<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/35489/infrastructure-project" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Infrastructure Project - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/35489/rss</link>
                <description>Infrastructure Project RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>उल्वे के बालाजी मंदिर प्रोजेक्ट पर विवाद, मैंग्रोव बफर ज़ोन में निर्माण को लेकर कानूनी नोटिस</title>
                                    <description><![CDATA[<p>नवी मुंबई के उल्वे स्थित बालाजी मंदिर परियोजना को लेकर नया विवाद सामने आया है। मैंग्रोव बफर ज़ोन में कंपाउंड वॉल निर्माण के आरोपों के बाद संबंधित पक्षों को कानूनी नोटिस भेजा गया है। मामले की जांच और दस्तावेजों की समीक्षा की मांग की गई है। #Ulwe #BalajiTemple #NaviMumbai #Mangrove #EnvironmentalIssue #MaharashtraNews #BreakingNews #CIDCO</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50172/controversy-over-balaji-temple-project-of-ulwe-legal-notice-regarding"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/chatgpt-image-jun-9-2026-120210-am.jpeg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p>नवी मुंबई के उल्वे क्षेत्र में प्रस्तावित बालाजी मंदिर परियोजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। परियोजना स्थल पर मैंग्रोव बफर ज़ोन के भीतर कंपाउंड वॉल निर्माण किए जाने के आरोपों के बाद संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं को कानूनी नोटिस भेजा गया है। मामले ने पर्यावरण संरक्षण और विकास परियोजनाओं के संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।</p>
<p>शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मंदिर परियोजना से जुड़े क्षेत्र में मैंग्रोव संरक्षण नियमों का उल्लंघन करते हुए कंपाउंड वॉल का निर्माण किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह इलाका संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यहां किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के लिए निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है।</p>
<p>कानूनी नोटिस में संबंधित विभागों से निर्माण कार्य की वैधता, पर्यावरणीय मंजूरियों और परियोजना से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।</p>
<p>मैंग्रोव क्षेत्र समुद्री तटों की सुरक्षा, जैव विविधता संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की गतिविधि निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुसार ही होनी चाहिए।</p>
<p>दूसरी ओर, परियोजना से जुड़े पक्षों का कहना है कि सभी कार्य संबंधित नियमों और मंजूरियों के अनुरूप किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि किसी भी प्रकार के पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है और यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित एजेंसियों के समक्ष सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे।</p>
<p>फिलहाल मामला संबंधित अधिकारियों और नियामक संस्थाओं के समक्ष है। जांच और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य नियमों के अनुरूप है या नहीं। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं की नजर अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Maharashtra</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50172/controversy-over-balaji-temple-project-of-ulwe-legal-notice-regarding</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50172/controversy-over-balaji-temple-project-of-ulwe-legal-notice-regarding</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 18:30:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/chatgpt-image-jun-9-2026-120210-am.jpeg"                         length="189192"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाघिवली क्रीक पाइपलाइन परियोजना: NGT ने मछुआरा संघ को याचिका में संशोधन के निर्देश दिए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाघिवली क्रीक पाइपलाइन परियोजना से जुड़े मामले में NGT ने मछुआरा संघ को अपनी मुआवजा याचिका में संशोधन करने का निर्देश दिया है। मछुआरों का दावा है कि परियोजना के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हुई है, जबकि मामले की सुनवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण में जारी है। #NGT #MumbaiNews #MaharashtraNews #Fishermen #PipelineProject </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50087/waghivali-creek-pipeline-project-ngt-directs-fishermen-association-to-amend"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/dc-cover-o61iaifgqg1r0cis59omjr2q07-20190913061025.medi.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई महानगर क्षेत्र से जुड़ी वाघिवली क्रीक पाइपलाइन परियोजना को लेकर चल रहे विवाद में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने मछुआरा संघ को अपनी मुआवजा याचिका में संशोधन करने का निर्देश दिया है। अधिकरण ने कहा कि याचिका में कुछ आवश्यक तथ्यों और दावों को अधिक स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने की जरूरत है, ताकि मामले की प्रभावी सुनवाई हो सके।</p>
<p>मामला उन मछुआरों से जुड़ा है जिन्होंने दावा किया है कि पाइपलाइन परियोजना के निर्माण कार्य के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि परियोजना के चलते मछली पकड़ने की गतिविधियों पर असर पड़ा है, जिससे स्थानीय मछुआरा समुदाय को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान NGT ने याचिकाकर्ता संघ को निर्देश दिया कि वह अपने दावों, प्रभावित लोगों की संख्या, कथित नुकसान और मांगे गए मुआवजे से संबंधित विवरणों को संशोधित याचिका में स्पष्ट रूप से शामिल करे। इसके बाद ही मामले की आगे की सुनवाई की जाएगी।</p>
<p>परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह पाइपलाइन क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, प्रभावित समुदायों की चिंताओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।</p>
<p>मछुआरा संगठनों का कहना है कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ पारंपरिक आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव का उचित आकलन होना चाहिए। उनका आग्रह है कि जिन लोगों की आय प्रभावित हुई है, उन्हें उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जाए।</p>
<p>फिलहाल NGT ने मामले की अगली सुनवाई तक संशोधित याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। संशोधित दस्तावेज जमा होने के बाद अधिकरण आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50087/waghivali-creek-pipeline-project-ngt-directs-fishermen-association-to-amend</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50087/waghivali-creek-pipeline-project-ngt-directs-fishermen-association-to-amend</guid>
                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 13:54:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/dc-cover-o61iaifgqg1r0cis59omjr2q07-20190913061025.medi.jpeg"                         length="41855"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        