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                <title>national news Hindi - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>national news Hindi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>भारतीय रेलवे का ऐतिहासिक कदम: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का 120 kmph की रफ्तार पर सफल ट्रायल, जल्द शुरू होगी यात्री सेवा</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">भारतीय रेलवे ने एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल करते हुए देश की पहली 'हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन' (Hydrogen-powered Train) का हरियाणा में सफलतापूर्ण स्पीड ट्रायल पूरा कर लिया है। इस पर्यावरण-अनुकूल ट्रेन ने परीक्षण के दौरान 120 किमी प्रति घंटे की शीर्ष रफ्तार को छुआ। शून्य-उत्सर्जन (Zero-emission) वाली इस ग्रीन तकनीक के सफल परीक्षण के बाद अब भारत में पहली पैसेंजर हाइड्रोजन ट्रेन सेवा शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50434/historic-step-by-indian-railways-successful-trial-of-countrys-first"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/untitled-design-2025-08-15t111929.101.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>जींद/नई दिल्ली: </strong>भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने देश को पूरी तरह से कार्बन-मुक्त और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन नेटवर्क बनाने की दिशा में एक और अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। भारत की पहली <strong>'हाइड्रोजन पावर्ड ट्रेन' (Hydrogen-powered Train)</strong> ने हरियाणा के जींद-सोनीपत रेल खंड पर अपना पहला हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।</p>
<p dir="ltr">​इस अत्याधुनिक सेमी-हाई-स्पीड ग्रीन ट्रेन ने परीक्षण के दौरान <strong>120 किलोमीटर प्रति घंटे</strong> की शीर्ष रफ्तार को छूकर अपनी तकनीकी क्षमता और स्थिरता का लोहा मनवाया। इस सफल परीक्षण के साथ ही भारत अब जर्मनी, चीन और फ्रांस जैसे उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल होने के बेहद करीब पहुंच गया है, जिनके पास अपनी कमर्शियल हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक मौजूद है।</p>
<h3 dir="ltr">​क्यों खास है हाइड्रोजन पावर्ड ट्रेन?</h3>
<p dir="ltr">​यह ट्रेन भारतीय रेलवे के 'नेट-जीरो कार्बन एमिटर' (Net-Zero Carbon Emitter) बनने के मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p>
<ul>
<li dir="ltr">​<strong>शून्य प्रदूषण (Zero Emission):</strong> यह ट्रेन डीजल या पारंपरिक बिजली के बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल (Hydrogen Fuel Cells) पर चलती है। रासायनिक प्रक्रिया के बाद इस ट्रेन के साइलेंसर से धुएं के बजाय केवल पानी की बूंदें और भाप (Water Vapor) बाहर निकलती है, जिससे पर्यावरण को 1% भी नुकसान नहीं होता।</li>
<li dir="ltr">​<strong>साइलेंट और स्मूथ सफर:</strong> डीजल इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन ट्रेनें बेहद शांत होती हैं। इनमें कंपन (Vibration) और शोर का स्तर न के बराबर होता है, जिससे यात्रियों को एक प्रीमियम और आरामदायक सफर का अनुभव मिलता है।</li>
</ul>
<h3 dir="ltr">​जींद-सोनीपत रूट पर हुआ परीक्षण</h3>
<p dir="ltr">​रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (RDSO) की टीम की निगरानी में यह स्पीड ट्रायल आयोजित किया गया था। इस दौरान ट्रेन के इंजन की क्षमता, ब्रेकिंग सिस्टम, हाइड्रोजन गैस के दबाव के प्रबंधन और उच्च गति पर सुरक्षा मानकों की गहनता से जांच की गई। सभी सुरक्षा मापदंडों पर ट्रेन का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा।</p>
<h3 dir="ltr">​जल्द शुरू होगी देश की पहली यात्री सेवा</h3>
<p dir="ltr">​रेलवे बोर्ड के अनुसार, इस सफल ट्रायल के बाद अब इस रूट पर परिचालन संबंधी अंतिम मंजूरी (Safety Clearance) लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो अगले कुछ ही महीनों के भीतर हरियाणा के <strong>जींद-सोनीपत रूट (89 किमी)</strong> पर देश की पहली कमर्शियल हाइड्रोजन पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी जाएगी।</p>
<p dir="ltr">​इसके बाद, दूसरे चरण में रेलवे का लक्ष्य देश के विभिन्न धरोहर (Heritage) और पहाड़ी मार्गों जैसे- कालका-शिमला, दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे और माथेरान हिल रेलवे पर भी 'इको-फ्रेंडली' हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने का है, ताकि इन खूबसूरत पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 19:41:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत ने लॉन्च किए चिप-आधारित ई-पासपोर्ट (ePassports); जानें नए डिजिटल पासपोर्ट के फीचर्स और फायदे</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए चिप-आधारित ई-पासपोर्ट (Chip-enabled ePassports) लॉन्च कर दिए हैं। इन नए पासपोर्ट्स में एक एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक चिप और सिक्योर रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह नई सुविधा पासपोर्ट की जालसाजी को पूरी तरह रोकेगी और वैश्विक स्तर पर इमिग्रेशन (Immigration) प्रक्रियाओं को तेज करेगी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50408/india-launches-chip-based-e-passport-epassports-know-the-features-and-benefits"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/indian-e-passport-process.jpeg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">​<strong>नई दिल्ली: </strong>भारतीय नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा के अनुभवों को बदलने और सुरक्षा को वैश्विक मानकों पर ले जाने के लिए विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर अत्याधुनिक <strong>चिप-सक्षम ई-पासपोर्ट (Chip-enabled ePassport)</strong> की शुरुआत कर दी है। यह नया ट्रैवल डॉक्यूमेंट न केवल दिखने में आधुनिक है, बल्कि इसके भीतर लगी तकनीक इसे दुनिया के सबसे सुरक्षित पासपोर्ट्स में से एक बनाती है।</p>
<p dir="ltr">​विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, नए ई-पासपोर्ट्स को चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है। इसके तहत मौजूदा वैध पासपोर्ट धारकों को तुरंत बदलने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि उनके पासपोर्ट की समय-सीमा (Expiry) समाप्त होने के बाद या नए आवेदन पर उन्हें यह ई-पासपोर्ट जारी किया जाएगा।</p>
<h3 dir="ltr">​क्या है ई-पासपोर्ट और यह कैसे काम करता है?</h3>
<p dir="ltr">​ई-पासपोर्ट देखने में पारंपरिक बुकलेट पासपोर्ट जैसा ही होगा, लेकिन इसके जैकेट (कवर) के भीतर एक छोटी सी <strong>इलेक्ट्रॉनिक इनर चिप (Electronic Chip)</strong> और एक सुरक्षित एंटीना एम्बेडेड (लगाया) होगा।</p>
<ul>
<li dir="ltr">​<strong>बायोमेट्रिक डेटा संग्रहण:</strong> इस चिप में पासपोर्ट धारक की सभी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे कि नाम, जन्मतिथि, डिजिटल हस्ताक्षर, बायोमेट्रिक उंगलियों के निशान (Fingerprints) और चेहरे की स्कैन कॉपी सुरक्षित रूप से स्टोर रहेगी।</li>
<li dir="ltr">​<strong>RFID तकनीक:</strong> यह चिप रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर काम करती है। जब आप विदेश यात्रा के दौरान किसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के इमिग्रेशन काउंटर पर जाएंगे, तो वहां लगे स्कैनर चंद सेकेंड में आपके डेटा को वेरिफाई कर लेंगे।</li>
</ul>
<h3 dir="ltr">​ई-पासपोर्ट के 4 सबसे बड़े फायदे</h3>
<ol>
<li dir="ltr">​<strong>जालसाजी और फ्रॉड पर पूरी तरह रोक:</strong> चिप के भीतर का डेटा एन्क्रिप्टेड (Encrypted) और डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होगा। यदि कोई व्यक्ति इस डेटा या पासपोर्ट के पन्नों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा, तो चिप का सुरक्षा सिस्टम उसे तुरंत लॉक कर देगा और इमिग्रेशन काउंटर पर 'पासपोर्ट फेलियर' का अलर्ट आ जाएगा।</li>
<li dir="ltr">​<strong>एयरपोर्ट पर नहीं लगेंगी लंबी कतारें:</strong> दुनिया भर के अधिकांश आधुनिक हवाई अड्डों पर अब स्वचालित ई-गेट्स (e-Gates) होते हैं। ई-पासपोर्ट धारक इन गेट्स पर सीधे खुद को स्कैन करके निकल सकेंगे, जिससे इमिग्रेशन अधिकारियों के सामने लाइन में खड़े होने का समय बचेगा।</li>
<li dir="ltr">​<strong>अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता:</strong> भारत का यह कदम अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों के अनुरूप है। इससे वैश्विक स्तर पर भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग और इसकी सुरक्षा साख और अधिक मजबूत होगी।</li>
<li dir="ltr">​<strong>टिकाऊ और मजबूत निर्माण:</strong> नए ई-पासपोर्ट की बुकलेट को उन्नत सुरक्षा पन्नों और बेहतर क्वालिटी के पेपर के साथ तैयार किया गया है, ताकि बार-बार यात्रा करने के दौरान भी इसके खराब होने का खतरा न रहे।</li>
</ol>
<h3 dir="ltr">​आवेदन कैसे करें?</h3>
<p dir="ltr">​ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बिल्कुल पहले जैसी ही सरल है:</p>
<ul>
<li dir="ltr">​नागरिकों को 'पासपोर्ट सेवा' (Passport Seva) की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा और शुल्क का भुगतान करना होगा।</li>
<li dir="ltr">​अपने नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) में अपॉइंटमेंट बुक करके दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।</li>
</ul>
<p dir="ltr">​सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश के सभी नागरिकों के पास पूरी तरह से सुरक्षित ई-पासपोर्ट हो, ताकि वैश्विक मंच पर भारतीय प्रवासियों और पर्यटकों की यात्रा निर्बाध रूप से पूरी हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Jun 2026 16:36:16 +0530</pubDate>
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