<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.rokthoklekhani.com/tag/35430/legal-news" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Rokthok Lekhani News  RSS Feed Generator</generator>
                <title>Legal News - Rokthok Lekhani News </title>
                <link>https://www.rokthoklekhani.com/tag/35430/rss</link>
                <description>Legal News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सलमान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत, पड़ोसी से सोशल मीडिया पोस्ट हटाने पर विचार करने को कहा</title>
                                    <description><![CDATA[<p>सलमान खान और उनके पनवेल फार्महाउस के पड़ोसी के बीच चल रहे विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल मानहानि के लिए नहीं किया जा सकता। अदालत ने पड़ोसी से विवादित पोस्ट हटाने पर विचार करने को कहा है। #SalmanKhan #BombayHighCourt #PanvelFarmhouse #BollywoodNews #MumbaiNews #DefamationCase #BreakingNews #LegalNews</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50217/salman-khan-gets-relief-from-bombay-high-court-asks-him"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/1667470508796_bombay_high_court_salman_khan.webp" alt=""></a><br /><p>बॉलीवुड अभिनेता Salman Khan और उनके पनवेल फार्महाउस के पड़ोसी के बीच चल रहे विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की छवि खराब करने या मानहानि करने के लिए नहीं किया जा सकता। <br /><br />न्यायमूर्ति Sharmila Deshmukh की एकल पीठ अभिनेता द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला पनवेल स्थित फार्महाउस से जुड़े संपत्ति विवाद और सोशल मीडिया पर किए गए कथित मानहानिकारक पोस्टों से संबंधित है। <br /><br />सुनवाई के दौरान अदालत ने सलमान खान के पड़ोसी Ketan Kakkad से उनके द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट और वीडियो हटाने पर विचार करने को कहा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि विवादों का समाधान कानूनी मंचों पर होना चाहिए, न कि सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से। <br /><br />सलमान खान का आरोप है कि उनके पड़ोसी ने सोशल मीडिया और यूट्यूब पर ऐसे वीडियो और पोस्ट साझा किए जो उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले थे। अभिनेता ने अदालत से इन पोस्टों को हटाने और भविष्य में ऐसे आरोपों पर रोक लगाने की मांग की थी। <br /><br />यह विवाद कई वर्षों से अदालत में लंबित है और इससे पहले भी विभिन्न अदालतों में सुनवाई हो चुकी है। हाईकोर्ट ने अब दोनों पक्षों को कानूनी प्रक्रिया के तहत विवाद सुलझाने की सलाह दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50217/salman-khan-gets-relief-from-bombay-high-court-asks-him</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50217/salman-khan-gets-relief-from-bombay-high-court-asks-him</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 21:12:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/1667470508796_bombay_high_court_salman_khan.webp"                         length="115120"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाघिवली क्रीक पाइपलाइन परियोजना: NGT ने मछुआरा संघ को याचिका में संशोधन के निर्देश दिए</title>
                                    <description><![CDATA[<p>वाघिवली क्रीक पाइपलाइन परियोजना से जुड़े मामले में NGT ने मछुआरा संघ को अपनी मुआवजा याचिका में संशोधन करने का निर्देश दिया है। मछुआरों का दावा है कि परियोजना के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हुई है, जबकि मामले की सुनवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण में जारी है। #NGT #MumbaiNews #MaharashtraNews #Fishermen #PipelineProject </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50087/waghivali-creek-pipeline-project-ngt-directs-fishermen-association-to-amend"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/dc-cover-o61iaifgqg1r0cis59omjr2q07-20190913061025.medi.jpeg" alt=""></a><br /><p>मुंबई महानगर क्षेत्र से जुड़ी वाघिवली क्रीक पाइपलाइन परियोजना को लेकर चल रहे विवाद में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने मछुआरा संघ को अपनी मुआवजा याचिका में संशोधन करने का निर्देश दिया है। अधिकरण ने कहा कि याचिका में कुछ आवश्यक तथ्यों और दावों को अधिक स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने की जरूरत है, ताकि मामले की प्रभावी सुनवाई हो सके।</p>
<p>मामला उन मछुआरों से जुड़ा है जिन्होंने दावा किया है कि पाइपलाइन परियोजना के निर्माण कार्य के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि परियोजना के चलते मछली पकड़ने की गतिविधियों पर असर पड़ा है, जिससे स्थानीय मछुआरा समुदाय को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान NGT ने याचिकाकर्ता संघ को निर्देश दिया कि वह अपने दावों, प्रभावित लोगों की संख्या, कथित नुकसान और मांगे गए मुआवजे से संबंधित विवरणों को संशोधित याचिका में स्पष्ट रूप से शामिल करे। इसके बाद ही मामले की आगे की सुनवाई की जाएगी।</p>
<p>परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह पाइपलाइन क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, प्रभावित समुदायों की चिंताओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।</p>
<p>मछुआरा संगठनों का कहना है कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ पारंपरिक आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव का उचित आकलन होना चाहिए। उनका आग्रह है कि जिन लोगों की आय प्रभावित हुई है, उन्हें उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जाए।</p>
<p>फिलहाल NGT ने मामले की अगली सुनवाई तक संशोधित याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। संशोधित दस्तावेज जमा होने के बाद अधिकरण आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Mumbai</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50087/waghivali-creek-pipeline-project-ngt-directs-fishermen-association-to-amend</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50087/waghivali-creek-pipeline-project-ngt-directs-fishermen-association-to-amend</guid>
                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 13:54:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/dc-cover-o61iaifgqg1r0cis59omjr2q07-20190913061025.medi.jpeg"                         length="41855"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जस्टिस रविंद्र घुगे बने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनके पदोन्नत होने के बाद जस्टिस रविंद्र घुगे को बॉम्बे हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। जानिए इस बड़े न्यायिक बदलाव की पूरी जानकारी। </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.rokthoklekhani.com/article/50064/bombay-high-court-chief-justice-chandrashekhar-reaches-supreme-court-justice"><img src="https://www.rokthoklekhani.com/media/400/2026-06/copy-of-copy-of-copy-of-copy-of-copy-of-copy-of-queen-of-all-mayhem-76.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई के न्यायिक जगत के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के बाद उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है।</p>
<p>जस्टिस चंद्रशेखर के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश जस्टिस रविंद्र वी. घुगे को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट की आधिकारिक सूची में भी उन्हें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में दर्शाया गया है।</p>
<p>जस्टिस चंद्रशेखर ने सितंबर 2025 में बॉम्बे हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और कई चर्चित फैसले दिए। कानूनी क्षेत्र में उनके अनुभव और न्यायिक योगदान को देखते हुए उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत में नियुक्त किया गया है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने जस्टिस चंद्रशेखर के अलावा चार अन्य न्यायिक हस्तियों की भी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति को मंजूरी दी है। इन नियुक्तियों का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक क्षमता को मजबूत करना और लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को गति देना बताया जा रहा है।</p>
<p>कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जस्टिस चंद्रशेखर का सुप्रीम कोर्ट में जाना भारतीय न्यायपालिका के लिए महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, जस्टिस रविंद्र घुगे के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनने से बॉम्बे हाईकोर्ट का प्रशासनिक और न्यायिक कामकाज सुचारू रूप से जारी रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>National</category>
                                    

                <link>https://www.rokthoklekhani.com/article/50064/bombay-high-court-chief-justice-chandrashekhar-reaches-supreme-court-justice</link>
                <guid>https://www.rokthoklekhani.com/article/50064/bombay-high-court-chief-justice-chandrashekhar-reaches-supreme-court-justice</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 13:58:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.rokthoklekhani.com/media/2026-06/copy-of-copy-of-copy-of-copy-of-copy-of-copy-of-queen-of-all-mayhem-76.jpg"                         length="148934"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Rokthok Lekhani]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        