<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/38121/despite-lacking-permission" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>despite lacking permission - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/38121/rss</link>
                <description>despite lacking permission RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाराष्ट्र में हलचतल तेज, परमिशन नहीं, पर जालना से मुंबई की ओर बढ़े मनोज जरांगे... देवेंद्र फडणवीस का आया बयान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">मनोज जरांगे मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे गोदावरी नदी के पुल से होते हुए बीड जिले में पहुंचे। इसके बाद गेवराई और बीड शहर में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। काफिला रात्रि विश्राम के लिए तय पड़ाव पाटोदा पहुंचा। शारीरिक रूप से कमजोर नजर आ रहे जरांगे अपने चिर-परिचित सफेद कमीज-पायजामे में कार की अगली सीट पर बैठे हुए थे। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने भी उन्हें मुंबई में प्रदर्शन से रोकने से इनकार कर दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51854/there-is-a-stir-in-maharashtra-due-to-lack-of"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-09/89gf.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जालना : </strong>मुंबई में प्रदर्शन करने की पुलिस से अनुमति न मिलने के बावजूद, अनशन पर बैठे मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव से मुंबई के लिए कूच किया। कुनबी जाति की वंशावली वाले मराठा समुदाय के सदस्यों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण की मांग को लेकर पिछले 17 दिन से अनशन पर बैठे जरांगे को मुंबई पुलिस ने गणेश उत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मनोज जरांगे के आंदोलन पर सवाल उठाए हैं। मनोज जरांगे अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से मराठा समुदाय के लोगों को मुंबई में जुटाने की अपनी पहले की योजना में बदलाव किया। अब जरांगे ने कड़ी सुरक्षा के बीच केवल पांच से 10 सहयोगियों के एक छोटे समूह के साथ जाने का फैसला किया।<br /><br />मनोज जरांगे मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे गोदावरी नदी के पुल से होते हुए बीड जिले में पहुंचे। इसके बाद गेवराई और बीड शहर में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। काफिला रात्रि विश्राम के लिए तय पड़ाव पाटोदा पहुंचा। शारीरिक रूप से कमजोर नजर आ रहे जरांगे अपने चिर-परिचित सफेद कमीज-पायजामे में कार की अगली सीट पर बैठे हुए थे। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने भी उन्हें मुंबई में प्रदर्शन से रोकने से इनकार कर दिया है।<br /><br />मनोज जरांगे ने उनकी हत्या की साजिश रचने के आरोपों को दोहराया। आरक्षण कार्यकर्ता ने कहा, ‘क्या (मुख्यमंत्री) देवेंद्र फडणवीस मुझे गोली मरवाना चाहते हैं? मैं अकेला आ रहा हूं। उन्होंने मुझे मारने की साजिश रची है। भले ही वे मुझे मार डालें, मैं मराठा समुदाय के साथ विश्वासघात नहीं होने दूंगा।’ देवेंद्र फडणवीस और राज्य मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों ने मनोज जरांगे से बार-बार अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा था कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और कानूनी रूप से वैध मांगों को स्वीकार करेगी।<br />अहिल्यानगर, पुणे और रायगढ़ से होते हुए मुंबई पहुंचेंगे मनोज जरांगे<br />जरांगे का काफिला बीड के पाटोदा, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ जिले के खोपोली से होते हुए 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचेगा। इससे पहले सुबह जरांगे की स्वास्थ्य जांच की गई। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन किया और गांव के दो मंदिरों में माथा टेका। अंतरवाली सराटी-शाहगढ़ मार्ग पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।<br /><br />अधिकारियों ने कहा कि तैनात किए गए सुरक्षाबल में तीन उपविभागीय पुलिस अधिकारी, 10 निरीक्षक, 30 सहायक/उप-निरीक्षक, 300 पुलिसकर्मी, 265 होमगार्ड आदि शामिल हैं। विभिन्न संवेदनशील बिंदुओं पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। जरांगे के काफिले में दो एसयूवी और दो एम्बुलेंस शामिल हैं। जालना पुलिस द्वारा दिए गए दो बॉडीगार्ड्स के साथ-साथ छत्रपति संभाजीनगर की अतिरिक्त विशेष सुरक्षा इकाई (एसपीयू) के कर्मियों के साथ जरांगे की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।<br /><br />मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी और विरोध-प्रदर्शनों के कारण गणेशोत्सव में कोई बाधा नहीं आएगी। यह मुंबई और पुणे में बहुत बड़ा त्योहार है और इसे सबसे बड़े हिंदू त्योहारों में से एक के रूप में सार्वजनिक तौर पर मनाया जाता है। जरांगे का काफिला 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान पहुंचने से पहले बीड, अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हडपसर और रायगढ़ के खोपोली से होकर गुजरेगा। इस दौरान काफिला 400 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51854/there-is-a-stir-in-maharashtra-due-to-lack-of</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51854/there-is-a-stir-in-maharashtra-due-to-lack-of</guid>
                <pubDate>Wed, 16 Sep 2026 12:08:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-09/89gf.jpg"                         length="75298"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        