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                <title>NEET re-exam - Rokthok Lekhani News </title>
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                <title>NEET UG 2026 Re-Exam से पहले भारत में Telegram बैन, जानें WhatsApp पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई?</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr">NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा (Re-exam) से ठीक पहले भारत में टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कदम मुख्य रूप से पेपर लीक और नकल माफियाओं को रोकने के लिए उठाया गया है। वहीं, व्हाट्सएप (WhatsApp) को बैन नहीं किया गया है क्योंकि टेलीग्राम पर अपनी पहचान छिपाकर बड़े चैनल्स के जरिए संदिग्ध सामग्री और लीक पेपर शेयर करना बहुत आसान है, जबकि व्हाट्सएप के सख्त नियम इसे ट्रैक करना आसान बनाते हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50293/telegram-banned-in-india-before-neet-ug-2026-re-exam-know"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/tnm_import_sites_default_files_telegram_100323_1200.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr">​<strong>नई दिल्ली: </strong>मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा (Re-exam) से ठीक पहले एक बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए टेलीग्राम (Telegram) ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। देश भर में परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए साइबर सुरक्षा एजेंसियों और शिक्षा मंत्रालय की सिफारिश पर यह फैसला लिया गया है। हालांकि, इस फैसले के बाद हर किसी के मन में यह सवाल है कि संचार के सबसे बड़े माध्यम व्हाट्सएप (WhatsApp) को क्यों छोड़ दिया गया और केवल टेलीग्राम पर ही यह कार्रवाई क्यों हुई?</p>
<p dir="ltr">​<strong>टेलीग्राम पर ही क्यों गिरा गाज?</strong></p>
<p dir="ltr">टेलीग्राम हमेशा से अपने प्राइवेसी फीचर्स और क्लाउड-बेस्ड स्टोरेज के लिए लोकप्रिय रहा है, लेकिन यही फीचर्स हाल के समय में पेपर लीक करने वाले गिरोहों के लिए एक सुरक्षित पनाहगार बन गए हैं। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:</p>
<ol>
<li dir="ltr">​<strong>पहचान छिपाना आसान (Anonymity):</strong> टेलीग्राम पर कोई भी व्यक्ति अपना मोबाइल नंबर छिपाकर अकाउंट, ग्रुप या चैनल बना सकता है। इससे जांच एजेंसियों के लिए पेपर लीक के मुख्य आरोपी या एडमिन को ट्रैक करना लगभग असंभव हो जाता है।</li>
<li dir="ltr">​<strong>विशाल ग्रुप और चैनल्स:</strong> टेलीग्राम के चैनल्स में लाखों लोग एक साथ जुड़ सकते हैं। एक सिंगल क्लिक से लीक हुआ प्रश्न पत्र (Question Paper) चंद सेकंड में लाखों छात्रों तक पहुंच सकता है।</li>
<li dir="ltr">​<strong>एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और बॉट्स:</strong> इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद विभिन्न बॉट्स और फीचर्स अपराधियों को अपनी लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट छिपाने में मदद करते हैं।</li>
</ol>
<p dir="ltr">​<strong>व्हाट्सएप (WhatsApp) को क्यों नहीं किया गया बैन?</strong></p>
<p dir="ltr">टेलीग्राम के विपरीत व्हाट्सएप का इकोसिस्टम इस तरह की अवैध गतिविधियों को बड़े पैमाने पर फैलने से रोकता है:</p>
<ul>
<li dir="ltr">​<strong>मैसेज फॉरवर्डिंग की सीमा:</strong> अफवाहों और स्पैम को रोकने के लिए व्हाट्सएप ने 'फॉरवर्ड लिमिट' तय की हुई है। आप एक बार में किसी मैसेज को सिर्फ 5 चैट्स को ही फॉरवर्ड कर सकते हैं। इससे कोई भी पेपर रातों-रात लाखों लोगों तक आसानी से नहीं पहुंच सकता।</li>
<li dir="ltr">​<strong>नंबर ट्रैक करना आसान:</strong> व्हाट्सएप ग्रुप्स में हर सदस्य का मोबाइल नंबर दिखाई देता है। अगर कोई आपत्तिजनक सामग्री या लीक पेपर शेयर किया जाता है, तो साइबर सेल उस नंबर के जरिए आरोपी तक आसानी से पहुंच सकती है।</li>
<li dir="ltr">​<strong>छोटे ग्रुप साइज:</strong> व्हाट्सएप के ग्रुप्स की सदस्य सीमा टेलीग्राम चैनल्स के मुकाबले बेहद कम होती है।</li>
</ul>
<p dir="ltr">​<strong>परीक्षा की शुचिता सबसे बड़ी प्राथमिकता</strong></p>
<p dir="ltr">अधिकारियों का मानना है कि NEET UG जैसी बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण परीक्षा को नकल-मुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए इस तरह के सख्त कदम उठाना समय की मांग है। यद्यपि कई छात्र टेलीग्राम का इस्तेमाल स्टडी मटेरियल और नोट्स के लिए करते थे, लेकिन बड़े पैमाने पर हो रहे दुरुपयोग को देखते हुए इस प्लेटफॉर्म को अस्थायी रूप से ब्लॉक करना जरूरी समझा गया। प्रशासन ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 21:46:26 +0530</pubDate>
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