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                <title>Fadnavis - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>मुंबई : शिंदे से ऑफर मिला, लेकिन फडणवीस के प्रति वफादार हूं - रवि राणा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>आने वाले लेजिस्लेटिव काउंसिल चुनावों से पहले एक बड़ी बात यह हुई है कि एक जाने-माने पॉलिटिकल हस्ती बच्चू कडू, महायुति गठबंधन की एक पार्टी शिंदे सेना में शामिल हो गए हैं। यह घोषणा महाविकास अघाड़ी गठबंधन के अंदर असहमति, नाराज़गी और पॉलिटिकल चालबाज़ी के नए संकेतों के बीच हुई है। कडू के शिंदे सेना में शामिल होने के बाद, पार्टी ने तुरंत उन्हें लेजिस्लेटिव काउंसिल के लिए अपना कैंडिडेट घोषित कर दिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49613/got-offer-from-mumbai-shinde-but-am-loyal-to-fadnavis"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-05/download---2026-05-01t122516.088.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>आने वाले लेजिस्लेटिव काउंसिल चुनावों से पहले एक बड़ी बात यह हुई है कि एक जाने-माने पॉलिटिकल हस्ती बच्चू कडू, महायुति गठबंधन की एक पार्टी शिंदे सेना में शामिल हो गए हैं। यह घोषणा महाविकास अघाड़ी गठबंधन के अंदर असहमति, नाराज़गी और पॉलिटिकल चालबाज़ी के नए संकेतों के बीच हुई है। कडू के शिंदे सेना में शामिल होने के बाद, पार्टी ने तुरंत उन्हें लेजिस्लेटिव काउंसिल के लिए अपना कैंडिडेट घोषित कर दिया। रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह कदम एकनाथ शिंदे और दूसरे सीनियर नेताओं के साथ बातचीत के ज़रिए तय किया गया। सूत्रों का यह भी कहना है कि शिंदे ने पॉलिटिकल तरीकों से कडू को ऑफ़र देने की कोशिश की थी, जिसमें रवि राणा जैसे नेताओं का दखल भी शामिल था। </p>
<p> </p>
<p>रवि राणा ने सबके सामने बच्चू कडू को अपनी शुभकामनाएं दीं, और इस बात पर ज़ोर दिया कि शिंदे सेना में शामिल होने का फ़ैसला पार्टी ने लिया था और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। राणा ने कहा, “मैं बच्चू कडू को लेजिस्लेटिव काउंसिल और MLA पोस्ट के लिए उनके चुनाव के लिए शुभकामनाएं देता हूं। उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया गया है, और अब सभी को एक साथ आना चाहिए, महायुति की आइडियोलॉजी को फॉलो करना चाहिए, और जिले के डेवलपमेंट पर फोकस करना चाहिए।”</p>
<p>रवि राणा ने बदलावों के बीच अपना पॉलिटिकल स्टैंड भी साफ किया, और देवेंद्र फडणवीस के प्रति अपनी लॉयल्टी दोहराई। उन्होंने आगे कहा, “कुछ दिन पहले, एकनाथ शिंदे, संजय राठौड़ और आशीष जायसवाल जैसे सीनियर नेताओं ने मुझे शिवसेना में शामिल होने के लिए इनवाइट किया था, लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं देवेंद्र फडणवीस का लॉयल वर्कर हूं और रहूंगा। हालांकि, मैं महायुति के प्रिंसिपल्स से जुड़ा हूं और अलायंस फ्रेमवर्क के अंदर काम करता रहूंगा।”</p>
<p>एनालिस्ट्स का कहना है कि कडू के इस कदम से चुनावों से पहले शिंदे सेना मजबूत होगी, क्योंकि उन्हें एक वैल्यूएबल वर्कर माना जाता है जिनका लोकल सपोर्ट बेस मजबूत है। अलायंस के अंदर के नेताओं ने उनके शामिल होने का स्वागत किया है, और इसे जिले में महायुति के असर को मजबूत करने के लिए एक स्ट्रेटेजिक बूस्ट के तौर पर देखा है। राणा ने महायुति अलायंस के अंदर पॉलिटिकल यूनिटी की इंपॉर्टेंस पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा, “पॉलिटिक्स का कभी कोई पक्का रुख नहीं होता। नवनीत राणा लोकसभा में हार गईं, और जनता बच्चू कडू समेत कई नेताओं के योगदान को मानती है। अब, विधानसभा सदस्यों और नेताओं के लिए एकजुट होने और महायुति के सिद्धांतों का पालन करने का समय आ गया है।”</p>
<p>रवि राणा ने बच्चू कडू के साथ अपनी पर्सनल बातचीत को भी याद किया, जिसमें उन्होंने पिछले पॉलिटिकल मतभेदों के बावजूद उनके बीच के अच्छे रिश्ते को बताया। राणा ने कहा, “बच्चू कडू ने मुझे मेरे जन्मदिन पर फोन किया, और मैंने उन्हें शिवसेना में शामिल होने के उनके फैसले पर बधाई दी। इससे पता चलता है कि पॉलिटिकल दुश्मनी ज़्यादा दिन नहीं चलती और रिश्ते प्रोफेशनल और सम्मानजनक बने रह सकते हैं।” बच्चू कडू के शिंदे सेना में शामिल होने से आने वाले लेजिस्लेटिव काउंसिल चुनावों के डायनामिक्स पर असर पड़ने की उम्मीद है।</p>
<p>पॉलिटिकल जानकारों का कहना है कि इस कदम से महायुति और विपक्षी दोनों खेमे प्रभावित हो सकते हैं, जिससे खास चुनाव क्षेत्रों में वोटर सपोर्ट में बदलाव आ सकता है। जैसे-जैसे चुनाव पास आ रहे हैं, सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि महायुति के नेता अंदरूनी तालमेल, कैंपेन स्ट्रेटेजी और वोटर आउटरीच को कैसे मैनेज करते हैं। कडू के शामिल होने और रवि राणा जैसे नेताओं के समर्थन के साथ, गठबंधन का मकसद राज्य के कानूनी ढांचे में अपनी स्थिति मजबूत करते हुए एकजुट मोर्चा बनाना है।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 12:26:46 +0530</pubDate>
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                <title>मुंबई : सुषमा अंधारे ने फडणवीस को चुनौती दी: क्या वह महिला कल्याण के लिए इस्तीफा देंगे?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महिला आरक्षण की भ्रूण हत्या 1951 में हुई थी। भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने यह बिल पेश किया था। इसके विरोध के कारण डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने इस्तीफा दे दिया था। क्या महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए? देवेंद्र फडणवीस। उद्धव सेना प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने सवाल किया कि क्या वे तैयार हैं?</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49392/mumbai-sushma-andhare-challenges-fadnavis-whether-he-will-resign-for"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-22t131014.028.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>महिला आरक्षण की भ्रूण हत्या 1951 में हुई थी। भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने यह बिल पेश किया था। इसके विरोध के कारण डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने इस्तीफा दे दिया था। क्या महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए? देवेंद्र फडणवीस। उद्धव सेना प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने सवाल किया कि क्या वे तैयार हैं? सुषमा अंधारे ने कहा कि अगर BJP सच में प्रोग्रेसिव है, तो 2029 लोकसभा में सत्ता में आने पर उसे महाराष्ट्र में एक महिला प्रधानमंत्री और एक महिला मुख्यमंत्री नियुक्त करना चाहिए। इसी तरह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक सरसंघचालक के पद पर भी एक महिला को नियुक्त किया जाना चाहिए। हम इसका भी समर्थन करेंगे, उन्होंने कहा।</p>
<p> </p>
<p>केंद्र में महिला आरक्षण बिल का विपक्ष द्वारा विरोध किए जाने के बाद, कल राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष की कड़ी आलोचना की। इसके जवाब में, आज सुषमा अंधारे ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के विभिन्न मुद्दों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा था कि 'विरोधियों ने बिल की भ्रूण हत्या की है'। अंधारे ने इस पर आपत्ति जताई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों का ज़िक्र करके विरोधियों पर निशाना साधा। इस पर, क्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सालाना प्रोग्राम में महात्मा ज्योतिबा फुले की लिखी किताबें 'गुलामगिरी' और 'किसानों का आसूद' सबके सामने पढ़ी जाएंगी? इस मौके पर सुषमा अंधारे ने सत्ताधारी पार्टी को चुनौती दी। अंधारे ने 20 और 22 सितंबर 2023 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के किए गए ट्वीट्स दिखाए कि महिला आरक्षण बिल पास हो गया है।</p>
<p>यह कहते हुए कि अगर महिलाओं को आरक्षण देना है तो 543 से दें, यह कहा जा रहा है कि जनगणना के बाद लोकसभा के बाद आबादी के हिसाब से MPs की संख्या बढ़ जाएगी, लेकिन दक्षिण में MPs की संख्या वही रहेगी। हालांकि, उत्तर में MPs की संख्या बढ़ेगी, और भारतीय जनता पार्टी को दक्षिण और उत्तर के बीच यह झगड़ा खड़ा करने की ज़रूरत क्यों पड़ी, खरात ने यह भी सवाल उठाया। सुषमा अंधारे ने मांग की, 'कहा जा रहा है कि जालसाज अशोक खरात की संपत्ति 15 हजार करोड़ रुपये की है, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए और खरात की सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि इसमें कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 13:11:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Online Desk]]></dc:creator>
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                <title>मुंबई : आशा भोसले के अंतिम दर्शन को उनके घर पहुंचे सीएम फडणवीस, श्रद्धांजलि अर्पित की</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और बहुमुखी पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख जताया है। सीएम ने आशा भोसले के घर पहुंचकर पार्थिव शरीर के दर्शन किए और उनको अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तस्वीरें साझा कीं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49168/mumbai-cm-fadnavis-reached-asha-bhosles-house-to-pay-her"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/download---2026-04-13t132138.176.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई : </strong>भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और बहुमुखी पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख जताया है। सीएम ने आशा भोसले के घर पहुंचकर पार्थिव शरीर के दर्शन किए और उनको अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तस्वीरें साझा कीं। शेलार ने तस्वीरों के कैप्शन में लिखा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आशाताई के आवास पर जाकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी।</p>
<p> </p>
<p>इससे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पद्म विभूषण और महाराष्ट्र भूषण से सम्मानित वयोवृद्ध गायिका आशाताई भोसले के निधन की खबर बेहद हृदयविदारक है। उन्होंने अभी तीन साल पहले ही अपना 90वां जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाया था। उनके निधन के साथ ही लता दीदी के बाद मंगेशकर परिवार का एक और सितारा टूट गया है। सुरों का वह खूबसूरत चमन आज वीरान हो गया है।" सीएम ने आगे लिखा कि आशाताई की आवाज संगीत की आत्मा थी। गायन के क्षेत्र में आशाताई एक शाश्वत वसंत थीं और मधुर भावनाओं का एक विशाल सागर थीं। 'तोरा मन दर्पण कहलाए' जैसे रूह को छू लेने वाले गीतों से लेकर 'खल्लास' जैसे गानों तक, उन्होंने अनगिनत भावों वाले गीत बड़ी सहजता से गाए। उन्होंने भक्ति गीत, भावपूर्ण धुनें, नाट्य संगीत, गजल, शास्त्रीय संगीत, रवींद्र संगीत, लोकगीत और पॉप जैसे विभिन्न शैलियों पर अपनी एक अनोखी छाप छोड़ी। मराठी, हिंदी, बंगाली के साथ-साथ 20 अन्य भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं में 12,000 से अधिक गीत गाने वाली आशाताई को 'महाराष्ट्र भूषण' की तर्ज पर 'बांग्ला विभूषण' जैसे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऐसी बहुमुखी प्रतिभा की धनी गायिका जिन्होंने बदलाव को इतनी सहजता से अपनाया, अब दोबारा नहीं आएंगी। अभी हाल ही में, 'विश्व रेडियो दिवस' के एक कार्यक्रम में जब हम साथ थे, तो उन्होंने मुझसे जिद करके अपने लिए 'अभी न जाओ छोड़कर...' गीत गवाया था और मजाकिया अंदाज में कहा भी था, "देखो, मैंने मुख्यमंत्री से अपने लिए गाना गवा लिया।" यह विचार ही असहनीय है कि अब हमें आशा ताई का साथ नहीं मिलेगा। मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम उनके परिवार और देशभर में फैले उनके असंख्य प्रशंसकों के दुख में उनके साथ हैं।<br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:22:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन से देश में शोक की लहर...  पीएम मोदी, अमित शाह, गडकरी, फडणवीस समेत इन नेताओं ने दी श्रद्धांजलि !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर आशा भोसले के साथ अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा-'भारत की सबसे मशहूर और बहुमुखी आवाज़ों में से एक, आशा भोसले जी के निधन से मैं बहुत दुखी हूं। दशकों तक चली उनकी असाधारण संगीत यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी दिल को छू लेने वाली धुनें हों या उनकी जोशीली रचनाएं, उनकी आवाज़ में हमेशा एक बेमिसाल चमक रही। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/49162/wave-of-mourning-in-the-country-due-to-the-demise"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-04/aasha-bhasal_72738c2f5c6b106db5c8f5c8dacc5969.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई: </strong>आशा भोसले के निधन से पूरे देश में शोक की लहर फैल गई है। राजनीतिक जगत की दिग्गज हस्तियों ने भी आशा भोसले के निधन पर शोक संवेदनाएं जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत तमाम नेताओं ने भी आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक जताया है।<br /><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर आशा भोसले के साथ अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा-'भारत की सबसे मशहूर और बहुमुखी आवाज़ों में से एक, आशा भोसले जी के निधन से मैं बहुत दुखी हूं। दशकों तक चली उनकी असाधारण संगीत यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी दिल को छू लेने वाली धुनें हों या उनकी जोशीली रचनाएं, उनकी आवाज़ में हमेशा एक बेमिसाल चमक रही। उनके साथ हुई मेरी मुलाक़ातों की यादें मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत हमेशा लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।'<br /><br />केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आशा भोसले के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने कहा-आशा 'ताई' ने न केवल अपनी आवाज और प्रतिभा से एक अनूठी पहचान बनाई बल्कि अपने मधुर गीतों के माध्यम से भारतीय संगीत को और भी समृद्ध किया। <br /><br />महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा-"ये पूरे भारत के लिए, विश्व के संगीत प्रेमियों के लिए बहुत ही दुख की बेला है, भारत के इतिहास में उन्होंने संगीत की जो सेवा की है, मंगेशकर परिवार ने जो संगीत की सेवा की है, लता दीदी के रूप में पहले सितारा, पहला तारा लुप्त होते हुए हमने देखा, संगीत का दूसरा तारा भी आज लुप्त हुआ है, इसका हम सबको बहुत दुख है, बाल्यावस्था से संगीत की सेवा करते-करते 92 साल की उम्र तक लगातार उन्होंने सेवा की ,अपने 90 में जन्मदिन पर 3 घंटे CONCRT करने वाली दुनिया की एकमात्र गायिका है, आखरी दम तक संगीत की सेवा उन्होंने कि, हम सभी लोग जानते हैं कि शास्त्री संगीत से लेकर पॉप, रॉक ,सभी प्रकार की संगीत उन्होंने हम लोगों को दिया, सभी प्रकार के गीत गाए, विशेषता आरडी बर्मन जी और उन्होंने संगीत को एक अलग जोन में पहुंचने का काम किया और ऐसा कोई भी ,ऐसी कोई भी भाषा नहीं है, भारत की जिसमें उन्होंने गाना ना गया हो, 12000 से ज्यादा गाने, 20 से ज्यादा भाषाओं में उन्होंने गए, इस प्रकार की एक गायइका  जिनके शुरू में परमेश्वर बसते थे, उनका चला जाना, यह भारत के लिए हम सभी के लिए बहुत बड़ी हानि है, उनके परिवार के दुख में, हम सभी लोग सम्मिलित हैं।'<br /><br />केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- भारतीय संगीत जगत की मशहूर और दिग्गज हस्ती गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजली। उनके साथ मेरे पारिवारिक संबंध रहें है। उनका जाना भारत के संगीत क्षेत्र की अपरिमित क्षति है। अपनी विलक्षण प्रतिभा से आशा जी ने संगीत के क्षितिज पर अपनी एक अलग पहचान बनाई। नया दौर, तीसरी मंज़िल, हरे रामा हरे कृष्णा, उमराव जान के साथ साथ इजाज़त और रंगीला जैसे वक़्त और पीढ़ियों के साथ बदलती कई मशहूर फिल्में और गीत आशा जी ने अपने स्वर से अजर अमर किए है। प्लेबैक सिंगर के रूप में भी उन्होंने कई यादगार गाने दिए। संगीत के क्षेत्र में उनका 'स्वर' और उनका महत्वपूर्ण योगदान पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को संबल दे।<br /><br />उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आशा भोसले के निधन को कला और संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-'भारतीय संगीत जगत की सुर साम्राज्ञी, सुरों की महान उस्ताद, 'पद्म विभूषण' आशा भोसले जी का निधन बहुत दुखद है और कला की दुनिया के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। उनकी बेमिसाल गायकी ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयां दीं। उनकी मीठी धुनें हमेशा देश के लोगों के दिलों में गूंजती रहेंगी। मैं भगवान श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले, और शोकाकुल परिवार और चाहने वालों को यह बहुत बड़ा दुख सहने की शक्ति मिले। ॐ शांति!<br /><br />पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जानी मानी गायिका आशा भोसले के निधन पर रविवार को गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें "संगीत जगत की महान हस्ती" करार देते हुए पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। बनर्जी ने 'एक्स' पर अपने संदेश में कहा, "संगीत जगत की महान हस्ती आशा भोसले के निधन से गहरा दुख हुआ है। वह एक ऐसी प्रेरणादायी और मंत्रमुग्ध कर देने वाली गायिका थीं, जिन्होंने पीढ़ियों तक हमारे दिलों पर राज किया।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बांग्ला संगीत में भी आशा भोसले का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने कहा, "उन्होंने कई बांग्ला गीत भी गाए और पश्चिम बंगाल में भी वह बेहद लोकप्रिय हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि हमें उन्हें 2018 में हमारे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बंगविभूषण' से सम्मानित करने का अवसर मिला।'' बनर्जी ने भोसले के परिवार, सहयोगियों और दुनियाभर में उनके प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। <br /><br />शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, "आशा भोसले जी के निधन की खबर सुनकर अत्यंत दुःख हुआ। भारतीय संगीत जगत की एक अमर आवाज आज शांत हो गई। उनके सुरों ने कई पीढ़ियों को आनंद दिया और भावनाओं को छुआ। वे खुले व्यक्तित्व की धनी थीं। लता मंगेशकर के बाद वे संगीत जगत के एक महान युग की मजबूत स्तंभ की तरह खड़ी थीं। भारतीय संगीत क्षेत्र का यह स्तंभ आज ढह गया है। उनके गीत ही उनका अमरत्व बने रहेंगे। उनकी स्मृति को विनम्र श्रद्धांजलि।"</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 18:54:25 +0530</pubDate>
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