<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/36089/operation-tiger" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Operation Tiger - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/36089/rss</link>
                <description>Operation Tiger RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>​'उनकी निष्ठा और प्रतिष्ठा बिकाऊ है', बागी सांसदों पर आदित्य ठाकरे का तीखा हमला, लालच को विचारधारा से ऊपर रखने का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">शिवसेना (UBT) नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने अपनी पार्टी के बागी सांसदों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों के बीच बागी सांसदों को 'बिकाऊ' (For Sale) करार देते हुए कहा कि इन नेताओं ने अपनी विचारधारा और प्रतिबद्धताओं से ऊपर व्यक्तिगत लालच को तरजीह दी है। 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत 6 सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबरों के बाद ठाकरे ने एक्स (X) पर तीखी प्रतिक्रिया दी।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50372/his-integrity-and-reputation-are-for-sale-aditya-thackerays-sharp"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/aditya-thakcerey.jpeg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से भारी उथल-पुथल मची हुई है। 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) के तहत शिवसेना (यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की अटकलों के बीच विधायक आदित्य ठाकरे ने बागियों पर जोरदार निशाना साधा है। आदित्य ठाकरे ने बागी सांसदों को 'बिकाऊ' (For Sale) बताते हुए उन पर अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं और विचारधारा से ऊपर व्यक्तिगत लालच को तरजीह देने का आरोप लगाया है।</p>
<h3 dir="ltr">​'जनता के जनादेश और गठबंधन को दिया धोखा'</h3>
<p dir="ltr">​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक लंबी पोस्ट में आदित्य ठाकरे ने बागी सांसदों की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन सांसदों को 2024 के लोकसभा चुनावों में महाविकास अघाड़ी (MVA) और इंडिया (INDIA) गठबंधन के समर्थन से चुना गया था, लेकिन इन्होंने अपने लालच में उस विचारधारा को ही छोड़ दिया जिसका वे प्रतिनिधित्व करते थे।</p>
<p dir="ltr">​ठाकरे ने अपनी पोस्ट में लिखा, "दलबदल करने वाले लालची सांसदों ने यह साबित कर दिया है कि उनकी निष्ठा और उनकी प्रतिष्ठा बेशर्मी से बिकाऊ है।" उन्होंने आगे कहा कि जिन मतदाताओं ने एनडीए (NDA) उम्मीदवारों के खिलाफ वोट दिया था, उनके जनादेश के साथ इन सांसदों ने रातों-रात विश्वासघात किया है और अपनी प्रतिष्ठा व परिवार के नाम को दांव पर लगा दिया है।</p>
<h3 dir="ltr">​6 सांसदों ने बनाई है बैठक से दूरी</h3>
<p dir="ltr">​यह राजनीतिक विवाद तब और गहरा गया जब गुरुवार को नई दिल्ली में बुलाई गई शिवसेना (यूबीटी) के संसदीय दल की एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के 9 में से केवल 3 लोकसभा सांसद (अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे) ही शामिल हुए।</p>
<p dir="ltr">​जिन छह सांसदों की अनुपस्थिति ने नए विभाजन की अटकलों को हवा दी है, उनके नाम हैं:</p>
<ul>
<li dir="ltr">​संजय दीना पाटिल</li>
<li dir="ltr">​संजय देशमुख</li>
<li dir="ltr">​संजय जाधव</li>
<li dir="ltr">​ओमप्रकाश राजेनिंबालकर</li>
<li dir="ltr">​भाऊसाहेब वाकचौरे</li>
<li dir="ltr">​नागेश आष्टीकर</li>
</ul>
<h3 dir="ltr">​पार्टी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस</h3>
<p dir="ltr">​इन बागी तेवरों को देखते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुख्य सचेतक (Chief Whip) अनिल देसाई के माध्यम से इन सभी अनुपस्थित सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में सांसदों से 24 घंटे के भीतर अपनी अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। पार्टी ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि समय पर जवाब नहीं आता है, तो इसे पार्टी की सदस्यता का स्वैच्छिक त्याग माना जाएगा और संविधान की दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करने की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p dir="ltr">​आदित्य ठाकरे ने इस पूरे घटनाक्रम को 'गंदी राजनीति का विदारक उदाहरण' करार दिया है। पार्टी के नेता संजय राउत ने भी दावा किया है कि बागी सांसदों के बीच केंद्रीय मंत्री पद को लेकर खींचतान चल रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर' आगे क्या गुल खिलाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50372/his-integrity-and-reputation-are-for-sale-aditya-thackerays-sharp</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50372/his-integrity-and-reputation-are-for-sale-aditya-thackerays-sharp</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 15:02:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/aditya-thakcerey.jpeg"                         length="171714"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संजय राउत और राज ठाकरे के बीच गुप्त मुलाकात, 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच महाराष्ट्र की सियासत में हलचल तेज</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत और एमएनएस (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के बीच हाल ही में एक अहम और गुप्त बैठक (गुफ्तगू) हुई है। महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) की पृष्ठभूमि में दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बंद कमरे में हुई इस चर्चा ने नए राजनीतिक समीकरणों और अटकलों को जन्म दे दिया है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50359/secret-meeting-between-sanjay-raut-and-raj-thackeray-stir-in"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/10_04_2024-sanjay_raut_23693862.jpeg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) की अटकलों के बीच एक नई और चौंकाने वाली राजनीतिक गतिविधि सामने आई है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) तथा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे/MNS) के प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) के बीच हाल ही में एक गुप्त मुलाकात (गुफ्तगू) हुई है। इस बंद कमरे की बैठक ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं और तर्क-वितर्क (Arguments &amp; Speculations) का बाजार गर्म कर दिया है।</p>
<h3 dir="ltr">​20 मिनट तक चली बंद कमरे में चर्चा</h3>
<p dir="ltr">​स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, संजय राउत और राज ठाकरे के बीच यह मुलाकात बेहद गोपनीय रखी गई थी और दोनों नेताओं के बीच लगभग 20 मिनट तक गहन चर्चा हुई। हालांकि इस बैठक का आधिकारिक एजेंडा क्या था और दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, यह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल से जोड़कर देख रहे हैं।</p>
<h3 dir="ltr">​'ऑपरेशन टाइगर' की पृष्ठभूमि और बढ़ता संकट</h3>
<p dir="ltr">​यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र की राजनीति 'ऑपरेशन टाइगर' की खबरों से गरमाई हुई है। इस कथित ऑपरेशन के तहत उद्धव ठाकरे गुट के 6 लोकसभा सांसदों के बागी होने और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। बागी सांसदों द्वारा पार्टी व्हिप का उल्लंघन किए जाने के बाद शिवसेना (यूबीटी) ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया है।</p>
<p dir="ltr">​अपनी ही पार्टी के भीतर पैदा हुए इस बड़े संकट के समय में राउत का राज ठाकरे से मिलना कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<h3 dir="ltr">​क्या बन रहे हैं नए राजनीतिक समीकरण?</h3>
<p dir="ltr">​हाल के दिनों में ऐसे भी कयास लगाए जाते रहे हैं कि क्या उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे (ठाकरे बंधु) भविष्य के चुनावों में एक साथ आ सकते हैं। संजय राउत ने भी हाल ही में एक बयान में कहा था कि "अगर ठाकरे बंधु एक साथ आते हैं, तो कांग्रेस या महाविकास अघाड़ी (MVA) को कोई आपत्ति नहीं होगी।"</p>
<p dir="ltr">​इस गुप्त बैठक के बाद सियासी हलकों में कई सवाल खड़े हो गए हैं:</p>
<ul>
<li dir="ltr">​क्या शिवसेना (यूबीटी) अपने सांसदों की संभावित टूट को रोकने या उसका जवाब देने के लिए राज ठाकरे से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है?</li>
<li dir="ltr">​क्या 'ऑपरेशन टाइगर' के जवाब में कोई नई संयुक्त रणनीतिक बिसात बिछाई जा रही है?</li>
</ul>
<p dir="ltr">​फिलहाल दोनों ही पार्टियों (शिवसेना-यूबीटी और मनसे) की ओर से इस बैठक के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। लेकिन इस 20 मिनट की चर्चा ने महाराष्ट्र की सियासत में नए गठबंधनों की सुगबुगाहट जरूर तेज कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50359/secret-meeting-between-sanjay-raut-and-raj-thackeray-stir-in</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50359/secret-meeting-between-sanjay-raut-and-raj-thackeray-stir-in</guid>
                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 14:48:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/10_04_2024-sanjay_raut_23693862.jpeg"                         length="57636"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>​'ऑपरेशन टाइगर': दिल्ली में शिंदे से मिले उद्धव गुट के 6 सांसद! फूट के डर से अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर मची हलचल अब अपने चरम पर पहुंच गई है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) से देर रात मुलाकात की है। इस खबर ने उद्धव ठाकरे की पार्टी में एक और बड़ी बगावत की सुगबुगहाट को तेज कर दिया है। इन अटकलों के बीच, शिवसेना (UBT) के संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत ने आनन-फानन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा है, ताकि किसी भी संभावित विभाजन को तुरंत रोका जा सके।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50307/6-mps-of-uddhav-group-met-shinde-in-operation-tiger"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/1200-675-26487524-29-26487524-1776336040062.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>नई दिल्ली/मुंबई: </strong>महाराष्ट्र की सियासत में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर मची हलचल अब अपने चरम पर पहुंच गई है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) से देर रात मुलाकात की है। इस खबर ने उद्धव ठाकरे की पार्टी में एक और बड़ी बगावत की सुगबुगहाट को तेज कर दिया है। इन अटकलों के बीच, शिवसेना (UBT) के संसदीय दल के नेता अरविंद सावंत ने आनन-फानन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखा है, ताकि किसी भी संभावित विभाजन को तुरंत रोका जा सके।</p>
<p dir="ltr">​<strong>दिल्ली में शिंदे और बागी सांसदों की अहम बैठक</strong></p>
<p dir="ltr">सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के छह सांसद बुधवार सुबह दिल्ली पहुंचे। इसी दौरान सीएम एकनाथ शिंदे भी राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि जयपुर रवाना होने से पहले शिंदे ने अपने बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे के दिल्ली आवास पर इन संभावित बागी सांसदों के साथ एक अहम बैठक की। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि ये 6 सांसद जल्द ही लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर खुद को एक स्वतंत्र गुट के रूप में मान्यता देने की मांग कर सकते हैं, जिसके बाद वे आधिकारिक तौर पर शिंदे नीत शिवसेना में शामिल हो जाएंगे।</p>
<p dir="ltr">​<strong>अरविंद सावंत ने स्पीकर को लिखा पत्र</strong></p>
<p dir="ltr">अपनी पार्टी में एक और टूट की आशंका को भांपते हुए, उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता अरविंद सावंत (Arvind Sawant) ने तुरंत रक्षात्मक रुख अपनाया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि अगर शिवसेना (UBT) के कुछ सांसद अलग समूह के रूप में मान्यता या किसी अन्य पार्टी में विलय की मांग करते हैं, तो उस पर विचार न किया जाए।</p>
<p dir="ltr">​सावंत ने अपने पत्र में दलील दी है कि "असली शिवसेना" कौन है, यह मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन (sub judice) है। उन्होंने कहा कि संसदीय नियमों (जैसे Direction 121) के तहत पार्टी के अधिकृत नेतृत्व को ही मान्यता दी जाती है, न कि पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने वाले किसी गुट को। सावंत ने चेतावनी दी कि पार्टी दल-बदल विरोधी कानून (संविधान की 10वीं अनुसूची) के तहत इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>संजय राउत का बड़ा आरोप: 'हर सांसद को 50 करोड़ का ऑफर'</strong></p>
<p dir="ltr">इस बीच, शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शिंदे गुट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राउत ने दावा किया कि उनके सांसदों को तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत 50-50 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है, जिसमें से 15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बागी सांसदों को चार्टर्ड फ्लाइट्स के जरिए दिल्ली ले जाया गया है। हालांकि, राउत ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी को जाना है तो वह पहले संसद से इस्तीफा दे और फिर से जनता के बीच जाकर चुनाव लड़े।</p>
<p dir="ltr">​फिलहाल सभी की निगाहें लोकसभा स्पीकर के कदम और दिल्ली पहुंचे इन 6 सांसदों के अगले फैसले पर टिकी हैं। अगर यह विभाजन सफल होता है, तो उद्धव ठाकरे के लिए यह एक और विनाशकारी राजनीतिक झटका होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50307/6-mps-of-uddhav-group-met-shinde-in-operation-tiger</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50307/6-mps-of-uddhav-group-met-shinde-in-operation-tiger</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 16:14:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/1200-675-26487524-29-26487524-1776336040062.jpg"                         length="87796"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'ऑपरेशन टाइगर': उद्धव ठाकरे को लगेगा बड़ा झटका, शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं 6 शिवसेना (UBT) सांसद</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) के तहत उद्धव ठाकरे गुट (Shiv Sena UBT) के 6 सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका साबित होगा।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50305/operation-tiger-will-be-a-big-blow-to-uddhav-thackeray"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/hk7fv8kagaabemj.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr"><strong>मुंबई: </strong>महाराष्ट्र की राजनीति में उठापटक और दल-बदल का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना अब उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को एक और बड़ा और निर्णायक झटका देने की तैयारी में है। ताजा रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसद 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) के तहत पाला बदलने वाले हैं और जल्द ही एकनाथ शिंदे गुट को अपना समर्थन दे सकते हैं।</p>
<p dir="ltr">​<strong>क्या है 'ऑपरेशन टाइगर'?</strong></p>
<p dir="ltr">राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि शिंदे गुट ने उद्धव ठाकरे के बचे हुए खेमे को पूरी तरह से कमजोर करने के लिए 'ऑपरेशन टाइगर' नाम से एक खास रणनीति बनाई है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उद्धव के वफादार सांसदों और प्रमुख नेताओं को शिंदे गुट में शामिल करना है। बताया जा रहा है कि शिवसेना (UBT) के ये 6 सांसद पिछले कुछ समय से शिंदे गुट के शीर्ष नेताओं के सीधे संपर्क में हैं और जल्द ही आधिकारिक तौर पर सत्ता पक्ष के साथ आ सकते हैं।</p>
<p dir="ltr">​<strong>उद्धव ठाकरे के लिए विनाशकारी झटका</strong></p>
<p dir="ltr">एकनाथ शिंदे की ऐतिहासिक बगावत के बाद उद्धव ठाकरे पहले ही अपनी सत्ता, असली शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न (तीर-कमान) खो चुके हैं। अब अगर उनके 6 सांसद भी उनका साथ छोड़ देते हैं, तो यह उनके और उनके समर्थकों के लिए एक विनाशकारी झटका होगा। इससे न केवल संसद में उद्धव गुट की ताकत घटेगी, बल्कि आगामी चुनावों से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बुरी तरह टूट सकता है।</p>
<p dir="ltr">​<strong>असुरक्षा और गुपचुप बैठकों का दौर</strong></p>
<p dir="ltr">हालांकि अभी तक पाला बदलने वाले इन 6 सांसदों के नामों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि पर्दे के पीछे बैठकों का दौर जारी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उद्धव गुट के कई नेता अपने राजनीतिक भविष्य और विकास कार्यों के फंड को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जिसके चलते वे सत्ताधारी दल के साथ जाने का मन बना रहे हैं।</p>
<p dir="ltr">​आने वाले कुछ दिनों में महाराष्ट्र की सियासत में कौन से नए समीकरण बनते हैं, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा। फिलहाल, इस खबर ने उद्धव खेमे में भारी बेचैनी और हलचल पैदा कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50305/operation-tiger-will-be-a-big-blow-to-uddhav-thackeray</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50305/operation-tiger-will-be-a-big-blow-to-uddhav-thackeray</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 16:10:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/hk7fv8kagaabemj.jpg"                         length="130290"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        