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                <title>found - Rokthok Lekhani News </title>
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                            <item>
                <title>मुंबई: मालाड में नाले में गिरे युवक का शव तीन दिन बाद मिला, एनडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में भारी बारिश और जलजमाव के बीच कई हादसे भी हुए। मालाड पूर्व स्थित कुरार गांव इलाके में नाले में गिरकर लापता हुए एक युवक का शव तीन दिन बाद बरामद कर किया गया। मृतक की पहचान 38 वर्षीय योगेश वर्मा के रूप में हुई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, 5 जुलाई की रात करीब 11 बजे मालाड पूर्व के कुरार विलेज स्थित जैन मंदिर के पास तानाजी नगर क्षेत्र में योगेश वर्मा नाले में गिर गया था। घटना की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड और अन्य एजेंसियों ने खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया था।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50643/body-of-youth-who-fell-into-drain-in-mumbai-malad"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-09t125218.261.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>मुंबई में भारी बारिश और जलजमाव के बीच कई हादसे भी हुए। मालाड पूर्व स्थित कुरार गांव इलाके में नाले में गिरकर लापता हुए एक युवक का शव तीन दिन बाद बरामद कर किया गया। मृतक की पहचान 38 वर्षीय योगेश वर्मा के रूप में हुई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, 5 जुलाई की रात करीब 11 बजे मालाड पूर्व के कुरार विलेज स्थित जैन मंदिर के पास तानाजी नगर क्षेत्र में योगेश वर्मा नाले में गिर गया था। घटना की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड और अन्य एजेंसियों ने खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया था।</p>
<p> </p>
<p>लगातार तीन दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद बुधवार दोपहर करीब 1:31 बजे एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद नाले से योगेश वर्मा का शव बाहर निकाला। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश और नाले में तेज बहाव के कारण बचाव अभियान में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से तलाश अभियान जारी रखा।</p>
<p>शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। बारिश के मौसम में मुंबई के कई इलाकों में जलभराव और नालों में तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और जोखिम वाले स्थानों से दूर रहें। सीएम ने खुद भी लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की है। वहीं, मुंबई से सटे पालघर जिले में लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त है। बिजली, पानी, मोबाइल नेटवर्क, और खाने-पीने के सामान जैसी बुनियादी चीजों के बिना लोग जीवन यापन करने पर मजबूर हैं। विरार, वसई, और नालासोपारा में हुए जलजमाव से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव का असर ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ रहा है। कई ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है या शॉर्ट-टर्मिनेट करना पड़ा। ट्रैक पर पानी भरे होने के कारण लोकल ट्रेन के संचालन में व्यवधान उत्पन्न हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 12:55:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक के पास मिला हंपबैक व्हेल का शव </title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई जब बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक के पास ओटर्स क्लब के नजदीक चट्टानों के बीच एक हंपबैक व्हेल का बच्चा फंसा हुआ पाया गया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें व्हेल का शव चट्टानों के बीच फंसा दिखाई दे रहा है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50462/body-of-humpback-whale-found-near-bandra-versova-sea-link"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/whle.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई में शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई जब बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक के पास ओटर्स क्लब के नजदीक चट्टानों के बीच एक हंपबैक व्हेल का बच्चा फंसा हुआ पाया गया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें व्हेल का शव चट्टानों के बीच फंसा दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार, यह हंपबैक व्हेल लगभग 26 फीट लंबी थी। घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड और बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक प्रोजेक्ट की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि, जांच के बाद व्हेल को मृत घोषित कर दिया गया।</p>
<p> </p>
<p>रेस्क्यू टीम ने क्रेन की मदद से बेहद सावधानीपूर्वक व्हेल के शव को चट्टानी इलाके से बाहर निकाला। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से हटाकर दफनाने के लिए ले जाया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और पर्यावरण नियमों का विशेष ध्यान रखा गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि समुद्र की तेज लहरें किनारे से टकरा रही थीं और मौसम भी खराब स्थिति में था। व्हेल का शव चट्टानों के बीच फंसा हुआ दिखाई देता है, जिसे देखकर लोगों में चिंता और हैरानी दोनों देखी गई।</p>
<p>प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, हंपबैक व्हेल संभवतः हाई टाइड के दौरान समुद्र से बहकर किनारे पर आ गई होगी और फिर चट्टानों के बीच फंस गई। हालांकि, इसके पीछे का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और संबंधित विभाग इसकी जांच कर रहे हैं। समुद्री जीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले कभी-कभी समुद्री धाराओं में बदलाव, खराब मौसम या प्राकृतिक कारणों से भी हो सकते हैं। व्हेल जैसे बड़े समुद्री जीवों का किनारे पर आना एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति मानी जाती है।</p>
<p>स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह के समय समुद्र में असामान्य हलचल देखी गई थी और कुछ ही समय बाद व्हेल के फंसे होने की सूचना मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण था क्योंकि क्षेत्र चट्टानी और फिसलन भरा था। इसके बावजूद टीम ने सावधानीपूर्वक शव को हटाने का काम पूरा किया।</p>
<p>अधिकारियों ने यह भी कहा कि समुद्री जीवों की सुरक्षा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया है। आगे की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि व्हेल की मौत का वास्तविक कारण क्या था। इस घटना ने एक बार फिर समुद्री पर्यावरण और जीव-जंतुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्री प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन भी ऐसे मामलों में भूमिका निभा सकते हैं। कुल मिलाकर, बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक के पास मिली हंपबैक व्हेल की यह घटना न केवल चौंकाने वाली है, बल्कि समुद्री जीवन संरक्षण की आवश्यकता को भी उजागर करती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 11:47:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई पुलिस ने साइबर ठगों का सर्वर हैक किया: 1.24 करोड़ SMS का रिकॉर्ड मिला, फर्जी APK फाइल से करते थे हैकिंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने फर्जी एपीके (एप्लीकेशन पैकेज किट) फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस के हाथ जो सबसे हैरान करने वाली जानकारी लगी है, वह यह है कि आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS मैसेजेस का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस ने इस मामले में फर्जी ऐप बनाने वाले, उन्हें लिंक के जरिए बांटने वाले और लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले कुल छह आरोपियों को झारखंड, बिहार और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50398/mumbai-police-hacked-the-server-of-cyber-thugs-found-records"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-26t110005.421.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने फर्जी एपीके (एप्लीकेशन पैकेज किट) फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस के हाथ जो सबसे हैरान करने वाली जानकारी लगी है, वह यह है कि आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS मैसेजेस का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस ने इस मामले में फर्जी ऐप बनाने वाले, उन्हें लिंक के जरिए बांटने वाले और लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले कुल छह आरोपियों को झारखंड, बिहार और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आरिफ अस्तुन अंसारी, शेख बेलाल नौशाद, महबूब नौशाद आलम, साजिद मन्सूर अली, मोहन कुशल महतो और सुनील कुमार दशरथ सोरेन के रूप में हुई है।</p>
<p> </p>
<p><strong>फर्जी फाइल इंस्टॉल करा लूटते थे पैसा</strong><br />डीसीपी बजरंग बनसोडे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की यह कार्रवाई एक पीड़ित की शिकायत के बाद शुरू हुई थी। पीड़ित को महानगर गैस लिमिटेड के नाम से एक फर्जी मैसेज भेजा गया था और उसके मोबाइल में एक फर्जी फाइल इंस्टॉल करने के लिए मजबूर किया गया। इस फर्जी एप के जरिए हैकर्स ने पीड़ित के मोबाइल से बैंक की गोपनीय जानकारी चुराई और 2 लाख 35 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया। साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन की गई, जिसके जरिए आरोपियों का सुराग लगा।  </p>
<p>मुंबई पुलिस की साइबर शाखा ने फर्जी APK फाइल के जरिए ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS रिकॉर्ड मिले। झारखंड, बिहार और दिल्ली से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो फर्जी ऐप बनाकर लोगों के मोबाइल हैक करते थे। <br />मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने फर्जी एपीके (एप्लीकेशन पैकेज किट) फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन हैक करके ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस के हाथ जो सबसे हैरान करने वाली जानकारी लगी है, वह यह है कि आरोपियों के सर्वर से 1.24 करोड़ SMS मैसेजेस का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस ने इस मामले में फर्जी ऐप बनाने वाले, उन्हें लिंक के जरिए बांटने वाले और लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले कुल छह आरोपियों को झारखंड, बिहार और दिल्ली के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आरिफ अस्तुन अंसारी, शेख बेलाल नौशाद, महबूब नौशाद आलम, साजिद मन्सूर अली, मोहन कुशल महतो और सुनील कुमार दशरथ सोरेन के रूप में हुई है।</p>
<p><strong>फर्जी फाइल इंस्टॉल करा लूटते थे पैसा</strong><br />डीसीपी बजरंग बनसोडे ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की यह कार्रवाई एक पीड़ित की शिकायत के बाद शुरू हुई थी। पीड़ित को महानगर गैस लिमिटेड के नाम से एक फर्जी मैसेज भेजा गया था और उसके मोबाइल में एक फर्जी फाइल इंस्टॉल करने के लिए मजबूर किया गया। इस फर्जी एप के जरिए हैकर्स ने पीड़ित के मोबाइल से बैंक की गोपनीय जानकारी चुराई और 2 लाख 35 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया। साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन की गई, जिसके जरिए आरोपियों का सुराग लगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 11:01:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : हाजी अली में मिला दुर्लभ समुद्री स्लग, भारत में पहली बार दिखा</title>
                                    <description><![CDATA[<p> मुंबई के हाजी अली इलाके में 21 अप्रैल 2026 को एक दुर्लभ समुद्री जीव की साइटिंग दर्ज की गई है। यह डिस्कोडोरिड सेबुएन्सिस नामक समुद्री घोंघा है, जिसे भारत में पहली बार देखा गया है। इससे पहले यह प्रजाति केवल फिलीपींस में ही देखी गई थी। यह खोज भारतीय समुद्री जीव विज्ञान के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49478/rare-sea-slug-found-in-mumbai-haji-ali-seen-for"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-25t193224.523.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong> मुंबई के हाजी अली इलाके में 21 अप्रैल 2026 को एक दुर्लभ समुद्री जीव की साइटिंग दर्ज की गई है। यह डिस्कोडोरिड सेबुएन्सिस नामक समुद्री घोंघा है, जिसे भारत में पहली बार देखा गया है। इससे पहले यह प्रजाति केवल फिलीपींस में ही देखी गई थी। यह खोज भारतीय समुद्री जीव विज्ञान के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।</p>
<p> </p>
<p>यह दुर्लभ समुद्री जीव वाइल्डलाइफ उत्साही वैभव हल्दीपुर, अमेय पारकर और जॉनसन वरकी द्वारा देखा गया। तीनों दोस्त अपनी नियमित आउटिंग के दौरान हाजी अली क्षेत्र में घूम रहे थे, तभी उन्होंने इस अनोखे जीव को नोटिस किया।  विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रजाति डिस्कोडोरिडिडे परिवार से संबंधित है। यह डोरिड नूडिब्रांच का एक समूह है, जो उष्णकटिबंधीय इंडो-वेस्ट पैसिफिक क्षेत्र में पाया जाता है।</p>
<p>सामान्यतः यह कोरल रीफ्स और स्पंज से भरपूर निवास में रहता है। भारत के पश्चिमी तट पर इसकी उपस्थिति पर्यावरणीय दृष्टि से सुसंगत है, हालांकि अब तक इसे भारत में दर्ज नहीं किया गया था।</p>
<p><strong>शरीर की बनावट से हुई पहचान</strong><br />वैभव हल्दीपुर ने बताया कि इस सी स्लग की पहचान उसके विशिष्ट शारीरिक लक्षणों के आधार पर की गई। मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं।</p>
<p><strong>शरीर सपाट और थोड़ा चपटा आकार</strong><br />पीठ पर छोटे-छोटे उभार <br />मजबूत बाहरी आवरण जिसमें छोटे सपोर्ट स्ट्रक्चर्स मौजूद<br />राइनोफोर्स से गिल्स तक केंद्र में एक पतली लाइन</p>
<p>ये सभी लक्षण डिस्कोडोरिस जीनस की विशेषता हैं, जिसके आधार पर इसकी सही पहचान की जा सकी।  यह खोज भारतीय समुद्री जैव विविधता के अध्ययन में एक नया अध्याय जोड़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पता चलता है कि भारत के पश्चिमी तट पर अभी भी कई अज्ञात या कम ज्ञात समुद्री प्रजातियां मौजूद हो सकती हैं। आगे के शोध से इस प्रजाति के वितरण, व्यवहार और पर्यावरणीय भूमिका के बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/49478/rare-sea-slug-found-in-mumbai-haji-ali-seen-for</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Apr 2026 19:33:25 +0530</pubDate>
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