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                <title>Rs 300 crore - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>Rs 300 crore RSS Feed</description>
                
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                <title>महाराष्ट्र की पुणे में निवेश के नाम पर कारोबारियों से 300 करोड़ रुपये की ठगी...मामला दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[पुणे पुलिस ने निवेशकों को बड़ा लाभ देने के नाम पर उनसे 300 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि बंडगार्डन थाने में शनिवार को आईपीसी और महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (एमपीआईडी) अधिनियम के तहत एक आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19109/fraud-of-rs-300-crore-from-businessmen-in-the-name-of-investment-in-maharashtra-s-pune---case-registered"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-03/download-(2)18.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>महाराष्ट्र :</strong> पुणे पुलिस ने निवेशकों को बड़ा लाभ देने के नाम पर उनसे 300 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि बंडगार्डन थाने में शनिवार को आईपीसी और महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (एमपीआईडी) अधिनियम के तहत एक आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.</p>
<p style="text-align:justify;">यह मामला एक निवेशक की शिकायत पर दर्ज किया गया है, जिसने कथित रूप से 36 लाख रुपये गंवाए हैं.  पुलिस ने बताया कि शिकायत की शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी ने कम से कम 200 निवेशकों के नाम पर लोन लेकर उन्हें कथित रूप से धोखा दिया है. अधिकारी ने बताया कि आरोपी शहर के कैंप इलाके में ‘अष्टविनायक इन्वेस्टमेंट’ नाम से एक कंपनी चलाता है और लोगों को निवेश करने पर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देता था.</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि आरोपी ने निवेशकों के नाम पर कर्ज लिया और उन्हें बताया कि कर्ज की राशि कंपनी में निवेश की जाएगी और उन्हें बड़ा मुनाफा मिलेगा है और उन्हें ऋण नहीं चुकाना पड़ेगा. अधिकारी ने कहा कि मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और आगे की जांच जारी है. वहीं कुछ दिन पहले रिश्वत लेने के आरोप में रेलवे सुरक्षा बल के एक निरीक्षक को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है.</p>
<p style="text-align:justify;">इन पर महाराष्ट्र के अकोला जिले से दो मामलों में गिरफ्तार एक व्यक्ति को छोड़ने के एवज में उसके बेटे से कथित रूप से एक लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है. एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि सीबीआई की नागपुर शाखा ने शुक्रवार को आरपीएफ के निरीक्षक और उसके सहयोगी गिरफ्तार किया. गौरतलब है कि आरपीएफ के निरीक्षक अपने इसी सहयोगी के जरिए से रिश्वत ली गई थी.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Mar 2023 16:03:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>सॉलिडस इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से 300 करोड़ की प्रॉपर्टी 55 लाख में खरीदी, D-कंपनी की मदद का लगा आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मुंबई : महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक की गिरफ्तारी के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि उन्होंने सॉलिडस इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से 300 करोड़ के प्लॉट महज कुछ लाख में खरीदी। यह जमीन डी-गैंग द्वार सताए गए मुनीरा प्लम्बर की थी। ईडी का आरोप है कि इस कंपनी का मालिकाना हक नवाब मलिक के परिवार के पास है। जांच एजेंसी ने यह भी कहा है कि इसका नियंत्रण हसीना पारकर सहित डी-गैंग के सदस्यों के पास भी था।</p> <p>ईडी को दिए अपने बयान में मुनीरा प्लम्बर ने कहा कि मुंबई के कुर्ला में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/9145/purchased-a-property-worth-rs-300-crore-for-55-lakhs-through-solidus-investment-pvt-ltd-accused-of-helping-d-company"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2022-02/images-33-11.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई : महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक की गिरफ्तारी के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि उन्होंने सॉलिडस इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से 300 करोड़ के प्लॉट महज कुछ लाख में खरीदी। यह जमीन डी-गैंग द्वार सताए गए मुनीरा प्लम्बर की थी। ईडी का आरोप है कि इस कंपनी का मालिकाना हक नवाब मलिक के परिवार के पास है। जांच एजेंसी ने यह भी कहा है कि इसका नियंत्रण हसीना पारकर सहित डी-गैंग के सदस्यों के पास भी था।</p> <p>ईडी को दिए अपने बयान में मुनीरा प्लम्बर ने कहा कि मुंबई के कुर्ला में लगभग तीन एकड़ (गोवाला कंपाउंड के रूप में जाना जाता है) में फैला यह प्लॉट उसका था। उसने कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह संपत्ति दाऊद के गिरोह के सदस्य सलीम पटेल द्वारा किसी तीसरे पक्ष को बेची गई थी। उसने 18 जुलाई 2003 को संपत्ति की किरायेदारी हस्तांतरण के समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।</p> <p>उसने आगे आरोप लगाया, “उसने सलीम पटेल को 5 लाख रुपये का भुगतान किया था। इसके एवज में उसने जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले बदमाशों से सभी अतिक्रमणों को हटाने, सभी विवादों को दूर करने और किरायेदारों के अवैध कब्जे को रद्द करने का वादा किया था। उसने कभी भी सलीम पटेल को उक्त संपत्ति बेचने के लिए अधिकृत नहीं किया था।”</p> <p>सलीम के हैं अंडरवर्ल्ड से रिश्ते इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुनीरा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि सलीम पटेल ने अवैध रूप से संपत्ति बेची और संपत्ति को तीसरे पक्ष को सौंप दिया। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर मुनीरा ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें पता चला कि सलीम पटेल का संबंध अंडरवर्ल्ड से है। इसलिए उसने प्राथमिकी दर्ज नहीं की या किराए के भुगतान या अतिक्रमण और अन्य मुद्दों से संबंधित मामले को आगे नहीं बढ़ाया। उसे अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा महसूस हो रहा था।</p> <p>फर्जी दस्तावेज के आधार पर खरीदी जमीन ईडी ने आरोप लगाया है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर सलीम पटेल ने फर्जी तरीके से जमीन खरीदी थी। मुनीरा ने ईडी को यह भी बताया कि उन्हें इस संपत्ति की बिक्री के बारे में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए 2021 में पता चला था। दिलचस्प बात यह है कि मुनीरा को सरकारी अधिकारियों से पत्र भी मिल रहे थे, जिसके कारण उन्हें यह विश्वास हो गया था कि वह उस संपत्ति की कानूनी मालिक हैं।</p> <p>मुंबई बम धमाके का दोषी का शाहवाली खान<br /> ईडी ने दावा किया कि दस्तावेजों को खंगालने के दौरान उन्हें एक सरदार शाहवाली खान का नाम मिला, जिसने जमीन की बिक्री में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सरदार शाहवाली खान 1993 के बॉम्बे बम विस्फोट मामले के दोषियों में से एक है। वर्तमान में वह टाडा और मकोका के तहत औरंगाबाद जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। न्यायिक हिरासत में ईडी के सामने अपने बयान के दौरान सरदार खान ने खुलासा किया कि वह हसीना पार्कर (दाऊद इब्राहिम की बहन) और टाइगर मेमन के साथ जावेद चिकना नाम के संपर्क में था।</p> <p>सलीम पटेल के दाऊद के बहन से रिश्ते ईडी ने आरोप लगाया, “सरदार शाहवली खान ने आगे कहा कि सलीम पटेल हसीना आपा का करीबी सहयोगी था। वह हसीना आपा के अंगरक्षक सह ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। बाद में उसे पता चला कि इस संपत्ति के संबंध में हर निर्णय सलीम पटेल ने हसीना आपा के निर्देश पर लिया था। दरअसल, इस संपत्ति की असली मालिक हसीना आपा ही थी। इस संपत्ति के साथ कई विवाद थे। जैसे कि अवैध अतिक्रमण और अनियमित किराए का भुगतान आदि। इसके अलावा भूमि-हथियाने वाले कई माफियाओं की भी इस संपत्ति पर नजर थी।”</p> <p>नवाब मलिक के भाई ने जमीन खरीदने से रोका ईडी ने आगे आरोप लगाया, “नवाब मलिक इस किराएदार संपत्ति में जाने की कोशिश कर रहे थे। इसे “कुर्ला जनरल स्टोर” के नाम से जाना जाता था। यह स्टोर उस समय बंद था और गोवावाला कंपाउंड में स्थित था। रहमान खान ने उन्हें रोकने की कोशिश की। ऐसा करने पर नवाब मलिक से उन्हें धमकियां मिलीं। बाद में नवाब मलिक ने अपने भाई असलम मलिक के माध्यम से इस संपत्ति पर कब्जा कर लिया।”</p> <p>दाऊद की बहन से नवाब मलिक के संबंध सरदार शाहवली खान ने यह भी आरोप लगाया कि नवाब मलिक और हसीना पारकर दोनों संपत्ति के बड़े हिस्से को हथियाने की कोशिश कर रहे थे। जांच एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि नवाब मलिक ने इस किराए की संपत्ति को खरीदने के लिए सॉलिडस इनवेस्टमेंट्स के नाम से एक कंपनी का इस्तेमाल किया। कंपनी का नियंत्रण नवाब मलिक के पास है। ईडी के मुताबिक इस मसले को सुलझाने के लिए नवाब मलिक, असलम मलिक और हसीना पारकर के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं। सरदार खान ने दावा किया कि वह भी कम से कम एक दो बैठकों के लिए उपस्थित थे।</p> <p>हसीना पारकर को मलिक ने दिए थे 55 लाख हसीना पारकर और नवाब मलिक एक समझौते पर पहुंचे कि सॉलिडस इन्वेस्टमेंट्स की लीज पर ली गई संपत्ति को सलीम पटेल को दिए गए पावर ऑफ अटॉर्नी का उपयोग करके स्वामित्व में परिवर्तित किया जाएगा। इसके बदले में हसीना पारकर सलीम पटेल के माध्यम से बाकी संपत्तियों की मालिक होंगी। ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि नवाब मलिक ने हसीना पारकर को 55 लाख रुपये नकद में दिए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Feb 2022 17:40:55 +0530</pubDate>
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