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                <title>SBI - Rokthok Lekhani</title>
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                <title>नवी मुंबई : एसबीआई  के सहायक प्रबंधक ने की आत्महत्या ; आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज</title>
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                        <![CDATA[<p>भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के 25 वर्षीय सहायक प्रबंधक गुरुवार सुबह सीवुड्स स्थित अपने किराए के फ्लैट में आत्महत्या करते पाए गए। मृतक की पहचान चिन्मय देहांगिया के रूप में हुई है, जो एसबीआई की सीवुड्स शाखा के आईटी विभाग में कार्यरत थे। पुलिस ने बताया कि उनकी आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों के अनुसार, देहांगिया अविवाहित थे और सीवुड्स के सेक्टर-48 स्थित साईं महल बिल्डिंग में किराए के अपार्टमेंट में अकेले रहते थे। गुरुवार तड़के उन्होंने कथित तौर पर अपने फ्लैट में फांसी लगा ली। </p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/44006/navi-mumbai--sbi-assistant-manager-commits-suicide--accidental-death-case-registered"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2025-09/images---2025-09-19t101123.418.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नवी मुंबई : </strong>भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के 25 वर्षीय सहायक प्रबंधक गुरुवार सुबह सीवुड्स स्थित अपने किराए के फ्लैट में आत्महत्या करते पाए गए। मृतक की पहचान चिन्मय देहांगिया के रूप में हुई है, जो एसबीआई की सीवुड्स शाखा के आईटी विभाग में कार्यरत थे। पुलिस ने बताया कि उनकी आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों के अनुसार, देहांगिया अविवाहित थे और सीवुड्स के सेक्टर-48 स्थित साईं महल बिल्डिंग में किराए के अपार्टमेंट में अकेले रहते थे। गुरुवार तड़के उन्होंने कथित तौर पर अपने फ्लैट में फांसी लगा ली। </p>
<p> </p>
<p>एनआरआई कोस्टल पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक देवेंद्र पोल ने बताया, "काम पर उनकी अनुपस्थिति से सहकर्मियों में चिंता पैदा हो गई। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर उनके मोबाइल फोन पर उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। बाद में परिवार ने बिल्डिंग के सुरक्षा गार्ड को सूचित किया कि वे उनकी जाँच करें।" सुबह करीब 11 बजे एनआरआई पुलिस को मौके पर बुलाया गया।</p>
<p>जब अधिकारियों ने दरवाजा तोड़ा, तो देहांगिया अंदर फंदे से लटके मिले। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है और कहा है कि आगे की जाँच जारी है। अधिकारी ने कहा, "हमें कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और इस कदम के पीछे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।" </p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 10:12:46 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>SC का चुनावी बॉन्ड पर बड़ा आदेश,  SBI की याचिका खारिज...  12 मार्च तक आंकड़ा देने को कहा</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी को एक ऐतिहासिक फैसले में, चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया था और इसे ‘‘असंवैधानिक’’ करार देते हुए निर्वाचन आयोग को चंदा देने वालों, चंदे के रूप में दी गई राशि और प्राप्तकर्ताओं का 13 मार्च तक खुलासा करने का आदेश दिया था। योजना को तुरंत बंद करने का आदेश देते हुए, कोर्ट ने योजना के तहत अधिकृत बैंक एसबीआई को 12 अप्रैल 2019 से खरीदे गए चुनावी बॉन्ड का विवरण 6 मार्च तक निर्वाचन आयोग को सौंपने का निर्देश दिया था।</p>]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/29389/sc-s-big-order-on-electoral-bonds--sbi-s-petition-rejected----asked-to-give-data-by-march-12"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2024-03/download-(7)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में SC  ने एसबीआई को फटकार लगाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की याचिका को भी खारिज कर दिया है। बता दें कि एसबीआई ने एक याचिका दायर कर भारत के चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण जमा करने के लिए 30 जून तक समय बढ़ाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई से फटकार लगाते हुए 12 मार्च को कामकाजी समय समाप्त होने तक चुनावी बांड के विवरण का खुलासा करने को कहा है।<br /><br />दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बैंक को भारत के चुनाव आयोग को चुनावी बांड का विवरण जमा करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। साल्वे ने कहा कि एसबीआई की एकमात्र समस्या यह है कि वह पूरी प्रक्रिया को उलटने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एसओपी ने सुनिश्चित किया कि हमारे कोर बैंकिंग सिस्टम और बांड नंबर में खरीदार का कोई नाम नहीं था। हमें बताया गया कि इसे गुप्त रखा जाना चाहिए। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई से कहा कि उसने अपने फैसले में बैंक से मिलान अभ्यास करने के लिए नहीं कहा है, हमने स्पष्ट खुलासा करने का निर्देश दिया है। इसलिए यह कहते हुए समय मांगना कि एक मिलान अभ्यास किया जाना है, उचित नहीं है, हमने आपको ऐसा करने का निर्देश नहीं दिया है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि 12 मार्च को कामकाजी समय समाप्त होने तक चुनावी बांड के विवरण का खुलासा करें।<br /><br />सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी को एक ऐतिहासिक फैसले में, चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया था और इसे ‘‘असंवैधानिक’’ करार देते हुए निर्वाचन आयोग को चंदा देने वालों, चंदे के रूप में दी गई राशि और प्राप्तकर्ताओं का 13 मार्च तक खुलासा करने का आदेश दिया था। योजना को तुरंत बंद करने का आदेश देते हुए, कोर्ट ने योजना के तहत अधिकृत बैंक एसबीआई को 12 अप्रैल 2019 से खरीदे गए चुनावी बॉन्ड का विवरण 6 मार्च तक निर्वाचन आयोग को सौंपने का निर्देश दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही, आयोग को अपनी वेबसाइट पर 13 मार्च तक यह जानकारी प्रकाशित करने को कहा था। एसबीआई ने 4 मार्च को, राजनीतिक दलों द्वारा भुनाये गए चुनावी बॉन्ड के विवरण का खुलासा करने के लिए 30 जून तक समय बढ़ाने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था। <br /><br />अपनी अर्जी में, एसबीआई ने दलील दी है कि प्रक्रिया को पूरा करने में समय लगेगा। अर्जी में कहा गया है कि चुनावी बॉन्ड को ‘डीकोड’ (कूट रहित) करना और चंदे का मिलान इसे देने वालों से करना एक जटिल प्रक्रिया होगी। अर्जी में दलील दी गयी है, ‘‘बॉंन्ड जारी करने से जुड़े आंकड़े और बॉन्ड को नकदी में परिवर्तित करने से संबद्ध आंकड़े दो अलग-अलग स्थानों पर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह चंदा देने वालों की गोपनीयता को सुरक्षित रखने के लिए किया गया था।’’ अर्जी में कहा गया है, ‘‘चंदा देने वालों का विवरण (बैंक की) निर्दिष्ट शाखाओं में सीलबंद लिफाफों में रखा गया है और ये सीलबंद लिफाफे अर्जी दायर करने वाले बैंक की मुख्य शाखा में जमा किये गए हैं, जो मुंबई में है।’’</p>]]>
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                <pubDate>Mon, 11 Mar 2024 14:38:53 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>एलआईसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पीएफ का पैसा अडानी समूह में अवैध रूप से निवेश किया गया - नाना पटोले </title>
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                        <![CDATA[संयुक्त संसदीय समिति की मांग पहली बार नहीं की जा रही है। इससे पहले भी कई मामलों में जेपीसी का गठन कर जांच की जा चुकी है। तथाकथित बोफोर्स मामले में जेपीसी का गठन किया गया था। शेयर बाजार में हुए घोटाले की जांच के लिए भी जेपीसी की स्थापना की गई थी। इसके अलावा शीतल पेय मामले में भी जेपीसी की जांच की गई थी। विशेष रूप से शीतल पेय के संबंध में २००३ में स्थापित जेपीसी की अध्यक्षता एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने की थी। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/19796/lic--sbi--pf-money-illegally-invested-in-adani-group---nana-patole"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2023-04/download-(2)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई :</strong> एलआईसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पीएफ का पैसा अडानी समूह में अवैध रूप से निवेश किया गया है। यह करोड़ों लोगों की मेहनत का पैसा है। लोगों को इसका हिसाब मिलना चाहिए। यह बात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कही। उन्होंने आगे कहा कि अडानी कंपनियों में हुए घोटाले का सच सामने लाना है तो संयुक्त संसदीय जांच समिति (जेपीसी) के माध्यम से ही पूरा सच सामने आ सकता है। कांग्रेस सहित देश की १९ पार्टियां जेपीसी की मांग पर अडिग हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त संसदीय समिति की मांग पहली बार नहीं की जा रही है। इससे पहले भी कई मामलों में जेपीसी का गठन कर जांच की जा चुकी है। तथाकथित बोफोर्स मामले में जेपीसी का गठन किया गया था। शेयर बाजार में हुए घोटाले की जांच के लिए भी जेपीसी की स्थापना की गई थी। इसके अलावा शीतल पेय मामले में भी जेपीसी की जांच की गई थी। विशेष रूप से शीतल पेय के संबंध में २००३ में स्थापित जेपीसी की अध्यक्षता एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने की थी। अडानी मामले में कोई घोटाला नहीं हुआ है तो फिर पीएम मोदी जेपीसी जांच से क्यों डर रहे हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसा सवाल पूछते हुए नाना पटोले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिक्षा मुद्दा नहीं है, लेकिन चुनाव आयोग को दिए अपने हलफनामे में उन्होंने अपनी डिग्री का उल्लेख किया है। अगर उनके पास डिग्री है, तो उसे दिखाने में क्या हर्ज है? पटोले ने कहा कि इलेक्शन कमीशन को गलत जानकारी देना गुनाह है, सवाल बस इतना है। महाविकास आघाड़ी के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के तानाशाही शासन के खिलाफ लड़ रहे हैं और हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी। पटोले ने यह भी चेतावनी दी कि अगर स्थानीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी का कोई भी नेता भाजपा से हाथ मिलाता है तो पार्टी उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।</p>]]>
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                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Apr 2023 11:00:01 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Online Desk]]>
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            <item>
                <title>SBI से 862 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में CBI ने मुंबई की आईटी कंपनी पर छापा मारा</title>
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                        <![CDATA[<p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2021-10/images-2021-10-12t184942.7761.jpeg" alt="" width="740" height="415" class="aligncenter size-full wp-image-16973" /></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p></p> <p>,</p> <p>मुंबई : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई और कोल्हापुर समेत कई जगहों पर छापेमारी की कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ कथित तौर पर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और सात अन्य कंसोर्टियम बैंकों को रु.862 करोड़ धोखा देने के आरोप में । सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है उनमें मेसर्स ट्राइमैक्स आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेज लिमिटेड (टीआईआईएसएल), सूर्य प्रकाश माद्रेचा, प्रबंध निदेशक, टीआईआईएसएल, चंद्र प्रकाश मद्रेचा, निदेशक, टीआईआईएसएल और अज्ञात लोक  और अज्ञात सेवक अन्य शामिल हैं।</p> <p>सीबीआई के एक प्रेस बयान के अनुसार, यह आगे आरोप लगाया गया</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/6737/cbi-raids-mumbai-it-company-for-duping-rs-862-crore-from-sbi"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2021-10/images-2021-10-12t184942.776.jpeg" alt=""></a><br /><p><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/2021-10/images-2021-10-12t184942.7761.jpeg" alt="" width="740" height="415" class="aligncenter size-full wp-image-16973"></img></p> <p><strong>Rokthok Lekhani</strong><br /> </p> <p></p> <p>,</p> <p>मुंबई : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई और कोल्हापुर समेत कई जगहों पर छापेमारी की कंपनी और उसके अधिकारियों के खिलाफ कथित तौर पर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और सात अन्य कंसोर्टियम बैंकों को रु.862 करोड़ धोखा देने के आरोप में । सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है उनमें मेसर्स ट्राइमैक्स आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेज लिमिटेड (टीआईआईएसएल), सूर्य प्रकाश माद्रेचा, प्रबंध निदेशक, टीआईआईएसएल, चंद्र प्रकाश मद्रेचा, निदेशक, टीआईआईएसएल और अज्ञात लोक  और अज्ञात सेवक अन्य शामिल हैं।</p> <p>सीबीआई के एक प्रेस बयान के अनुसार, यह आगे आरोप लगाया गया था कि 2009 से 2017 की अवधि के दौरान, अभियुक्तों को कंसोर्टियम बैंकिंग के तहत क्रेडिट सुविधाएं स्वीकृत की गई थीं, जिन्हें समय-समय पर बढ़ाया गया था।<br /> यह भी आरोप लगाया गया था कि कंपनी के निदेशकों ने अन्य लोगों के साथ साजिश में खातों की किताबों में हेरफेर किया, बैंकों द्वारा जारी धन को डायवर्ट किया और इस तरह भारतीय स्टेट बैंक सहित सात कंसोर्टियम सदस्य बैंकों को 862.06 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।</p>]]>
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                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 18:50:48 +0530</pubDate>
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