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                <title>Self Reliant India - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>नागपुर में मोहन भागवत ने फहराया तिरंगा, 2047 तक समृद्ध और सुरक्षित भारत बनाने का दिया संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नागपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर RSS प्रमुख मोहन भागवत ने तिरंगा फहराया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए नागरिकों से भारत को 2047 तक समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51380/mohan-bhagwat-hoisted-the-tricolor-in-nagpur-and-gave-the"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/untitled-design-42.jpg" alt=""></a><br /><p>नागपुर: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने और भारत को समृद्ध, सुरक्षित तथा आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया। <br /><br />मोहन भागवत ने कहा कि भारत को ऐसा राष्ट्र बनाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है, जो न केवल आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत हो, बल्कि दुनिया के सामने अपना सकारात्मक योगदान भी दे। उन्होंने 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।</p>
<p><br />स्वतंत्रता के लिए पूर्वजों के बलिदान को किया याद<br />भागवत ने स्वतंत्रता संग्राम में देशवासियों के लंबे संघर्ष और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि यदि 1857 से स्वतंत्रता आंदोलन की अवधि को देखा जाए तो करीब 90 वर्षों तक हमारे पूर्वजों ने अलग-अलग तरीकों से संघर्ष किया और बलिदान दिया।</p>
<p><br />उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल हासिल करने की चीज नहीं है, बल्कि उसे सुरक्षित रखना भी नागरिकों की जिम्मेदारी है। देश की आजादी के साथ कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना जरूरी है।</p>
<p><br />तिरंगे के रंगों का बताया महत्व<br />अपने संबोधन में मोहन भागवत ने राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों के महत्व पर भी बात की। उन्होंने भगवा रंग को कर्तव्य, ज्ञान और त्याग का प्रतीक बताया।</p>
<p><br />उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए मेहनत और बलिदान की जरूरत पड़ी और आजादी के बाद भी इन्हीं मूल्यों के जरिए देश को समृद्ध और सुरक्षित बनाया जा सकता है।<br />उन्होंने तिरंगे के सफेद रंग को पवित्रता और शांति से जोड़ा, जबकि हरे रंग को समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और अनुशासन भी जरूरी हैं।</p>
<p><br />भारत को बनाना होगा समृद्ध और सुरक्षित<br />मोहन भागवत ने कहा कि देश को खुशहाल, समृद्ध और सुरक्षित बनाने के लिए नागरिकों को अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा। उन्होंने भारत के सामने मौजूद चुनौतियों का मिलकर सामना करने की जरूरत पर जोर दिया।</p>
<p><br />उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है।</p>
<p><br />‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान<br />भागवत ने भारत के वैश्विक योगदान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी मूल विचारधारा और सिद्धांतों से समझौता किए बिना सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करना चाहिए।</p>
<p><br />उन्होंने नागरिकों से ऐसा भारत बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया जो दुनिया के लिए मार्गदर्शक भूमिका निभा सके और मानवता के हित में अपना योगदान दे।</p>
<p><br />एकता और विविधता पर भी दिया संदेश<br />भागवत ने कहा कि लोगों के विचार और व्यक्तित्व अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन यही विविधता भारत की एकता की अभिव्यक्ति है। उन्होंने सामाजिक एकता और आपसी सहयोग को राष्ट्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया।</p>
<p><br />स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में सुरक्षा कर्मियों और अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में तिरंगा फहराया गया। इसके बाद भागवत ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 13:56:30 +0530</pubDate>
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