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                <title>Cabinet - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Cabinet RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुंबई: गणपति उत्सव में बढ़ेगी मेट्रो की सेवाएं और नहीं होगा मेगा ब्लॉक, कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा का दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>इस साल गणपति उत्सव के दौरान गणेश भक्तों को कम से कम परेशानी हो। इसका सरकार पूरा ख्याल रख रही है इसलिए मेट्रो की सेवाएं बढ़ाने के साथ-साथ देर रात तक मेट्रो चलाने और रविवार के मेगा ब्लॉक की रद्द करने का आदेश दिया है। कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि हमारी सरकार इस बात की हर संभव कोशिश कर रही है कि गणेश उत्सव के दौरान ज्यादा से ज्यादा परिवहन सुविधाएं गणेश भक्तों को दें।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51490/metro-services-will-increase-during-mumbai-ganpati-festival-and-there"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/images---2026-08-22t125608.378.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>इस साल गणपति उत्सव के दौरान गणेश भक्तों को कम से कम परेशानी हो। इसका सरकार पूरा ख्याल रख रही है इसलिए मेट्रो की सेवाएं बढ़ाने के साथ-साथ देर रात तक मेट्रो चलाने और रविवार के मेगा ब्लॉक की रद्द करने का आदेश दिया है। कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि हमारी सरकार इस बात की हर संभव कोशिश कर रही है कि गणेश उत्सव के दौरान ज्यादा से ज्यादा परिवहन सुविधाएं गणेश भक्तों को दें।</p>
<p> </p>
<p>कैबिनेट मंत्री लोढ़ा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चूंकि गणपति उत्सव अब मुंबई या महाराष्ट्र समिति नहीं रहा। बल्कि देश के कई राज्यों से लोग आते है। दुनिया से कई देशों के लोग इसी मकसद से आते है कि उन्हें बप्पा का दर्शन मिल जाए। वे भी गणपति उत्सव में शामिल हो। ऐसे में हमारी और हमारे सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि गणेश भक्तों को किसी प्रकार की तकलीफ या परेशानी नहीं होने पाए। हाल ही में मैने गणपति मंडलों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा ली थी।</p>
<p><strong>मेट्रो और रेल प्रशासन को पत्र लिखा</strong><br />कैबिनेट मंत्री लोढ़ा ने मेट्रो और रेल प्रशासन को पत्र लिखकर साधन और सुविधा बढ़ाने का निर्देश दिया। रविवार को लोकल ट्रेन की सेवाएं कम रहती है क्योंकि कही न कही, किसी न किसी रूट पर मेगा ब्लॉक रहता है। मैंने उनसे कहा है कि वे गणपति उत्सवके दौरान मेगा ब्लॉक नहीं करें। श्रद्धालुओं को टिकट निकालते समय किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मेट्रो के सभी टिकट काउंटर, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, डिजिटल तथा क्यूआर टिकट प्रणाली को मेट्रो की अंतिम फेरी तक पूरी क्षमता से कार्यरत रखने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>मेट्रो स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर, पीने का पानी, शौचालय और प्राथमिक उपचार केंद्र भी सेवा उपलब्ध रहने तक चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक तैनात कर यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था की जाए, ऐसी सूचनाएं भी दी गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 12:57:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : महाराष्ट्र कैबिनेट ने एआई डिपार्टमेंट, महावितरण आईपीओ समेत 5 बड़े फैसलों को मंजूरी दी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>राज्य कैबिनेट की आज हुई मीटिंग में 5 ज़रूरी फ़ैसले लिए गए हैं, जिनसे राज्य में एडमिनिस्ट्रेटिव और टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट में तेज़ी आएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, एनर्जी और डिज़ास्टर मैनेजमेंट से जुड़े ज़रूरी प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई। कैबिनेट ने राज्य में एक अलग इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट बनाने को मंज़ूरी दी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49052/mumbai-maharashtra-cabinet-approved-5-major-decisions-including-ai-department"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download-(86).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>राज्य कैबिनेट की आज हुई मीटिंग में 5 ज़रूरी फ़ैसले लिए गए हैं, जिनसे राज्य में एडमिनिस्ट्रेटिव और टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट में तेज़ी आएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, एनर्जी और डिज़ास्टर मैनेजमेंट से जुड़े ज़रूरी प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई। कैबिनेट ने राज्य में एक अलग इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट बनाने को मंज़ूरी दी।</p>
<p> </p>
<p>इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डायरेक्टरेट को अब इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कमिश्नरेट में बदल दिया जाएगा। साथ ही, मिनिस्ट्री, कमिश्नरेट और सभी ज़िला लेवल पर परमानेंट पोस्ट के साथ एक नया आईटी कैडर बनाया जाएगा। इस फ़ैसले से राज्य में डिजिटल गवर्नेंस, एआई  और ई-सर्विसेज़ को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, एनर्जी सेक्टर में एक बड़ा फ़ैसला लिया गया और महावितरण के फ़ाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग को मंज़ूरी दी गई। इससे अगले फ़ेज़ में महावितरण कंपनी को कैपिटल मार्केट में लिस्ट करने का रास्ता साफ़ हो गया है।</p>
<p>राज्य कैबिनेट द्वारा लिए गए फ़ैसले महाराष्ट्र में नया इंडिपेंडेंट इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट। डेवलप्ड इंडिया 2047 में डेवलप्ड महाराष्ट्र का लक्ष्य पाने की दिशा में एक ज़रूरी कदम। डायरेक्टरेट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कमिश्नरेट में बदला जाएगा। मिनिस्टीरियल डिपार्टमेंट, कमिश्नर ऑफिस और सभी जिलों के लिए परमानेंट पोस्ट के साथ एक नया आईटी कैडर बनाया जाएगा।</p>
<p>राज्य में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, एआई , डिजिटल गवर्नेंस को रफ़्तार मिलेगी। (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट) महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर अब एक कंपनी है। कंपनी को सोसाइटीज़ एक्ट, 1860 के तहत इसका रजिस्ट्रेशन कैंसल करके कंपनीज़ एक्ट, 2013 के सेक्शन 8 के तहत बनाया जाएगा। इस फैसले से रोड इन्फॉर्मेशन सिस्टम, अर्बन प्लानिंग, जलयुक्त शिवार – वाटरशेड डेवलपमेंट, माउंटेन डेवलपमेंट स्कीम, ई-पंचनामा, महा एग्री टेक, कंडलवन स्टडी, ग्राउंडवाटर मैनेजमेंट, माइंस और क्वारी स्टडी को बढ़ावा मिलेगा।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:41:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : कैबिनेट ने अटल सेतु के रियायती टोल को एक और साल बढ़ाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र कैबिनेट ने अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावाशेवा अटल सेतु के टोल चार्ज में एक और साल की छूट देने को मंज़ूरी दे दी है। इसका मकसद वाहन मालिकों को राहत देना है। अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु के लिए 250 रुपये का रियायती टोल 31 दिसंबर, 2026 तक जारी रहेगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/47059/mumbai-cabinet-extends-concessional-toll-of-atal-setu-by-one"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-01/download---2026-01-17t190305.411.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र कैबिनेट ने अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावाशेवा अटल सेतु के टोल चार्ज में एक और साल की छूट देने को मंज़ूरी दे दी है। इसका मकसद वाहन मालिकों को राहत देना है। अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु के लिए 250 रुपये का रियायती टोल 31 दिसंबर, 2026 तक जारी रहेगा। पिछले साल 28 जनवरी को राज्य कैबिनेट ने अटल सेतु के लिए मौजूदा टोल टैक्स दर को एक और साल तक बनाए रखने का फैसला किया था। अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु के लिए 250 रुपये का रियायती टोल 31 दिसंबर, 2025 तक जारी रहा था।<br />अटल सेतु, जिसे पहले मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक के नाम से जाना जाता था, 21.8 किलोमीटर लंबा समुद्री पुल है जो मुंबई में सेवरी को नवी मुंबई में चिर्ले से जोड़ता है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाता है।</p>
<p> </p>
<p>13 जनवरी, 2024 को इसके उद्घाटन के बाद, कैबिनेट ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा प्रस्तावित राशि के 50 प्रतिशत की रियायती दर पर टोल टैक्स लगाने का फैसला किया था। नतीजतन, तब से मोटर चालक 250 रुपये का भुगतान कर रहे हैं। टोल दर की समीक्षा एक साल बाद की जानी थी, और शनिवार के कैबिनेट के फैसले के साथ, रियायती टोल 2026 के अंत तक लागू रहेगा। कैबिनेट ने मुंबई शहरी परिवहन परियोजना चरण-2 के लिए संशोधित लागत और सरकारी हिस्से को भी मंज़ूरी दी। इसने तिरुपति देवस्थानम को पद्मवती देवी मंदिर के लिए उल्वे में दी गई ज़मीन के शुल्क माफ करने को भी मंज़ूरी दी।</p>
<p>इसके अलावा, कैबिनेट ने वित्त और सांख्यिकी निदेशालय के 1,901 पदों की संरचना और निदेशालय का नाम बदलकर वित्त और सांख्यिकी आयुक्त कार्यालय करने को मंज़ूरी दी। इसने जिला योजना समितियों, संयुक्त आयुक्त (योजना), संभागीय आयुक्त कार्यालय, मानव विकास कार्यक्रम, वैधानिक विकास बोर्ड, तीर्थयात्रा विकास कार्यक्रम और नक्सलवाद विशेष कार्य योजना सेल के कार्यालयों के लिए आवश्यक अधिकारियों और कर्मचारियों की संशोधित संरचना को भी मंज़ूरी दी। कैबिनेट ने PM-E-ड्राइव योजना के तहत पुणे महानगर परिवहन महामंडल की 1,000 ई-बस सुविधाओं के लिए फंड ट्रांसफर की डायरेक्ट सिस्टम को मंज़ूरी दे दी है। पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म के तहत, संबंधित कंपनियों को पुणे नगर निगम और पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम के खातों से डायरेक्ट डेबिट मैंडेट के ज़रिए खर्च की रकम मिलेगी। </p>
<p>कैबिनेट ने ठाणे ज़िले के बापगांव (तालुका भिवंडी) में सब्ज़ियों के एक्सपोर्ट के लिए एक मल्टीपर्पस मल्टी-मॉडल हब और टर्मिनल मार्केट बनाने को भी मंज़ूरी दी। इसके लिए राज्य कृषि विपणन निगम को 7 हेक्टेयर 96.80 R ज़मीन दी जाएगी। वेपर हीट ट्रीटमेंट, प्लांट इरेडिएशन, पैक हाउस सुविधाओं के साथ-साथ फलों और सब्ज़ियों के स्टोरेज की सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। कैबिनेट ने यवतमाल ज़िले में बेम्बल नदी परियोजना के लिए 4,775 करोड़ रुपये मंज़ूर किए। इस परियोजना से पांच तालुकों में 52,423 हेक्टेयर ज़मीन सिंचाई के दायरे में आएगी। अमरावती ज़िले के मौजा धामक के पुनर्वास के मुद्दों पर काम किया जा रहा है।</p>
<p>सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुंबई पुलिस बल के अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। कैबिनेट ने मुंबई पुलिस हाउसिंग टाउनशिप परियोजना को मंज़ूरी दी। मुंबई शहर और उपनगरों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 45,000 सरकारी आवास बनाए जाएंगे। राज्य के युवाओं को विदेश में रोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिए महाराष्ट्र एजेंसी फॉर होलिस्टिक इंटरनेशनल मोबिलिटी एंड एडवांसमेंट्स स्थापित करने को मंज़ूरी दी गई है। यह एजेंसी प्रशिक्षित और कुशल युवाओं को दुनिया भर में रोज़गार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रभावी समन्वय और कार्यान्वयन के लिए काम करेगी। अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक रूप से पिछड़े विकास निगम को पनवेल (पश्चिम) में ज़मीन का एक प्लॉट आवंटित करने को भी मंज़ूरी दी गई। निगम एक मुख्यालय और एक बहुउद्देशीय भवन का निर्माण कर सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 19:03:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नई दिल्ली : आयुध कारखानों के 59000 रक्षा कर्मियों पर लटकी तलवार, कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी पर नजर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आयुध कारखानों के सभी मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच, यूनाइटेड फोरम ऑफ ऑर्डनेंस एम्प्लॉइज (यूएफओई) ने कैबिनेट सचिव और प्रमुख मंत्रालयों के वरिष्ठ सचिवों से औपचारिक रूप से संपर्क करके सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। यूएफओई ने आयुध कारखानों के सात रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) में निगमीकरण के बाद लगभग 59,000 रक्षा नागरिक कर्मचारियों के सेवा दर्जे की सुरक्षा की मांग की है। यूएफओई, जो नवगठित डीपीएसयू में अनिवार्य समायोजन का विरोध कर रहा है, ने मांग की है कि कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित सचिवों की प्रस्तावित समिति एक सरकारी अधिसूचना जारी करने की सिफारिश करे। इसमें कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति तक प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय सरकारी कर्मचारी के रूप में बने रहने की अनुमति दी जाए। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/46442/the-sword-hanging-over-59000-defense-personnel-of-new-delhi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-12/download---2025-12-24t183545.595.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली : </strong>आयुध कारखानों के सभी मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच, यूनाइटेड फोरम ऑफ ऑर्डनेंस एम्प्लॉइज (यूएफओई) ने कैबिनेट सचिव और प्रमुख मंत्रालयों के वरिष्ठ सचिवों से औपचारिक रूप से संपर्क करके सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। यूएफओई ने आयुध कारखानों के सात रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) में निगमीकरण के बाद लगभग 59,000 रक्षा नागरिक कर्मचारियों के सेवा दर्जे की सुरक्षा की मांग की है। यूएफओई, जो नवगठित डीपीएसयू में अनिवार्य समायोजन का विरोध कर रहा है, ने मांग की है कि कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित सचिवों की प्रस्तावित समिति एक सरकारी अधिसूचना जारी करने की सिफारिश करे। इसमें कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति तक प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय सरकारी कर्मचारी के रूप में बने रहने की अनुमति दी जाए। </p>
<p> </p>
<p>सात डीपीएसयू के सीएमडी द्वारा आयोजित अवशोषण पैकेज पर बैठकों का संयुक्त मंच द्वारा सामूहिक बहिष्कार करने के फैसले से हितधारक परामर्श प्रक्रिया कथित तौर पर बाधित हो गई। यूएफओई के अनुसार, आईओएफएस अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संघों सहित सभी संघों द्वारा पूर्ण बहिष्कार के कारण रक्षा मंत्रालय को शेष तीन परामर्श बैठकें रद्द करनी पड़ीं। यूएफओई का कहना है कि यह अस्वीकृति डीपीएसयू में अवशोषण के खिलाफ कर्मचारियों के स्पष्ट जनादेश को दर्शाती है। कैबिनेट सचिव और संबंधित सचिवों को लिखे अपने पत्र में यूएफओई ने चार प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला है। </p>
<p>रक्षा नागरिक कर्मचारियों से संबंधित सेवा मामलों पर कैबिनेट का निर्णय। उच्च न्यायालय के समक्ष रक्षा मंत्रालय द्वारा लिखित प्रतिबद्धता, जिसमें कहा गया है कि कर्मचारी चाहें तो सेवानिवृत्ति तक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी के रूप में प्रतिनियुक्ति पर बने रह सकते हैं। यह प्रतिबद्धता न्यायालय के निर्णय में दर्ज है। सेवानिवृत्ति तक केंद्रीय सेवा में बने रहने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों द्वारा अग्रिम विकल्पों का प्रयोग। सामूहिक रूप से विलय बैठकों का बहिष्कार, जो कर्मचारियों द्वारा डीपीएसयू विलय की अस्वीकृति को दर्शाता है। </p>
<p>क्या कैबिनेट सचिव से संपर्क करना जल्दबाजी थी, जबकि सचिवों की समिति का औपचारिक गठन अभी बाकी है। उसके कार्यक्षेत्र की अधिसूचना भी जारी नहीं हुई है, एआईडीईएफ के महासचिव सी. श्रीकुमार ने इस सवाल के जवाब में कहा, यह जल्दबाजी नहीं, बल्कि समय पर उठाया गया कदम है। हितधारकों से परामर्श विफल होने और कर्मचारियों द्वारा सरकारी सेवा में बने रहने का विकल्प चुनने के बाद, यह मामला अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले अधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह (ईजीओएम) के पास जाएगा। इससे पहले, यह आवश्यक है कि सभी संबंधित सचिवों को कर्मचारियों की स्थिति से पूरी तरह अवगत कराया जाए।</p>
<p>उन्होंने कहा, यूएफओई को आशंका है कि रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) सचिवों की समिति के समक्ष बहिष्कार का औचित्य या उच्च न्यायालय के समक्ष सरकार द्वारा किए गए वादे ठीक से प्रस्तुत नहीं कर पाएगा। यही वजह है कि हमने 22 दिसंबर, 2025 को अपना पत्र अग्रिम रूप से प्रस्तुत किया था। उसमें संवैधानिक सुरक्षा उपायों का हवाला दिया गया। यूएफओई ने तर्क दिया है कि रक्षा क्षेत्र के नागरिक कर्मचारियों को संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत संरक्षण प्राप्त है, जो उन्हें केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के रूप में सेवानिवृत्त होने का अधिकार देता है।</p>
<p>मंच ने सवाल उठाया है कि इन सुरक्षा उपायों से अवगत होने के बावजूद सरकार इस मामले को 'अनावश्यक रूप से लंबा और जटिल' क्यों बना रही है। श्रीकुमार ने कहा, 'हमें विश्वास है कि सचिवों की समिति, हमारी याचिका की जांच करने के बाद सकारात्मक रुख अपनाएगी। ईजीओएम को सभी 59,000 रक्षा नागरिक कर्मचारियों के केंद्रीय सरकार के दर्जे को बरकरार रखने वाली अधिसूचना जारी करने की सिफारिश करेगी। इससे पहले सरकार ने उच्च न्यायालय के समक्ष यह प्रतिबद्धता जताई थी। अब यह मामला कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली समिति के औपचारिक गठन और उसकी विचार-विमर्श प्रक्रिया का इंतजार कर रहा है, जो रक्षा मंत्रालय के अधीन सबसे बड़े संगठित नागरिक कार्यबलों में से एक के भविष्य की सेवा शर्तों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 18:36:28 +0530</pubDate>
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