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                <title>#IndiaNews - Rokthok Lekhani News </title>
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                <description>#IndiaNews RSS Feed</description>
                
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                <title>ओमान तट के पास भारतीय नाविक की मौत, शव को ठंडा रखने के लिए पानी की बोतलों का सहारा; लापरवाही के आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p>ओमान तट के पास MT Celestial जहाज पर तैनात भारतीय नाविक निशांत उर्थनाथन की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। यूनियन का आरोप है कि समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिलने से उनकी जान गई। शव को सुरक्षित रखने के लिए क्रू को पानी की ठंडी बोतलों का सहारा लेना पड़ा, जिसके बाद लापरवाही के आरोपों की जांच की मांग तेज हो गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50262/indian-sailor-dies-off-oman-coast-water-bottles-used-to"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/mt-celestial-.jpg" alt=""></a><br /><p><br />ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर तैनात 35 वर्षीय भारतीय नाविक निशांत उर्थनाथन की मौत के बाद गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भारतीय नाविक संगठन फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने आरोप लगाया है कि समय पर चिकित्सा सहायता और मेडिकल इवैक्युएशन नहीं मिलने के कारण उनकी जान चली गई। <br /><br />रिपोर्ट्स के अनुसार, निशांत उर्थनाथन जहाज MT Celestial पर सेकेंड ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद भी उन्हें समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। मौत के बाद जहाज पर उचित रेफ्रिजरेशन सुविधा नहीं होने के कारण क्रू मेंबर्स को शव को सुरक्षित रखने के लिए ठंडे पानी की बोतलों का इस्तेमाल करना पड़ा। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। <br /><br />FSUI ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और ओमान स्थित भारतीय दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। यूनियन का आरोप है कि जहाज मालिक और संबंधित एजेंसियों ने पर्याप्त सहायता नहीं दी। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित कंपनी की ओर से अलग दावा किया गया है कि अधिकारियों और भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया था। <br /><br />यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ओमान और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास सुरक्षा हालात और क्षेत्रीय तनाव पहले से चिंता का विषय बने हुए हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 16:13:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान शांति समझौते की चर्चा तेज, होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने से कई देशों को मिल सकता है बड़ा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते से होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खुल सकता है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। इसके खुलने से भारत समेत कई देशों को सस्ता तेल, बेहतर सप्लाई चेन और व्यापारिक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि समझौते के अंतिम स्वरूप और समय को लेकर अभी दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग संकेत मिल रहे हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50260/discussion-on-us-iran-peace-agreement-intensifies-many-countries-can-get"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/us-5-6.jpg" alt=""></a><br /><p><br />अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए एक महत्वपूर्ण शांति समझौता जल्द होने की संभावना जताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि समझौते पर जल्द हस्ताक्षर हो सकते हैं और इसके बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से पूरी तरह खोल दिया जाएगा। हालांकि ईरान ने समझौते के समय को लेकर अभी सावधानी बरतने की बात कही है। </p>
<p>होर्मुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और गैस गुजरता है। इसके खुलने से भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय देशों को सबसे अधिक फायदा हो सकता है क्योंकि इन देशों की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। </p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समझौता सफल होता है तो वैश्विक तेल कीमतों में स्थिरता आ सकती है, शिपिंग लागत कम हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को राहत मिलेगी। इसके अलावा ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील मिलने से वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी मजबूती मिल सकती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 16:11:36 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असम के जोरहाट एयरबेस पर IAF का AN-32 विमान क्रैश, 5 जवानों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p>असम के जोरहाट एयरबेस पर IAF का AN-32 विमान क्रैश हो गया, जिसमें 5 जवानों की मौत हुई। हादसे की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की गई है।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50237/iafs-an-32-plane-crashes-at-jorhat-airbase-in-assam-5"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/images---2026-06-13t181826.818.jpeg" alt=""></a><br /><p>असम के जोरहाट एयरबेस पर भारतीय वायुसेना (IAF) का AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान क्रैश हो गया, जिसमें 5 वायुसेना कर्मियों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था।</p>
<p><br />सूत्रों के अनुसार, यह एक नियमित उड़ान (routine sortie) थी, लेकिन लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद एयरबेस पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। वायुसेना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (Court of Inquiry) गठित कर दी गई है|</p>
<p><br />इस दुर्घटना में वायुसेना ने अपने 5 जवानों को खो दिया है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार को-पायलट के बचने की भी संभावना जताई गई है। पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है और तकनीकी जांच जारी है</p>
<p><br />यह हादसा भारतीय वायुसेना के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब उत्तर-पूर्वी भारत में वायुसेना की लॉजिस्टिक गतिविधियाँ लगातार जारी रहती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:20:45 +0530</pubDate>
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                <title>लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ बने नए आर्मी चीफ, रक्षा मंत्रालय ने जारी किए आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रक्षा मंत्रालय ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को अगला आर्मी चीफ नियुक्त किया है। वे वर्तमान में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं और खड़कवासला NDA से शिक्षित हैं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50233/lieutenant-general-dheeraj-seth-becomes-the-new-army-chief-defense"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/ca5a60e0-1103-4eeb-b3aa-2f3f994eb290_1719846326623.jpg" alt=""></a><br /><p>केंद्र सरकार ने भारतीय सेना में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को अगला थल सेनाध्यक्ष (Army Chief) नियुक्त किया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार वे वर्तमान सेना प्रमुख के कार्यकाल पूरा होने के बाद पदभार संभालेंगे।</p>
<p><br />धीरज सेठ अभी सेना में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं और लंबे समय से महत्वपूर्ण कमांड और रणनीतिक जिम्मेदारियों का अनुभव रखते हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान विभिन्न ऑपरेशनल और प्रशासनिक भूमिकाओं में काम किया है, जिससे उन्हें सेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने में महत्वपूर्ण अनुभव मिला।</p>
<p><br />जानकारी के अनुसार, वे पुणे के खड़कवासला (NDA) से शिक्षित हैं और भारतीय सेना में दशकों से सेवा दे रहे हैं। उनकी नियुक्ति को सेना के भीतर एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में रणनीतिक नेतृत्व को मजबूत करेगा।<br />रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह नियुक्ति सेना की निरंतरता और नेतृत्व क्षमता को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 18:11:49 +0530</pubDate>
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