<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/35587/business-news" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Business News - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/35587/rss</link>
                <description>Business News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाराष्ट्र में 36,211 कंपनियां बंद होने के दावे पर फडणवीस का पलटवार, बोले- 76% कंपनियां पहले से ही निष्क्रिय थीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में 36,211 कंपनियों के बंद होने के दावे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि करीब 76 फीसदी कंपनियां पहले से ही निष्क्रिय थीं और उन्होंने कारोबार शुरू नहीं किया था। फडणवीस के मुताबिक, महाराष्ट्र में 3.96 लाख से अधिक पंजीकृत कंपनियां हैं और 2025-26 में 41,525 नई कंपनियां पंजीकृत हुईं।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51348/on-the-claim-of-36211-companies-being-closed-in-maharashtra"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/nanobot-1-2026-08-14t113323.148.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई: महाराष्ट्र में हजारों कंपनियों के बंद होने को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार के दावे पर जवाब दिया है। फडणवीस ने कहा कि राज्य में 36,211 कंपनियों के बंद होने का आंकड़ा बिना पूरे संदर्भ के पेश किया जा रहा है और इनमें से करीब 76 फीसदी कंपनियां ऐसी थीं, जिन्होंने कभी अपना कारोबार शुरू ही नहीं किया था। </p>
<p>फडणवीस ने कहा कि कंपनियों के रजिस्ट्रेशन रद्द होने और किसी सक्रिय औद्योगिक इकाई के राज्य से बाहर चले जाने को एक ही नजर से नहीं देखा जा सकता। उनके मुताबिक, उपलब्ध आंकड़ों को सही संदर्भ में देखने पर महाराष्ट्र से बड़े पैमाने पर उद्योगों के पलायन की तस्वीर सामने नहीं आती।<br />महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सक्रिय कंपनियां</p>
<p><br />मुख्यमंत्री के मुताबिक, 3 जून तक महाराष्ट्र में 3,96,211 पंजीकृत कंपनियां थीं, जो देश के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक हैं। उन्होंने इसे महाराष्ट्र के मजबूत कारोबारी और औद्योगिक आधार का संकेत बताया। <br /><br />फडणवीस ने यह भी बताया कि 2025-26 के दौरान महाराष्ट्र में 41,525 नई कंपनियां पंजीकृत हुईं। उनका कहना है कि केवल बंद या निष्क्रिय कंपनियों की संख्या बताने से राज्य में निवेश और उद्योगों की वास्तविक स्थिति का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता। </p>
<p><br />36,211 कंपनियों के आंकड़े पर क्या है विवाद?<br />महाराष्ट्र में 36,211 कंपनियों के बंद होने का आंकड़ा सामने आने के बाद राज्य की औद्योगिक स्थिति को लेकर सवाल उठे थे। इसे लेकर विपक्ष की ओर से सरकार पर उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाए रखने में विफल रहने के आरोप लगाए गए।</p>
<p><br />फडणवीस ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि बंद कंपनियों की सूची में बड़ी संख्या ऐसी संस्थाओं की है, जो पंजीकरण के बावजूद वास्तविक रूप से सक्रिय नहीं थीं। उनके अनुसार, करीब 76 फीसदी कंपनियां “defunct” श्रेणी में थीं और उन्होंने अपना कारोबार शुरू नहीं किया था। <br /><br />उद्योगों के पलायन के दावे पर सरकार का जवाब<br />फडणवीस का जवाब ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में उद्योगों और निवेश को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। विपक्ष राज्य से कंपनियों और औद्योगिक परियोजनाओं के बाहर जाने के मुद्दे को सरकार के सामने उठा रहा है।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री का तर्क है कि कंपनियों के रजिस्ट्रेशन रद्द होने को सीधे तौर पर उद्योगों के महाराष्ट्र छोड़ने से जोड़ना सही नहीं होगा। उन्होंने राज्य में नई कंपनियों के लगातार पंजीकरण और बड़ी संख्या में सक्रिय कंपनियों की मौजूदगी को सरकार के पक्ष में महत्वपूर्ण आंकड़ा बताया।</p>
<p><br />सरकार ने पेश किया निवेश का पक्ष<br />फडणवीस ने महाराष्ट्र को देश का प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्र बताते हुए कहा कि राज्य में कंपनियों का आधार लगातार मजबूत बना हुआ है। बड़ी संख्या में नई कंपनियों का पंजीकरण इस बात का संकेत है कि महाराष्ट्र अभी भी कारोबार और निवेश के लिए महत्वपूर्ण गंतव्य बना हुआ है।<br />वहीं, राजनीतिक विवाद के बीच अब बहस इस बात पर केंद्रित हो गई है कि कंपनियों के बंद होने, रजिस्ट्रेशन रद्द होने और वास्तविक औद्योगिक पलायन के आंकड़ों को अलग-अलग कैसे देखा जाए।</p>
<p><br />शरद पवार के दावे पर फडणवीस का सीधा जवाब<br />शरद पवार द्वारा उठाए गए मुद्दे पर फडणवीस के जवाब के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर उद्योग, निवेश और रोजगार का मुद्दा केंद्र में आ गया है। दोनों पक्षों के आंकड़ों और दावों को लेकर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।</p>
<p><br />फिलहाल सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि 36,211 कंपनियों का आंकड़ा अपने आप में महाराष्ट्र से उद्योगों के बड़े पैमाने पर पलायन का प्रमाण नहीं है, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में ऐसी कंपनियां शामिल थीं जो पहले से निष्क्रिय थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51348/on-the-claim-of-36211-companies-being-closed-in-maharashtra</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51348/on-the-claim-of-36211-companies-being-closed-in-maharashtra</guid>
                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 13:19:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/nanobot-1-2026-08-14t113323.148.jpg"                         length="108923"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोने की कीमत में ₹2,600 का जोरदार उछाल! ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम पहुंचा भाव, लगातार 7वें दिन तेजी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना ₹2,600 बढ़कर ₹1,59,800 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। यह लगातार सातवें कारोबारी सत्र की तेजी है। पिछले सात सत्रों में सोना करीब 8.4 फीसदी महंगा हो चुका है। चांदी भी ₹4,000 बढ़कर ₹2.46 लाख प्रति किलोग्राम हो गई।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/51319/strong-jump-of-2600-in-the-price-of-gold"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-08/bloombergquint_2022_10_abf9a9e2_9041_400f_8603_49743503def5_dash_cryptocurrency_uwer_a3uvwa_unsplash.jpeg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली: सोने की कीमतों में लगातार तेजी का सिलसिला जारी है। बुधवार को 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने के भाव में ₹2,600 प्रति 10 ग्राम की जोरदार बढ़ोतरी हुई और कीमत बढ़कर ₹1,59,800 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। इसके साथ ही सोने में लगातार सातवें कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई।</p>
<p><br />मंगलवार को 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत ₹1,57,200 प्रति 10 ग्राम थी। एक दिन में ₹2,600 की बढ़ोतरी के बाद अब भाव ₹1.59 लाख के पार पहुंच गया है। पिछले सात कारोबारी सत्रों में सोने की कीमत कुल ₹12,400 यानी करीब 8.4 फीसदी बढ़ चुकी है। 3 अगस्त को सोने का भाव ₹1,47,400 प्रति 10 ग्राम था।</p>
<p><br />चांदी की कीमत में भी जोरदार तेजी<br />सोने के साथ चांदी की कीमत में भी बुधवार को बड़ी तेजी देखने को मिली। चांदी का भाव ₹4,000 बढ़कर ₹2,46,000 प्रति किलोग्राम हो गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,42,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।</p>
<p><br />इस तरह सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी ने सर्राफा बाजार में हलचल बढ़ा दी है। लगातार बढ़ते भाव के कारण जहां निवेशकों की दिलचस्पी कीमती धातुओं में बनी हुई है, वहीं शादी और अन्य जरूरतों के लिए सोना खरीदने वाले ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।</p>
<p><br />वैश्विक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग से सोने को सहारा<br />सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण बताए जा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की ओर बढ़ा है।</p>
<p><br />इसके अलावा अमेरिकी Treasury bond yields में नरमी और डॉलर की स्थिति ने भी कीमती धातुओं को समर्थन दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मजबूत कीमतों का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है।</p>
<p><br />अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर बाजार की नजर<br />अब बाजार की नजर अमेरिका के आगामी महंगाई के आंकड़ों पर है। इन आंकड़ों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं।<br />अगर महंगाई में नरमी आती है और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होती है, तो सोने की कीमतों को आगे भी समर्थन मिल सकता है। दूसरी ओर, उम्मीद से अधिक महंगाई के आंकड़े आने पर डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बदलाव का असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है।</p>
<p><br />अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी मजबूत<br />अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी रही। स्पॉट गोल्ड करीब 1.02 फीसदी बढ़कर 4,412.63 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी करीब 2.37 फीसदी की तेजी के साथ 66.23 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।</p>
<p><br />बाजार में अब निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के अलावा डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों की उम्मीद और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है। इन सभी कारकों का असर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।</p>
<p><br />लगातार सातवें दिन बढ़ा सोने का भाव<br />सोने में लगातार सात कारोबारी सत्रों से जारी तेजी ने इसे एक बार फिर निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना दिया है। हालांकि, इतनी तेज बढ़ोतरी के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना भी बनी रहती है। खरीदारों और निवेशकों को कीमतों में आगे होने वाले बदलाव पर नजर रखनी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/51319/strong-jump-of-2600-in-the-price-of-gold</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/51319/strong-jump-of-2600-in-the-price-of-gold</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 19:21:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-08/bloombergquint_2022_10_abf9a9e2_9041_400f_8603_49743503def5_dash_cryptocurrency_uwer_a3uvwa_unsplash.jpeg"                         length="105430"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घरेलू LPG सिलेंडर हुआ महंगा, 7 जून से ₹29 की बढ़ोतरी; परिवारों पर बढ़ा खर्च का बोझ</title>
                                    <description><![CDATA[<p>घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 7 जून से ₹29 की बढ़ोतरी कर दी गई है। हाल के महीनों में कुल बढ़ोतरी ₹89 तक पहुंच चुकी है, जिससे आम परिवारों के बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। #LPGPriceHike #GasCylinder #Inflation #IndiaNews #BreakingNews #BusinessNews #LPG</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50146/domestic-lpg-cylinder-becomes-costlier-by-29-from-june-7"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/lpg.jpeg" alt=""></a><br /><p>देशभर में घरेलू रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं को एक और महंगाई का झटका लगा है। 7 जून से घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹29 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी गई है। हालिया वृद्धि के बाद पश्चिम एशिया में जारी तनाव के दौरान कुल बढ़ोतरी ₹89 तक पहुंच गई है।</p>
<p>नई दरें लागू होने के बाद घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए रसोई गैस पहले से ही एक बड़ा खर्च बन चुकी है, ऐसे में कीमतों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बन रही है।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की लागत और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां LPG कीमतों को प्रभावित करती हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और आपूर्ति संबंधी चिंताओं का असर ऊर्जा बाजारों पर भी देखा जा रहा है।</p>
<p>गैस वितरक कंपनियों द्वारा जारी नई कीमतों के बाद उपभोक्ताओं को प्रत्येक घरेलू सिलेंडर के लिए पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी। कई परिवारों का कहना है कि खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच गैस सिलेंडर महंगा होना उनके मासिक बजट को और प्रभावित करेगा।</p>
<p>अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ईंधन और ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन, खाद्य आपूर्ति और अन्य सेवाओं की लागत पर भी पड़ सकता है।</p>
<p>उपभोक्ता संगठनों ने सरकार से आम लोगों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। वहीं, ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर आने वाले समय में कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50146/domestic-lpg-cylinder-becomes-costlier-by-29-from-june-7</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50146/domestic-lpg-cylinder-becomes-costlier-by-29-from-june-7</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 16:14:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/lpg.jpeg"                         length="126698"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मारुति सुजुकी में LIC की हिस्सेदारी बढ़ी, 5% के पार पहुंचा निवेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>LIC ने मारुति सुजुकी इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 5 प्रतिशत से अधिक कर ली है। कंपनी ने खुले बाजार से 51,750 अतिरिक्त शेयर खरीदे, जिनकी कीमत करीब 67 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कदम को ऑटो सेक्टर में LIC के बढ़ते भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। #LIC #MarutiSuzuki #StockMarket #BusinessNews #ShareMarket #Investment #FinanceNews</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50117/lics-stake-in-maruti-suzuki-increased-investment-crossed-5"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/एलपीजी-गैस-सिलेंडर-उपभोक्ताओं-के-लिए-एक-अहम-अपडेट-10.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी LIC ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Maruti Suzuki India में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है। हाल ही में किए गए शेयर अधिग्रहण के बाद कंपनी में LIC की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गई है।</p>
<p>उपलब्ध जानकारी के अनुसार, LIC ने खुले बाजार से लगभग 51,750 अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं। इस खरीदारी का कुल मूल्य करीब 67 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस निवेश के बाद बीमा कंपनी की हिस्सेदारी निर्धारित खुलासा सीमा से ऊपर पहुंच गई है, जिसके चलते नियामकीय नियमों के तहत इसकी जानकारी सार्वजनिक की गई।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि LIC का यह कदम देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर और विशेष रूप से मारुति सुजुकी के दीर्घकालिक प्रदर्शन पर उसके भरोसे को दर्शाता है। मारुति सुजुकी भारतीय यात्री वाहन बाजार की प्रमुख कंपनियों में शामिल है और लंबे समय से निवेशकों की पसंद बनी हुई है।</p>
<p>शेयर बाजार विश्लेषकों के अनुसार, किसी बड़ी संस्थागत निवेशक द्वारा हिस्सेदारी बढ़ाना अक्सर कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत माना जाता है। हालांकि निवेश संबंधी निर्णयों का मूल्यांकन बाजार परिस्थितियों और व्यक्तिगत निवेश रणनीति के आधार पर किया जाना चाहिए।</p>
<p>मारुति सुजुकी ने हाल के वर्षों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीकों को अपनाने और इलेक्ट्रिक तथा हाइब्रिड वाहनों के क्षेत्र में विस्तार की दिशा में कई कदम उठाए हैं। इसी कारण कंपनी पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।</p>
<p>बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में ऑटोमोबाइल क्षेत्र की मांग, आर्थिक परिस्थितियों और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर निवेशकों की प्रतिक्रिया निर्भर करेगी। फिलहाल LIC की बढ़ी हुई हिस्सेदारी को बाजार में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50117/lics-stake-in-maruti-suzuki-increased-investment-crossed-5</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50117/lics-stake-in-maruti-suzuki-increased-investment-crossed-5</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 16:48:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/%E0%A4%8F%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%97%E0%A5%88%E0%A4%B8-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B0-%E0%A4%89%E0%A4%AA%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%93%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%8F%E0%A4%95-%E0%A4%85%E0%A4%B9%E0%A4%AE-%E0%A4%85%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%9F-10.jpg"                         length="55144"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        