप से जब्त किया था, जिसे 3 मार्च 2025 को प्रवर्तन निदेशालय की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने मंजूरी दी थी।</p>
<p> </p>
<p>यह पूरा मामला महाराष्ट्र के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर दर्ज हुआ है। इन एफआईआर में आरोप है कि सुरेश कुटे और अन्य लोगों ने ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के जरिए निवेशकों से धोखाधड़ी की। सोसायटी द्वारा 12 प्रतिशत से 14 प्रतिशत तक रिटर्न देने वाली हाई-यील्ड जमा योजनाएं चलाई गई थीं, जिनके चलते बड़ी संख्या में निवेशकों ने पैसा लगाया, लेकिन बाद में उन्हें भुगतान नहीं किया गया या आंशिक भुगतान हुआ, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ।</p>
<p>ईडी की जांच में सामने आया है कि सोसायटी के लगभग 2,467 करोड़ रुपए के फंड को 'लोन' के नाम पर कुटे ग्रुप की कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। ये कंपनियां सुरेश कुटे और उनकी पत्नी अर्चना कुटे के नियंत्रण में थीं। जांच के अनुसार ये फंड बिना किसी उचित दस्तावेज, सुरक्षा या उपयोग प्रमाण के जारी किए गए और इन्हें व्यवसाय के बजाय निजी लाभ या अन्य निवेशों में इस्तेमाल किया गया। इस मामले में ईडी अब तक कई तलाशी अभियान चला चुकी है और कई संपत्तियों को जब्त या फ्रीज कर चुकी है। अब तक कुल 1,627.86 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है।</p>
<p>इससे पहले ईडी ने सुरेश कुटे को गिरफ्तार कर विशेष पीएमएलए अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था। हाल ही में ईडी ने अर्चना कुटे को भी 2 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था। उन्हें 7 मार्च को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जहां वह फिलहाल बंद हैं। ईडी ने कहा है कि यह कार्रवाई संपत्तियों को बेचने, ट्रांसफर करने या नष्ट करने से रोकने के लिए की गई है। यह कदम पीएमएलए के प्रावधानों के तहत लिया गया है और आगे की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49390/ed-action-in-mumbai-money-laundering-case-6-properties-worth</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/49390/ed-action-in-mumbai-money-laundering-case-6-properties-worth</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 13:09:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-04/download---2026-04-22t130828.978.jpg"                         length="11620"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : डेवलपर को कारतूस से लिपटा हुआ धमकी भरा लेटर मिला; ५० करोड़ रुपए प्रोटेक्शन मनी दो</title>
                                    <description><![CDATA[<p>फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के बाद मुंबई में धमकियों का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा। इस क्रम में अब एक और डेवलपर को कारतूस से लिपटा हुआ धमकी भरा लेटर मिला है। हाथ से लिखे गए लेटर में लिखा है कि ५० करोड़ रुपए प्रोटेक्शन मनी दो वरना सीने में गोली खाने को तैयार रहो। अहम बात यह है कि इस बार धमकी बिश्नोई गैंग के नाम से नहीं, बल्कि छोटा शकील के नाम से दी गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/48289/mumbai-developer-receives-threat-letter-wrapped-in-cartridge-give-rs"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-03/download---2026-03-09t100934.971.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के बाद मुंबई में धमकियों का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा। इस क्रम में अब एक और डेवलपर को कारतूस से लिपटा हुआ धमकी भरा लेटर मिला है। हाथ से लिखे गए लेटर में लिखा है कि ५० करोड़ रुपए प्रोटेक्शन मनी दो वरना सीने में गोली खाने को तैयार रहो। अहम बात यह है कि इस बार धमकी बिश्नोई गैंग के नाम से नहीं, बल्कि छोटा शकील के नाम से दी गई है।</p>
<p> </p>
<p>बता दें कि डेवलपर को गैंगस्टर छोटा शकील के नाम पर धमकियां और एक्सटॉर्शन की मांग कई महीनों से की जा रही थी। इस बीच शुक्रवार को एक और मैसेज मिला। वर्सोवा में उसकी कार पर हाथ से लिखा एक नोट और एक जिंदा कारतूस छोड़ा गया था। छोटा शकील के नाम से हिंदी में साइन किए गए इस नोट में चेतावनी दी गई है कि अगर वह बात नहीं मानता तो अगली गोली उसके सीने पर मारी जाएगी। डेवलपर ने शिकायत में कहा है कि उसे ५० करोड़ रुपए एक्सटॉर्शन मनी देने की धमकियां मिल रही हैं।</p>
<p>वर्सोवा पुलिस और क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल, जो उनकी पिछली शिकायत की जांच कर रही थी, अब नई धमकी की जांच कर रही है। शुक्रवार की धमकी इसलिए अहम है क्योंकि यह पुलिस के असेसमेंट के बाद उनकी पुलिस सुरक्षा वापस लेने के तुरंत बाद दी गई थी। डेवलपर के मुताबिक, पहला धमकी भरा मैसेज मिलने के बाद उसे पेड पुलिस प्रोटेक्शन दी गई थी। पिछले साल जो बंद कर दी गई, जिसके बाद से उसे धमकियां मिलने लगीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/48289/mumbai-developer-receives-threat-letter-wrapped-in-cartridge-give-rs</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/48289/mumbai-developer-receives-threat-letter-wrapped-in-cartridge-give-rs</guid>
                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 10:38:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-03/download---2026-03-09t100934.971.jpg"                         length="6085"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        