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                <title>municipal - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>municipal RSS Feed</description>
                
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                <title>मुंबई: इको-फ्रेंडली गणेशोत्सव की तैयारी, मुंबई मनपा ने बनाई मेगा रणनीति</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गणेशोत्सव पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाने के लिए मुंबई मनपा ने एक करोड़ रुपए का मेगा प्लान बनाया है। गणेशोत्सव 2026 के लिए गणेश प्रतिमाएं बनाने वाले मूर्तिकारों को 25 हजार 400 लीटर पर्यावरण अनुकूल रंग मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए मुंबई मनपा एक करोड़ रुपये खर्च करेगी। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल पर्यावरण अनुकूल रंगों की आपूर्ति दोगुनी से अधिक बढ़ाई गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50707/mumbai-municipal-corporation-prepares-mega-strategy-for-eco-friendly-ganeshotsav"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/images---2026-07-13t110754.181.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई: </strong>गणेशोत्सव पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाने के लिए मुंबई मनपा ने एक करोड़ रुपए का मेगा प्लान बनाया है। गणेशोत्सव 2026 के लिए गणेश प्रतिमाएं बनाने वाले मूर्तिकारों को 25 हजार 400 लीटर पर्यावरण अनुकूल रंग मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए मुंबई मनपा एक करोड़ रुपये खर्च करेगी। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल पर्यावरण अनुकूल रंगों की आपूर्ति दोगुनी से अधिक बढ़ाई गई है।</p>
<p> </p>
<p>प्रदूषण मुक्त गणेशोत्सव अभियान के तहत पिछले वर्ष मूर्तिकारों को कुल 10 हजार 800 लीटर पर्यावरण अनुकूल रंगों का मुफ्त वितरण किया गया था। इस प्रयोग के सफल रहने के बाद इस वर्ष प्रशासन ने आपूर्ति बढ़ाकर 25 हजार 400 लीटर रंग खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है। रंगों की आपूर्ति के लिए मनपा ने 'एकता एंटरप्राइजेज' का चयन किया है। खरीद प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी मिलते ही अगले महीने से मूर्तिकारों को रंगों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। </p>
<p>मुंबई में गणेशोत्सव का पर्व हर वर्ष बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। गणेश प्रतिमाएं शाडू मिट्टी, कागज के पल्प, धातु तथा प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनाई जाती हैं। मुंबई मनपा हर वर्ष मूर्तिकारों को शाडू मिट्टी मुफ्त उपलब्ध कराती है। हालांकि, प्रतिमाओं पर इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक रंग पर्यावरण के अनुकूल नहीं होते। इनमें सीसा, कैडमियम, क्रोमियम और पारा जैसी हानिकारक भारी धातुएं होती हैं। प्रतिमा विसर्जन के बाद ये धातुएं पानी में घुलकर समुद्री जीवों और जलीय पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन जाती हैं। इसका हल निकालने के मनपा के पर्यावरण विभाग ने मूर्तिकारों को सीधे पर्यावरण अनुकूल रंग उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 11:08:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुंबई : महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश का कहर, कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर, नासिक, पालघर, रायगढ़ और मुंबई में अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जबकि कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एमएसडीएमए) की मंगलवार सुबह जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 203.3 मिमी बारिश पालघर जिले में दर्ज की गई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50602/torrential-rain-wreaks-havoc-in-mumbai-maharashtra-many-rivers-above"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/29_09_2025-mumbai_rain_2_24063831_04223686_m.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जबकि कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एमएसडीएमए) की मंगलवार सुबह जारी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 203.3 मिमी बारिश पालघर जिले में दर्ज की गई। इसके अलावा ठाणे में 116.4 मिमी, रायगढ़ में 108.7 मिमी, मुंबई उपनगर में 90.4 मिमी और पुणे में 70.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।लगातार हो रही बारिश के कारण कोंकण क्षेत्र की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। अंबा, सावित्री और जगबुडी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुंडलिका और पिंजल नदियां चेतावनी स्तर को पार कर चुकी हैं।<br /><strong></strong></p><p><strong><br /></strong></p><p><strong>सतारा में लैंडस्लाइड</strong><br />बारिश से जुड़े हादसों में सतारा जिले में भूस्खलन के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, भारी बारिश के चलते दीवार गिरने से चार पशुओं की भी मौत हुई। नंदुरबार में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। ठाणे और मुंबई शहर में पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक-एक व्यक्ति घायल हुआ है। पालघर में किसी मानव की मौत नहीं हुई, लेकिन बाढ़ के पानी में बह जाने से 11 पशुओं की मौत हो गई।<br /></p><p><strong>ठाणे, मुंबई, रायगढ़, रत्नगिरी, सिंधुदुर्ग और पालघर में हाई टाइड अलर्ट</strong><br />भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (इनकॉइस) ने महाराष्ट्र के पूरे समुद्री तट के लिए 8 जुलाई की रात तक रेड अलर्ट जारी किया है। चेतावनी के अनुसार, समुद्र में 4.8 से 5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में सबसे ऊंची लहरों का अनुमान है, जबकि ठाणे, मुंबई, रायगढ़ और पालघर तट पर भी समुद्र बेहद उग्र रहने की संभावना है। प्रशासन ने छोटी नौकाओं और मछली पकड़ने वाली नावों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। साथ ही तटीय क्षेत्रों में सभी प्रकार की मनोरंजक गतिविधियों पर भी अस्थायी रोक लगा दी गई है।<br /></p><p><strong>भंडारा और गोंदिया में अलर्ट</strong><br />राज्य के बांधों में फिलहाल कुल जल भंडारण क्षमता का 32.62 प्रतिशत पानी मौजूद है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के 46.57 प्रतिशत के मुकाबले कम है। हालांकि, कोंकण क्षेत्र के जलाशयों में सबसे अधिक 68.52 प्रतिशत जल भंडारण दर्ज किया गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने नासिक और पालघर के लिए तात्कालिक मौसम चेतावनी जारी की है। अगले 24 घंटों के लिए भंडारा और गोंदिया जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि विदर्भ के कई हिस्सों में येलो अलर्ट लागू है। संभावित बाढ़ और बचाव कार्यों को देखते हुए संवेदनशील जिलों में प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।<br /></p><p><strong>नासिक में फट सकते हैं बादल</strong><br />पालघर, नासिक और पुणे के घाट क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से भारी बारिश हो रही है। लोनावाला में पिछले 48 घंटों में 600 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। पालघर में भी अत्यधिक बारिश हुई है। इन क्षेत्रों में आज भी रेड अलर्ट जारी है। मुंबई, ठाणे और आसपास के इलाकों में बारिश की तीव्रता कल से कम होने की संभावना है। आज मुंबई में येलो, जबकि ठाणे में ऑरेंज अलर्ट है। कल से इन क्षेत्रों में बारिश सामान्य स्तर पर आ जाएगी। नासिक में बादल फटने की चेतावनी को लेकर उन्होंने कहा कि नासिक के घाट क्षेत्रों में बादल फटने की संभावना जताई गई है। आईएमडी ने इन क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।<br /></p><p>मौसम वैज्ञानिक सुषमा नायर ने कहा कि मौसम प्रणाली अब उत्तर प्रदेश की ओर खिसक रही है, जिससे महाराष्ट्र में बारिश की तीव्रता कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई में इस जुलाई महीने की शुरुआत में ही रिकॉर्ड बारिश हुई है। 1 से 7 जुलाई तक कुलाबा स्टेशन पर 880.6 मिलीमीटर और सांता क्रूज पर 988.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से काफी ज्यादा है। आईएमडी वैज्ञानिक ने बताया कि बुधवार से पूरे महाराष्ट्र में बारिश की तीव्रता कम होकर सामान्य स्तर पर आ जाएगी। पालघर में अलर्ट रहेगा, जबकि पुणे के घाट क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। बाकी जिलों में मध्यम बारिश की संभावना है।<br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:36:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई : स्कूल बंद होने और वर्क फ्रॉम होम का मैसेज वायरल, बृहन्मुंबई नगर निगम की तरफ से बयान जारी किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> </strong>पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, लगातार हो रही बारिश के चलते एक बार फिर मुंबई की सड़कें तालाब बन चुकी हैं. इसी बीच एक मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बताया गया कि भारी बारिश के चलते बुधवार, 8 जुलाई को मुंबई के सभी स्कूल-कॉलेज पूरी तरह से बंद रहेंगे. इसके अलावा इसमें प्राइवेट कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का दावा भी किया गया. हालांकि अब इस मामले को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम की तरफ से बयान जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि इस मैसेज की सच्चाई क्या है. </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50600/amidst-heavy-rains-in-mumbai-the-message-of-school-closure"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-07/mumbai-school-holiday-784x441.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, लगातार हो रही बारिश के चलते एक बार फिर मुंबई की सड़कें तालाब बन चुकी हैं. इसी बीच एक मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बताया गया कि भारी बारिश के चलते बुधवार, 8 जुलाई को मुंबई के सभी स्कूल-कॉलेज पूरी तरह से बंद रहेंगे. इसके अलावा इसमें प्राइवेट कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का दावा भी किया गया. हालांकि अब इस मामले को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम की तरफ से बयान जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि इस मैसेज की सच्चाई क्या है. <br /><strong></strong></p><p><strong><br /></strong></p><p><strong>स्कूल-कॉलेज नहीं रहेंगे बंद</strong><br />बृहन्मुंबई नगर निगम ने इस वायरल मैसेज को पूरी तरह गलत और फर्जी बताया है. बृहन्मुंबई नगर निगम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर साफ किया कि प्रशासन की तरफ से छुट्टी या वर्क फ्रॉम होम को लेकर ऐसा कोई भी आदेश या नोटिस जारी नहीं किया गया है. 8 जुलाई को मुंबई के सभी स्कूल, कॉलेज और दफ्तर हमेशा की तरह सामान्य रूप से खुलेंगे. यानी जो मैसेज वायरल हो रहा था, वो पूरी तरह से फेक है. <br /></p><p><strong>लोगों से बीएमसी की अपील</strong><br />मुंबई में चल रही बारिश के बीच ऐसे कई मैसेज सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं. इसीलिए बीएमसी ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी किसी भी झूठी और अफवाह फैलाने वाली खबरों पर भरोसा न करें. आधिकारिक जानकारी के लिए सिर्फ बीएमसी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल @माईबीएमसी को फॉलो करें. किसी को अगर कुछ पूछना है या जानकारी लेनी है तो बृहन्मुंबई नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 1916 पर फोन कर सकते हैं. <br /><strong></strong></p><p><strong>मुंबई में बारिश से थोड़ी राहत</strong><br />मुंबई में पिछले कुछ दिनों में इतनी तेज बारिश हुई कि लोगों को पानी से भरी सड़कों पर चलना पड़ा, कई वाहन भी इसमें फंसे हुए नजर आए. हालांकि अब मौसम विभाग ने मुंबई के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' की जगह 'येलो अलर्ट' जारी किया है, यानी मौसम में थोड़ा सुधार हुआ है और फिलहाल स्कूल-कॉलेज बंद करने की जरूरत नहीं है. हालांकि, पड़ोसी जिले पालघर में खराब मौसम को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है.</p><p><br /></p><p><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50600/amidst-heavy-rains-in-mumbai-the-message-of-school-closure</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 12:27:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुंबई: 'गड्ढामुक्त सड़कें बनाने के लिए क्या 20 साल और चाहिए', बॉम्बे हाई कोर्ट की बृहन्मुंबई नगर निगम  को कड़ी फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई में सड़कों की खराब स्थिति वहां रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है। ऐसे में बीते सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई की सड़कों की खस्ता हालत और रोड सेफ्टी को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम के ढीले रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने बीएमसी से सीधे शब्दों में पूछा कि आखिर मुंबई की सभी सड़कों को चलने लायक बनाने के लिए नागरिक निकाय को और कितने साल लगेंगे? </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50470/mumbai-do-we-need-20-more-years-to-make-pothole"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/mumbai-pothole-pti-1533105526.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई। </strong>मुंबई में सड़कों की खराब स्थिति वहां रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है। ऐसे में बीते सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई की सड़कों की खस्ता हालत और रोड सेफ्टी को लेकर बृहन्मुंबई नगर निगम के ढीले रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने बीएमसी से सीधे शब्दों में पूछा कि आखिर मुंबई की सभी सड़कों को चलने लायक बनाने के लिए नागरिक निकाय को और कितने साल लगेंगे? </p>
<p> </p>
<p>मामले में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ए.एस. गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि सड़कों की हालत बेहद खराब है। अगर हम यह मान भी लें कि सड़कों पर गड्ढे नहीं हैं, तो भी वहां लाखों ऊबड़-खाबड़ बम्प्स (झटके देने वाले हिस्से) मौजूद हैं।</p>
<p><strong>सड़कों की स्थिति पर हाई कोर्ट नाराज</strong><br />हाई कोर्ट की बेंच ने कड़े शब्दों में कहा कि कभी हाई कोर्ट सड़क के रास्ते आकर देखिए कि कितनी बदतर हालत है। आपको काम करने के लिए कितने साल चाहिए? बीएमसी को 20 साल दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी।</p>
<p><strong>हाई कोर्ट ने बीएमसी और टीएमसी को दिए सख्त निर्देश</strong><br />मामले में कोर्ट ने बीएमसी और ठाणे नगर निगम दोनों को अगले सोमवार तक अपने ऑनलाइन सिस्टम का पूरा डेटा पेश करने का आदेश दिया है। इसके तहत बीएमसी को कोर्ट के सामने शिकायतों पर की गई कार्रवाई के 'पहले और बाद' के फोटो सबूत पेश करने होंगे। इसके अलावा ठाणे नगर निगम को यह बताना होगा कि उन्होंने उस पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया या नहीं, जिन्होंने मैनहोल की वजह से अपने मासूम बच्चे को खो दिया था।</p>
<p><strong>सालों से कागजों पर ही हैं आदेश</strong><br />गौरतलब है कि यह पूरी सुनवाई मुंबई की सड़कों की बदहाली पर कोर्ट द्वारा खुद संज्ञान लिए गए मामले और वकील रुजू ठक्कर की एक याचिका पर हो रही थी। याचिका में मांग की गई है कि पिछले एक दशक से मुंबई की सड़कों को गड्ढामुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए जो आदेश दिए जा रहे हैं, उन्हें सख्ती से लागू किया जाए।</p>
<p>वकील रुजू ठक्कर ने साल 2023 के उस आदेश की याद दिलाई, जिसमें खुले मैनहोल पर लोहे की सुरक्षा ग्रिल (जालियां) लगाने को कहा गया था। उस समय बीएमसी ने काम पूरा करने के लिए एक साल का समय मांगा था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50470/mumbai-do-we-need-20-more-years-to-make-pothole</link>
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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 12:00:57 +0530</pubDate>
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