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                <title>Delhi High Court - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Delhi High Court RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे को मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली हाईकोर्ट से मिली जमानत...</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में कथित फोन टैपिंग के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज धन शोधन मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख संजय पांडेय को जमानत दे दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/15895/former-mumbai-police-commissioner-sanjay-pandey-got-bail-from-delhi-high-court-in-money-laundering-case"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-12/images-(3).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली  :</strong> दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में कथित फोन टैपिंग के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज धन शोधन मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख संजय पांडेय को जमानत दे दी।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने शर्तों के साथ जमानत दी है। ईडी ने इस साल सितंबर में 2009 और 2017 के बीच एनएसई कर्मचारियों के फोन टैपिंग से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम के मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">चार्जशीट एनएसई के पूर्व प्रमुख चित्रा रामकृष्ण और रवि नारायण समेत मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त संजय पांडे के खिलाफ दायर की गई थी। चार्जशीट में कहा गया है, फोन टैपिंग में पैसों की हेराफेरी की गई। फोन टैपिंग में किए गए भुगतान अपराध की कथित आय हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसी शेल कंपनियां थीं, जिनके जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई। ईडी ने दावा किया है कि पांडे को रामकृष्ण की मदद के लिए एमटीएनएल लाइनों को टैप करने के लिए 4.54 करोड़ रुपये मिले, और ये अपराध की आय थी। एक एजेंसी के सूत्र ने कहा, पांडे आईसेक सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड चलाते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह आरोप लगाया गया है कि रामकृष्ण ने एनएसई कर्मचारियों के फोन टैप करने के लिए इस फर्म का इस्तेमाल किया था। एनएसई कर्मचारियों द्वारा सुबह 9 बजे से 10 बजे के बीच किए गए फोन कॉल को आईसेक सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा टैप और रिकॉर्ड किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">यह आरोप लगाया गया है कि पांडे ने अवैध रूप से फोन कॉल टैप करने में मदद की। रामकृष्ण और पांडे को एंटी मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी ने जुलाई में गिऱफ्तार किया था। पांडे ने कहा कि उसने फोन की लाइनें टैप कीं, लेकिन कुछ भी अवैध नहीं किया। टैपिंग के लिए सभी उपकरण एनएसई द्वारा उपलब्ध कराए गए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Dec 2022 15:39:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न पर रोक का आदेश गलत नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की याचिका पर फैसला सुनाते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि निर्वाचन आयोग के उस आदेश में कोई ‘प्रक्रियात्मक त्रुटि नहीं’है, जिसमें शिवसेना में ‘‘विभाजन’’के बाद पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी. ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/15563/in-a-blow-to-former-maharashtra-chief-minister-uddhav-thackeray--the-delhi-high-court-said-that-the-order-to-ban-party-names-and-election-symbols-is-not-wrong"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-11/download-(3)14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र :</strong> महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की याचिका पर फैसला सुनाते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि निर्वाचन आयोग के उस आदेश में कोई ‘प्रक्रियात्मक त्रुटि नहीं’है, जिसमें शिवसेना में ‘‘विभाजन’’के बाद पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी. शनिवार को जारी आदेश में न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने कहा कि आयोग ने उपचुनावों की घोषणा के मद्देनजर चुनाव चिह्न के आवंटन के संबंध में तत्कालिकता को देखते हुए इसके इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश पारित किया.</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता जिसने बार-बार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में समय लिया. अब नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन का आरोप नहीं लगा सकता और निर्वाचन आयोग की आलोचना नहीं कर सकता. न्यायाधीश ने 15 नवंबर को निर्वाचन आयोग (ईसी) के अंतरिम आदेश के खिलाफ ठाकरे की याचिका को खारिज कर दिया था, और कहा था कि विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा.</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आयोग द्वारा चुनाव चिह्न के मामले में अपनाई गई कार्रवाई उसके अधिकार क्षेत्र के तहत थी. अदालत ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों के बीच विवादों के पुराने मामलों में भी आरक्षित चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश देने वाले ऐसे ही अंतरिम आदेश पूर्व में भी पारित किए गए हैं. ‘‘इस प्रकार वर्तमान मामले में कुछ भी असामान्य या असाधारण नहीं है.’’</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने चुनाव आयोग को भी इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का आदेश दिया है. शिवसेना का विवाद अभी थमा नहीं है. शिंदे गुट की बगावत के बाद दो धड़ों में बंटी शिवसेना को चुनाव आयोग ने फिलहाल के लिए नया नाम और नया चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया है और पुराने नाम और चुनाव निशान को फ्रीज कर दिया था.</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन, उद्धव ठाकरे इससे खुश नहीं हुए. उद्धव ठाकरे को शिवसेना का पुराना वाला ही चुनाव निशान (धनुष और तीर) चाहिए, इसीलिए वे चुनाव आयोग के निर्णय के खिलाफ कोर्ट चले गए थे. हालांकि अब हाईकोर्ट से भी उन्हें झटका लगा है. </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Nov 2022 20:47:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे से जुड़ा है मामला: ईडी और CBI को दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस...</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट ने एनएसई फोन टैपिंग मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे की जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने पांडे द्वारा दायर एक अन्य याचिका में सीबीआई को भी नोटिस जारी किया, जिसमें उनके खिलाफ प्राथमिकी रद्द करने की मांग की गई थी। इस मामले में उनकी ओर से सीनियर एडवाइजर मुकुल रोहतगी पेश हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/13054/case-related-to-former-police-commissioner-sanjay-pandey--delhi-high-court-notice-to-ed-and-cbi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-08/sanjay-pandey-10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली : </strong>दिल्ली हाईकोर्ट ने एनएसई फोन टैपिंग मामले में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर संजय पांडे की जमानत याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने पांडे द्वारा दायर एक अन्य याचिका में सीबीआई को भी नोटिस जारी किया, जिसमें उनके खिलाफ प्राथमिकी रद्द करने की मांग की गई थी। इस मामले में उनकी ओर से सीनियर एडवाइजर मुकुल रोहतगी पेश हुए।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि पांडे ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की प्राथमिकियों का सामना कर रहे हैं, जो आईएसईसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा एनएसई कर्मचारियों के फोन की अवैध टैपिंग और एनएसई के सिस्टम ऑडिट करने में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के दिशानिर्देशों के उल्लंघन को लेकर है। आईएसईसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पांडे द्वारा शुरू की गई एक कंपनी है।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/13054/case-related-to-former-police-commissioner-sanjay-pandey--delhi-high-court-notice-to-ed-and-cbi</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Aug 2022 18:01:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने अग्निपथ योजना के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="padding-left:30px;">नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अग्निपथ योजना (Agneepath scheme) के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई की. कोर्ट ने अग्निपथ योजना के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द सुनवाई की जाए और इनका निपटारा किया जाए.</p>
<p>  </p>
<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">हालांकि, इस दौरान ऐसी भी स्थिति आई, जब सुप्रीम कोर्ट ने वकील की टोका टोकी पर फटकार लगाई. दरअसल, अग्निपथ योजना के खिलाफ याचिकाओं पर कोर्ट जब आदेश लिखवा रहा था, तब याचिकाकर्ता मनोहर लाल शर्मा टोका टाकी कर रहे</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/12087/the-supreme-court-transferred-all-the-petitions-filed-against-the-agneepath-scheme-to-the-delhi-high-court"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-07/images-(34).jpeg" alt=""></a><br /><p style="padding-left:30px;">नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अग्निपथ योजना (Agneepath scheme) के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई की. कोर्ट ने अग्निपथ योजना के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द सुनवाई की जाए और इनका निपटारा किया जाए.</p>
<p> </p>
<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">हालांकि, इस दौरान ऐसी भी स्थिति आई, जब सुप्रीम कोर्ट ने वकील की टोका टोकी पर फटकार लगाई. दरअसल, अग्निपथ योजना के खिलाफ याचिकाओं पर कोर्ट जब आदेश लिखवा रहा था, तब याचिकाकर्ता मनोहर लाल शर्मा टोका टाकी कर रहे थे. इस दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मनोहर लाल शर्मा फटकार लगाई. उन्होंने कहा, आप भले वीर होंगे लेकिन अग्निवीर तो कतई नहीं हैं. आप भविष्य में अग्निवीर नहीं बनने जा रहे. </span></p>
<p> </p>
<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">इसलिए बेवजह टोका टाकी ना करें. सब्र रखिए. केंद्र सरकार ने हाल ही में तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना का ऐलान किया था. इस योजना में 4 साल नौकरी का प्रावधान है. इसके बाद 75% जवान रिटायर हो जाएंगे. जबकि 25% जवानों को आगे भी मौका दिया जाएगा. सरकार का कहना है कि रिटायर होने वाले जवानों को दूसरी जगह नौकरी में भी सरकार मदद करेगी. इस योजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं लगाई गई थीं.</span><br style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;" /><br style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;" /><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">इन याचिकाओं में अग्निपथ योजना पर रोक, उसकी समीक्षा, उसे रद्द करने जैसी मांगें रखी गई हैं. याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा है जो लोग पहले से सेना की नौकरी पाने की प्रक्रिया में हैं, उनके ऊपर यह योजना लागू नहीं की जानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अग्निपथ योजना के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई की. </span></p>
<p> </p>
<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">इस दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट के पास लंबित तीनों याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए ट्रांसफर कर दिया. अब दिल्ली हाईकोर्ट ही अग्निपथ योजना से संबंधित अन्य हाईकोर्ट में दाखिल याचिकाओ पर सुनवाई करेगा. </span></p>
<p> </p>
<p><span style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;">सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, अग्निपथ योजना के खिलाफ अलग अलग हाईकोर्ट में 6 याचिकाएं दायर हुई हैं. बेहतर होगा की सभी याचिकाओं की सुनवाई किसी एक जगह हो. इस पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आप एक ट्रांसफर पिटीशन दायर कीजिए, हम हाईकोर्ट को सभी याचिकाएं सुनवाई करने को भेज देंगे.</span><br style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;" /><br style="color:#2a3744;font-family:Roboto;background-color:#f7f7f7;" /></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Tue, 19 Jul 2022 13:53:23 +0530</pubDate>
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